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मध्य प्रदेश के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपित सोनम रघुवंशी की जमानत को मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार ने निचली अदालत का बेल आर्डर रद करने की मांग की है।
सोनम को नोटिस जारी
हाई कोर्ट ने सोनम को नोटिस जारी किया है। साथ ही अगले सप्ताह सुनवाई निर्धारित की है। उधर, सोनम को जमानत मिलने के बाद उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह सहित चार अन्य आरोपितों ने भी जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।
राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत अब बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है। मेघालय सरकार ने इस राहत को सीधे चुनौती देते हुए मेघालय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और साफ तौर पर मांग की है कि सेशंस कोर्ट द्वारा दी गई बेल को तत्काल रद्द किया जाए। सरकार का आरोप है कि निचली अदालत ने अपराध की गंभीरता और इसके व्यापक प्रभाव को नजरअंदाज कर दिया, जिससे न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में दो टूक कहा है कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी सख्त व निष्पक्ष न्यायिक जांच जरूरी है। सरकार का दावा है कि जिस आधार पर जमानत दी गई, वह तकनीकी खामियों तक सीमित था, जबकि आरोपों की गंभीरता कहीं अधिक है। ऐसे में आरोपी को राहत देना न्याय के साथ समझौता करने जैसा है।
गौरतलब है कि 27 अप्रैल को शिलांग के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज्यूडिशियल) ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में कथित त्रुटियों का हवाला देते हुए लगभग एक साल बाद सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। कोर्ट ने पाया था कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई थीं। जैसे “गिरफ्तारी के आधार” वाले फॉर्म में चेकबॉक्स खाली थे और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गलत धाराओं का उल्लेख किया गया था। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी को स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया गया कि उसे धारा 103(1) जैसे गंभीर अपराध में गिरफ्तार किया जा रहा है, और इसे महज लिपिकीय गलती मानने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, रिकॉर्ड में यह भी सामने आया कि 9 जून 2025 को जब आरोपी को पहली बार गाजीपुर की अदालत में पेश किया गया, तब उसके पास कानूनी प्रतिनिधित्व होने का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं था। इन बिंदुओं को आधार बनाकर निचली अदालत ने जमानत दी थी।
क्या सोनम रघुवंशी फिर जेल जाएंगी!
मेघालय सरकार ने मंगलवार को हाई कोर्ट में पिछले सप्ताह निचली अदालत द्वारा कुख्यात हनीमून हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दिए जाने के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की. सोनम रघुवंशी का मामला पिछले साल सोहरा में उनके पति राजा रघुवंशी की सनसनीखेज हत्या से जुड़ा है, जब वे हनीमून पर थे. मामला हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए आया और अदालत ने सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया है. मामले की सुनवाई 12 मई को होगी।
क्या दी गई थी सोनम को गिरफ्तारी की जानकारी?
27 अप्रैल को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (न्यायिक) डी.आर. खारबतेंग ने जमानत देने का आदेश पारित किया था, जिसमें सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका को इस आधार पर स्वीकार किया गया था कि उन्हें गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी नहीं दी गई थी. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, "सरकार की याचिका में कहा गया है कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है और मामले से संबंधित दस्तावेजों द्वारा भी इसका खंडन किया गया है, जो इस बात को उजागर करते हैं कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी गई थी।
निचली कोर्ट ने इस तथ्य को किया नजरअंदाज
सरकार ने आगे तर्क दिया है कि निचली अदालत ने विवादित आदेश पारित करते समय इस बात को नजरअंदाज कर दिया कि इस मामले में आरोप पत्र पिछले साल 5 सितंबर को दाखिल किया गया था और उसके बाद इस साल 10 फरवरी को सप्लीमेंट्री आरोप पत्र दाखिल किया गया था. इस सनसनीखेज मामले में पिछले साल 28 अक्टूबर को आरोप तय किए गए थे. आरोप पत्र दाखिल होने और आरोप तय होने के बाद, यह स्पष्ट है कि आरोपी मामले के तथ्यों से अवगत है, जिसमें गिरफ्तारी के आधार भी शामिल हैं।
हालांकि अब राज्य सरकार का रुख पूरी तरह आक्रामक है। सरकार का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की पूरी जानकारी थी और इससे जुड़े दस्तावेज अदालत में पहले ही प्रस्तुत किए जा चुके हैं। ऐसे में तकनीकी आधार पर मिली जमानत को बरकरार रखना न्यायहित में नहीं है। मंगलवार (5 मई) को मेघालय हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी कर दिया है। सरकार द्वारा 4 मई को दाखिल की गई बेल रद्द करने की याचिका पर अब अगले सप्ताह सुनवाई होगी। इस केस ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई की कार्यप्रणाली पर तीखी बहस छेड़ दी है।
