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बलरामपुर जिले के कुसमी में एसडीएम द्वारा की गई मारपीट से आदिवासी किसान की मौत के मामले को लेकर दूसरे दिन भी माहौल गरमाया रहा। कुसमी बस स्टैंड में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना देते हुए मृतक परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। इस दौरान शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
इस धरना प्रदर्शन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी ब्लॉक स्थित हंसपुर गांव में बॉक्साइट के अवैध खनन की जांच के लिए कुसमी एसडीएम करुण डहरिया पहुंचे थे। आरोप है कि वे निजी वाहन से कुछ निजी लोगों को साथ लेकर आए थे। सरना के पास उन्होंने तीन ग्रामीणों को रोककर अवैध खनन का आरोप लगाया और रॉड, डंडे तथा लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई की। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को बेहोश होने तक पीटा गया। मारपीट में घायल ग्रामीणों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 62 वर्षीय रामनरेश राम की मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल 60 वर्षीय अजीत उरांव और 20 वर्षीय आकाश अगरिया का इलाज जारी है।
यह घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बिना किसी पूछताछ या जांच के एसडीएम और उनके साथ गए प्राइवेट लोगों ने ग्रामीणों पर आरोप लगा लाठी डंडों से हमला कर दिया। वहीं सूत्र यह भी बताते हैं कि मारपीट में ग्रामीणों के घायल होने के बाद एसडीएम ने सामरी के नायब तहसीलदार पारस शर्मा को भी फोन कर बुलवाया ताकि यह दिखाया जा सके की पूरा राजस्व अमला अवैध खनन की जांच के लिए गया हुआ था।
खेत में पानी की सिंचाई करने के लिए गए थे ग्रामीण
मामले में घायल ग्रामीण आकाश अगरिया एवं अजीत उरांव ने बताया कि वे गेहूं के खेत में पानी की सिंचाई करने गए हुए थे। लौटने के दौरान बिना किसी पूछताछ या जांच अवैध खनन का आरोप लगा उनकी पिटाई की गई। मामला सामने आने के बाद एसडीएम और उनके तीनों साथियों को पुलिस ने हिरास्त में ले लिया था और पूछताछ कर रही थी।
पहले भी विवादों में रहे हैं एसडीएम
एसडीएम करुण डहरिया पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। जांजगीर जिले के चांपा में पदस्थापना के दौरान उन्होंने एक छात्र को तमाचा मार दिया था जिसके बाद छात्रों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रशिक्षण के दौरान गरियाबंद जनपद सीईओ रहने के दौरान नवंबर 2022 में उन्हें नलकूप खनन का बिल पास करने बीस हजार रुपये रिश्वत लेते एसीबी ने भी गिरफ्तार किया था।
मामले में अब तक क्या-क्या हुई कार्रवाई
मामले में घायल दो ग्रामीणों के बयान के आधार पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया सहित उनके साथ गए विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजिल कुमार यादव और सुदीप यादव के खिलाफ राजपुर थाने में धारा 103, 115(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एसडीएम समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिसके बाद सभी से पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बुजुर्ग व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने हत्या के आरोप में पुलिस ने एसडीएम समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हंसपुर गांव में रामनरेश की हत्या के आरोप में पुलिस ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और कुसमी क्षेत्र के एसडीएम करुण डहरिया तथा तीन अन्य विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
बलरामपुर जिले के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया पुलिस को जानकारी मिली है कि रविवार देर रात डहरिया, सिंह, मंजीत और सुदीप एसडीएम के शासकीय वाहन में सवार होकर हंसपुर गांव की ओर रवाना हुए थे। जब वह गांव के करीब थे तब उन्होंने वहां ग्रामीणों पर बॉक्साइट का अवैध खनन कर परिवहन करने का आरोप लगाया और डंडे से उनकी पिटाई शुरू कर दी।
इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत
इस घटना में राम उर्फ रामनरेश, अजीत राम और आकाश अगरिया को चोट पहुंची। घटना के बाद तीनों को कुसमी स्थित अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने रामनरेश को मृत घोषित कर दिया। अन्य दो लोगों का इलाज किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एसडीएम समेत चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया तथा मामले की जांच शुरू की गई। जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
उत्खनन रोकने गए थे
