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’बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के तहत शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने का आह्वान’
’सुशासन तिहार भीषण गर्मी के बावजूद हजारों ग्रामीणों ने उठाया कल्याणकारी योजनाओं का लाभ’
रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन तिहार के अंतर्गत बीजापुर जिले के कुटरु में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की परवाह न करते हुए हजारों की संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के त्वरित निराकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने शिविर पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने संबोधित करते हुए शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और तेंदूपत्ता संग्रहण जैसी जन-हितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
’सुशासन तिहार भीषण गर्मी के बावजूद हजारों ग्रामीणों ने उठाया कल्याणकारी योजनाओं का लाभ’
इस वृहद् शिविर में ग्राम पंचायत गुदमा, कोमपल्ली, केतुलनार, सकनापल्ली, अड़ावली, अम्बेली, कुटरु, मंगापेठा, दरभा, उसकापटनम, करकेली, हुर्रागुबाली, फरसेगढ़, रानीबोदली, सागमेटा, पेंकरम, सोमनपल्ली और मण्डेम सहित आस-पास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण बड़ी तादाद में सम्मिलित हुए।
’बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के तहत शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने का आह्वान’
मुख्य अतिथि का संदेश बस्तर मुन्ने (बस्तर के बच्चे/आगे) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना हमारा संकल्प है। इसके लिए ग्रामीण अपने आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार रखें और शिविरों में तैनात शासकीय अमले का पूरा सहयोग करें। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में शासन की अधिकांश योजनाओं का लाभ डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिसके लिए बैंक खाता और आधार कार्ड का लिंक होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने आयुष्मान कार्ड की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके जरिए पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
’भावनात्मक और सामाजिक सरोकार का अनूठा संगम’
शिविर में उस समय एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती माताओं की गोद भराई और छह माह पूर्ण कर चुके शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। इस पहल ने प्रशासनिक शिविर को एक पारिवारिक और आत्मीय उत्सव में बदल दिया।
’24 से अधिक विभागों ने दी अपनी सेवाएं’
ग्रामीणों की सुविधा के लिए शिविर में 24 से अधिक शासकीय विभागों ने अपने स्टॉल लगाए थे, जहाँ पात्र हितग्राहियों को ऑन-द-स्पॉट लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नव-निर्मित पक्के मकानों की चाबियाँ हितग्राहियों को सौंपी गईं। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। कृषि, मत्स्य, राजस्व सहित अन्य प्रमुख विभागों द्वारा कृषि इनपुट और संबंधित सामग्रियों का वितरण किया गया। जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की उपलब्धियों और योजनाओं पर आधारित विभिन्न मार्गदर्शिका, शासकीय प्रकाशनों और सूचना सामग्रियों का निःशुल्क वितरण किया गया।
’जन-समस्याओं के त्वरित निराकरण का भरोसा’
सुशासन तिहार के इस मंच पर ग्रामीणों ने अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन भी प्रस्तुत किए। शिविर में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी आवेदनों को संवेदनशीलता से दर्ज करते हुए उनके शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण का ठोस आश्वासन दिया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती दशरी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रीति आरकी, जनपद उपाध्यक्ष जितेंद्र लेकाम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, एसडीएम भैरमगढ़, जनपद पंचायत सीईओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ में मौसम अब धीरे-धीरे गर्मी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी का असर महसूस होने लगेगा. इसके बाद कुछ दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा और मौसम शुष्क ही बना रहेगा.
अभी कैसा है प्रदेश का मौसम
प्रदेश में वर्तमान में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है. अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम होने के कारण दिन में हल्की राहत महसूस हो रही है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें बदलाव होगा.
तापमान में होगी बढ़ोतरी
मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है. इसके बाद तापमान स्थिर रहेगा और किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं.
कहां कितना तापमान दर्ज हुआ
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.5°C राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. इससे साफ है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में अंतर बना हुआ है.
वर्षा और चेतावनी की स्थिति
प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है और मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी भी जारी नहीं की है. आने वाले दिनों में भी मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है.