]]>पुलिस उन बिंदुओं को ही आधार बनाएगी, जिन बिंदुओं पर शिलांग की सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी। सरकारी वकील केशव गौतम ने भी इसकी पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, शिलांग पुलिस अब इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को और मजबूती से प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है, ताकि हाईकोर्ट में जमानत आदेश को चुनौती दी जा सके।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस उन बिंदुओं को ही आधार बनाएगी, जिन बिंदुओं पर शिलॉन्ग की सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिलॉन्ग पुलिस अब इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को और मजबूती से प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है, ताकि हाईकोर्ट में जमानत आदेश को चुनौती दी जा सके। वहीं सरकारी वकील केशव गौतम ने इस पूरे मामले को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।
जमानत के आधार पर उठे सवाल
बता दें कि इंदौर शहर के सहकार नगर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सोनम को सशर्त जमानत मिली है। सत्र न्यायालय ने जमानत देते समय शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए थे। दरअसल, न्यायालय ने पाया गया कि सोनम की गिरफ्तारी के अभिलेख में हत्या की वास्तविक धारा के बजाय असंगत धारा लगा दी गई।
इसके साथ ही सोनम को गिरफ्तारी के समय आरोपित के रूप में उसके अपराध के बारे में भी नहीं बताया गया। इसे सत्र न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया की गंभीर खामी और संविधान में आरोपित को प्राप्त मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना। यह भी पाया कि 10 माह में भी मामले की जांच कर रही एसआईटी जांच को पूरा नहीं कर सकी है। सारे गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए हैं।
राजा के भाई बोले- हम भी जाएंगे हाई कोर्ट
इस बीच, राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा है कि वह स्वयं भी सोनम की जमानत खारिज कराने के लिए मेघालय हाई कोर्ट में जाएंगे। इसके लिए याचिका दायर करेंगे। इसके लिए वकील से संपर्क कर लिया है। प्रक्रिया के लिए दस्तावेज भी पहुंचा दिए गए हैं।
एक और अर्जी दायर करने की तैयारी में सोनम रघुवंशी
शिलॉन्ग पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलॉन्ग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलॉन्ग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार सोनम खुद शिलॉन्ग से बाहर जाने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है। बताया जा रहा है कि उसके वकील की तरफ से इस मामले में तैयारी की जा रही है।
राज पर आज आ सकता है फैसला
शिलॉन्ग पुलिस के राजफाश में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर शुक्रवार को शिलॉन्ग के सत्र न्यायालय का फैसला आ सकता है। सोनम की जमानत को आधार बनाकर राज के वकील योबिन ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। बुधवार को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। योबिन ने बताया कि हमने राज कुशवाहा के लिए जमानत याचिका दायर की थी और कोर्ट ने जमानत के आदेश को सुरक्षित रख लिया है अभी बस, इतना ही है।
अन्य आरोपितों पर भी असर
वहीं, शिलांग पुलिस के राजफाश में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर शुक्रवार को शिलांग की सत्र न्यायालय का फैसला आ सकता है। सोनम की जमानत को आधार बनाकर राज के वकील योबिन ने कोर्ट में अर्जी लगाई है। बुधवार को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था।
शिलांग से बाहर जाने की अर्जी दायर कर सकती है सोनम
सोनम की रिहाई की इंदौर से ज्यादा शिलांग में चर्चा हो रही है। मई 2025 में हुई इस घटना से टूरिस्ट प्रभावित हुए थे। मेघालय सरकार को आगे आकर टूरिस्ट को सुरक्षा की गारंटी देनी पड़ी थी। बताया गया है कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलांग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलांग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार, सोनम खुद शिलांग से बाहर जाने के लिए भी कोर्ट अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है।
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इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद अब राजा का परिवार उसकी जमानत खारिज कराने की कोशिश में जुट गया है. इसे लेकर राजा के भाई विपिन ने शिलांग के वकील से बात की है और हाईकोर्ट में जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. वकील ने उनसे संबंधित दस्तावेज भेज दिए हैं, जिन पर साइन कर वे दोबारा वापस भेजेंगे. मालूम हो कि राजा रघुवंशी हनीमून मनाने पत्नी सोनम के साथ शिलांग गए थे. जहां उनकी पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर उनकी हत्या करवा दी थी. पिछले साल सामने आए इस केस ने पति-पत्नी के प्यार और भरोसे वाले रिश्ते पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. कई दिनों तक चली जांच के बाद सोनम को यूपी के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था. लेकिन अब सोनम को जमानत मिलने से इस मामले की यादें फिर से ताजा हो गई है।
