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हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण प्रशासन ने नेहरू कुंड से साउथ पोर्टल तक अटल टनल की ओर वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी है. दरअसल, प्रसिद्ध पर्यटन जगह मनाली के पास अटल टनल क्षेत्र में रविवार को अचानक हुई भारी बर्फबारी ने हजारों पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. करीब 1000 से ज्यादा वाहनों में लगभग 5000 पर्यटक सड़क पर फंस गए थे. लेकिन प्रशासन, पुलिस और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया और सोमवार देर शाम तक सभी लोगों को सुरक्षित मनाली पहुंचा दिया।
डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि भारी बर्फबारी से सड़कों पर बर्फ जम गई. जिससे फिसलन वाले रास्तों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया था. कई पर्यटकों को अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल या मदद से सुरक्षित जगह पहुंचना पड़ा. वहीं, कुछ टैक्सी ड्राइवर अभी भी अपने वाहनों के साथ टनल के आस-पास हैं, लेकिन सभी लोग सुरक्षित हैं. सड़क ठीक होने पर उन्हें मनाली भेज दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, अटल टनल के साउथ पोर्टल के पास भारी बर्फ जमा हो गई है. इसलिए यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. नेहरू कुंड और सोलंग नाला में 24 घंटे के लिए बैरियर लगाए गए हैं. पुलिस की निगरानी में केवल आपातकालीन वाहन जैसे एंबुलेंस, पुलिस गाड़ियां, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों को 4×4 वाहनों से ही जाने की अनुमति है।
मार्च में बर्फ से ढकी वादियां, स्नोफॉल का अद्भुत नजारा
उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने कहा कि बीआरओ की टीमें लगातार भारी मशीनरी से बर्फ हटा रही हैं. सड़क को जल्द से जल्द साफ करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी जोखिम ज्यादा है, इसलिए ट्रैफिक बंद रखना जरूरी है. इस बीच, मौसम विभाग ने फिलहाल भारी बर्फबारी और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने सभी पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मौसम और सड़क की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक अटल टनल, सोलंग वैली की ओर जाने से बचें।
भारी बर्फबारी के चलते मुगल रोड पर यातायात फिलहाल बंद कर दिया गया है। खराब मौसम और सड़क पर जमी बर्फ के कारण प्रशासन ने एहतियातन वाहनों की आवाजाही रोक दी है। यात्रियों को फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा न करने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जानकारी के अनुसार पीर पंजाल की ऊंची पहाड़ियों में ताज़ा बर्फबारी के बाद रविवार को ऐतिहासिक मुगल रोड पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बर्फबारी, खासकर पीर की गली और आसपास के क्षेत्रों में, सड़क को बेहद फिसलन भरा और वाहनों के आवागमन के लिए असुरक्षित बना दिया है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए एहतियात के तौर पर प्रशासन ने यातायात को रोक दिया।
संबंधित सड़क रखरखाव एजेंसियों और जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है तथा मौसम में सुधार होने के बाद बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
इस बीच यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक सड़क को आधिकारिक रूप से सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक मुगल रोड पर यात्रा करने से बचें। जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और यातायात बहाली को लेकर आगे की जानकारी जारी करेगी।
मैदानी इलाकों में करीब एक फीट बर्फबारी हुई है, जबकि ऊपरी पहाड़ी इलाकों में करीब दो से तीन फीट बर्फबारी हुई है. बिजली और पानी की सप्लाई समेत सभी जरूरी सर्विस रुक गई हैं. भूस्खलन, पेड़ गिरने और भारी बर्फ जमा होने की वजह से हाईवे और लिंक रोड समेत कई सड़कें बंद हैं.
इलाके में हालात ठीक होने तक सिर्फ इमरजेंसी सर्विस को ही चलने दिया जा रहा है. लगभग तीन महीने के लंबे सूखे के बाद, शुक्रवार आधी रात से डोडा के भलेसा और उसके आस-पास के मैदानी इलाकों और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई. जब पूरा इलाका बर्फ से ढक गया, तो लोगों ने इस लंबे समय से इंतजार की जा रही बर्फबारी पर काफी राहत और खुशी जाहिर की.
रामबन जिले के बनिहाल शहर में भी शुक्रवार को मौसम की पहली भारी बर्फबारी हुई, क्योंकि पूरे इलाके में ताजी बर्फबारी हुई, जिससे सर्दी अपने पूरे जोर पर आ गई. बर्फबारी देर रात शुरू हुई और कई घंटों तक जारी रही, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई और विजिबिलिटी कम हो गई.
