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इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बुधवार को टेस्ट प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की है, जिसमें तख्तापलट पलट हो गया। इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट से नंबर-1 बल्लेबाज का ताज छिन गया है। रूट के हमवतन हैरी ब्रूक फिर से शीर्ष पर काबिज हो गए हैं। ब्रूक के खाते में फिलहाल 869 रेटिंग अंक हैं। रूट 853 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर लुढ़क गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड (853) अब ब्रूक की जगह दूसरे स्थान पर आ गए। रूट को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में प्लॉप शो का खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्होंने पहली पारी में एक जबकि दूसरी पारी में 8 रन बनाए। ब्रूक ने अर्धशतक (56 रन) लगाया था। इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में आयोजित टेस्ट मैच 115 रनों से अपने नाम किया था।
शुभमन गिल की टॉप-10 में आई मौज
भारतीय कप्तान शुभमन गिल (743 अंक) की टॉप-10 में मौज आई है। वह दो स्थान चढ़कर आठवें पर पहुंच गए हैं। गिल ने मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में 126 रनों की शानदार पारी खेली थी। भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों से धूल चटाई। यह भारत की पारी के आधार पर सबसे बड़ी जीत थी। विकेटकीपर ऋषभ पंत (705) को एक स्थान का फायदा मिला। वह 12वें पर चले गए। उन्होंने मुल्लांपुर में 81 रनों की पारी खेली थी। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (733) एक पायदान लुढ़कर नौवें पर आ गए हैं। उन्होंने 24 रनों का योगदान दिया था। बेन डकेट (तीन पायदान ऊपर 15वें), जेमी स्मिथ (पांच स्थान चढ़कर 23वें) और ग्लेन फिलिप्स (15 पायदान ऊपर 40वें) को लॉर्ड्स टेस्ट में अच्छे प्रदर्शन का लाभ मिला।
पेसर गस एटकिंसन ने लगाई छलांग
टेस्ट बॉलर्स की लिस्ट में इंग्लैंड के पेसर गस एटकिंसन सात पायदान ऊपर चढ़कर 10वें नंबर पर आ गए हैं। वह दो स्थान टेस्ट ऑलराउंडरों की लिस्ट में आगे बढ़े और छठे पर चले गए। लाल गेंद वाले क्रिकेट से लंबे ब्रेक के बाद वापसी करने वाले तेज गेंदबाज काइल जैमीसन (22वें) और ओली रॉबिन्सन (23वें) टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में फिर से शामिल हो गए हैं। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ 16 स्थान की छलांग 43वें नंबर पर आ गए हैं। भारत के जसप्रीत बुमराह नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज हैं। उनके 870 अंक हैं। बुमराह अफगानिस्तान टेस्ट में नहीं खेले थे। ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क (838) दूसरे नंबर पर हैं। भारत के रवींद्र जडेजा (446 अंक) नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर हैं। वह भी मुल्लांपुर टेस्ट में भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा नहीं थे।
भारतीय कप्तान शुभमन गिल को कोलकाता के उस अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जहां उन्हें शनिवार शाम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान गर्दन की चोट लगने के बाद ले जाया गया था. गिल अब टीम होटल लौट आए हैं, और वह स्थिर हैं, चल-फिर सकते हैं और अपनी गर्दन घुमा सकते हैं, और वह दर्द, जिसने शुरू में सपोर्ट स्टाफ को चिंतित कर दिया था, अब काफी कम हो गया है.
फिलहाल, गिल टीम होटल में कड़ी निगरानी में रहेंगे, जहां डॉक्टर और बीसीसीआई की मेडिकल यूनिट उनकी प्रगति पर नजर रखेगी. वह गुवाहाटी में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए टीम के साथ यात्रा करेंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं है, और आने वाले दिनों में आराम और उपचार पर उनकी प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा.