हाई कोर्ट में सोनम की जमानत खारिज करने की दायर करेंगे याचिका
राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा, "मैंने वकील से बात की तो उन्होंने बताया कि सोनम को जब गाजीपुर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था तो गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई थी. इसी आधार पर कोर्ट ने सोनम को जमानत दी है. अब हाई कोर्ट में सोनम की जमानत खारिज करने के लिए अपील दायर करेंगे।
राजा की मां बोलीं- सोनम को फांसी देनी चाहिए थी
राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कहा, "हमें कानून पर पूरा भरोसा था, फिर भी सोनम को जमानत दे दी गई. सरकार को सोनम को नहीं छोड़ना चाहिए था, बल्कि उसे फांसी देनी चाहिए थी. गोविंद रघुवंशी पूरे मामले का मास्टरमाइंड है. गोविंद ने पैसा देकर सबको खरीद लिया है और जमानत में भी मदद की है. सोनम रघुवंशी अगर माफी मांगने भी इंदौर आती है तो उसे माफ नहीं करेंगे।
राजा की मां बोली- सोनम किसी के साथ कुछ भी कर सकती है
उन्होंने कहा कि सोनम रघुवंशी को आखिर जमानत कैसे मिल गई, जब वह गुनहगार है? सोनम ने अपने पति को अपनी आंखों के सामने मरवाया था, तो जमानत किस आधार पर मिल गई? हमें तो भरोसा था कि इंसाफ मिलेगा, लेकिन नहीं मिला. प्रधानमंत्री से मांग की है कि सीबीआई की जांच कराई जाए. सोनम किसी के साथ मिलकर कुछ भी कर सकती है, इसलिए उनके परिवार को खतरा है।
26 मई को शिलांग से लापता हुए थे राजा, बाद में मिली थी लाश
बता दें कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 21 मई 2025 को हनीमून मनाने शिलांग गए थे. यहां से दोनों 26 मई को सोहरा घूमने गए, जहां दोनों लापता हो गए थे. पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया. करीब एक हफ्ते बाद 2 जून 2026 को राजा का शव सोहरा के मशहूर वेई सादोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था।
अदालत में क्या हुआ
राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. उसके वकील पी. योबिन ने कहा कि उन्होंने अदालत के सामने सभी जरूरी पक्ष रख दिए हैं और अब फैसले का इंतजार है. उन्होंने यह भी कहा कि बाकी आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी जल्द दायर की जाएंगी।
वकील से बात कर शुरू की प्रक्रिया
विपिन ने बताया कि जमानत खारिज कराने के लिए उन्होंने शिलॉन्ग में वकील से संपर्क किया है। वे खुद शिलॉन्ग नहीं जाएंगे, लेकिन सभी कागजी प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि हाईकोर्ट में अपील की जा सके। वकील ने उनसे जुड़े दस्तावेज भेज दिए हैं। विपिन ने बताया कि कागज मिल चुके हैं और वे साइन कर जल्द ही वापस भेजेंगे, जिससे अपील दाखिल की जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में करीब एक हफ्ते का समय लग सकता है।
11 मई 2025 को शादी, 21 को हनीमून और 23 को हुई थी राजा की हत्या
राजा रघुवंशी की सोनम से शादी इसी साल 11 मई 2025 को हुई थी। सोनम रघुवंशी और राजा 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे, जहां 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए।
10 दिन बाद पुलिस ने 30 फीट गहरी खाई से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिस पर धारदार हथियार से किए गए कई घाव थे। सोनम तब लापता थी। इसके बाद यूपी में उसने सरेंडर किया था। उससे पूछताछ के बाद आकाश, आनंद और विशाल को पकड़ा था।
सोनम के राज कुशवाहा से प्रेम सबंध थे। हालांकि, उसके परिवार ने इस बात से इनकार किया था। पत्नी सोनम राजा को दर्शनीय स्थलों की सैर के बहाने एक सुदूर स्थान पर बुलाकर ले गई थी। उनके पीछे अन्य तीनों हत्या के आरोपी भी चले गए थे। फिर दो छुरों से वार कर उसकी हत्या कर दी, जिनमें से एक छुरा बाद में जंगल से बरामद किया गया।
सोनम घटनास्थल से भाग गई और बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम और राज सहित सभी पांचों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
सोनम को कैसे मिली जमानत
सोनम रघुवंशी को जमानत देते समय अदालत ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए. अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में जिन धाराओं का उल्लेख किया गया था, उनमें त्रुटियां थीं. अदालत ने कहा कि आरोपी को यह स्पष्ट रूप से बताना जरूरी होता है कि उसे किस अपराध और किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है. लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी नहीं हुई. पुलिस ने इसे लिपिकीय गलती बताया, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. अदालत का मानना था कि यह गलती आरोपी के अधिकारों को प्रभावित करती है. अदालत ने एक और महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान दिया. आदेश में कहा गया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि सोनम को गिरफ्तारी के बाद वकील की सुविधा दी गई थी. जब उसे पहली बार गाजीपुर अदालत में पेश किया गया, तब भी यह स्पष्ट नहीं था कि उसे कानूनी सलाह का अवसर मिला या नहीं।
