stf – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 11 Mar 2026 17:23:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 वन्य-जीव तस्कर वारंटी आरोपी मिश्रीलाल गिरफ्तार ग्वालियर से सीबीआई ने एसटीएसएफ के सहयोग से आरोपी को पकड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=204149 Wed, 11 Mar 2026 17:23:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=204149 भोपाल

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश की शिवपुरी इकाई एवं केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा 9 वर्षों से फरार एवं स्थाई वारंटी वन्य-जीव तस्कर आरोपी मिश्रीलाल माहौर पिता ख्याली राम माहौर निवासी गोहद जिला भिण्ड को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर ग्वालियर की परमासीस ईस्ट कॉलोनी के पास से घेराबंदी कर संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी को बुधवार 11 मार्च को सीबीआई द्वारा भोपाल न्यायालय में प्रस्तुत किया जायेगा।

स्टेट टाइगर फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा चंबल नदी में पाये जाने वाले अत्यंत दुर्लभ प्रजाति के वन्य-प्राणी टर्टल्स, रेड क्राउन रूफ टर्टल की विदेशों में बड़े पैमाने पर तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर 5 मई, 2017 को वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में कुल 16 आरोपियों को देश के 4 राज्यों से गिरफ्तार किया गया था। इसमें 11 विदेशी नागरिकों को आरोपी बनाया गया था। इस प्रकरण को सीबीआई को हस्तांतरित किया गया। सीबीआई द्वारा उक्त प्रकरण में कार्रवाई करते हुए 3 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

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गाजियाबाद में फर्जी दूतावास का खुलासा, मास्टरमाइंड हर्ष वर्धन जैन गिरफ्तार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=172847 Wed, 23 Jul 2025 16:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=172847 नोएडा
 उत्तर प्रदेश की नोएडा एसटीएफ (STF) ने 22 जुलाई को गाजियाबाद में एक फर्जी दूतावास का पर्दाफाश किया। पुलिस ने हर्ष वर्धन जैन नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हर्ष वर्धन पर आरोप है कि वह खुद को कई देशों का एम्बेसडर बताकर लोगों को ठग रहा था। वह हवाला के जरिए पैसे का लेन-देन भी करता था।

पुलिस के अनुसार, हर्ष वर्धन कविनगर में किराए के मकान में "वेस्ट आर्कटिक दूतावास" चला रहा था। वह खुद को West Arctica, Saborga, Poulvia, Lodonia जैसे देशों का कॉन्सुल या एम्बेसडर बताता था। लोगों को झांसा देने के लिए वह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य महत्वपूर्ण लोगों के साथ अपनी फोटोशॉप की हुई तस्वीरें दिखाता था। पुलिस का कहना है कि हर्ष वर्धन का मुख्य काम कंपनियों और लोगों को विदेश में काम दिलाने के नाम पर दलाली करना था। वह शेल कंपनियों के माध्यम से हवाला रैकेट भी चला रहा था। जांच में पता चला है कि हर्ष वर्धन पहले चंद्रास्वामी और अदनान खगोशी (अंतर्राष्ट्रीय हथियार डीलर) के संपर्क में भी था। 2011 में उसके पास से एक अवैध सैटेलाइट फोन भी बरामद हुआ था, जिसके लिए कविनगर थाने में मामला दर्ज किया गया था।

इतने दस्तावेज बरामद
पुलिस ने हर्ष वर्धन के पास से कई चीजें बरामद की हैं। इनमें डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी चार गाड़ियां, माइक्रोनेशन देशों के 12 डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की मोहर लगे फर्जी दस्तावेज, दो फर्जी पैनकार्ड, विभिन्न देशों और कंपनियों की 34 मोहरें, 2 फर्जी प्रेस कार्ड, 44,70000 रुपए नकद और कई देशों की विदेशी मुद्रा शामिल हैं। इसके अलावा, कई कंपनियों के दस्तावेज और 18 डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं।

जांच जारी
पुलिस ने कविनगर थाने में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, उक्त के संबंध में थाना कविनगर गाजियाबाद में अभियोग पंजीकृत कराकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसका मतलब है कि इस मामले में कविनगर थाने में FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ (STF) अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हर्ष वर्धन के इस गोरखधंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगा है और हवाला के जरिए कितने पैसे का लेन-देन किया है।

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उत्तर प्रदेश STF को मिली बड़ी कामयाबी, जहरीली शराब गैंग का पर्दाफाश, सरगना सहित चार गिरफ्तार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156988 Sat, 17 May 2025 13:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156988 लखनऊ
 उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय स्तर पर अपमिश्रित ज़हरीली शराब का धंधा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह का सरगना सुखविंद्र सिंह उर्फ सेठी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह ENA/Rectified Spirit की अवैध आपूर्ति कर ज़हरीली शराब बनाने में लिप्त था। गिरफ्तार आरोपियों में सरगना सुखविंद्र सिंह उर्फ सेठी को उधमसिंह नगर, उत्तराखंड से पकड़ा गया, जबकि उसके साथी गुड्डू, रामसिंह और सुनील कुमार को बिजनौर से दबोचा गया।