पुलिस अधीक्षक ने बताया, ''पूछताछ में आरोपियों ने जानकारी दी है कि वह क्षेत्र में बॉक्साइट का अवैध उत्खनन रोकने गए थे। लेकिन एसडीएम अपने साथ निजी व्यक्तियों को क्यों लेकर गए थे, इसकी जांच की जा रही है।'' घटना की जानकारी मिलने के बाद सर्व आदिवासी समाज, स्थानीय ग्रामीण और कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने मृतक परिवार को मुआवजा और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कुसमी में चक्का जाम कर दिया और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण जब अपने खेत की सिंचाई कर वापस लौट रहे थे तब एसडीएम और उनके लोगों ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया, ''घटना से आक्रोशित लोगों ने चक्का जाम करने की कोशिश की। जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उन्हें लगातार समझाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।''
पूर्व सीएम ने बोला हमला
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे प्रशासनिक आतंकवाद कहा है तथा राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बघेल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''भाजपा के सुशासन में चल रहे 'प्रशासनिक आतंकवाद' ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के एक मासूम ग्रामीण को अपना शिकार बना लिया। आरोप है कि बलरामपुर में अपने खेत में सिंचाई करके लौट रहे किसानों को कुसमी के एसडीएम और नायब तहसीलदार ने पांच-छह लोगों के साथ मिलकर जमकर पिटाई कर दी।
एसडीएम और उनके साथियों ने उन्हें इस कदर पीटा कि इस पिटाई से घायल एक किसान की मौत हो गई और दो किसान अस्पताल में भर्ती हैं। सारा मामला बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है, चंद दिनों पहले ग्रामीणों ने अवैध रूप से बॉक्साइट उत्खनन कार्य में लगे एक ट्रक को पकड़ा था, इसका परिणाम उन्हें अपनी जान गवां कर चुकाना पड़ा। पूरी की पूरी भाजपा सरकार और उसके अधिकारी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और भ्रष्टाचारियों को पोषण देने में लगे हुए हैं।''
]]>घटना 24 जुलाई को दोपहर करीब 2:50 बजे की है. एक अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल नंबर 467264XXXXX से एसडीएम के नंबर 94544XXXXX पर धमकी भरे कई मैसेज और तस्वीरें भेजीं. एक मैसेज में साफ तौर पर लिखा था – "जान बचानी है तो पैसे भेजो".
आरोपी ने अलग-अलग नंबर और बारकोड भेजकर फिरौती की रकम की डिमांड की. इस घटना को गंभीरता से लेते हुए SDM रीतु रानी ने कोतवाली धामपुर में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने धमकी भरे मैसेज और बारकोड की तस्वीरें बतौर साक्ष्य भी पुलिस को सौंपी हैं.
इस घटना से धामपुर और आसपास के अधिकारियों में दहशत का माहौल है. लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि जब एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है.
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. लेकिन अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है. उम्मीद की जा रही है कि साइबर सेल और एसओजी इस मामले में जल्द कार्रवाई करेंगी.
यूपी में फतेहपुर में दलित दिव्यांग परिवार का घर बुलडोजर से गिराने के मामले में कानूनगो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल पर ऐक्शन के बाद अब एसडीएम अर्चना अग्निहोत्री को भी सस्पेंड कर दिया। वह निलंबित रहने तक राजस्व परिषद से संबंध रहेंगी। उनके खिलाफ जांच लखनऊ कमिश्नर को दी गई है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। आरोप हैं अर्चना ने मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया और अपने पद के दायित्वों का शिथिलतापूर्वक पालन किया। अर्चना अग्निहोत्री के निलंबन के बाद महकमे में सनसनी फैल गई। ऐसा माना जा रहा है कि मामले में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी जल्द कार्रवाई संभव है।
बता दें कि बरमतपुर प्रकरण को लेते हुए शासन ने कडी कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। डीएम स्तर पर कानून गो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल आराधना देवी के निलंबन के बाद से मामले में अफसरों व अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई होने की बात सामने आ रही थी। खास कर टीम गठित करने वाले तहसीलदार समेत उसमें शामिल अधिकारी कर्मचारी राडार पर थे। खास कर सदर एसडीएम व तहसीलदार पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। एसडीएम के बाद अब तहसीलदार व अन्य लेखपाल जद में आ सकते है। वहीं नायब तहसीलदार कांधी के खिलाफ राजस्व परिषद को हुई लिखापढ़ी पर भी जल्द कार्रवाई का आदेश आने की उम्मीद है। वहीं विधायक जयकुमार जैकी का कहना है कि दलित परिवार को बेघर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सूबे में मिशाल बनेगी। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रकरण में ढहाने का आदेश देने वाले अफसर भी खुद को बचा नहीं पाएंगे।
दिया भरोसा हम साथ हैं: ब्लाक प्रमुख