पहले टेस्ट से बाहर हुए थे गिल
गिल को पहले टेस्ट के बाकी हिस्से से बाहर कर दिया गया था, जब दूसरे दिन के अंतिम क्षणों में एक चिंताजनक घटना हुई. ड्रिंक्स ब्रेक के बाद वे क्रीज़ पर आए और साइमन हार्मर की पहली गेंद को डिफेंड किया, फिर अगली गेंद को स्लॉग-स्वीप कर चौका लगाया. लेकिन उस शॉट की ताकत से उनके शरीर में एक व्हिपलैश जैसी झटका लगा. गिल ने तुरंत अपनी गर्दन के पीछे हाथ रखा, दर्द से साफ परेशान दिखे और अपना सिर हिलाने में संघर्ष करते रहे. फिजियो तुरंत मैदान में आया, और सिर्फ तीन गेंदों के बाद भारत के कप्तान रिटायर्ड हर्ट हो गए. उसी शाम बाद में, उन्हें एहतियातन सर्वाइकल कॉलर पहनाकर अस्पताल ले जाया गया.
गांगुली भी मिलने पहुंचे
रविवार को, पूर्व भारतीय कप्तान और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के अध्यक्ष सौरव गांगुली 15 मिनट के लिए अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने गिल की स्थिति के बारे में जानकारी ली और इलाज कर रहे मेडिकल स्टाफ से बात की. बाद में गांगुली ने कहा कि गिल अच्छी मनोदशा में थे.
भारत को मिली हार
लेकिन अंतिम पारी में गिल की अनुपस्थिति भारी पड़ी. भारत, जिसे केवल 124 रन का लक्ष्य मिला था, नियंत्रण से अराजकता में फिसल गया, जब ईडन गार्डन्स की टर्निंग पिच पर बल्लेबाज़ संघर्ष करते दिखे. कप्तान के उपलब्ध न होने से मध्यक्रम हिचकिचाता दिखा और भारत 93 पर ढेर हो गया — जो घर में उनका दूसरा सबसे कम स्कोर वाला नाकाम चेज़ है. और इस तरह दक्षिण अफ्रीका को 30 रन की जीत और सीरीज में 1-0 की बढ़त मिल गई.
यह देखना बाकी है कि क्या गिल 22 नवंबर से गुवाहाटी में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए समय पर ठीक हो पाते हैं, जहां भारत सीरीज हारने से बचने और वापसी करने की उम्मीद करेगा.
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इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की बैठक से दुबई में शुरू हुई है. इस मीटिंग में एशिया कप विवाद का मुद्दा उठा. जिसके बाद आईसीसी ने पाकिस्तानी खिलाड़ी हारिस रऊफ को दो मुकाबले के लिए सस्पेंड कर दिया जबकि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव पर 30 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगा है. बता दें कि एशिया कप 2025 में भारत-पाक के बीच फाइनल समेत 3 मैच खेले गए थे. इन मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच तनातनी का माहौल था, जिसे आईसीसी ने आचार संहिता का उल्लंघन माना है.
दुबई में चल रही इस मीटिंग में आईसीसी ने भारत-पाक मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों द्वारा आचार संहिता उल्लंघन (Code of Conduct Breach) के मामलों पर अपना फैसला सुनाया. आईसीसी ने अपने फैसले में बताया कि कुल 5 खिलाड़ियों के खिलाफ अलग-अलग मैचों में कार्रवाई की गई है, जिनमें सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, हरीस रऊफ और साहिबजादा फरहान शामिल हैं.
ये सभी मामले सितंबर 2025 में खेले गए एशिया कप के तीन मैचों यानी 14 सितंबर, 21 सितंबर और 28 सितंबर से जुड़े हैं. इन मामलों की सुनवाई एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरीज के सदस्यों द्वारा की गई.
14 सितंबर 2025
14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप की पहली भिड़ंत हुई थी. इस मैच में हुए विवाद को लेकर सुनवाई मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने की.
