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महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने महिला टीम की स्टार खिलाड़ी जेमिमा रोड्रिग्स को ऐसा तोहफा दिया, जिसे वे हमेशा याद रखेंगी. गावस्कर ने जेमिमा को एक खास 'बैट-गिटार' (गिटार जो क्रिकेट बैट जैसा दिखता हो) गिफ्ट किया. फिर उनके साथ बैठकर गाना भी गाया. यह मुलाकात महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 की शुरुआत से ठीक पहले हुई. दो पीढ़ियों के क्रिकेटरों का यह दिल छू लेने वाला पल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है.
आईसीसी महिला विश्व कप 2025 के दौरान सुनील गावस्कर ने जेमिमा रोड्रिग्स से खास वादा किया था. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में जेमिमा ने 127* रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जिसके चलते भारत ने 339 रनों का रिकॉर्ड चेज करते हुए फाइनल में जगह बनाई. उसी समय गावस्कर ने कहा था कि अगर भारतीय टीम ट्रॉफी जीतती है तो वो जेमिमा के साथ संगीत संत्र करेंगे.
जेमिमा रोड्रिग्स ने भी इस वादे को जीवित रखा और कई मंचों पर इस बारे में मजाकिया अंदाज में बात करती रहीं. अंततः सुनील गावस्कर ने अपना वादा निभाया और जेमिमा को लकड़ी के बॉक्स में रखा बैट-गिटार भेंट किया. जेमिमा गिफ्ट को अनकैप्ड करते समय बेहद खुश दिखाई दीं.
'तुम्हारी बैटिंग में भी संगीत की लय'
सुनील गावस्कर ने मजाक में कहा कि आज वो ओपनिंग बैटर नहीं हैं, इसलिए जेमिमा रोड्रिग्स ही बॉक्स खोलें. जब जेमिमा रोड्रिग्स ने पूछा कि यह बैट-गिटार बजाने के लिए है या बैटिंग करने के लिए, तो सुनील गावस्कर ने कहा, 'दोनों क्योंकि तुम्हारी बैटिंग में भी संगीत की लय होती है.'
सुनील गावस्कर और जेमिमा रोड्रिग्स ने साथ बैठकर फिल्म शोले का मशहूर गाना ‘ये दोस्ती’ गाना गाया. जेमिमा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'सुनील सर ने अपना वादा निभाया और हमें सबसे बेहतरीन बैट-आर (Bat-ar) के साथ परफॉर्म करने का मौका मिला. यह पोस्ट खूब वायरल हुई और फैन्स ने दोनों की केमिस्ट्री की जमकर तारीफ की.
जेमिमा रोड्रिग्स WPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी कर रही हैं. वो शनिवार (10 जनवरी) को डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में मुंबई इंडियंस के खिलाफ टीम को लीड करने उतरी हैं.
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भारत-न्यूजीलैंड के बीच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में 9 मार्च को चैम्पियंस ट्रॉफी का फाइनल होना है. लेकिन इस मुकाबले से पहले भारत के दिग्गज ओपनर रहे सुनील गावस्कर ने रोहित ब्रिगेड को सलाह दी है और कुछ कमियों को सुधारने की बात कही है.
गावस्कर ने कहा- भारत ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं चारों मैच आसानी से जीते भी हैं. लेकिन रोहित शर्मा का फॉर्म थोड़ा गड़बड़ है. रोहित ने चैम्पियंस ट्रॉफी के 4 मुकाबलों में 26 के औसत से 104 रन बनाए हैं. जहां उनका हाइएस्ट स्कोर 41 रहा है.
गावस्कर ने कहा- जब आप सलामी बल्लेबाजों को देखते हैं, तो पाते हैं कि उन्होंने भारतीय टीम को उस तरह की शुरुआत नहीं दी जिसकी उन्हें उम्मीद थी. ऐसा नहीं हुआ है, मुझे लगता है कि वहां कुछ कमी है.
गावस्कर ने इसके साथ ही दूसरी कमी भी बताई. उन्होंने कहा- नई गेंद के साथ पहले 10 ओवरों में विकेट लेना चाह रहे हैं, लेकिन ऐसा भी नहीं हो रहा है.
