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देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और निवेश संभावनाओं की गूंज सुनाई दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), टेक्नोलॉजी, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के दिग्गजों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन का सबसे संभावनाशील गंतव्य बताया। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कानून-व्यवस्था, निवेशक के अनुकूल नीतियों और तेज़ी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी ने उत्तर प्रदेश को नई अर्थव्यवस्था, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों और वैश्विक निवेश का उभरता केंद्र बना दिया है।
बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसरों, निवेश माहौल और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। निवेशकों ने राज्य को टेक्नोलॉजी, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप और रोजगार सृजन के लिए देश के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बताया।
जीसीसी क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर सकता है उत्तर प्रदेश
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) उद्योग विशेषज्ञ और एआई रणनीतिकार अनिल पद्मनाभन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मजबूत शासन व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश समर्थक वातावरण इसे जीसीसी क्षेत्र के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय कार्यशैली और उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद राज्य को नई पहचान दे रहा है। उनके अनुसार भारत में जीसीसी स्थापित करने की योजना बनाने वाली कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश का मूल्यांकन करना अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने वैश्विक ग्राहकों को उत्तर प्रदेश में निवेश और जीसीसी स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे।
नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर पर निवेशकों की बढ़ती रुचि
सत्त्व ग्रुप के डायरेक्टर कॉरपोरेट अफेयर्स पी.के. मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा। उनके अनुसार नियामकीय पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और बेहतर कार्यसंस्कृति ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
रोजगार सृजन को मिलेगी नई रफ्तार
वैश्विक इंश्योरेंस ब्रोकिंग कंपनी एऑन (एओएन) की निदेशक शेरिन जॉन ने कहा कि उनकी कंपनी नोएडा स्थित अपने कार्यालय का विस्तार कर रही है और 600 से 1000 अतिरिक्त कर्मचारियों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों, बाजारों और इंफ्रास्ट्रक्चर तक आसान पहुंच उत्तर प्रदेश को कॉरपोरेट विस्तार के लिए आदर्श स्थान बनाती है। एऑन की विस्तार योजना यह संकेत देती है कि राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं टीमलीज सर्विसेज लिमिटेड की प्रबंध निदेशक अपर्णा मित्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उपलब्ध विशाल प्रतिभा, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के बढ़ते अवसर इसे नई अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश करने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता।
स्टार्टअप और नवाचार को मिल रहा नया आधार
आविष्कार समूह और इंटेलीकैप की प्रतिनिधि सायना देनुगरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण तैयार किया है। राज्य में नए व्यवसायों को बढ़ावा देने, विकासात्मक पूंजी को आकर्षित करने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्थाएं कृषि, खाद्य प्रणाली और ऊर्जा परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि लखनऊ सहित राज्य के कई शहर भविष्य में टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रमुख केंद्र बनेंगे। उनके अनुसार देश के पारंपरिक कारोबारी केंद्रों पर बढ़ते दबाव के बीच उत्तर प्रदेश नई प्रतिभा, नई पूंजी और नए उद्यमों के लिए सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है।
निवेश की संभावनाओं पर भरोसा जताया
टीई कनेक्टिविटी की प्रतिनिधि सुनीता ने भी उत्तर प्रदेश में उभरती निवेश संभावनाओं पर भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि कंपनी वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी उत्पादों, डेटा विश्लेषण, ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए कनेक्टर्स और सेंसर के विकास में कार्यरत है तथा बेंगलुरु स्थित उसके ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में करीब 1,400 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के विस्तार पर विचार कर रही है और इस क्रम में विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सुनीता ने कहा कि उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचे में तेजी से निवेश कर रहा है और अन्य अग्रणी राज्यों के सफल मॉडलों से सीखते हुए आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश वर्तमान समय में एक शानदार अवसर प्रदान करता है और राज्य के विकास की गति भविष्य के निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है।
]]>इस फैसले के बाद टेक कंपनियों की स्ट्रैटिजी और कर्मचारियों की सुरक्षा, दोनों पर नई चर्चा शुरू हो गई है. पूरा मामला चीन के हांगझोउ शहर की एक कंपनी से जुड़ा है. गौरतलब है कि हांगझोउ चीन का वही शहर है जहां से दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां निकली हैं. अली बाबा और डीपसीक जैसी कंपनियां भी इसी शहर से निकली हैं.