इसमें सूर्यकुमार यादव को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया, जो खेल की साख को ठेस पहुंचाने वाले व्यवहार से संबंधित है. उन्हें मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना और दो डिमेरिट पॉइंट दिए गए.
वहीं साहिबजादा फरहान (पाकिस्तान) को इसी अनुच्छेद के उल्लंघन पर आधिकारिक चेतावनी और एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया. जबकि हारिस रऊफ (पाकिस्तान) को भी इसी उल्लंघन का दोषी पाया गया. उन्हें मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना और दो डिमेरिट पॉइंट्स मिले.
21 सितंबर 2025 – भारत बनाम पाकिस्तान
इस मैच की सुनवाई मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने की. इसके लिए अर्शदीप सिंह (भारत) पर अनुच्छेद 2.6 के तहत आरोप लगाया गया था, जो अशोभनीय या आपत्तिजनक इशारों से संबंधित है. लेकिन जांच के बाद उन्हें निर्दोष पाया गया और कोई सजा नहीं दी गई.
लेकिन टूर्नामेंट के फाइनल में दो खिलाड़ियों पर कार्रवाई हुई. जसप्रीत बुमराह (भारत) पर अनुच्छेद 2.21 के तहत आरोप लगाया गया और आधिकारिक चेतावनी और एक डिमेरिट पॉइंट की सजा मिली. उन्होंने सजा स्वीकार की, इसलिए औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.
वहीं हारिस रऊफ (पाकिस्तान) को एक बार फिर इसी अनुच्छेद का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया. रिची रिचर्डसन की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में उन्हें मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना और दो अतिरिक्त डिमेरिट पॉइंट्स मिले.
इसलिए 2 मैच से बैन हुए रऊफ
रऊफ को दो बार दोषी पाया गया. इसके साथ ही रऊफ के कुल चार डिमेरिट पॉइंट्स पूरे हो गए हैं, जिससे उन्हें दो सस्पेंशन पॉइंट्स मिले हैं. आईसीसी के अनुशासनात्मक ढांचे के अनुसार, यह सजा उन्हें 4 और 6 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले दो वनडे मैचों से निलंबित कर देती है.
दरअसल, आईसीसी नियमों के अनुसार, 24 महीनों में यदि खिलाड़ी के 4 या अधिक डिमेरिट पॉइंट्स हो जाते हैं, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट्स में बदला जाता है. दो सस्पेंशन पॉइंट्स का मतलब होता है एक टेस्ट या दो वनडे/टी20 मैचों से प्रतिबंध.
डिमेरिट पॉइंट्स 24 महीने बाद समाप्त हो जाते हैं.
ऑस्ट्रेलियाई के खिलाफ एडिलेड वनडे में भारतीय टीम की कप्तानी शुभमन गिल ने की. बतौर वनडे कप्तान शुभमन गिल का ये दूसरा मुकाबला रहा. इससे पहले उन्होंने पर्थ वनडे में भी भारतीय टीम की कप्तानी की थी. शुभमन को रोहित शर्मा की जगह भारत की वनडे टीम का नया कप्तान बनाया गया था.
एडिलेड वनडे में कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल को मौका नहीं मिला. हालांकि प्लेयर इलेवन से बाहर रहने के बाद भी जुरेल सुर्खियों में रहे. भारतीय कप्तान शुभमन गिल को जुरेल की जर्सी पहनकर फील्डिंग करते देखा गया. मैदान पर खिलाड़ियों को थोड़ी सर्दी महसूस हो रही थी. कप्तान शुभमन गिल शायद अपनी किट लाना भूल गए थे, इसलिए उन्होंने जुरेल का स्वेटर पहन लिया.
