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मंडला नगर में सीवरेज परियोजना पर तेजी से कार्य, 75 हजार से अधिक की आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा
सीवरेज परियोजना से 126 करोड़ रूपये लागत की योजना से 75 हजार आबादी का पहुंचेगा फायदा
भोपाल
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा जर्मन बैंक केएफडब्ल्यू के सहयोग से नर्मदा नदी के तट पर बसे मंडला नगर में सीवरेज परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप नर्मदा नदी के जल को स्वच्छ एवं निर्मल बनाये रखने के लिये मंडला में 125 किलोमीटर का सीवरेज नेटवर्क बिछाया जा चुका है। इस सीवरेज नेटवर्क से 13 हजार से अधिक घरों को जोड़ने की योजना भी समुचित कर ली गई है। मंडला नगर में मल-जल के निस्तार के लिये 9.50 एमएलडी क्षमता के मल-जल शोधन संयंत्र भी बनाये जा रहे हैं। परियोजना की खास बात यह है कि जल शोधन के बाद प्राप्त जल का उपयोग उद्यानिकी, तराई, अग्निशमन जैसे कार्यों में किया जायेगा।
इस परियोजना से 75 हजार से अधिक की आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा। परियोजना के दस वर्ष के संचालन और संधारण के साथ मंडला सीवरेज परियोजना की लागत लगभग 126 करोड रूपये है। विभाग ने कार्य करने वाली एजेंसी को परियोजना के सभी कार्य तय समय में पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं।
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नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा विश्व बैंक की सहायता से छिंदवाड़ा में सीवरेज परियोजना का कार्य तेज गति से चल रहा है, जो लगभग पूर्णता की ओर है। परियोजना में 20 हजार 100 घरों को जोड़ने का लक्ष्य है। लक्ष्य के विरूद्ध 15 हजार से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। परियोजना की कुल लागत लगभग 237 करोड़ रुपये है। इस में 10 वर्षों का संधारण और संचालन भी शामिल है।
मल-जल के उचित निस्तारण के लिए छिंदवाड़ा के सर्रा क्षेत्र में 28 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्मित किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। सीवरेज निस्तारण को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए 257 किलोमीटर की सीवरेज लाइन बिछाई गई है। स्थायी रोड रेस्टोरेशन का कार्य भी पूर्णता की ओर है।
नागरिकों को सीवरेज कनेक्शन लेने के लिए स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया है। इसका परिणाम यह हुआ कि जन-सामान्य स्वेच्छा से सीवरेज कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित हुए हैं। परियोजना की एक और विशेषता यह भी है कि सीवरेज के शोधित जल का उपयोग बागवानी, अग्निशमन, और सिंचाई जैसे कार्यों में भी किया जाएगा। आगामी नवम्बर माह से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना का प्रायोगिक परीक्षण शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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