परेशान हो कर इंप्लॉइ ने किया मुकदमा
इसी शहर में एक कर्मचारी का काम धीरे-धीरे AI टूल्स और बड़े लैंग्वेज मॉडल्स की वजह से कम हो गया. कंपनी ने सोचा कि अब इंसान की जगह मशीन से काम लिया जा सकता है. इसके बाद उस कर्मचारी को दूसरी पोस्ट ऑफर की गई, लेकिन उस नए रोल में सैलरी काफी कम थी और काम की शर्तें भी अलग थीं.
कर्मचारी ने इसे मानने से इनकार कर दिया. इसके बाद कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया. मामला कोर्ट पहुंचा और यहीं से कहानी पलट गई. अदालत ने साफ कहा कि कंपनी का ये कदम सही नहीं था. सिर्फ इस आधार पर कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब वही काम कर सकता है, किसी को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जा सकता.
AI के नाम पर ना हों जॉब कट
कोर्ट ने अपने फैसले में एक अहम बात कही, टेक्नोलॉजी बदलना कंपनी का हक है, लेकिन कर्मचारियों के अधिकार उससे खत्म नहीं हो जाते. अगर कंपनी ऑटोमेशन या AI अपना रही है, तो उसे लेबर कानूनों का भी पालन करना होगा. यानी कंपनी सीधे-सीधे ये नहीं कह सकती कि 'अब AI आ गया है, तुम्हारी जरूरत नहीं है'
इस फैसले का मतलब ये भी है कि कंपनियों को कर्मचारियों के साथ सही तरीके से व्यवहार करना होगा. अगर रोल बदलना है, तो जायज सैलरी और शर्तें देनी होंगी. अगर नौकरी खत्म करनी है, तो उसके लिए वैलिड वजह और प्रक्रिया जरूरी होगी. सिर्फ AI सस्ता है ये वजह काफी नहीं मानी जाएगी.
दिलचस्प बात ये है कि अदालत ने कर्मचारियों के लिए भी एक संदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि बदलती टेक्नोलॉजी के साथ खुद को अपडेट करना जरूरी है. यानी AI को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं कि इंसानों को बिना वजह बाहर कर दिया जाए.
गौरतलब है कि ये पहला मामला नहीं है. इससे पहले 2024 में गुआंझु की एक अदालत ने इसी तरह के एक केस में कहा था टेक्नोलॉजी अपग्रेड किसी की जॉब खत्म करने की वजह नहीं बन सकता है. चीन फिलहाल कई अलग अलग फ्रंट पर प्लान कर रहा है. इसमें अलग प्रोविजन बनाए जा रहे हैं जिससे AI बूम के बावजूद लोगों की जॉब्स पर ज्यादा असर नहीं पड़़ेगा.
इस फैसले की चर्चा अब चीन तक सीमित नहीं है. दुनिया भर में Microsoft, Google, Amazon जैसी कंपनियां AI पर तेजी से काम कर रही हैं. कई जगहों पर लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है. ऐसे में चीन की अदालत का ये रुख कर्मचारियों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है.
अब बड़ा सवाल ये है कि क्या दूसरे देशों में भी ऐसा ही रुख देखने को मिलेगा? क्या भविष्य में AI और नौकरियों को लेकर नए कानून बनेंगे? क्योंकि आने वाले समय में AI का असर हर सेक्टर, मीडिया, टेक, कस्टमर सपोर्ट, यहां तक कि क्रिएटिव फील्ड्स पर पड़ने वाला है.
AI बनाम नौकरी की ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. लेकिन चीन के इस फैसले ने इतना जरूर तय कर दिया है कि टेक्नोलॉजी की दौड़ में इंसानों के अधिकारों को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा.
]]>इस लॉन्च में कंपनी ने Essential Series में कुछ नए प्रोडक्ट्स ऐड किए हैं, जिसे अक्टूबर 2025 में शुरू किया गया था. अब इसमें ज्यादा डिजाइन, अलग-अलग कैपेसिटी और अलग प्राइस रेंज जोड़ी गई है ताकि ज्यादा लोग इसे खरीद सकें. इसके साथ ही प्रीमियम कैटेगरी में भी कई नए प्रोडक्ट्स लाए गए हैं, जो बड़े घरों और एडवांस फीचर्स चाहने वाले यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं.