]]>सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर पिछले महीने टी20 एशिया कप का खिताब जीता। सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने 23 मैच जीते हैं। हालांकि पिछले कुछ से उनका बल्ला खामोश रहा है और वह रन बनाने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए हैं। सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में वनडे की कप्तानी की महत्वाकांक्षाओं को लेकर बड़ा खुलासा किया है। स्टार बल्लेबाज ने कहा कि अगर उनका प्रदर्शन वनडे फॉर्मेट में अच्छा रहता, तो उन्हें 50 ओवर के प्रारूप में भी भारतीय टीम की कप्तानी मिल सकती थी।
सूर्यकुमार यादव को वनडे फॉर्मेट में भी काफी मौके दिए गए थे। सूर्यकुमार ने वनडे में 37 मैचों में 25.76 के औसत से 773 रन बनाए हैं। उन्होंने 4 अर्धशतक लगाए। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण उनको वनडे टीम से बाहर कर दिया गया था। सूर्यकुमार यादव ने वनडे कप्तानी पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पहले वह इस बारे में नहीं सोचते थे, लेकिन अब जब वह टी20 टीम की कमान संभाल रहे हैं, तो उनके मन में यह विचार आ रहा है।
सूर्यकुमार ने कहा, “अब मैं सोचता हूं कि अगर मैंने वनडे फॉर्मेट में अच्छा किया होता, जैसे अभी टी20 कप्तानी चल रही है, वनडे कप्तानी भी मिल सकती थी। मैं अभी सोच रहा हूं। पहले नहीं सोचता था। क्योंकि फॉर्मेट 30 ओवर और थोड़ा लंबा है। बॉल का कलर भी सेम है। जर्सी भी सेम ही है। मैं अभी भी ट्राई करूंगा। 100 परसेंट हारूंगा मैं। ड्रीम तो है ही। घर पे जब रहते हैं, हम यही डिस्कस करते हैं।''
उन्होंने आगे कहा, ''वाइफ के साथ मैं यही बात करता हूं कि अगर ODI क्रिकेट मेरा अच्छा गया होता, तो आप नहीं जानते कब क्या हो जाए। जब रोहित भाई वनडे कप्तानी से रिटायर होंगे, उसके बाद कौन लीड करेगा? अगर आप अच्छा कर रहे हो, तो आप दावेदार हो सकते थे। लेकिन अभी भी मौका नहीं गया है वनडे क्रिकेट का।"
रोहित के टी20 से संन्यास लेने के बाद सूर्यकुमार को खेल के सबसे छोटे प्रारूप की जिम्मेदारी सौंपी गई। और टेस्ट से संन्यास लेने के बाद शुभमन गिल ने टीम की कमान संभाली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले शुभमन गिल को वनडे टीम की कप्तानी भी दी गई है।
]]>भारत-इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच में शुभमन गिल ने इतिहास रच दिया. आसमान में छाए भारी बादलों और आलोचनाओं के बीच शुभमन गिल ने अपने करियर की सबसे अहम पारी खेली. इस टेस्ट मैट की दूसरी पारी में जब गिल क्रीज पर आए तब भारत की हालत बेहद खराब थी. पहले ही ओवर में दोनों सलामी बल्लेबाज़ आउट होकर पवेलियन लौट चुके थे और स्कोर था शून्य पर दो विकेट.
गिल की कप्तानी पर सवाल उठ रहे थे. खासकर इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान फील्डिंग सेटिंग्स और गेंदबाज़ों के बदलाव को लेकर.लेकिन गिल ने जवाब दिया. बल्ले से, वह भी मुश्किल हालात में. 25 वर्षीय कप्तान ने पॉइंट की दिशा में एक करारा कट मारते हुए अंतिम दिन सुबह शतक पूरा किया. वह 78 रन पर नाबाद थे जब उन्होंने चौथे दिन दो सेशन तक केएल राहुल के साथ इंग्लैंड के गेंदबाज़ों का डटकर सामना किया.