जमानत की शर्तें
हालांकि अदालत ने जमानत दी है, लेकिन इसके साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं. सोनम रघुवंशी बिना अदालत की अनुमति के शिलांग जिले से बाहर नहीं जा सकेंगी. यह शर्त इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और जांच एजेंसियों की नजर इस पर बनी हुई है. सोनम को जमानत मिलने के बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने नाराजगी जताई है. राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि वे इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे. उनका कहना है कि जांच में कई कमियां रही हैं. राजा की मां उमा रघुवंशी ने भी फैसले पर दुख जताया और कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद थी. वहीं पिता अशोक रघुवंशी ने कहा कि उन्हें अब सिस्टम पर भरोसा कम हो गया है।
इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद अब राजा का परिवार उसकी जमानत खारिज कराने की कोशिश में जुट गया है. इसे लेकर राजा के भाई विपिन ने शिलांग के वकील से बात की है और हाईकोर्ट में जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. वकील ने उनसे संबंधित दस्तावेज भेज दिए हैं, जिन पर साइन कर वे दोबारा वापस भेजेंगे. मालूम हो कि राजा रघुवंशी हनीमून मनाने पत्नी सोनम के साथ शिलांग गए थे. जहां उनकी पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर उनकी हत्या करवा दी थी. पिछले साल सामने आए इस केस ने पति-पत्नी के प्यार और भरोसे वाले रिश्ते पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. कई दिनों तक चली जांच के बाद सोनम को यूपी के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था. लेकिन अब सोनम को जमानत मिलने से इस मामले की यादें फिर से ताजा हो गई है।
हाई कोर्ट में सोनम की जमानत खारिज करने की दायर करेंगे याचिका
राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा, "मैंने वकील से बात की तो उन्होंने बताया कि सोनम को जब गाजीपुर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था तो गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई थी. इसी आधार पर कोर्ट ने सोनम को जमानत दी है. अब हाई कोर्ट में सोनम की जमानत खारिज करने के लिए अपील दायर करेंगे।
राजा की मां बोलीं- सोनम को फांसी देनी चाहिए थी
राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कहा, "हमें कानून पर पूरा भरोसा था, फिर भी सोनम को जमानत दे दी गई. सरकार को सोनम को नहीं छोड़ना चाहिए था, बल्कि उसे फांसी देनी चाहिए थी. गोविंद रघुवंशी पूरे मामले का मास्टरमाइंड है. गोविंद ने पैसा देकर सबको खरीद लिया है और जमानत में भी मदद की है. सोनम रघुवंशी अगर माफी मांगने भी इंदौर आती है तो उसे माफ नहीं करेंगे।
राजा की मां बोली- सोनम किसी के साथ कुछ भी कर सकती है
उन्होंने कहा कि सोनम रघुवंशी को आखिर जमानत कैसे मिल गई, जब वह गुनहगार है? सोनम ने अपने पति को अपनी आंखों के सामने मरवाया था, तो जमानत किस आधार पर मिल गई? हमें तो भरोसा था कि इंसाफ मिलेगा, लेकिन नहीं मिला. प्रधानमंत्री से मांग की है कि सीबीआई की जांच कराई जाए. सोनम किसी के साथ मिलकर कुछ भी कर सकती है, इसलिए उनके परिवार को खतरा है।
26 मई को शिलांग से लापता हुए थे राजा, बाद में मिली थी लाश
बता दें कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 21 मई 2025 को हनीमून मनाने शिलांग गए थे. यहां से दोनों 26 मई को सोहरा घूमने गए, जहां दोनों लापता हो गए थे. पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया. करीब एक हफ्ते बाद 2 जून 2026 को राजा का शव सोहरा के मशहूर वेई सादोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था।
अदालत में क्या हुआ
राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. उसके वकील पी. योबिन ने कहा कि उन्होंने अदालत के सामने सभी जरूरी पक्ष रख दिए हैं और अब फैसले का इंतजार है. उन्होंने यह भी कहा कि बाकी आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी जल्द दायर की जाएंगी।
वकील से बात कर शुरू की प्रक्रिया
विपिन ने बताया कि जमानत खारिज कराने के लिए उन्होंने शिलॉन्ग में वकील से संपर्क किया है। वे खुद शिलॉन्ग नहीं जाएंगे, लेकिन सभी कागजी प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि हाईकोर्ट में अपील की जा सके। वकील ने उनसे जुड़े दस्तावेज भेज दिए हैं। विपिन ने बताया कि कागज मिल चुके हैं और वे साइन कर जल्द ही वापस भेजेंगे, जिससे अपील दाखिल की जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में करीब एक हफ्ते का समय लग सकता है।
11 मई 2025 को शादी, 21 को हनीमून और 23 को हुई थी राजा की हत्या
राजा रघुवंशी की सोनम से शादी इसी साल 11 मई 2025 को हुई थी। सोनम रघुवंशी और राजा 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे, जहां 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए।