रायपुर का मौसम अपडेट
राजधानी रायपुर में 24 मार्च को आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 21°C के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है.
कोंडागांव में देखने को मिला शिमला-मनाली जैसा नजारा
इससे पहले शनिवार को कोंडागांव जिले में शिमला-मनाली जैसा नजारा दिखा। जिले में जमकर ओले गिरे। बड़ेराजपुर विकासखंड के टेवंसा, छोटेराजपुर, पाडोकी और बड़ेराजपुर गांवों के खेतों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है।
वहीं, जशपुर जिले के दुलदुला में बिजली गिरने से मजदूर सनऊ राम (51) की मौत हो गई, जबकि 25 वर्षीय रेखा घायल हो गईं। दूसरी ओर रायगढ़ में बिलासपुर जलाशय का गेट टूटने से पानी NH और पास के खेतों में फैल गया।
]]>मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ कई जिलों में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है, तो दूसरी ओर कुछ शहरों में तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में अगले दो दिन तेज गर्मी महसूस होगी, जबकि 18 और 19 मार्च को कई इलाकों में बारिश की संभावना बन सकती है।
इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखा गया। यहां बादल छाए रहे। इससे तापमान में 1.7 डिग्री तक की गिरावट हुई। मौसम विभाग की माने तो यह सिस्टम अब कमजोर पड़ गया है।
इस वजह से 16 और 17 मार्च को कहीं भी बारिश या बादल का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, 17 मार्च की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसका एमपी में 18-19 मार्च को असर दिखाई देगा।
पश्चिमी विक्षोभ का असर हुआ कमजोर
रविवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला था। कई जगह बादल छाए रहे, जिसके कारण तापमान में करीब 1.7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, इसलिए 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादल का विशेष असर नहीं रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका प्रभाव मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च के दौरान बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है।
कुछ शहरों में राहत, कुछ जगह गर्मी बरकरार
रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री दर्ज किया गया। कई स्थानों पर शाम तक बादल छाए रहने से तापमान में थोड़ी कमी महसूस हुई। पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी तापमान घटकर 38.9 डिग्री पर आ गया, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। वहीं प्रमुख शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
मार्च में ही बदला गर्मी का ट्रेंड
आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद बढ़ती है, लेकिन इस बार शुरुआत से ही तापमान तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार मार्च में ही गर्मी का ट्रेंड बदलता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने का अनुमान है।
गर्मी से राहत…नर्मदापुरम में पारा लुढ़का, लू का असर नहीं मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर में रविवार को अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री, बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इन जिलों में मौसम में बदलाव होने की बात कही थी। शाम तक बारिश तो दर्ज नहीं की गई, लेकिन बादल जरूर छाए रहे। इस वजह से पारे में गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, पिछले 3 दिन से तीव्र लू के प्रभाव वाले नर्मदापुरम में पारा लुढ़ककर 38.9 डिग्री पर आ गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया।
]]>र्मी के इस सीजन में पहली बार मध्य प्रदेश में हीट वेव यानी लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने रतलाम, धार और नर्मदापुरम में हीट वेव चलने की बात कही है। शुक्रवार को भी इन्हीं जिलों में लू चलेगी।
बुधवार को सीजन में पहली बार पारा 40 डिग्री पर पहुंचा। रतलाम सबसे गर्म रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्मी ने तेवर दिखाए। तेज गर्मी के बीच 14 और 15 मार्च को प्रदेश में बारिश, बादल और गरज-चमक वाला मौसम भी रह सकता है।
मौसम विभाग ने वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से दो दिन तक अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को पूरे प्रदेश में तेज गर्मी पड़ी। 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, ग्वालियर-उज्जैन में 37.7 डिग्री, भोपाल में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36.5 डिग्री रहा।
वहीं, रतलाम में पारा 40 डिग्री रहा। नर्मदापुरम में 39.9 डिग्री, धार में 39.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38.4 डिग्री, खजुराहो में 38.2 डिग्री, गुना में 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, मंडला, उमरिया, सागर, खरगोन, खंडवा और श्योपुर में तापमान 37 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इस मार्च में पहली बार अधिकतम तापमान रहा।
