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आंध्र प्रदेश के लोकसभा सांसद केलिसेट्टी अप्पला नायडू ने राज्य के लोगों से आबादी बढ़ाने की अपील की है। यही नहीं उन्होंने विवादित ऑफर देते हुए कहा कि यदि कोई महिला तीसरा बच्चा पैदा करती है तो 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी। इसके अलावा यदि तीसरी संतान बेटा हुआ तो फिर एक गाय दी जाएगी। उन्होंने अपने इस विवादित ऑफर का बचाव भी किया और कहा कि राज्य की आबादी कम हो रही है। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी में आंध्र प्रदेश की आबादी कम होने का खतरा है। इसके अलावा पूरे देश में ही आबादी को बढ़ाने की जरूरत है। बता दें कि भारत आबादी के मामले में चीन को भी पीछे छोड़ते हुए सबसे आगे निकल गया है।
टीडीपी सांसद के इस बयान को उनकी ही पार्टी के कई लोगों ने क्रांतिकारी बताया है। सांसद का यह बयान उस समय आया है, जब तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश समेत दक्षिण भारत के राज्य परिसीमन को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सबसे ज्यादा सवाल तो तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ही उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि नई जनगणना के आंकड़ों के आधार पर लोकसभा सीटों का परिसीमन हुआ तो फिर दक्षिण के राज्यों की हिस्सेदारी का अनुपात घट जाएगा। एमके स्टालिन की पार्टी का कहना है कि फिलहाल तमिलनाडु में 39 लोकसभा सीटें हैं, जो घटकर 31 या 30 ही रह जाएंगी। इसी तरह केरल के खाते में 20 की बजाय 12 सीटें ही रह सकती हैं।
चंद्रबाबू नायडू भी कह चुके, सिर्फ यूपी और बिहार हैं फायदे में
चंद्रबाबू नायडू भी कह चुके हैं कि आंध्र प्रदेश के लोगों को आबादी बढ़ाने की जरूरत है। उनकी यह मांग भी रही है कि सरकार को परिसीमन को फिलहाल रोक देना चाहिए और 1971 के उस फॉर्मूले को लागू रहने देना चाहिए, जिसके आधार पर फिलहाल राज्यों को सीटों का आवंटन हुआ है। उन्होंने पिछले दिनों कहा था कि दक्षिण भारत के राज्यों में लोग बच्चे पैदा कम कर रहे हैं औऱ इसके चलते बुजुर्ग आबादी बढ़ने का संकट है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और वर्किंग एज वाले लोग कम होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'बढ़ती उम्र के लोगों की अधिक संख्या होने की समस्या दक्षिण भारत में दिखने लगी है। उत्तर भारत में सिर्फ यूपी और बिहार ही इस मामले में बढ़त में हैं। लेकिन हमारे यहां लोग ज्यादा आबादी को कमजोरी मानते हैं। लेकिन आज यह फायदे की चीज हो गई है।'
]]>सीएम पद की शपथ लेने के बाद नायडू ने पीएम मोदी को गले लगाया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया. इसके साथ ही टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव नारा लोकेश ने आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री पद की शपथ ली. जनसेना प्रमुख पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश के मंत्री के रूप में शपथ ली. कल्याण राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री होंगे.
अमरावती बनेगी राजधानी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपने शपथ ग्रहण से पहले तेलूगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की कि अमरावती राज्य की एकमात्र राजधानी होगी. नायडू ने तेदेपा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना के विधायकों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की.