गुरुवार को अमौली ब्लाक प्रमुख सुशीला देवी बरमतपुर गांव पहुंच पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने ढहाए गए घर और मलबे के नीचे दबी गृहस्थी को देखते हुए अफसरों की कार्रवाई की निंदा की। पी़ड़ितों को भरोसा दिया कि वह मुसीबत की घड़ी में परिवार के साथ है। उन्होंने परिवार को राशन सामग्री समेत जरूरत का सामान सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने का भरोसा दिया।
]]>छतरपुर जिले में तहसील में पदस्थ एक बाबू का शराब पीते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में बाबू जिस जगह पदस्थ हैं, उसी जगह बैठकर शराब पीते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद राजनगर SDM बलवीर रमन ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वायरल में शराब पीते दिखाई दे रहे बाबू का नाम राजेंद्र भार्गव है और वह एसडीएम कार्यालय राजनगर में बड़े बाबू की पोस्ट पर पदस्थ हैं। राजेंद्र भार्गव के तहसील में शराब पीते हुए कई वीडियो वायरल हुए।
इधर, बताया जाता है कि राजेंद्र बाबू हमेशा ही इस तरह की हरकत करते हुए नजर आते हैं। लेकिन इस बार तहसील के अंदर किसी व्यक्ति ने उनके वीडियो बना लिए जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बताया जाता है कि राजेंद्र बाबू साल 2007 से इसी तहसील में पदस्थ हैं और इसी तरह उनकी मन मर्जी चलती है।
क्या बोले एसडीएम
मामले में राजनगर SDM बलवीर रमण का कहना है कि मामले की जानकारी लगी है। वीडियो जांचने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अगर वीडियो में सत्यता पाई जाती है तो उन पर अनुशासनहीनता को लेकर नोटिस जारी किया जाएगा। एक जांच दल भी बनाया जाएगा और अगर उसमें वह दोषी पाए जाते हैं तो उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इसी मामले में छतरपुर अपर कलेक्टर मिलिंद कुमार नागदेबे का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। जिसमें राजनगर SDM बालवीर रमण इस मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।
जानिए क्या है पूरा मामला
उमरिया की कोतवाली पुलिस को एसडीएम ने 13 जून एक पत्र लिखा। एसडीएम उमरिया रीता दहेरिया ने इस पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के द्वारा 7 लोगों को करीब 4.09 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मुद्दे पर संपर्क किए जाने पर दहेरिया ने कहा कि मैंने पहले ही शिकायत दर्ज करा दी है। पुलिस जांच कर रही है। वे तदनुसार कार्रवाई करेंगे। अधिकारी ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि एमपी रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने उनके डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर 7 लोगों को उनकी भूमि अधिग्रहण के बदले भुगतान किया है।
व्यापक स्तर पर हो रही जांच- पुलिस
कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रभारी बालेंद्र शर्मा ने कहा कि शिकायतों की जांच विस्तृत रूप से की जा रही है। हालांकि जांच में अभी भी तक धोखाधड़ी का कोई मामला सामने नहीं आया है। डिजिटल हस्ताक्षर के अधिकार अधिकारियों के पास उपलब्ध हैं। पूछे जाने पर शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि केवल वह ही डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग कर सकती है या उनका रीडर उनकी उपस्थिति में ऐसा कर सकता है। प्रशासन की टीम के अधिकारी मामले की सावधानीपूर्वक व्यापक जांच कर रहे हैं।
एसडीएम ने पुलिस को लिखा पत्र।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ SDM रीता डेहरिया जो भू-अर्जन अधिकारी भी है उसकी आईडी का गलत इस्तेमाल किया जाकर सात लोगों को 4 करोड़ नौ लाख 55 हजार 311 रुपये का भुगतान कर दिया गया है मुआवजे की राशि में धोखाधड़ी करने के मामले में उमरिया जिले के बांधवगढ़ एसडीएम रीता डेहरिया ने MPRDC के सहायक महाप्रबंधक विनोद कुमार तंतुवाय पर डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाते हुए उमरिया थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने पत्र जारी किया है।
ऐसे हुई धोखाधड़ी
पुलिस को भेजी गई शिकायत पत्र में लिखा गया है कि MPRDC के सहायक महाप्रबंधक विनोद कुमार तंतुवाय अपने कंपनी के कंप्यूटर ऑपरेटर कीर्ति मिश्रा को लेकर एसडीएम कार्यालय बीते 4 अप्रैल को आए थे उनके पास ईमेल आइडी पासवर्ड पहले से था उन्होंने डिजिटल सिग्नेचर रजिस्टर्ड करने के लिए उनसे सिग्नेचर करवाए थे और कहा था कि सिग्नेचर रजिस्टर्ड होने के बाद उन्हें जानकारी देंगे लेकिन MPRDC के अधिकारी ने ऐसा नहीं किया और फिर सात लोगों को गलत तरीके से भुगतान कर दिया।
]]>एंटी करप्शन ब्यूरो ने सरगुजा में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम समेत चार लोगों को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है. आरोपी ने ग्रामीण से राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करने के नाम पर पैसे मांगे थे लेकिन ग्रामीण ने इस मामले की शिकायत एसीबी से कर दी जिसके बाद एसीबी ने देर शाम उदयपुर एसडीएम व रीडर समेत चार लोगों को 50 हजार के साथ गिरफ्तार कर लिया है.