दूसरे सप्ताह से गर्मी के तेवर तीखे
प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते से ही गर्मी के तेवर तीखे हैं। सबसे गर्म ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग के शहर है। आने वाले दिनों में यही पर गर्मी का असर ज्यादा रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है।
2 दिन इन जिलों में बदलेगा मौसम
14 मार्च– ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड।
15 मार्च– ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल।
मार्च में सर्दी-जुकाम, एलर्जी का खतरा
डॉक्टरों की मानें तो मार्च का यही मौसम सबसे ज्यादा बीमारियां फैलाता है। दरअसल, इस महीने दिन में तो गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंड रहती है। कई बार लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं। वहीं, कोल्ड्रिंक्स समेत शीतल पेय पदार्थों का भी सेवन करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ते हैं। सुबह और देर रात ठंडी हवा से बचना जरूरी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।
मार्च के दूसरे सप्ताह में पड़ती है गर्मी
प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है।
]]>मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है, लेकिन शहर में मई जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। तेज धूप, बढ़ते प्रदूषण और लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। सोमवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि रात का तापमान भी करीब 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गर्मी के बढ़ते असर के कारण अब तक बंद पड़े पंखे और एसी भी चलने लगे हैं। वहीं, प्रदूषण का स्तर भी चिंताजनक बना हुआ है। सोमवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 246 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि 15 मार्च के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में कुछ राहत मिल सकती है।
गर्मी और प्रदूषण से बढ़ीं स्वास्थ्य समस्याएं
बढ़ती गर्मी और खराब हवा की गुणवत्ता का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम दिखाई दे रही है। धूल और धुएं के कारण लोगों को आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायत हो रही है। फील्ड में काम करने वाले लोगों को डिहाइड्रेशन और थकान जल्दी महसूस हो रही है। वहीं, मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी सांस लेने में भारीपन महसूस हो रहा है।
मौसम में बदलाव की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि 15 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।
खोड़ा में 17 घंटे बिजली गुल, लोग रहे परेशान
गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन क्षेत्र के खोड़ा इलाके में गंगाजल की समस्या के बाद अब बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार को करीब 17 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जताई। रविवार सुबह करीब 11 बजे बिजली आपूर्ति अचानक बंद हो गई, जिसके बाद देर रात तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
मामले में चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल ने कहा कि संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि इतनी देर तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की वजह क्या रही।
कई इलाकों में बिजली ट्रिपिंग की समस्या
गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर के कई इलाकों में बिजली ट्रिपिंग और कटौती की समस्या भी बढ़ने लगी है। सोमवार को मानसरोवर पार्क, राज कंपाउंड, शंकर विहार, शनि विहार और हरपाल एन्क्लेव में एलटी लाइन में फॉल्ट के कारण करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
इसके अलावा सेन विहार, शांति नगर, बहरामपुर, अकबरपुर और बुद्ध विहार में करीब चार घंटे तक बिजली नहीं आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं प्रताप विहार, राहुल विहार, चिपियाना बुजुर्ग, नंदग्राम, केला भट्टा, इस्लामनगर, दौलतपुर, भाटिया मोड़, पंचवटी कॉलोनी और पंचकूला कॉलोनी में भी दिनभर बिजली का आना-जाना लगा रहा।
अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि जहां-जहां फॉल्ट की शिकायतें मिली हैं, वहां टीम भेजकर मरम्मत कराई जा रही है।
]]>मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है, लेकिन शहर में मई जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। तेज धूप, बढ़ते प्रदूषण और लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। सोमवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि रात का तापमान भी करीब 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गर्मी के बढ़ते असर के कारण अब तक बंद पड़े पंखे और एसी भी चलने लगे हैं। वहीं, प्रदूषण का स्तर भी चिंताजनक बना हुआ है। सोमवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 246 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि 15 मार्च के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में कुछ राहत मिल सकती है।