2019 में आंध्र में बुरी पराजय के बाद सत्ता गंवाने वाले चंद्राबाबू नायडू की कसम भी पूरी हो गई। 52 दिनों तक जेल में रहने के बाद उन्होंने बहुमत मिलने के बाद ही विधानसभा में दोबारा जाने की शपथ ली थी। 74 साल के इस नेता ने चुनाव के दौरान लोगों से मार्मिक अपील की और इसे अपना अंतिम चुनाव बताया था। 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में तेलगूदेशम पार्टी (टीडीपी) को भारी बहुमत मिला। विधानसभा में तेलगूदेशम पार्टी ने 135 और जनसेना पार्टी ने 21 सीट जीतकर इतिहास रच दिया।
चौथी बार सीएम बने चंद्रबाबू नायडू
यह चौथी बार है जब चंद्रबाबू नायडू आंध्र के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं। 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद दूसरी बार वो सीएम बने। आंध्र प्रदेश के विभाजन से पहले नायडू, साल 1995 में पहली बार मुख्यमंत्री बने और उन्होंने लगातार नौ वर्षों तक 2004 तक राज्य का नेतृत्व किया। इसके बाद वो दूसरी बार साल 2014 में सीएम बने।
शपथ ग्रहण समारोह में पहुंच अमित शाह
केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, रामदास अठावले, अनुप्रिया पटेल और चिराग पासवान; महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू विजयवाड़ा में टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के सीएम-पदनाम एन चंद्रबाबू नायडू के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
कौन-कौन ने ली शपथ
– पवन कल्याण
– नारा लोकेश
– किंजरापु अचेन नायडू
– कोल्लू रवीन्द्र
– नाडेंडला मनोहर
– पी नारायण
– वांगलापुडी अनिता
– सत्य कुमार यादव
– डॉ. निम्मला राम नायडू
– एनएम फारूक
– अनम रामनारायण रेड्डी
– पय्यावुला केशव
– अनागनी सत्य प्रसाद
– कोलुसु पार्थसारधि
– डॉ. डोला बालवीरंजनेय स्वामी
– गोत्तीपति रवि कुमार
– कंडुला दुर्गेश
– गुम्मदी संध्यारानी
– बीसी जर्नादन रेड्डी
– टीजी भरत
– एस सविता
– वासमसेट्टी सुभाष
– कोंडापल्ली श्रीनिवास
– मंडिपल्ली राम प्रसाद रेड्डी
प्रधानमंत्री भी पहुंच रहे हैं आंध्र प्रदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह दिल्ली से गन्नावरम एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे. उनके वहां सुबह 10.40 बजे तक पहुंचने की उम्मीद है. सुबह 10.55 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. पीएम मोदी सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगे. उसके बाद पीएम मोदी दोपहर 12.40 बजे एयरपोर्ट लौटेंगे और दोपहर 12.45 बजे भुवनेश्वर के लिए उड़ान भरेंगे. वहां ओडिशा में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगे.
कांग्रेस से शुरू की राजनीति, फिर बन गए तेलगूदेशम के मुखिया
कांग्रेस से अपनी राजनीति शुरू करने वाले एन. चंद्राबाबू नायडू ने कई उतार-चढ़ाव देखे। किस्मत ऐसी रही कि 28 साल की उम्र में पहली बार विधायक बनने के बाद ही उन्हें टी अंजैया के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने। विधायक बनने के बाद उन्होंने तेलगूदेशम पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष एन टी रामाराव की बेटी भुवनेश्वरी से विवाह किया। पहली बार उन्होंने 1983 में पलटी मारी, चुनाव में हार के बाद कांग्रेस छोड़कर टीडीपी में शामिल हो गए। जल्द ही वह एनटीआर के भरोसेमंद बन गए। 1995 में चंद्राबाबू नायडू ने एनटीआर का तख्तापलट किया और पार्टी की कमान संभाल ली। वह 45 साल की उम्र में पहली बार मुख्यमंत्री बने। 1989 में चुनाव में टीडीपी हार गई और उन्हें विपक्ष में बैठना पड़ा। 1999 में चंद्राबाबू एनडीए में शामिल हुए और पार्टी को 294 में से 180 सीटें जीताकर ऐतिहासिक जीत दिलाकर दूसरी बार आंध्रप्रदेश के सीएम बने। 2004 से 2014 तक आंध्र में कांग्रेस के वाई राजशेखर रेड्डी का जलवा कायम रहा। करीब 10 साल तक एन. चंद्राबाबू नायडू विपक्ष में ही रहे। 2014 में आंध्र प्रदेश के बंटवारे के बाद नए सिरे से चुनाव हुए और टीडीपी को बहुमत मिला। तब नायडु ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली। अपने कैरियर में चंद्राबाबू नायडू किंगमेकर भी रहे। उन्होंने 1989 में वीपी सिंह, 1996 में एचडी देवेगौड़ा और 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