10 दिन बाद पुलिस ने 30 फीट गहरी खाई से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिस पर धारदार हथियार से किए गए कई घाव थे। सोनम तब लापता थी। इसके बाद यूपी में उसने सरेंडर किया था। उससे पूछताछ के बाद आकाश, आनंद और विशाल को पकड़ा था।
सोनम के राज कुशवाहा से प्रेम सबंध थे। हालांकि, उसके परिवार ने इस बात से इनकार किया था। पत्नी सोनम राजा को दर्शनीय स्थलों की सैर के बहाने एक सुदूर स्थान पर बुलाकर ले गई थी। उनके पीछे अन्य तीनों हत्या के आरोपी भी चले गए थे। फिर दो छुरों से वार कर उसकी हत्या कर दी, जिनमें से एक छुरा बाद में जंगल से बरामद किया गया।
सोनम घटनास्थल से भाग गई और बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम और राज सहित सभी पांचों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
सोनम को कैसे मिली जमानत
सोनम रघुवंशी को जमानत देते समय अदालत ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए. अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में जिन धाराओं का उल्लेख किया गया था, उनमें त्रुटियां थीं. अदालत ने कहा कि आरोपी को यह स्पष्ट रूप से बताना जरूरी होता है कि उसे किस अपराध और किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है. लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी नहीं हुई. पुलिस ने इसे लिपिकीय गलती बताया, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. अदालत का मानना था कि यह गलती आरोपी के अधिकारों को प्रभावित करती है. अदालत ने एक और महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान दिया. आदेश में कहा गया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि सोनम को गिरफ्तारी के बाद वकील की सुविधा दी गई थी. जब उसे पहली बार गाजीपुर अदालत में पेश किया गया, तब भी यह स्पष्ट नहीं था कि उसे कानूनी सलाह का अवसर मिला या नहीं।
जमानत की शर्तें
हालांकि अदालत ने जमानत दी है, लेकिन इसके साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं. सोनम रघुवंशी बिना अदालत की अनुमति के शिलांग जिले से बाहर नहीं जा सकेंगी. यह शर्त इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और जांच एजेंसियों की नजर इस पर बनी हुई है. सोनम को जमानत मिलने के बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने नाराजगी जताई है. राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि वे इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे. उनका कहना है कि जांच में कई कमियां रही हैं. राजा की मां उमा रघुवंशी ने भी फैसले पर दुख जताया और कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद थी. वहीं पिता अशोक रघुवंशी ने कहा कि उन्हें अब सिस्टम पर भरोसा कम हो गया है।
SIT ने जुटाए सारे सबूत, मामले में कुल 8 आरोपी
शिलांग के ईस्ट खासी हिल्स एसपी विवेक सैय्यम ने कहा, '' सोनम रघुवंशी और राज कुशवाहा के खिलाफ SIT ने कई अहम सबूत जुटा लिए हैं और जल्द ही आरोपियों को सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
बता दें कि ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के मामले में शिलांग पुलिस ने अभी तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इसमें से पांच आरोपी मुख्य रूप से हत्याकांड में शामिल हैं, जिसमें मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसका प्रेमी राज व उसके तीन दोस्त शामिल हैं. वहीं 3 अन्य आरोपियों को साक्ष्य छुपाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है.
बड़ा बिजनेस खोलना चाहती थी सोनम
शिलांग के ईस्ट खासी हिल्स एसपी विवेक सैय्यम ने मामले में बड़ा खुलासा करते हुए कहा, '' सोनम और राज ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकारा है. सोनम एक बिजनेस वुमन बनना चाहती थी, जिसके चलते उसने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर एक बड़ा कारोबार शुरू करने की प्लानिंग की थी. इसी बीच सोनम पर उसके माता-पिता देवी सिंह और मां संगीता द्वारा शादी को लेकर दबाव बनाया गया. कुछ दिन बाद सोनम की राजा रघुवंशी से शादी तय कर दी गई.''
शादी तय होती ही पति की हत्या की प्लानिंग
शिलांग पुलिस के मुताबिक, शादी तय होने के दौरान सोनम को लगा कि यदि मैं शादी कर लूंगी तो मैं कभी बड़ी बिजनेस वुमन नहीं बन पाऊंगी, और उसे उसका सपना टूटते हुए दिखा. इसके बाद जिस दिन शादी तय हुई, उसी दिन सोनम और राज कुशवाहा ने सोनम के होने वाले पति राजा रघुवंशी को रास्ते से हटाने का फैसला ले लिया. इसी के बाद योजनाबद्ध तरीके से इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया.
सोनम और राज के नार्को टेस्ट की जरूरत नहीं
ईस्ट खासी हिल्स एसपी विवेक सैय्यम ने कहा, '' राजा रघुवंशी हत्याकांड में कई कड़ियों को जोड़ने के बाद हमने आरोपियों के खिलाफ कई तरह के साक्ष्य जुटा लिए हैं.'' वहीं, नार्को टेस्ट के सवाल पर उन्होंने कहा, '' अभी प्रारंभिक तौर पर सोनम और राज के नार्को टेस्ट की जरूरत नहीं है. क्योंकि हमारे पास इन आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. सोनम ने राज कुशवाह से अपने प्रेम संबंधों को पुलिस पूछताछ में स्वीकार कर लिया है.''