गर्मी और प्रदूषण से बढ़ीं स्वास्थ्य समस्याएं
बढ़ती गर्मी और खराब हवा की गुणवत्ता का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम दिखाई दे रही है। धूल और धुएं के कारण लोगों को आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायत हो रही है। फील्ड में काम करने वाले लोगों को डिहाइड्रेशन और थकान जल्दी महसूस हो रही है। वहीं, मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी सांस लेने में भारीपन महसूस हो रहा है।
मौसम में बदलाव की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि 15 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।
खोड़ा में 17 घंटे बिजली गुल, लोग रहे परेशान
गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन क्षेत्र के खोड़ा इलाके में गंगाजल की समस्या के बाद अब बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार को करीब 17 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जताई। रविवार सुबह करीब 11 बजे बिजली आपूर्ति अचानक बंद हो गई, जिसके बाद देर रात तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
मामले में चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल ने कहा कि संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि इतनी देर तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की वजह क्या रही।
कई इलाकों में बिजली ट्रिपिंग की समस्या
गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर के कई इलाकों में बिजली ट्रिपिंग और कटौती की समस्या भी बढ़ने लगी है। सोमवार को मानसरोवर पार्क, राज कंपाउंड, शंकर विहार, शनि विहार और हरपाल एन्क्लेव में एलटी लाइन में फॉल्ट के कारण करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
इसके अलावा सेन विहार, शांति नगर, बहरामपुर, अकबरपुर और बुद्ध विहार में करीब चार घंटे तक बिजली नहीं आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं प्रताप विहार, राहुल विहार, चिपियाना बुजुर्ग, नंदग्राम, केला भट्टा, इस्लामनगर, दौलतपुर, भाटिया मोड़, पंचवटी कॉलोनी और पंचकूला कॉलोनी में भी दिनभर बिजली का आना-जाना लगा रहा।
अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि जहां-जहां फॉल्ट की शिकायतें मिली हैं, वहां टीम भेजकर मरम्मत कराई जा रही है।
]]>हालात ऐसे रहे कि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और बाजारों में भी खरीदार कम ही नजर आए। तापमान में पिछले 24 घंटों के भीतर 2.0 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। सुबह नौ बजे के बाद ही तेज धूप ने चुभना शुरू कर दिया था और दोपहर होते-होते गर्म हवाएं लू में तब्दील हो गईं।
लू ने लोगों को झुलसाया
धूप की चुभन और लू के थपेड़े लोगों को झुलसाने लगे। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश व निकट के क्षेत्रों पर चक्रवात सक्रिय हैं। साथ ही एक ट्रफ उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर से चक्रवाती परिसंचण से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उप हिमालयी पचिमी बंगाल होते हुए बंग्लादेश तक है।
इसी तरह एक चक्रवातीय परिसंचरण पूर्व मध्य और उससे सटे उत्तरपूर्व अरब सागर और दक्षिण गुजरात तक है। इसी तरह एक चक्रवात हरियणा के ऊपर सक्रिय है। इन सभी सिस्टमों के सक्रिय होने से अंचल में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। आगामी 24 घंटों तक अंचल में तापमान व गर्मी की स्थिति ऐसी ही रहेगी।
18 मई को तापमान बूंदाबांदी हो सकती है और पारे में गिरावट आ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 24 घंटे और भी अधिक परेशान कर सकते हैं। शनिवार को भी तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर रहने की संभावना है। तेज गर्म हवाएं भी चल सकती हैं।
20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं गर्म हवाएं
शुक्रवार को अंचल में 20 से 30 किमी प्रति घंटे की गति से तेज गर्म हवा यानी लू चली। यह हालत सुबह दस बजे के बाद ही शुरू हो गई थी। सुबह 11 बजते ही तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। एक साथ दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी से अंचल आग की भट्टी में बदल गया था।
दिन में 10 बजे के बाद ही सड़कों पर ट्रैफिक कम हो गया और बाजार भी सूने हो गए। दोपहर 12 बजे के बाद तो सड़कों पर वाहन तक नहीं थे। यह स्थिति चार बजे तक रही। चार बजे के बाद सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ने लगा, हालांकि शाम तक भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं थी। साढ़े पांच बजे भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पर था।
लगातार बढ़ रही है तपिश