करारी हार के बाद पांच साल बाद प्रचंड बहुमत के साथ वापसी
2019 में टीडीपी आंध्र को विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर एनडीए से अलग हो गई। आंध्र प्रदेश विधानसभा के चुनाव में टीडीपी हार गई । पार्टी सिर्फ 175 में से 23 सीटों पर सिमट गई। लोकसभा में उसके सदस्यों की संख्या 3 रह गई। सितंबर 2023 जगन मोहन की सरकार के कार्यकाल के दौरान उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया और नायडू 52 दिनों तक जेल में रहे। तब ऐसा लगा कि टीडीपी अब इतिहास के पन्ने में रह जाएगी। नवंबर में रिहाई के बाद उन्होंने शपथ ली कि अब वह पूर्ण बहुमत मिलने के बाद ही विधानसभा में प्रवेश करेंगे। 2024 के चुनावों में उन्होंने एनडीए में वापसी की। उन्होंने पवन कल्याण की जनसेना और बीजेपी के साथ चुनावी गठबंधन किया। प्रचार के दौरान उन्होंने इसे अपना आखिरी चुनाव बताते हुए प्रचंड जनादेश देने की अपील की। उनकी मार्मिक अपील काम कर गई। तेलगूदेशम को 45.60 वोटों के साथ 135 विधानसभा सीटों पर जीत मिली। लोकसभा में भी पार्टी के 16 सांसद जीते। उनके सहयोगी जनसेना पार्टी ने 21 और बीजेपी ने 8 सीटों पर विजय पताका फहराया। जगन मोहन रेड्डी के वाईएसआर कांग्रेस महज 11 सीटों पर सिमट गई।
]]>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम सवा सात बजे तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेंगे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि पीएम नरेंद्र मोदी के साथ कम से कम 30 सांसद भी मंत्री पद के लिए शपथ लेंगे। नई मोदी सरकार में अमित शाह, राजनाथ,नितिन गडकरी के अलावा टीडीपी-जेडीयू के दो-दो सांसद मंत्री बन सकते हैं। संभावित मंत्रियों में ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई दिग्गजों का नाम है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इस बात की प्रबल संभावना है कि नई सरकार में भाजपा का दबदबा रहने वाला है यानी खुद पूर्ण बहुमत न होने के बावजूद मंत्रियों में ज्यादातर भाजपाई होंगे। हालांकि यह सस्पेंस मंत्रिमंडल की घोषणा के साथ खुलेगा। मोदी 3.0 के मंत्रिमंडल में ऐसे सांसद का नाम भी सामने आ रहा है जो 2024 लोकसभा चुनाव के सबसे रईस सांसद हैं। इनकी संपत्ति 5700 करोड़ से ज्यादा है।
हम बात कर रहे हैं तेलुगु देशम पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद चंद्र शेखर पेम्मासानी की। पेम्मासानी 2024 लोकसभा चुनाव जीतने वाले सबसे रईस सांसद हैं। सूत्रों का कहना है कि पेम्मासानी को नई मोदी सरकार में राज्य मंत्री के रूप में जगह मिल सकती है। पेम्मासानी आंध्र प्रदेश की गुंटुर क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी वाईएसआरसीपी के किलारी वेंकट रोसैया को 3.4 लाख से अधिक वोटों से हराया था।
टीडीपी का दावा- मोदी कैबिनेट का होंगे हिस्सा
टीडीपी नेता जयदेव गल्ला के अनुसार, पेम्मासानी मोदी 3.0 कैबिनेट में राज्य मंत्री बन सकते हैं। उनके पीएम मोदी के साथ रविवार शाम राष्ट्रपति भवन में शपथ लेने की संभावना है। गल्ला का कहना है कि उनके अलावा टीडीपी के एक अन्य सांसद राम मोहन नायडू किंजरापु केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
कौन हैं टीडीपी सांसद चंद्र शेखर पेम्मासानी?