एसीबी सरगुजा के अनुसार उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम जजगा निवासी कन्हाई राम बंजारा ने एसीबी से शिकायत की थी कि ग्राम जजगा स्थित भूमि खसरा नंबर 69/31, 70/1 एवं 1004/8 में रकबा क्रमशः 0.251, 0.635 एवं 0.243 हेक्टेयर जमीन उसके और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर दर्ज है. कई सालों से परिवार के लोग जमीन पर मकान बनाकर काबिज है. इस बीच कन्हाई राम बंजारा के बड़े पिता द्वारा जमीन पर केवल अपना नाम दर्ज कराने के लिए तहसील में आवेदन दिया गया.
जमीन रिकॉर्ड दुरुस्त करने एसडीएम ने मांगे 50 हजार: इस मामले में उसके व अन्य परिजन के पक्ष में आदेश पारित करने के एवज में एसडीएम बीआर खांडे ने 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी लेकिन ग्रामीण रिश्वत नहीं देना चाहता था इसलिए उसने एसडीएम से मामले की शिकायत कर दी.. शिकायत के बाद एसीबी अंबिकापुर कार्यालय ने मामले की जांच शुरू कर की. जांच सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई.
ग्रामीण की शिकायत पर बिछाया गया जाल: शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई के तहत शुक्रवार शाम 6 बजे कन्हाई राम को 50 हजार रुपए के साथ एसडीएम कार्यालय भेजा. इस दौरान जब कन्हाई राम बंजारा ने एसडीएम भागीरथी खांडे से रुपए के लेन देन की बात की तो एसडीएम ने रुपए अपने रीडर धरमपाल को लेने के लिए कहा. धरमपाल ने भृत्य अबीर राम को रिश्वत की रकम को अपने पास रख लेने को कहा, जिसे अबीर राम ने अपने हाथों में ले लिया. रिश्वत की रकम लेने के बाद वह एसडीएम के पास चला गया और एसडीएम को जानकारी दी कि कन्हाई राम से रिश्वत की रकम 50 हजार रुपए उसने ले ली है.
एसडीएम ने कहा कि रकम गार्ड नगर सैनिक कविनाथ सिंह को दे दिया जाए. जिस पर भृत्य ने रिश्वत में मिले रुपए एसडीएम के गार्ड कविनाथ सिंह को दे दिया. इस तरह रिश्वत के रुपए का लेन देन चेन सिस्टम से किया गया. रुपए मिलने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने एसडीएम कार्यालय में छापा मार दिया और रिश्वत लेने के आरोप में एसडीएम बीआर खांडे, भृत्य धरमपाल, भृत्य अबीर राम, नगर सैनिक कविनाथ सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में एसीबी ने आरोपियों के खिलाफ आरोपियों के विरूद्ध धारा 7, 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की.
एसडीएम से पूछताछ में कई खुलासे होने की उम्मीद: बड़ी बात यह है कि रिश्वत लेने के साथ ही एसडीएम के खिलाफ एसीबी के पास कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हाथ लगे है. एसीबी डीएसपी के अनुसार एसडीएम बीआर खांडे ने प्रार्थी कन्हाई राम के पक्ष में आदेश करने के एवज में प्रार्थी और उसके परिजन की ओर से ग्राम जजगा तहसील उदयपुर स्थित 50 डिसमिल जमीन को भी अपने महिला परिचितों के पक्ष में बिक्री करने संबंधी पावर ऑफ अटार्नी एक्जक्यूट करा लिया था ताकि भविष्य में उस जमीन को अपने पक्ष में करा सके. संबंधित पावर ऑफ अटार्नी की कॉपी भी एसीबी के हाथ लग गयी है. सभी आरोपियों की संपत्तियों के संबंध में भी एसीबी गहरी जांच कर रही है. कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है.
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