LG का कहना है कि यह पूरा पोर्टफोलियो भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यानी ऐसे फीचर्स जो रोजमर्रा की जिंदगी में काम आएं और लंबे समय तक भरोसेमंद रहें.
भारत में से एक्सपोर्ट करेगी कंपनी
कंपनी अब भारत से बाहर भी इन प्रोडक्ट्स को भेजने की तैयारी में है. 2026 में Essential Series को एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के 22 देशों में एक्सपोर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है.
रेफ्रिजरेटर की बात करें तो Essential Series में 225 लीटर, 251 लीटर और 276 लीटर के नए ऑप्शन जोड़े गए हैं. इनमें स्मार्ट इनवर्टर कंप्रेसर दिया गया है, जिससे बिजली की खपत कम होती है और आवाज भी कम आती है.
स्मार्ट मोड खुद ही यूजर के इस्तेमाल के हिसाब से कूलिंग को एडजस्ट करता है. इसके अलावा कनवर्टिबल फीचर के साथ डेयरी मोड भी दिया गया है, जिससे फ्रीजर को जरूरत के हिसाब से फ्रिज में बदला जा सकता है. टर्बो फ्रेश जोन खाने को ज्यादा समय तक ताजा रखने में मदद करता है. इनकी शुरुआती कीमत करीब ₹25,500 रखी गई है.
नए फीचर्स के साथ वॉशिंग मशीन
वॉशिंग मशीन में भी कंपनी ने काफी बदलाव किए हैं. Essential Series में 8 किलो से 10 किलो तक की नई टॉप लोड मशीनें आई हैं. लो प्रेशर फिल फीचर कम पानी में भी कपड़े धोने में मदद करता है, जबकि इंटेलिजेंट ऑटो स्टार्ट बिजली जाने के बाद भी मशीन को वहीं से चालू कर देता है. इको वॉश और साड़ी मोड जैसे ऑप्शन भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर दिए गए हैं. इस रेंज की कीमत ₹20,900 से शुरू होती है.
इसके अलावा AX सीरीज की सेमी ऑटोमेटिक मशीनें भी लाई गई हैं, जिनकी कैपेसिटी 8 किलो से 12 किलो तक है. इसमें डुअल स्पिन शावर और रोलर जेट प्लसेटर जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जो कपड़ों की गहरी सफाई में मदद करते हैं. इनकी शुरुआती कीमत ₹17,300 है.
कुकिंग अप्लायंसेस में LG ने 28 लीटर के कनवर्टिबल कन्वेक्शन ओवन पेश किए हैं. इसमें एयर फ्राइ फीचर दिया गया है, जिससे कम तेल में खाना बनाया जा सकता है.
चारकोल लाइटिंग हीटर टेक्नोलॉजी खाने का स्वाद बेहतर बनाती है. इसमें 330 से ज्यादा ऑटो कुक मेन्यू दिए गए हैं, जिनमें 28 भारतीय ब्रेड मेन्यू भी शामिल हैं. इसकी कीमत करीब ₹28,700 से शुरू होती है.
1.18 लाख रुपये का फ्रिज
प्रीमियम सेगमेंट में कंपनी ने फ्रेंच डोर रेफ्रिज्रेटर लॉन्च किया है, जिसकी सबसे खास बात ऑटो आइस मेकर है, जो बिना पाइप कनेक्शन के बर्फ बना सकता है. इसकी कैपेसिटी 574 लीटर से 610 लीटर तक है और इसमें InstaView Door-in-Door, Hygiene Fresh+ और AI ThinQ जैसे स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत ₹1.18 लाख है.
इसके साथ साइड बाइ साइड फ्रिज भी आए हैं, जिनकी कैपेसिटी 790 लीटर तक जाती है. इनकी कीमत ₹1.09 लाख से शुरू होती है.
प्रीमियम वॉशिंग मशीन में AI DD 2.0 टेक्नोलॉजी दी गई है, जो कपड़े के फैब्रिक और गंदगी को पहचानकर खुद ही सही वॉश सेटिंग चुनती है. इसमें Steam+ और माइक्रोप्लास्टि केयर जैसे फीचर्स भी हैं. इस रेंज की कीमत ₹62,900 से शुरू होती है.