इस बीच, बारामूला, बडगाम और रामबन के हिल रिसॉर्ट शहर बटोटे में भी काफी बर्फबारी हुई, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया. भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) बंद कर दिया गया, साथ ही उधमपुर के जखनी चौक पर भी आवाजाही रोक दी गई.
बर्फबारी की वजह से हवाई यात्रा में भी रुकावट आई. श्रीनगर एयरपोर्ट और इंडिगो एयरलाइंस ने कई फ्लाइट को कुछ समय के लिए रोकने और कैंसल करने का ऐलान किया. अधिकारियों ने कहा कि लगातार बारिश और रामसू तक जमा हो रही बर्फ को देखते हुए, सड़क पर फिसलन की वजह से एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सभी तरह के ट्रैफिक को सुरक्षित जगहों पर रोक दिया गया.
इससे पहले विधायक दलीप सिंह परिहार ने रविवार को कहा कि चल रहा भद्रवाह विंटर कार्निवल देश भर से टूरिस्ट को खींचकर जम्मू-कश्मीर की इकॉनमी में मदद कर रहा है. उन्होंने फेस्टिवल में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आए विजिटर्स का शुक्रिया अदा किया.
]]>यहीं नहीं यहां आने वाले टूरिस्ट्स को होटल की बुकिंग के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है, क्योंकि होटल बुकिंग में वृद्धि हुई है, जिसकी वजह से टूरिस्ट को होटल मिल नहीं है और जो मिल रहे हैं, उनके रेट सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। अगर आप इन हिल स्टेशनों पर घूमने आ रहे हैं, तो अपना प्लान पोस्टपोन कर सकते हैं, वहीं यहां आने से पहले रूट्स के बारे में भी जान लेने में समझदारी है।
शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा और सिरमौर जिलों के साथ किन्नौर, लाहौल और स्पीति में भारी स्नोफॉल हुआ है। हालांकि, इन बर्फ से लदे हिल स्टेशनों के रास्ते में खराब मौसम और सड़क पर घातक स्थितियों के बावजूद भी टूरिस्ट का यहां आना रुका नहीं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, शिमला में कमरे की बुकिंग 70 प्रतिशत है, जो पिछले दिसंबर की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक है।
अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी से जहां टूरिस्ट्स खुश नजर आ रहे हैं, वहीं राज्य में तीन नेशनल हाईवे सहित कम से कम 223 सड़कें बंद हो गईं। पीटीआई ने मंगलवार को बताया कि अटारी और लेह, कुल्लू जिले में संज से औट और किन्नौर जिले में खाब संगम और लाहौल और स्पीति जिले में ग्रैम्फू के बीच नेशनल हाईवे सहित लगभग 223 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गईं। बता दें, सोमवार को राज्य आपदा प्रबंधन टीम ने अटल टनल में फंसे करीब 500 वाहनों में सवार टूरिस्ट्स को बचाया। पिछले 24 घंटों में कई वाहनों के सड़क से फिसल जाने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैं।
शिमला में 145, कुल्लू में 25 और मंडी जिले में 20 सड़कें बंद हैं। ट्रांसफॉर्मर फेलियर के 356 मामलों के कारण कई क्षेत्र बिजली के बिना काम कर रहे थे। हालांकि हिमाचल सरकार ने सड़कों को साफ करने के लिए दो स्नो ब्लोअर सहित 268 मशीनें लगाई हैं।
हिमाचल प्रदेश के शिमला और मनाली ऐसे टूरिस्ट्स प्लेस हैं, जहां हर साल सर्दियों में लाखों की संख्या में टूरिस्ट्स घूमने आते है और यहां आकर नया साल और क्रिसमस सेलिब्रेट करते हैं। ऐसे में टूरिस्ट्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है, जिसमें स्थानीय लोगों की बात सुनने और बर्फ में गाड़ी चलाने से बचने की सलाह दी है। इसी के साथ ऐसी जगह पर ट्रैवल करने से बचें, जहां एक्सीडेंट के ज्यादा चांस होते हैं।
भारी स्नोफॉल और कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण टूरिस्ट्स की तबीयत बिगड़ रही है, ऐसे में सभी टूरिस्ट्स को अपना ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। ठंड से बचने के लिए लेयरिंग में कपड़े पहनें और अपने साथ गर्म टोपी, दस्ताने और मफ्लर जरूर रखें। साथ ही खुद को हाइड्रेट करने के लिए पानी पीते रहें और गर्म खाना खाएं।
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