मामले में 3 अन्य आरोपियों से कड़ी पूछताछ
एसपी ने बताया कि इंदौर और ग्वालियर से पकड़े गए 3 अन्य आरोपी प्रापर्टी ब्रोकर सीलोंम जेम्स, गार्ड बलवीर और फ्लैट मालिक लोकेंद्र सिंह को आमने सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी. इससे यह भी पता चलेगा कि राजा रघुवंशी के सोने चांदी के जेवरात, कैश व अन्य सामान को कहां ठिकाने लगाया गया है.'' फिलहाल इस मामले में जांच अभी भी जारी है और कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.
]]>एसआईटी पिछले पांच दिन से शहर में छानबीन कर रही थी। एसआईटी को एक बैग की जरूरत थी, जो राज और सोनम द्वारा हीराबाग स्थित फ्लैट में छुपा कर रखा था।
इस बैग में कपड़ों के बीच देशी पिस्टल और पांच लाख रुपये भरकर रखे गए थे। पिस्टल राज ने सिकलीगरों से खरीदी थी। वह पहले राजा को विशाल, आकाश और आनंद से गोली मरवाना चाहता था। ललितपुर में आकाश की गिरफ्तारी होते ही आठ जून को सोनम कार लेकर गाजीपुर रवाना हो गई और बैग फ्लैट में ही छोड़ दिया।
10 जून को प्रापर्टी कारोबारी सिलोम जेम्स कार लेकर पहुंचा और दूसरी चाबी से ताला खोल तीन बैग, कपड़े, खाने का सामान सहित अन्य चीजें ले गया। एक कार शोरूम के सीसीटीवी कैमरे में सिलोम की तस्वीर कैद हो गई और इसी आधार पर ईस्ट खासी हिल्स (शिलांग) पुलिस ने सिलोम को गिरफ्तार कर लिया। उस पर हत्या के आरोपितों की मदद करने और साक्ष्य नष्ट करने का आरोप है।
एसआईटी के एक सदस्य ने सिलोम को फोन लगाकर बुलाया था लेकिन उसने शाम को आने का बहाना बनाया। एसआईटी सदस्य ने फिर काल लगाया और कहा कार लेकर आना। सिलोम को शक हो गया और कहा कि वह भोपाल जा रहा है। सोमवार को आकर मिलेगा। उसने मोबाइल बंद कर लिया। अफसरों ने शिप्रा पुलिस को जानकारी दी और सिलोम को टोल नाके पर घेराबंदी कर पकड़ लिया। उसने कहा कि बैग घर पर छुपा कर रखा है।
अशोकनगर के सिक्युरिटी गार्ड पर भी मदद का शक
पुलिस एक अन्य व्यक्ति की भी तलाश कर रही है। मूलत: अशोकनगर (गुना) निवासी यह व्यक्ति हीराबाग स्थित इमारत में सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करता था। सिलोम ने उसे ही चाबी सौंपी थी। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद गार्ड गायब हो गया है। एसआईटी की एक टीम रविवार को अशोकनगर जा सकती है। सिलोम के साथ आया एक युवक भी रडार पर है। गौरतलब है कि 13 जून को सिलोम खुद मीडिया के सामने आया था। उसने कहा था कि न्यूज देखकर विशाल को पहचाना है।
सिक्युरिटी गार्ड घटना के बाद गायब
एसआईटी पहले राज व सोनम के बयान पर शक कर रही थी। एसीपी एसएस सांभा और एसआइ करण ने तीन दिन तक राज, सोनम और विशाल के घर में छानबीन की। गोविंद रघुवंशी, देवीसिंह और संगीता से भी पूछताछ की। अलमारी और सूटकेस की तलाशी भी ली। पुलिस को पता था कि बैग में राजा की चेन, मोबाइल और सोनम के आभूषण हो सकते हैं।
शिलांग एसपी विवेक सिम ने एसआईटी को इंदौर में ही रहने को कहा। शनिवार को फुटेज खंगाले तो एक आटो चालक नजर आया। उससे मिली जानकारी के बाद सिलोम पर शक पुख्ता हो गया। 10 जून के फुटेज में सिलोम कार से बैग ले जाते दिखा। सिलोम ने इसके बाद बिल्डिंग में सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए। राज के इशारे पर विशाल उर्फ विक्की ने सिलोम से 17 हजार रुपये महीने पर फ्लैट लिया था। 30 जून को सोनम इस फ्लैट में शिफ्ट हुई थी।
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इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या को लेकर शिलांग पुलिस आज सोनम समेत पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने वाली है. पांचों आरोपियों की 8 दिन की पुलिस रिमांड अब खत्म हो चुकी है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि पुलिस कोर्ट से पांचों आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी. माना ये भी जा रहा है कि कोर्ट से उन्हें इसकी मंजूरी मिल भी सकती है.