गिल ने बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड
यह गिल का इस सीरीज में चौथा शतक था. ऐसा करने वाले वह सिर्फ तीसरे भारतीय हैं.उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ सुनील गावस्कर (1971, 1978) और विराट कोहली (2014-15) ने किया था. उन्होंने डॉन ब्रैडमैन का 86 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज़ में सबसे ज़्यादा शतक लगाने वाले कप्तान अब गिल हैं (4 शतक). ब्रैडमैन ने 1938 एशेज में 4 शतक लगाए थे.
टेस्ट कप्तान के रूप में पहली सीरीज़ में सर्वाधिक रन
810 – सर डॉन ब्रैडमैन (ऑस्ट्रेलिया) बनाम इंग्लैंड, 1936/37 (घरेलू)
722* – शुभमन गिल (भारत) बनाम इंग्लैंड, 2025 (विदेशी)**
702 – ग्रेग चैपल (ऑस्ट्रेलिया) बनाम वेस्टइंडीज, 1975/76 (घरेलू)
636 – क्लाइव लॉयड (वेस्टइंडीज) बनाम भारत, 1974/75 (विदेशी)
582 – पीटर मे (इंग्लैंड) बनाम दक्षिण अफ्रीका, 1955 (घरेलू)
वहीं, गिल अब एक सीरीज़ में 700+ रन बनाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज़ बन गए. उन्होंने यशस्वी जयसवाल के 712 रन (2024) को पीछे छोड़ दिया.अब उनसे आगे केवल सुनील गावस्कर (774 रन, वेस्टइंडीज 1971) हैं.
गिल ने पारी की शुरुआत हैट्रिक बॉल का सामना करते हुए की.मगर उन्होंने दबाव में झुकने की बजाय पलटवार किया.सॉफ्ट हैंड्स और सटीक फुटवर्क की मदद से उन्होंने रन बटोरने शुरू किए और फिर टेस्ट बल्लेबाज़ी की रफ्तार में रम गए.
गिल की यह पारी क्यों है खास?
2021 में गाबा पर खेली गई उनकी 91 रन की पारी अब तक सबसे चर्चित थी, लेकिन यह शतक अलग था. कप्तानी के दबाव, इंग्लैंड की कठिन परिस्थितियों और टीम के संकट में यह पारी परिपक्वता और धैर्य का प्रतीक बन गई.
राहुल के साथ 188 रनों की साझेदारी ने भारत को संभाला.दोनों ने लगातार दो सेशन इंग्लैंड के तेज़ और स्पिन आक्रमण को झेला.जेम्स एंडरसन जैसे गेंदबाज़ की नई गेंद की स्पेल को उन्होंने शांतिपूर्वक खेला और पहली बार सीरीज़ में एक जोड़ी ने लगातार दो सत्रों तक दबदबा बनाया.
पारी के दौरान उंगली पर चोट लगने के बावजूद गिल टस से मस नहीं हुए.उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाज़ी की और कभी घबराए नहीं.दौरे से पहले उन्होंने कहा था कि वह कप्तानी और बल्लेबाज़ी को अलग रखना चाहते हैं, और इस पारी में उन्होंने सचमुच वह संतुलन दिखाया.
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गिल, सुनील गावस्कर और यशस्वी जयसवाल के बाद किसी भी टेस्ट सीरीज़ में 700 रन पार करने वाले केवल तीसरे भारतीय बल्लेबाज़ बने. उनका यह कारनामा भारत की दूसरी पारी में उस समय आया जब टीम संकट में थी. एजबेस्टन में 269 रन की करियर बेस्ट पारी सहित, गिल सीरीज़ के पहले सात पारियों में पहले ही 619 रन बना चुके थे.
उन्हें विराट कोहली के 2014 इंग्लैंड दौरे के 692 रन को पार करने के लिए 74 रन की ज़रूरत थी, और 700 तक पहुंचने के लिए 81 रन. जब भारत ने 311 रन से पिछड़ते हुए दूसरी पारी की शुरुआत की और पहले ही ओवर में दो विकेट गंवा दिए, तब गिल ने मैदान में कदम रखा.