वहीं गावस्कर ने यह भी कहा- बीच के ओवरों में हमें विकेट नहीं मिले, हालांकि रन नहीं बन रहे थे, इसलिए ये ऐसे एरिया हैं जिनमें आप बेहतर प्रदर्शन करेंगे, इससे फाइनल जीतने की संभावना उतनी ही बेहतर होगी.
वहीं गावस्कर ने इस दौरान टीम में 4 स्पिनर्स को खिलाने की वकालत की. गावस्कर ने कहा- मुझे लगता है कि इसमें 4 स्पिनर होंगे. ऐसा होना ही चाहिए, अब बदलाव क्यों होगा? चक्रवर्ती के शामिल होने से पता चलता है कि वे कितने प्रभावी हो सकते हैं, इसलिए अब टीम में क्यों बदलाव होना चाहिए.
"कई एरियों में सुधार की दरकार"
एक चैनल से बातचीत में सनी बोले, "टीम इंडिया का प्रदर्शन त्रुटिहीन नहीं रहा है.जब आप ओपनरों को देखते हैं, तो उन्होंने टीम को वैसी शुरुआत नहीं दी है, जिसकी उनसे उम्मीद थी. ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ है. इसी तरह मेरा साफ तौर पर मानना है कि नई गेंद के साथ भी खामी है. शुरुआती दस ओवरों में आप नई गेंद के साथ दो-तीन विकेट लेना चाहते हो, लेकिन यह नहीं हो रहा है", उन्होंने कहा, "मिड्ल ओवरों में हमने विकेट नहीं चटकाए हैं. हालांकि, रनों के बहाव पर अंकुश लगाया है, लेकिन विकेट भी आना जरूरी है. इसलिए यहां कई एरिया हैं, जिनमें आप सुधार कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो भारत के खिताब जीतने के आसार बेहतर होंगे."
"टीम में किसी बदलाव की जरूरतन नहीं"
गावस्कर ने यह भी कहा कि प्रबंधन को फाइनल में इलेवन में ज्यादा बदलाव न करते हुए पिछले दो मैचों की तरह चार स्पिनरों के साथ ही मैदान पर उतरना चाहिए. उन्होंने कहा,"मुझे लगता है कि वह चार स्पिनरों के साथ खलेने जा रहे हैं और ऐसा होना ही चाहिए. बदलाव की जरूरत ही क्यों है?", सनी बोले, "वरुण और कुलदीप को खिलाने ने दिखाया है कि वे कितने प्रभावी हो सकते हैं. साथ ही, वनडे या किसी भी फॉरमेट में में विकेट टेकिंग गेंद डॉट बॉल (खाली गेंद) होती हैं. ऐसे में किसी बदलाव की जरूरत नहीं हैं."
'प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए'
गावस्कर का यह भी मानना है कि भारत को फाइनल में अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं करना चाहिए और चार स्पिनरों को खिलाने के फॉर्मूले पर टिके रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव दोनों के शामिल होने से भारत के आक्रमण को मजबूती मिली है और उन्हें विजयी संयोजन के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि चार स्पिनर होंगे। कुलदीप के समावेश ने दिखाया है कि वे कितने प्रभावी हो सकते हैं।'
'रोहित लंबे समय तक बल्लेबाजी करें'
गावस्कर ने रोहित को सलाह दी कि वे टीम को तेज शुरुआत प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय लंबे समय तक बल्लेबाजी करें। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर भारत की जीत के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रोहित के दृष्टिकोण का बचाव किया और कहा कि स्टार बल्लेबाज को उनके इम्पैक्ट पर आंका जाता है, न कि उनके नंबरों पर। गावस्कर हालांकि इस टिप्पणी से प्रभावित नहीं हुए और उन्होंने कहा कि अगर रोहित जैसा बल्लेबाज 25-30 ओवर तक क्रीज पर टिकता है तो वह खेल को विरोधियों से दूर ले जाएगा और इसे भी अपने गेमप्ले में शामिल किया जाना चाहिए।
'रोहित को उतनी सफलता नहीं मिली'
उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जिसका वह पिछले दो साल से पालन कर रहे हैं। इसकी शुरुआत भारत में विश्व कप से हुई और वह इस फॉर्मूले पर कायम हैं। उन्हें कुछ सफलता मिली है, हालांकि शायद उतनी नहीं जितनी उम्मीद थी। वह अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं जिनके पास कई तरह के शॉट हैं जो खेल में कई अन्य लोगों के पास नहीं है।' गावस्कर ने कहा, 'रोहित 25 ओवर भी बल्लेबाजी करते हैं तो भारत 180-200 के आसपास होगा। कल्पना कीजिए कि अगर उन्होंने तब तक केवल कुछ विकेट गंवाए हों। जरा सोचिए कि वे क्या कर सकते हैं! वह भारत के स्कोर को 350 या उसके पार पहुंचा सकते हैं।' गावस्कर ने कहा कि रोहित को 25-30 रन बनाकर खुश नहीं होना चाहिए और उनकी टीम के लिए उनका प्रभाव कहीं अधिक होना चाहिए।
'रोहित 25-30 ओवर तक बल्लेबाजी करें'
उन्होंने कहा, 'उन्हें इस पर भी विचार करने की जरूरत है। मैदान पर उतरकर आक्रामक खेलना एक बात है, लेकिन खुद को 25-30 ओवर तक बल्लेबाजी का मौका देने के लिए कहीं न कहीं विवेक होना चाहिए। अगर वह ऐसा करते हैं तो वह खेल को विपक्षी टीम से दूर ले जाएंगे। इस तरह का प्रभाव मैच जिताने वाला होता है। मैं जानना चाहता हूं कि एक बल्लेबाज के रूप में, क्या आप 25-30 रन बनाकर खुश हैं? आपको नहीं होना चाहिए! इसलिए मैं उनसे यही कहूंगा, टीम पर आपका प्रभाव और भी अधिक होगा यदि आप सिर्फ सात, आठ या नौ ओवर के बजाय 25 ओवर तक बल्लेबाजी करें तो।'
चैम्पियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत की संभावित प्लेइंग 11: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती
अब तक चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीमें
| साल | विनर | नतीजा |
| 1998 | साउथ अफ्रीका | वेस्टइंडीज को 4 विकेट से हराया |
| 2000 | न्यूजीलैंड | भारत को 4 विकेट से हराया |
| 2002 | भारत-श्रीलंका संयुक्त विजेता | मैच बेनतीजा रहा |
| 2004 | वेस्टइंडीज | इंग्लैंड को 2 विकेट से हराया |
| 2006 | ऑस्ट्रेलिया | वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया |
| 2009 | ऑस्ट्रेलिया | न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हराया |
| 2013 | भारत | इंग्लैंड को 5 रनों से हराया |
| 2017 | पाकिस्तान | भारत को 180 रनों से हराया |
भारत-न्यूजीलैंड के बीच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में 9 मार्च को चैम्पियंस ट्रॉफी का फाइनल होना है. लेकिन इस मुकाबले से पहले भारत के दिग्गज ओपनर रहे सुनील गावस्कर ने रोहित ब्रिगेड को सलाह दी है और कुछ कमियों को सुधारने की बात कही है.
गावस्कर ने कहा- भारत ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं चारों मैच आसानी से जीते भी हैं. लेकिन रोहित शर्मा का फॉर्म थोड़ा गड़बड़ है. रोहित ने चैम्पियंस ट्रॉफी के 4 मुकाबलों में 26 के औसत से 104 रन बनाए हैं. जहां उनका हाइएस्ट स्कोर 41 रहा है.
गावस्कर ने कहा- जब आप सलामी बल्लेबाजों को देखते हैं, तो पाते हैं कि उन्होंने भारतीय टीम को उस तरह की शुरुआत नहीं दी जिसकी उन्हें उम्मीद थी. ऐसा नहीं हुआ है, मुझे लगता है कि वहां कुछ कमी है.
गावस्कर ने इसके साथ ही दूसरी कमी भी बताई. उन्होंने कहा- नई गेंद के साथ पहले 10 ओवरों में विकेट लेना चाह रहे हैं, लेकिन ऐसा भी नहीं हो रहा है.