शिलांग पुलिस ने इंदौर में मंगलवार और बुधवार को सोनम, राजा और राज के परिजन समेत कई लोगों से भी इंदौर पहुंचकर पूछताछ की है. बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे शिलांग पुलिस और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम सोनम रघुवंशी के घर पहुंची. उसकी मां और भाई गोविंद से करीब 2 घंटे पूछताछ की थी. इसके बाद टीम विजय नगर इलाके में उनके ऑफिस और गोडाउन पर भी जांच करने पहुंची. इस दौरान गोविंद अपनी गाड़ी में अधिकारियों के साथ मौजूद रहा. यही टीम देवास नाका स्थित उस फ्लैट पर भी पहुंची, जहां सोनम 30 मई से 8 जून के बीच छिपकर ठहरी थी. फ्लैट को किराए पर देने वाले शिलोम जेम्स ने बताया कि टीम ने फ्लैट की भी तलाशी ली है.
25 साल की सोनम की 29 वर्षीय राजा से 11 मई को इंदौर में धूमधाम से शादी हुई थी. फिर दोनों 21 मई को हनीमून के लिए असम के गुवाहाटी से होते हुए मेघालय पहुंचे थे. इसके बाद दोनों 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में नोंग्रियाट गांव में एक होम स्टे से चेक आउट करने के कुछ घंटों बाद ही लापता हो गए थे. 2 जून को फिर राजा का क्षत-विक्षत शव वेई साडोंग फॉल्स के पास एक घाटी में मिला था. बाद में सोनम 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थी. पुलिस ने उसे अरेस्ट किया था.
राज कुशवाह को इंदौर से पकड़ा गया
सोनम के साथ हत्या में शामिल दो आरोपी भी गिरफ्तार हुए थे. इसके बाद राज कुशवाहा को इंदौर से पकड़ा गया. वहीं, पांचवां आरोपी सागर से गिरफ्तार हुआ. सोनम और उसके प्रेमी राज ने तीन लोगों को हत्या के लिए सुपारी दी थी. पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की और पूरे मामले का खुलासा किया. अब सबूत जुटाए जा रहे हैं. पुलिस सीन रीक्रिएट कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. वहीं, राजा की हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं को भी जांच रही है.
इंदौर में शिलॉन्ग पुलिस के 3 अधिकारी शिलॉन्ग पुलिस के 3 अधिकारी 17 जून से इंदौर में हैं। वे यहां इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मिलकर अलग-अलग जगहों पर जाकर पूछताछ कर रहे हैं। सबसे पहले टीम राजा के घर पहुंची थी। इसके बाद बुधवार को टीम ने सोनम के घर उसकी मां और भाई से पूछताछ की। इसके अलावा अफसरों ने आरोपी राज कुशवाह के घर जाकर भी पूछताछ की है।
शिलॉन्ग पुलिस के तीन अधिकारी और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार रात को राजा रघुवंशी के घर पहुंची थी। यहां पर राजा के परिवार के लोगों से पूछताछ की थी। पुलिस की टीम यहां करीब दो घंटे रुकी थी। इसके पहले टीम देवास नाका स्थित उस फ्लैट पर जांच करने पहुंची थी, जहां पर सोनम हत्याकांड के बाद रुकी थी।
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इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सोनम रघुवंशी ने अपने जिस प्रेमी राज के साथ मिलकर पति राजा की हत्या करवाई, उसकी दादी की सदमे से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दादी को हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। राजा का पैतृक गांव यूपी के फतेहपुर में है। उसकी दादी यहीं रहती थीं। राज की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा था कि पोता बेकसूर है। उसको फंसाया गया है।
आपको बता दें कि राज कछवाहा मूलरूप से फतेहपुर जिले के रामपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसे राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में गिरफ्तार किया है। 15 साल पहल राज का परिवार इंदौर में बस गया था। गांव में दादी और परिवार के अन्य लोग रहते हैं। राज कछवाहा के पिता तीन भाई थे। दो भाई रामपुर सुकेति गांव में अभी भी रहते हैं। 15 साल पहले राज कछवाहा के पिता स्थिति अच्छी नहीं थी। वह इंदौर चले गए थे। वहां फल की दुकान लगाने लगे। परिवार की हालत सुधरने पर करीब 10 साल पहले परिवार को बुला लिया, जिसमें राज की मां, दो बहनें और राज कछवाहा इंदौर चला गया। राज परिवार के साथ रहने लगा।
गांव में दादी के साथ रहती थी राज की बड़ी बहन
बड़ी बहन दादी के साथ गांव में रहती थी। कोरोना काल में पिता परिवार के साथ गांव आ गए। कोरोना काल में राज के पिता की मौत हो गई। इसके बाद राज कछवाहा परिवार के साथ फिर इंदौर चला गया। वहां राज कछवाह प्लाईवुड का काम करने लगा। सोनम के यहां पर राज प्लाईवुड का काम करता था। काम के दौरान उसकी सोनम से मुलाकात हुई।