KL राहुल के साथ गिल ने दो सेशन तक टिके रहकर इंग्लैंड के गेंदबाज़ों का डटकर सामना किया. उन्होंने क्रिस वोक्स और जोफ्रा आर्चर की कठिन गेंदबाज़ी को समझदारी से खेला और स्पिन के खिलाफ बेहतरीन फुटवर्क दिखाया.
भारत के लिए टेस्ट सीरीज़ में 700+ रन बनाने वाले बल्लेबाज़:
* 774 – सुनील गावस्कर बनाम वेस्टइंडीज, 1971 (विदेश)
* 732 – सुनील गावस्कर बनाम वेस्टइंडीज, 1978/79 (घरेलू)
* 712 – यशस्वी जयसवाल बनाम इंग्लैंड, 2024 (घरेलू)
* 701* – शुभमन गिल बनाम इंग्लैंड, 2025 (विदेश)
गिल ने लियम डॉसन की गेंद पर चौका लगाकर कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा और बेन स्टोक्स के खिलाफ दो रन लेकर 700 रन पूरे किए. यह पारी करीब 17 घंटे चली, जो उनकी धैर्य और समर्पण की मिसाल है. इस सीरीज़ में गिल की यह चौथी शतक पार पारी थी. इससे पहले उन्होंने 147, 161 और 269 रन बनाए थे. हालांकि वे पारी आसान परिस्थितियों में आई थीं, लेकिन यह पारी सबसे कठिन और अहम मानी जा रही है.
इस उपलब्धि के साथ, गिल अब भारतीय बल्लेबाज़ों द्वारा किसी एक टेस्ट सीरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने की सूची में चौथे स्थान पर हैं. गावस्कर (774, 732), जयसवाल (712) और कोहली (692) के बाद. कप्तान के रूप में, गिल पहले भारतीय हैं जिन्होंने विदेश में किसी टेस्ट सीरीज़ में 700+ रन बनाए हैं. 25 साल की उम्र में इस तरह के दबाव में प्रदर्शन करना और टीम को संभालना, उनकी नेतृत्व क्षमता और मैच जिताऊ सोच को दर्शाता है.
स्टोक्स ने भारत को दिया तीसरा झटका, शतक से चूके केएल राहुल
भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर हो रहा है. आज (27 जुलाई) इस मुकाबले का पांचवां एवं आखिरी दिन है. शुभमन गिल और वॉशिंगटन सुंदर हैं.
बता दें कि मुकाबले में इंग्लैंड की पहली पारी 669 रन पर सिमटी. यानी मेजबान इंग्लैंड ने भारत पर 311 रनों की बड़ी लीड बनाई. इससे पहले भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 358 रन ही बना पाई थी. भारतीय टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-2 से पीछे है, ऐसे में उसके लिए ये मुकाबला काफी अहम है.
ऐसी रही है भारत की दूसरी पारी
भारतीय टीम की दूसरी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही, सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन बिना खाता खोले आउट हो गए. दोनों ही बल्लेबाजों को पहले ही ओवर क्रिस वोक्स ने चलता किया. दो विकेट गिरने के बाद केएल राहुल और कप्तान शुभमन गिल ने भारतीय टीम को संभाला. शुभमन और राहुल ने चौथे दिन के दूसरे और तीसरे सेशन में सधी बल्लेबाजी की और कोई विकेट गिरने नहीं दिया.
भारत और इंग्लैंड के बीच 23 जुलाई (बुधवार) से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर टेस्ट मैच खेला जाना है. भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 1-2 से पीछे हैं, ऐसे में ये मुकाबला उसके लिए 'करो या मरो' का है. अगर भारत मैनचेस्टर टेस्ट हारता है या ड्रॉ करता है, तो सीरीज जीतने का मौका गंवा देगा. इस मुकाबले में भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल पर सबकी निगाहें होंगी.