वहीं गावस्कर ने यह भी कहा- बीच के ओवरों में हमें विकेट नहीं मिले, हालांकि रन नहीं बन रहे थे, इसलिए ये ऐसे एरिया हैं जिनमें आप बेहतर प्रदर्शन करेंगे, इससे फाइनल जीतने की संभावना उतनी ही बेहतर होगी.
वहीं गावस्कर ने इस दौरान टीम में 4 स्पिनर्स को खिलाने की वकालत की. गावस्कर ने कहा- मुझे लगता है कि इसमें 4 स्पिनर होंगे. ऐसा होना ही चाहिए, अब बदलाव क्यों होगा? चक्रवर्ती के शामिल होने से पता चलता है कि वे कितने प्रभावी हो सकते हैं, इसलिए अब टीम में क्यों बदलाव होना चाहिए.
"कई एरियों में सुधार की दरकार"
एक चैनल से बातचीत में सनी बोले, "टीम इंडिया का प्रदर्शन त्रुटिहीन नहीं रहा है.जब आप ओपनरों को देखते हैं, तो उन्होंने टीम को वैसी शुरुआत नहीं दी है, जिसकी उनसे उम्मीद थी. ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ है. इसी तरह मेरा साफ तौर पर मानना है कि नई गेंद के साथ भी खामी है. शुरुआती दस ओवरों में आप नई गेंद के साथ दो-तीन विकेट लेना चाहते हो, लेकिन यह नहीं हो रहा है", उन्होंने कहा, "मिड्ल ओवरों में हमने विकेट नहीं चटकाए हैं. हालांकि, रनों के बहाव पर अंकुश लगाया है, लेकिन विकेट भी आना जरूरी है. इसलिए यहां कई एरिया हैं, जिनमें आप सुधार कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो भारत के खिताब जीतने के आसार बेहतर होंगे."
"टीम में किसी बदलाव की जरूरतन नहीं"
गावस्कर ने यह भी कहा कि प्रबंधन को फाइनल में इलेवन में ज्यादा बदलाव न करते हुए पिछले दो मैचों की तरह चार स्पिनरों के साथ ही मैदान पर उतरना चाहिए. उन्होंने कहा,"मुझे लगता है कि वह चार स्पिनरों के साथ खलेने जा रहे हैं और ऐसा होना ही चाहिए. बदलाव की जरूरत ही क्यों है?", सनी बोले, "वरुण और कुलदीप को खिलाने ने दिखाया है कि वे कितने प्रभावी हो सकते हैं. साथ ही, वनडे या किसी भी फॉरमेट में में विकेट टेकिंग गेंद डॉट बॉल (खाली गेंद) होती हैं. ऐसे में किसी बदलाव की जरूरत नहीं हैं."
'प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए'
गावस्कर का यह भी मानना है कि भारत को फाइनल में अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं करना चाहिए और चार स्पिनरों को खिलाने के फॉर्मूले पर टिके रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव दोनों के शामिल होने से भारत के आक्रमण को मजबूती मिली है और उन्हें विजयी संयोजन के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि चार स्पिनर होंगे। कुलदीप के समावेश ने दिखाया है कि वे कितने प्रभावी हो सकते हैं।'
'रोहित लंबे समय तक बल्लेबाजी करें'
गावस्कर ने रोहित को सलाह दी कि वे टीम को तेज शुरुआत प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय लंबे समय तक बल्लेबाजी करें। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर भारत की जीत के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रोहित के दृष्टिकोण का बचाव किया और कहा कि स्टार बल्लेबाज को उनके इम्पैक्ट पर आंका जाता है, न कि उनके नंबरों पर। गावस्कर हालांकि इस टिप्पणी से प्रभावित नहीं हुए और उन्होंने कहा कि अगर रोहित जैसा बल्लेबाज 25-30 ओवर तक क्रीज पर टिकता है तो वह खेल को विरोधियों से दूर ले जाएगा और इसे भी अपने गेमप्ले में शामिल किया जाना चाहिए।
'रोहित को उतनी सफलता नहीं मिली'
उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जिसका वह पिछले दो साल से पालन कर रहे हैं। इसकी शुरुआत भारत में विश्व कप से हुई और वह इस फॉर्मूले पर कायम हैं। उन्हें कुछ सफलता मिली है, हालांकि शायद उतनी नहीं जितनी उम्मीद थी। वह अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं जिनके पास कई तरह के शॉट हैं जो खेल में कई अन्य लोगों के पास नहीं है।' गावस्कर ने कहा, 'रोहित 25 ओवर भी बल्लेबाजी करते हैं तो भारत 180-200 के आसपास होगा। कल्पना कीजिए कि अगर उन्होंने तब तक केवल कुछ विकेट गंवाए हों। जरा सोचिए कि वे क्या कर सकते हैं! वह भारत के स्कोर को 350 या उसके पार पहुंचा सकते हैं।' गावस्कर ने कहा कि रोहित को 25-30 रन बनाकर खुश नहीं होना चाहिए और उनकी टीम के लिए उनका प्रभाव कहीं अधिक होना चाहिए।
'रोहित 25-30 ओवर तक बल्लेबाजी करें'
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चैम्पियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत की संभावित प्लेइंग 11: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती
अब तक चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीमें
| साल | विनर | नतीजा |
| 1998 | साउथ अफ्रीका | वेस्टइंडीज को 4 विकेट से हराया |
| 2000 | न्यूजीलैंड | भारत को 4 विकेट से हराया |
| 2002 | भारत-श्रीलंका संयुक्त विजेता | मैच बेनतीजा रहा |
| 2004 | वेस्टइंडीज | इंग्लैंड को 2 विकेट से हराया |
| 2006 | ऑस्ट्रेलिया | वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया |
| 2009 | ऑस्ट्रेलिया | न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हराया |
| 2013 | भारत | इंग्लैंड को 5 रनों से हराया |
| 2017 | पाकिस्तान | भारत को 180 रनों से हराया |
सुनील गावस्कर का मानना है कि बांग्लादेश की टीम पाकिस्तान को उसकी ही धरती पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप करने के बाद आ रही है। अब भारत के खिलाफ उनको 19 सितंबर को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में पहला टेस्ट मैच खेलना है। इसके बाद 27 अक्टूबर से कानपुर के ग्रीन पार्क में दूसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा।
सुनील गावस्कर ने मिड डे के लिए अपने कॉलम में लिखा, “पाकिस्तान को उसको धरती पर हराकर बांग्लादेश ने साबित किया है वह एक दमदार टीम है। यहां तक जब पिछली बार भारत ने बांग्लादेश का दौरा किया था, तब भी बांग्लादेश ने टीम इंडिया के टक्कर दी थी। अब वह पाकिस्तान को हराने के बाद भारत को चुनौती देने आ रहे हैं।”
लिटिल मास्टर ने आगे लिखा, “बांग्लादेश की टीम में अच्छे खिलाड़ी हैं। अब कोई भी टीम उनको हल्के में नहीं ले सकती है। यह निश्चित तौर पर एक रोचक सीरीज साबित होने जा रही है।”
यह दोनों टेस्ट मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023-2025 का हिस्सा होंगे। फिलहाल भारत 68.52 प्रतिशत अंकों के साथ टेबल में टॉप पर चल रहा है। बांग्लादेश की टीम 45.83 प्रतिशत अंकों के साथ टेबल में चौथे स्थान पर है।
बांग्लादेश के साथ टेस्ट सीरीज के साथ भारत के लिए 10 टेस्ट मैचों का लंबा सीजन भी शुरू होने जा रहा है जहां टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ घर में अक्टूबर-नवंबर में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है।
इसके बाद भारतीय टीम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना हो जाएगी। जहां भारत को पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है।
इस पर गावस्कर ने लिखा, “भारत को अगले साढ़े चार महीने में 10 टेस्ट मैच खेलने हैं और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने के लिए उन्हें कम से कम पांच टेस्ट मैच जीतने होंगे। कोई भी मैच आसान नहीं होगा और हम आने वाले सीजन के लिए रोमांचित हैं।”
गावस्कर को यह भी लगता है कि इंटरनेशनल सीजन शुरू होने से पहले दलीप ट्रॉफी का आयोजन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का समझदारी भरा फैसला है।