शराब बनाने के लिए स्प्रिट का करते थे प्रयोग
एसटीएफ ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में रेक्टिफाइड स्प्रिट, अपमिश्रित शराब से भरे केन, खाली कांच की बोतलें, तीन चारपहिया वाहन और अन्य सामान बरामद किया है। एसटीएफ को यह सफलता गुप्त सूचना के आधार पर मिली, जब टीम को जानकारी मिली कि काशीपुर-हरिद्वार रोड स्थित मां जगदम्बा ढाबे पर रेक्टिफाइड स्प्रिट कंटेनरों से निकाली जा रही है। यह स्प्रिट दवा कंपनियों को भेजी जानी थी, लेकिन मिलभगत से इसे अवैध शराब निर्माण में प्रयोग किया जा रहा था।

पूछताछ में खुले ये राज
STF की पूछताछ में सरगना सुखविंद्र ने बताया कि वह मूल रूप से बस चालक था और अपने परिचित सतनाम सिंह से इस अवैध धंधे में जुड़ा। सतनाम की मृत्यु के बाद उसने खुद इसका संचालन शुरू किया। ट्रैकर चालक गुड्डू, जो IGL केमिकल फैक्ट्री से स्प्रिट लाता था, इस धंधे में उसका सहयोगी बन गया।

स्प्रिट को अवैध तरीके से निकालकर ढाबे के पास उतारा जाता था, जहां से रामसिंह और अन्य सहयोगी इसे फैला देते थे। रामसिंह ने कबूल किया कि वह पहले भी कच्ची शराब बनाने के मामलों में जेल जा चुका है और अब सेठी से स्प्रिट लेकर स्वयं शराब बनाता और बेचता था। वहीं, गुड्डू ने बताया कि वह कंपनी कर्मचारी भूप सिंह से मिलीभगत कर स्प्रिट की निर्धारित मात्रा से अधिक लोड करवाता था और इसे ढाबे पर बेचता था।

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मध्य प्रदेश में अब लोकायुक्त और EOW के पास होगा खुद का लॉकअप और इंटरोगेशन रूम, कैमरों की निगरानी में होगी पूछताछ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=149460 Thu, 17 Apr 2025 07:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=149460  भोपाल
मध्य प्रदेश की जांच एजेंसियां लोकायुक्त, EOW, स्टेट CID या STF के पास अब अपना खुद का लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम होने वाला है. इसको लेकर राज्य के गृह विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं. लंबे समय से यह जांच एजेंसियां आरोपियों को हिरासत में रखने और पूछताछ के लिए खुद के लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम की मांग कर रही थीं, जिसे आखिरकार अब मान लिया गया है.

गृह विभाग के सर्कुलर के तहत अब लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, सीआईडी, एसटीएफ, राज्य नारकोटिक्स को लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम बनाने की अनुमति है. इसके लिए इन एजेंसियों को अपने कार्यालय में एक कक्ष चिह्नित करना होगा, जहां आरोपी को 5-6 घंटे तक पूछताछ के लिए रखा जा सकेगा.

कमरे में एक टेबल होगी, जिस पर एक तरफ आरोपी और दूसरी तरफ जांच अधिकारी होंगे. रूम में एचडी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसका लाइव आउटपुट वरिष्ठ अफसरों के केबिन में दिया जाएगा, जहां से वे पूछताछ को लाइव देख सकेंगे. आरोपी को हिरासत के दौरान यहीं पर खाना भी दिया जाएगा. इन जांच एजेंसियों के वर्तमान में जो संभागीय मुख्यालय हैं, वहां इसका निर्माण किया जाएगा.

क्यों हुई जरूरत महसूस?

दरअसल, वर्तमान में यह जांच एजेंसियां जब किसी को हिरासत में लेती हैं तो इनसे जांच अधिकारी अपने कक्ष में पूछताछ करते हैं या बेहद संवेदनशील मामलों में आला अधिकारीयों के कमरे में पूछताछ की जाती है. पूछताछ खत्म होने के बाद आरोपियों को नजदीकी पुलिस थाने के लॉकअप में रात बिताने के लिए लाया जाता है. इससे समय भी लगता है और एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करते समय आरोपियों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना पड़ता है. हाल ही में लोकायुक्त की हिरासत में रहे आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा को लोकायुक्त कार्यालय के पास स्थित कोहेफिजा थाने में रखा गया था.