शुभमन गिल के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका
शुभमन गिल टेस्ट क्रिकेट में नया कीर्तिमान रचने के बेहद करीब हैं. यदि शुभमन मैनचेस्टर टेस्ट मैच में 25 रन बनाते हैं, तो वो 19 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर देंगे. शुभमन 25 रन बनाते ही इंग्लैंड में किसी द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले एशियाई बल्लेबाज बन जाएंगे.
फिलहाल ये रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ के नाम दर्ज है. दाएं हाथ के बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने साल 2006 में इंग्लैंड में 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में 90.14 की बेहतरीन औसत से 631 रन बनाए थे. अब शुभमन गिल के पास मोहम्मद यूसुफ को पछाड़ने का सुनहरा मौका है.
शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में अब तक 3 मैचों में 607 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 101.16 रहा और उन्होंने तीन शतक लगाए. भारतीय कप्तान का मौजूदा सीरीज में सर्वोच्च स्कोर 269 रन रहा है, जो उन्होंने बर्मिंघम टेस्ट की पहली पारी में बनाया.
इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन (एशियाई बैटर)
मोहम्मद यूसुफ (पाकिस्तान) – 4 मैच, 631 रन, 2006
शुभमन गिल (भारत)- 3* मैच, 607 रन, 2025
राहुल द्रविड़ (भारत)- 4 मैच, 602 रन, 2002
विराट कोहली (भारत)– 5 मैच, 593 रन, 2018
सुनील गावस्कर (भारत)– 4 मैच, 542 रन, 1979
सलीम मलिक (पाकिस्तान)- 5 मैच, 488 रन, 1992
भारतीय टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने शुभमन गिल को लेकर बड़ी बात कही है. चैपल ने ईएसपीएन क्रिकइंफो में अपने कॉलम में लिखा, 'ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट शुभमन गिल के अब तक के करियर की सबसे बड़ी परीक्षा होगी. सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर नहीं, बल्कि कप्तान के तौर पर भी.' चैपल का मानना है कि गिल के पास सीखने का समय बहुत कम है और वो अपनी भावनाएं नहीं दिखा सकते.
भारतीय टीम ने तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी 2025 की शुरुआत लीड्स टेस्ट में पांच विकेट से हार झेलकर की. इसके बाद टीम इंडिया ने एजबेस्टन टेस्ट मैच में जबरदस्त वापसी की और मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ 336 रनों की रिकॉर्डतोड़ जीत हासिल की. हालाकि, लॉर्ड्स टेस्ट मैच में मिली 22 रनों से हार ने उसे बैकफुट पर ढकेल दिया.
]]>5 मैचों की तेंदुलकर-एंडरसन सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर आने के बाद रोमांचक मोड़ पर है. पहला टेस्ट इंग्लैंड की टीम ने जीता था. लेकिन दूसरे टेस्ट में बाजी भारत ने मारी. इस सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच 'क्रिकेट के मक्का' लॉर्ड्स में 10 जुलाई से है. इस मुकाबले पर सभी की नजर है. लेकिन इस मैच में कप्तान शुभमन गिल पर खासा फोकस होगा. क्योंकि गिल शानदार फॉर्म में चल रहे हैं. पिछले मैच में उन्होंने दोहरा शतक और शतक लगाया है. गिल एक के बाद एक रिकॉर्ड ध्वस्त कर रहे हैं. इस मैच में भी वो कई कीर्तिमान बना सकते हैं.
एक नजर गिल के प्रदर्शन पर…
इस सीरीज में गिल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो लीड्स में खेले गए पहले मैच की पहली पारी में गिल ने 147 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी. वहीं दूसरी पारी में गिल के बल्ले से केवल 8 रन ही आए थे. लेकिन दूसरे मैच की पहली पारी में गिल ने 269 रन बनाए. इसके बाद दूसरी पारी में भी गिल के बल्ले से 161 रनों का तूफान देखने को मिला. यानी दो मैचों में गिल के बल्ले से अबतक 585 रन बन चुके हैं. अभी गिल के पास 3 मैच हैं यानी 6 पारियां.