मिड सेगमेंट में TX सीरीज की टॉप लोड मशीनें आई हैं, जिनमें हार्ड वॉटर वॉश और स्टेन क्लीन जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इनकी शुरुआती कीमत ₹32,400 है.
डिशवॉशर सेगमेंट में LG ने 15 प्लेस सेटिंग वाला ट्रू स्टीम डिशवॉशर लॉन्च किया है, जो भारतीय बर्तनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसमें QuadWash टेक्नोलॉजी दी गई है, जिससे हर एंगल से सफाई होती है. इसकी कीमत ₹73,500 है.
इसके अलावा कंपनी ने नए वॉटर प्यूरीफायर भी पेश किए हैं, जिनमें UV स्टेरिलाइजेशन और 7+ pH बैलेंस्ड पानी जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत ₹16,600 है.
]]>लखनऊ
विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश निर्णायक छलांग लगाने की ओर कदम बढ़ा रहा है। इस क्षेत्र को और गतिशील बनाने के लिए योगी सरकार ने बजट 2026-27 के माध्यम से विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं आईटी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। इस पहल से प्रदेश न केवल डिजिटल और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान और नवाचार का प्रमुख केंद्र भी बनेगा।
बजट में इंडिया एआई मिशन और इंडिया एआई डेटा लैब को आगे बढ़ाने के साथ उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित समाधान विकसित करना है। साथ ही उत्तर प्रदेश स्टेट डेटा सेंटर और उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर क्लस्टर को सुदृढ़ कर प्रदेश को सुरक्षित डेटा भंडारण और क्लाउड सेवाओं का बड़ा हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर में यू-हब की स्थापना से स्टार्टअप और नवाचार को नई ऊर्जा मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन हब के माध्यम से युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी संसाधन, मेंटरशिप और निवेश के अवसर उपलब्ध होंगे। टेक युवा समर्थ युवा योजना के तहत तकनीकी क्षेत्र में दक्ष युवाओं को प्रोत्साहन देकर उन्हें रोजगार और कारोबार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। साइबर सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ कर योगी सरकार डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार कदम उठा रही है। यूपी स्टेटवाइड एरिया नेटवर्क-3 के विस्तार से शासन की डिजिटल कनेक्टिविटी और तेज होगी। इससे जिला और तहसील स्तर तक ऑनलाइन सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी।
प्रदेश में नए पॉलिटेक्निक संस्थानों के निर्माण और वर्तमान संस्थानों के उच्चीकरण से तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। नई और उभरती टेक्नोलॉजी मिशन के अंतर्गत रोबोटिक्स, ड्रोन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों में अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। आकाशीय विद्युत से बचाव और पूर्व चेतावनी हेतु सैटेलाइट पेलोड और सेंसर की व्यवस्था प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करेगी।
]]>लखनऊ
विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश निर्णायक छलांग लगाने की ओर कदम बढ़ा रहा है। इस क्षेत्र को और गतिशील बनाने के लिए योगी सरकार ने बजट 2026-27 के माध्यम से विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं आईटी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। इस पहल से प्रदेश न केवल डिजिटल और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान और नवाचार का प्रमुख केंद्र भी बनेगा।
बजट में इंडिया एआई मिशन और इंडिया एआई डेटा लैब को आगे बढ़ाने के साथ उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित समाधान विकसित करना है। साथ ही उत्तर प्रदेश स्टेट डेटा सेंटर और उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर क्लस्टर को सुदृढ़ कर प्रदेश को सुरक्षित डेटा भंडारण और क्लाउड सेवाओं का बड़ा हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर में यू-हब की स्थापना से स्टार्टअप और नवाचार को नई ऊर्जा मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन हब के माध्यम से युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी संसाधन, मेंटरशिप और निवेश के अवसर उपलब्ध होंगे। टेक युवा समर्थ युवा योजना के तहत तकनीकी क्षेत्र में दक्ष युवाओं को प्रोत्साहन देकर उन्हें रोजगार और कारोबार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। साइबर सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ कर योगी सरकार डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार कदम उठा रही है। यूपी स्टेटवाइड एरिया नेटवर्क-3 के विस्तार से शासन की डिजिटल कनेक्टिविटी और तेज होगी। इससे जिला और तहसील स्तर तक ऑनलाइन सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी।
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