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मित्तल ने समाचारपत्र ‘इकनॉमिक टाइम्स’ में बृहस्पतिवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में एक बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का सरकार के स्तर पर किसी भी कंपनी का पक्ष नहीं लेने का संदेश भारती एयरटेल के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था। इससे एयरटेल को रिलायंस जियो से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आगे बढ़ने में मदद मिली।
मित्तल ने कहा कि सितंबर, 2018 में एक मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार नियमों के अनुरूप काम करेगी, किसी का पक्ष नहीं लेगी और वही करेगी जो देश के लिए अच्छा है। मित्तल ने कहा कि इस तरह की निश्चितता के साथ भारती एयरटेल जैसी कंपनियां बाजार में कड़ी टक्कर दे सकती हैं।
इसके साथ ही भारती समूह के प्रमुख ने कहा कि मोदी सरकार के समय केवल कुछ लोगों को ही तरजीह दिए जाने के बयान ‘बिल्कुल गलत’ हैं। मित्तल ने कहा, ‘‘इस देश में पैसा आ रहा है, बहुत सारी पूंजी आ रही है, शेयर बाजार में उछाल आ रहा है। ये बड़े पैमाने पर मूल्यांकन एक बेहद मजबूत नेता के मातहत एक स्थिर, ठोस, कार्यात्मक अर्थव्यवस्था का परिणाम है।’’
मुकेश अंबानी की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो ने वर्ष 2016 में मुफ़्त वॉयस और डेटा सेवाओं के साथ दूरसंचार बाजार में हलचल मचा दी थी। उस समय एयरटेल को लगा था कि दूरसंचार नियामक ट्राई के कुछ फ़ैसले उस पर प्रतिकूल असर डाल रहे हैं। उस पृष्ठभूमि में मित्तल ने सितंबर, 2018 में प्रधानमंत्री से मुलाकात का वक्त मांगा था।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक का जिक्र करते हुए मित्तल ने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि मैं बाजार में लड़ूंगा लेकिन सरकार से नहीं लड़ सकता। इसपर उन्होंने मुझसे कहा कि सरकार किसी भी पक्ष की ओर नहीं झुकेगी। देश के लिए जो भी अच्छा होगा, वह किया जाएगा। आप बाजार में लड़ें। इस पर मेरी कोई राय नहीं है। लेकिन आप इस बात को लेकर आश्वस्त हो सकते हैं कि सरकार किसी का पक्ष नहीं लेगी।’’
मित्तल ने प्रधानमंत्री मोदी के इन शब्दों को याद करते हुए कहा, ‘‘मेरे लिए उनका यह कहना पर्याप्त था। मैंने उठकर उनका धन्यवाद किया… यह (एयरटेल के लिए) एक महत्वपूर्ण मोड़ था।’’
इसके साथ ही मित्तल ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के साथ उस बैठक से एक अविश्वसनीय ऊर्जा और प्रेरणा भी मिली। उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी आपको प्रेरणा की जरूरत होती है।… मुझे किसी से इसकी जरूरत थी। एक बेहद ही मजबूत संदेश था कि बाजार में लड़ो। खुद तमाम बाधाओं के खिलाफ लड़ चुका एक व्यक्ति मुझे कह रहा था कि आप अपना काम करें और आश्वस्त रहें कि सरकार केवल वही काम करेगी जो देश के लिए अच्छा है।’’
उन्होंने कहा कि इस बैठक के बाद उन्होंने दूरसंचार नियमों को एक बड़े परिप्रेक्ष्य में देखना शुरू कर दिया। मित्तल ने कहा, ‘‘शायद कम शुल्क ही बेहतर थे… कम शुल्क डेटा सेवाओं को लोकतांत्रिक बनाने के लिए बेहतर थे। आप चीजों को एक अलग संदर्भ में देखने लगते हैं क्योंकि आपको यकीन दिलाया जाता है कि यहां कोई एजेंडा नहीं है।’’
जियो के दूरसंचार क्षेत्र में आने से भारत में इंटरनेट परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया। सस्ती डेटा शुल्कों ने स्मार्टफोन की बड़े पैमाने पर पहुंच को बढ़ावा दिया और डिजिटल भुगतान का प्रसार भी तेजी से हुआ है।
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