गिल तोड़ सकते हैं इन दिग्गजों का रिकॉर्ड
एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी डॉन ब्रेडमैन के नाम है. जिन्होंने 1930 में एशेज में इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैच की 7 पारियों में 974 रन बनाए थे. इसमें उन्होंने एक तिहरा शतक भी लगाया था. वहीं, दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के हैमांड का नाम आता है जिन्होंने 5 मैच की 9 पारियों में 905 रन बनाए थे. इसके बाद एमए टेलर ने 1989 में एक सीरीज में 839 रन बनाए. वहीं, इस लिस्ट में तीन भारतीय खिलाड़ियों का नाम आता है. पहला नाम सुनील गावस्कर का है, जिन्होंने 1970-71 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 4 मैच की 8 पारियों में 774 रन बनाए थे. 1978-89 में फिर गावस्कर ने एक सीरीज में 732 रन बनाए. वहीं, 2023 में यशस्वी जायसवाल ने 5 मैच की 9 पारियों में 712 रन बनाए. वहीं, 2014-15 में विराट कोहली ने 4 मैच की सीरीज में 692 रन बनाए थे.
अब अगर गिल बचे हुए 3 मैचों की 6 पारियों में इसी लय में नजर आते हैं तो गावस्कर, रिचर्ड्स समेत कई दिग्गजों का रिकॉर्ड वो ध्वस्त कर सकते हैं. साथ ही एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीयों की लिस्ट में भी वो सबसे आगे निकल सकते हैं.
बता दें कि इससे पहले शुभमन गिल अब किसी टेस्ट मैच में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन चुके हैं. शुभमन ने इस मैच में कुल 430 रन (269 & 161) बनाए. शुभमन ने सुनील गावस्कर का 54 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था. गावस्कर ने अप्रैल 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट मैच में कुल 344 रन (124 & 220) रन बनाए थे.
]]>बटलर ने इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ अपने पॉडकास्ट ‘फॉर द लव ऑफ क्रिकेट’ पर कहा, ‘‘वह वास्तव में प्रभावशाली खिलाड़ी है। जब वह बोलते हैं तो काफी शांत और संतुलित रहते हैं। मुझे लगता है कि मैदान पर खुद के लिए चुनौती पेश करते हैं। उनमें काफी जुनून होता है। मुझे लगता है कि कप्तान के रूप में वह कोहली और रोहित का मिश्रण होंगे। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोहली वास्तव में बहुत आक्रामक थे। उन्होंने भारतीय टीम को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने उसे मुकाबले के लिए तैयार किया। रोहित थोड़े अलग थे। थोड़े शांत और संयमित, लेकिन उनमें गजब का जुझारूपन था।’’
बटलर ने कहा, ‘‘गिल ने इन दोनों से काफी कुछ सीखा है लेकिन वह मैदान पर पूरी तरह से अलग नजर आएंगे।’’ बटलर ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में भारत की कप्तानी करना देश में ‘तीसरे या चौथे सबसे प्रभावशाली व्यक्ति’ होने जैसा है। उन्होंने कहा, ‘‘गिल ने बल्लेबाजी और कप्तानी को अलग-अलग करने की बात की। इसलिए जब वह बल्लेबाजी करते हैं तो वह सिर्फ बल्लेबाज बने रहना चाहते हैं। इसके बाद वह अपने कप्तानी कौशल पर काम करेंगे और दोनों भूमिकाओं को अलग-अलग तरह से निभाने का प्रयास करेंगे।’’
बटलर ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हम इन लोगों के स्टारडम के स्तर को समझ सकते हैं। आप इसे आईपीएल में देखते हैं। वे इस स्टारडम में जीते हैं। मुझे लगता है कि भारतीय टेस्ट कप्तान भारत में प्रधानमंत्री के बाद तीसरा या चौथा सबसे प्रभावशाली व्यक्ति है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।’’
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