मौसम की तपिश लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में एक हजार बिस्तर अस्पताल में मरीजों के स्वजन भरी दोपहरी में पेड़ की छांव में राहत पाने को मजबूर हैं। अस्पताल में मरीजों के स्वजनों के लिए ठहरने की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
45 डिग्री सेल्सियस तापमान में वे पेड़ की छांव के साथ अस्पताल के आसपास राहत पाने की कोशिश में लगे हैं। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन अब तक मरीजों के स्वजन के लिए ठहरने की उचित सुविधा शुरू नहीं कर पाया है।
बढ़ने लगे उल्टी दस्त के मरीज
ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल और जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त व बैचेनी के प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। मरीजों की संख्या पिछले दो दिन से बढ़ी है। कई लोग चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और थकावट जैसी समस्याओं को लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने लोगों से दिन में धूप से बचने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है।
]]>अमूमन मई-जून में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। इस बार भी मध्यप्रदेश में मई महीना खूब तपने वाला है। इस सब के बावजूद मई के पहले हफ्ते में बारिश और ओले गिरने के आसार हैं। महीने के अंतिम सप्ताह में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। कुछ जिलों में पारा 48 डिग्री तक पहुंच सकता है। गुरुवार, को बैतूल में BSNL का टावर गिरने से चार मवेशियों की मौत हो गई।
मध्यप्रदेश में मई महीने में भीषण गर्मी पड़ने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्थान और उत्तर प्रदेश बॉर्डर से जुड़े एमपी के जिलों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। इस बार भी ऐसी ही गर्मी पड़ सकती है।
खरगोन, खंडवा और रतलाम में 43 डिग्री के पार पहुंचा पारा बुधवार को सबसे गर्म मालवा-निमाड़ यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के शहर रहे। खरगोन में 43.2 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 43.1 डिग्री, रतलाम-शाजापुर में 43 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान पहुंच गया। वहीं, गुना, नरसिंहपुर, धार, सागर, शिवपुरी, टीकमगढ़, रायसेन और दमोह में पारा 41 डिग्री से ऊपर ही रहा।
बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल-इंदौर में 41.6 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 39.3 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और जबलपुर में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक प्रदेश में बारिश, ओले और आंधी का अलर्ट जारी किया है।
बैतूल में BSNL का टावर गिरा
बुधवार को दिनभर की गर्मी के बाद शाम को कई शहरों में तेज आंधी आई। बैतूल के भीमपुर खंड के पिपरिया गुरुवा में 100 फीट ऊंचा BSNL का टावर गिर गया। इस हादसे में एक किसान के चार बैल मारे गए और दो घायल हुए। हालांकि, किसी इंसान के घायल होने की खबर नहीं है। वहीं, इंदौर में भी शाम को तेज हवा चलने लगी, जिससे एक पेड़ गिर गया। भोपाल में शाम 4 बजे के बाद बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों के लिए बारिश, ओले और आंधी का अलर्ट जारी किया है।
इंदौर-उज्जैन में सबसे ज्यादा गर्मी
बुधवार को इंदौर और उज्जैन के शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ी। खरगोन में तापमान 43.2 डिग्री, खंडवा में 43.1 डिग्री और रतलाम-शाजापुर में 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं गुना, नरसिंहपुर, धार, सागर, शिवपुरी, टीकमगढ़, रायसेन और दमोह में तापमान 41 डिग्री से ऊपर चला गया। बड़े शहरों में भोपाल-इंदौर में 41.6 डिग्री, ग्वालियर में 39.3 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और जबलपुर में 39 डिग्री सेल्सियस का तापमान देखा गया।
इस महीने 48 डिग्री पहुंचेगा टेम्प्रेचर
मौसम विभाग के मुताबिक, मई का महीना गर्मी के लिए बहुत खास होता है। इस महीने में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 सालों के आंकड़ों के अनुसार, कई शहरों में तापमान 47-48 डिग्री तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलेगी तो रातें भी गर्म रहेंगी। मई में बारिश का भी एक ट्रेंड होता है। इस बार मई की शुरुआत में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि, 30 अप्रैल को प्रदेश में गर्मी, आंधी और बारिश का मौसम रहा।
मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलेगी तो रातें भी गर्म रहेंगी।
मई में बारिश का भी ट्रेंड रहता है। इस बार मई की शुरुआत में ही मौसम बदला हुआ रहेगा। हालांकि, एक दिन पहले 30 अप्रैल को प्रदेश में गर्मी, आंधी और बारिश वाला मौसम रहा।