आंध्र प्रदेश के गुंटूर के बुर्रिपलेम गांव में जन्मे चंद्र शेखर पेम्मासानी ने उस्मानिया विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। उन्होंने जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी-सिनाई अस्पताल में फिजिशियन के रूप में पांच वर्षों तक सेवा भी दी।
48 वर्षीय पेम्मासानी यूवर्ल्ड के संस्थापक और सीईओ भी हैं। इसके अलावा वह टीडीपी एनआरआई सेल में ऐक्टिव भी रहे हैं। पेम्मासानी ने 2020 में अमेरिका में एक युवा उद्यमी के रूप में अर्न्स्ट एंड यंग अवार्ड जीता। उन्होंने पेम्मासानी फाउंडेशन की भी स्थापना की। उन्होंने गुंटूर लोकसभा सीट से दो बार के सांसद जयदेव गल्ला की जगह चुनाव लड़ा। चुनावी हलफनामों के अनुसार, पेम्मासानी के पास 2024 के आम चुनाव लड़ने वाले 8,360 उम्मीदवारों में से सबसे अधिक संपत्ति थी।
दो मर्सिडीज, टेस्ला और रोल्स रॉयस के मालिक
राजनीति से इतर डॉ. पेम्मासानी को एंटरप्रेन्योरशिप के लिए जाना जाता है. वह यूवर्ल्ड के संस्थापक और सीईओ हैं, जो एक ऑनलाइन शिक्षण मंच है जो छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करने में सहायक रहा है. उन्हें पहचान तब मिली जब उन्होंने 2020 में अर्न्स्ट एंड यंग एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड जीता. भारत और अमेरिका में 100 से अधिक कंपनियों और संपत्तियों में निवेश के साथ डॉ. पेम्मासानी की संपत्ति आश्चर्यजनक है. उनकी चल संपत्ति में दो मर्सिडीज कारें, एक टेस्ला और एक रोल्स रॉयस शामिल हैं.
किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
अगर 543 सीटों की बात करें तो बीजेपी को 240, कांग्रेस 99, समाजवादी पार्टी 37, तृणमूल कांग्रेस 29, डीएमके 22, टीडीपी को 16, जेडीयू को 12, शिवसेना (यूबीटी) को 9, एनसीपी (शरद पवार) को आठ, शिवसेना को 7, एलजेपी रामविलास को 5, YSRCP को 4, आरजेडी को 4, सीपीआईएम को 4, IUML-AAP-JMM को 3-3-3 सीटें मिली हैं. इसके अलावा पवन कल्याण की जनसेना, CPIML, JDUS, RLD, JKN को 2-2-2-2-2 सीटें मिली हैं. कुछ पार्टियों को एक-एक और 7 निर्दलीय इस चुनाव में जीते हैं.
]]>भाजपा को लगता है कि नीतीश कुमार भले ही साथ रहें, लेकिन करीब 290 सांसदों को साथ लेकर सरकार बनाई जाए। ऐसा इसलिए ताकि नीतीश कुमार कभी भी दबाव डालें तो उसका काउंटर किया जा सके। इसके अलावा भाजपा लोकसभा स्पीकर का पद भी नहीं देना चाहती क्योंकि कभी किसी के समर्थन वापस लेने की स्थिति में उसका रोल अहम हो जाता है। टीडीपी की नजर स्पीकर के पद पर है ताकि सत्ता की कुंजी पकड़ ले। भाजपा इस पद को भी देने से हिचक रही है।
नितिन गडकरी वाले मंत्रालय पर अड़ी है भाजपा
सहयोगी दलों को भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि सीसीएस वाले यानी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति के तहत आने वाले 4 मंत्रालयों को नहीं दिया जाएगा। ये मंत्रालय हैं- होम मिनिस्ट्री, डिफेंस, वित्त और विदेश मंत्रालय। इसके अलावा भाजपा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भी नहीं देना चाहती। नितिन गडकरी ने इस मंत्रालय में बीते 10 सालों में शानदार काम किया है। उन्होंने कई एक्सप्रेसवे बनाए और हाईवेज की स्थिति भी सुधरी है। इसलिए भाजपा चाहती है कि रिपोर्ट कार्ड मजबूत करने वाले मंत्रालय को अपने पास ही रखा जाए।
रेलवे भी क्यों नहीं देना चाहती भाजपा, जेडीयू की है नजर
मंत्रालय को लेकर चल रही खींचतान रेलवे पर भी है। रेलवे में दो कार्यकाल में नरेंद्र मोदी सरकार ने कई अहम बदलाव किए हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई गई हैं, पटरियों का दोहरीकरण और विद्युतीकरण हुआ है। इसलिए भाजपा नहीं चाहती कि जेडीयू को यह मंत्रालय देकर सुधारों में ब्रेक लगने दिया जाए। भाजपा चाहती है कि फूड प्रोसेसिंग, भारी उद्योग जैसे मंत्रालय सहयोगियों को दिए जाएं। वे मंत्रालय अपने पास ही रखे जाएं, जो सरकार के लिए रिपोर्ट कार्ड को दुरुस्त रखने को जरूरी हैं।