 

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बंगाल पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स ने करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित फेंसेडिल कफ सिरप की बड़ी खेप जब्त की https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=122368 Fri, 17 Jan 2025 20:44:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=122368 कोलकाता
पश्चिम बंगाल पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बांग्लादेश की सीमा से सटे नदिया जिले में गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। यहां एसटीएफ ने करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित फेंसेडिल कफ सिरप की बड़ी खेप जब्त की। सिरप को तस्करी करके पड़ोसी देश भेजा जाना था। एसटीएफ ने तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।

दो ट्रकों में थी कप सिरप की खेप
एसटीएफ के एसपी आईपीएस इंद्रजीत बसु ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को एसटीएफ टीम ने एक खुफिया सूचना पर उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव के गनरापोटा बाजार में छापा मारा और एक व्यक्ति को पकड़ा।उसकी जानकारी के आधार पर टीम ने नदिया जिले के चाकदा के सिंगेर बागान इलाके में तलाशाी अभियान चलाकर दो ट्रकों की तलाशी में 19 हजार 400 बोतल प्रतिबंधित फेंसेडिल कफ सिरप बरामद की।

यहां के रहने वाले तीनों आरोपित
दोनों ट्रकों को भी जब्त कर लिया गया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों की पहचान झारखंड के हजारीबाग के रहने वाले सुनील तिवारी (38),बिहार के गया निवासी गुड्डू कुमार (19) और बंगाल के उत्तर 24 परगना के रहने वाले हरे कृष्ण राय (58) के तौर पर हुई है।

उत्तर प्रदेश से लाई गई थी खेप
एसटीएफ अधिकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपित एक अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह से जुड़े हैं। फेंसिडिल की यह खेप उत्तर प्रदेश से लाई गई थी। यहां से तस्करी के माध्यम से इसे बांग्लादेश भेजा जाना था। पुलिस ने घटना के संबंध में एनडीपीएस अधिनियम के तहत चाकदाह थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ के अधिकारी इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाशी में जुटे हैं। एसटीएफ एसपी ने दावा किया कि यह ऑपरेशन नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता है।

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जबलपुर में फेक रजिस्ट्री से बैंक से करोड़ों की ठगी करने वाली गैंग STF ने का पर्दाफाश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=63356 Fri, 23 Aug 2024 16:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=63356 जबलपुर

 जबलपुर में लगातार बैंकों से फर्जी रजिस्ट्री लगाकर लोन लेने की शिकायत आने पर एसटीएफ की टीम ने मामले की जांच कर आरोपियों के एक गिरोह को हिरासत में ले लिया है. सुमित काले नाम के एक शख्स ने एसटीएफ को शिकायत की थी कि उसकी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री तैयार कर बैंक में मिलीभगत करके लाखों रुपये का लोन लिया गया है.

सुमित की शिकायत को आधार बनाते हुए एसटीएफ की टीम ने हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में संपर्क कर रजिस्ट्री जब्त की और इसकी जांच कलेक्ट्रेट कार्यालय में कराई गई. रजिस्ट्री की पुष्टि में पता चला कि हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस कंपनी की तरफ से जिस रजिस्ट्री के आधार पर लोन दिया जा रहा है, वो असल में सुमित काले के नाम पर है, लेकिन बैंक में गिरवी रखने के लिए फर्जी रजिस्ट्री तैयार की गई है.

आरोपी ऐसे करते थे फर्जी रजिस्ट्री

इस मामले की जांच-पड़ताल में विकास तिवारी नाम का एक आरोपी पकड़ा गया. आरोपी के पकड़े जाने पर इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ. आरोपी विकास तिवारी लोगों को होम लोन दिलाने का काम करता था. विकास के साथ मिलकर संदीप चौबे, अनीश और अनवर लोगों से ली गई असली रजिस्ट्री को फोटोशॉप के जरिए फर्जी रजिस्ट्री में बदलते थे.  इसके बाद उप पंजीयन की फर्जी सील लगाई जाती थी, जिसके बाद सभी आरोपी मिलकर बैंकों में फर्जी रजिस्ट्री को गिरवी रख लोन लेते थे.

फर्जीवाड़े में एक्सिस बैंक का पूर्व मैनेजर भी शामिल

इस पूरे फर्जीवाड़े में एक्सिस बैंक का पूर्व मैनेजर अनुभव दुबे भी शामिल था. अनुभव आरोपियों से मिलीभगत कर अपने बैंक में लोगों के नाम के फर्जी अकाउंट खुलवाता और इसी अकाउंट में फर्जी रजिस्ट्री पर दिए गए लोन की रकम आती थी. इस पूरे गिरोह ने मिलकर एक ऐसा तंत्र बना लिया था, जिसमें असली रजिस्ट्री को फर्जी रजिस्ट्री में बदलकर फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड लगाकर बैंकों में होम लोन के लिए अप्लाई किया जाता और फिर लोन की रकम निकाल ली जाती थी.

9 आरोपियों को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

एसटीएफ की टीम ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास 10 फर्जी रजिस्ट्री, 4 पैन और कार्ड आधार कार्ड, एक्सिस बैंक की रकम की दस्तावेज, आरोपियों के मोबाइल और रजिस्ट्री बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक मशीन जब्त की है.

एसटीएफ का कहना है कि गिरोह में अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं. कुल 22 लोगों का गिरोह होने की संभावना है, जिन्होंने 40 से 50 लोगों के नाम पर फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर लोन लिया है. फिलहाल, बैंकों से ली गई रकम तकरीबन 4 से 5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है जो आगे जाकर जांच में बढ़ भी सकती है.

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