पहले सप्ताह में ओले और बारिश का अलर्ट मई के पहले सप्ताह में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। अगले 4 दिन यानी 1 से 4 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्से में बादल, बारिश, आंधी, गरज-चमक और ओले गिरने की संभावना है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के एक्टिव होने से अगले 24 घंटे में सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडोरी में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी आंधी-बारिश का अलर्ट है।
इस हफ्ते ओले-बारिश का अलर्ट
मई के पहले हफ्ते में मौसम का मिक्स असर देखने को मिलेगा। अगले 4 दिन, यानी 1 से 4 मई तक, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल, बारिश, आंधी, गरज-चमक और ओले गिरने की उम्मीद है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से अगले 24 घंटे में सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडोरी में हवा की स्पीड 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी आंधी-बारिश का अलर्ट है।
अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम ?
1 मई को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडौरी में हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
2 मई को जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर में आंधी और बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है। रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, शाजापुर, सीहोर, इंदौर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल में भी आंधी चल सकती है।
3 मई को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की चेतावनी है। वहीं ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, हरदा, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी और अनूपपुर में तेज आंधी चलने की संभावना है।
4 मई को ग्वालियर, जबलपुर, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना में तेज आंधी और गरज-चमक का माहौल बना रहेगा।
]]>पश्चिम-उत्तर-पश्चिम से आई हवा ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर करीब 1.5 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसकी वजह से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है और गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दो मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसका हल्का असर मध्य भारत में भी देखने को मिल सकता है। इससे कुछ जगह तेज हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है।
उज्जैन में पिघलने लगा डामर
उज्जैन शहर में भी इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। हालात ये बन गए हैं कि अब सड़क का डामर तक पिघलने लगा है। लोग बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर के समय घर से बाहर निकल रहे हैं। जो निकल रहे हैं वे अपनी आंख, त्वचा और सिर को तेज धूप से बचाने के जतन करते दिख रहे हैं।
जीवाजी वेधशाला के अनुसार, मंगलवार को दिन का पारा 43 डिग्री और रात का 27 पारा डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ये सामान्य से तीन डिग्री अधिक और बीते तीन वर्ष में अप्रैल की रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक है। तापमान बढ़ने का प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता दिख रहा है।
]]>मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर सहित कई जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी और लू चलने की संभावना है। इससे पहले शुक्रवार को दुर्ग और बिलासपुर सबसे गर्म रहे। दुर्ग में पारा 44 डिग्री और बिलासपुर में 43 डिग्री के पार पहुंच गया है।
इन जिलों में लू का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में लू का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, दुर्ग, बिलासपुर, बलौदाबाजार, बेमेतरा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, कबीरधाम, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़ जिले में लू चल सकती है। वहीं, विभाग ने कहा कि आने वाले दो से तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
रायपुर में पारा 44 डिग्री के करीब
राजधानी रायपुर में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। रायपुर में दिन का तापमान 43.2 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है। दिन में तेज धूप हो रही है। जिस कारण से लोगों को बाहर निकलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी गर्मी के कारण बढ़ गई है। राजधानी रायपुर में दोपहर को भीड़ वाली सड़कों पर भी ट्रैफिक कम होता जा रहा है। वहीं, रात में भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। रात का तापमान 29 डिग्री के पास पास रिकॉर्ड किया गया।
बिलासपुर में भी भीषण गर्मी
बिलासपुर में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। यहां दिन का तापमान 43.7 डिग्री रहा जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक था, वहीं रात का तापमान 25.4 डिग्री रहा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री रहा।
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