]]>इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या में आरोपी उसकी पत्नी सोनम समेत सभी आरोपियों को मेघालय पुलिस सोहरा लेकर जाएगी और अपराध की कड़ियों में तारतम्य बनाने के लिए घटना का नाटकीय रूपांतरण करेगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून मनाने यहां आए राजा की 23 मई को हत्या कर दी गई थी। हत्या के सिलसिले में सोनम, उसके कथित प्रेमी राज और तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया है।पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हम अपराध के दृश्य को फिर से बनाने के लिए सभी आरोपियों को सोहरा ले जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें दोपहर 12 बजे के आसपास सोहरा में एक एकांत पार्किंग स्थल और एक घाटी के ऊपर ले जाया जाएगा।
राजा का क्षत-विक्षत शव 2 जून को वेइसाडोंग फॉल्स के पास घाटी में मिला था। सोनम की तलाश जारी रही, जो 9 जून की सुबह लगभग 1,200 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सामने आई और फिर आत्मसमर्पण किया।
पूर्वी खासी हिल्स के एसपी विवेक सिम ने पीटीआई को बताया, 'हम अपराध स्थल को फिर से बनाने के लिए सभी आरोपियों को सोहरा ले गए।' उन्होंने बताया कि उन्हें दोपहर 12 बजे के आसपास सोहरा में एक अलग पार्किंग स्थल और एक घाटी के ऊपर ले जाया गया।'
राजा का क्षत-विक्षत शव 2 जून को वेइसाडोंग जलप्रपात के पास खाई में मिला था। सोनम 9 जून की सुबह करीब 1,200 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थी। यहां उसने आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस ने उसके कथित प्रेमी और तीन हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी मेघालय पुलिस की हिरासत में हैं। एसआईटी मामले की जांच कर रही है।
डीजीपी आई नोंग्रांग ने सोमवार को कहा था कि एसआईटी मामले की विभिन्न कोणों से जांच कर रही है। नोंग्रांग ने पीटीआई से कहा, 'हम जांच कर रहे हैं कि क्या इस मामले में कुछ और भी है। यह असामान्य है कि शादी के कुछ दिनों के भीतर ही सोनम अपने पति के खिलाफ इतनी दुश्मनी पैदा कर ले।' उन्होंने कहा कि हम सभी संभावित कोणों की जांच कर रहे हैं। पर्याप्त सबूत हैं और सभी पहलुओं को जोड़ा जा रहा है।
इससे पहले पुलिस ने उसके कथित प्रेमी राज और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी मेघालय पुलिस की हिरासत में हैं और एसआईटी मामले की जांच कर रही है।
डीजीपी आई नोंग्रांग ने सोमवार को कहा था कि एसआईटी मामले की विभिन्न कोणों से जांच कर रही है। नोंग्रांग ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम जांच कर रहे हैं कि क्या इस मामले में कुछ और भी है। यह असामान्य है कि शादी के कुछ दिन के भीतर ही वह (सोनम) अपने पति के प्रति इतनी दुश्मनी पाल ले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी संभावित कोणों की जांच कर रहे हैं। पर्याप्त सबूत हैं और सभी पहलुओं को जोड़ा जा रहा है।’’
एक अधिकारी ने कहा कि एसआईटी ने असम पुलिस और कुछ अन्य राज्यों से भी सहायता मांगी है, जहां आरोपी व्यक्ति अपराध से पहले और बाद में रहे हैं।
]]>टूरिस्ट गाइड ने पुलिस को दी थी ये जानकारी
टूरिस्ट गाइड अल्बर्ट पीडी ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने 23 मई की सुबह करीब 10 बजे राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को तीन अन्य लोगों के साथ नोंग्रियाट से मावलाखियात की ओर 3,000 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़ते देखा था। उन्होंने पुलिस द्वारा दिए गए फोटो के आधार पर एक संदिग्ध की पहचान भी की थी। बता दें कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र में हनीमून मनाने आए थे, जहां वे 23 मई से लापता हो गए थे। पुलिस को 2 जून को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई में मिला। इसके बाद सोनम रघुवंशी की तलाश शुरू की गई।
सोनम को यूपी के गाजीपुर से किया था गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि 24 वर्षीय सोनम रघुवंशी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके चार साथियों को मध्य प्रदेश के इंदौर से पकड़ा गया। इन सभी पर मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोनम को मंगलवार रात (10 जून) शिलॉन्ग लाया गया, जबकि अन्य आरोपियों को बुधवार (11 जून) को ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया। शिलॉन्ग की एक अदालत ने सोनम रघुवंशी और उसके चार साथियों को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।