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कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने जिले में लगातार राजस्व महाअभियान की मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, इसमें गति प्रदान करने हेतु विगत दिनों तहसील चंदिया के साथ सर्किल लोढा और कौडिया में अभियान के प्रगति का जायजा लिया गया। जहां राजस्व महा अभियान के क्रियान्वायन में अपेक्षित गति नहीं पाए जाने पर चंदिया के तहसीलदार कर्तव्य अग्रवाल और सर्किल कौडिया एवं लोढा प्रभारी नायब तहसीलदार कौशल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होने स्पष्ट किया है कि अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरअसल, कलेक्टर धरणेंद्र कुमार ने जिले के समस्त एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि अभियान में लापरवाही बरतने वाले राजस्व विभाग के मैदानी अमले पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही राजस्व विभाग का अमला ग्रामीण क्षेत्रो में राजस्व शिविरों का आयोजन करें। इसके अलावा किसानों से आवेदन प्राप्त कर उनका निराकरण सुनिश्चित करें। इसी काम में लापरवाही पाए जाने पर एक्शन लिया गया है।
राजस्व मामलों की जांच करने पहुंचे कलेक्टर
कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने तहसील चंदिया न्यायालय तहसीलदार कर्तव्य अग्रवाल के राजस्व के मामलों की जांच की। जहां कई केस में लापरवाही बरती गई थी। जिस पर तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने जमीन मालिक रामकिशोर सिंह गोंड के केस का निरीक्षण तो पता चला कि 24 जून 2024 के बाद पेशी नहीं लगाई गई है। जिससे यह केस समय-सीमा से बाहर हो गया है। इसी तरह भूस्वामी मोहम्मद गौस ऊर्फ गोलू के केस की जांच करने पर सामने आया कि इस केस को आरसीएमएस में डिस्पोज कर दिया गया है। लेकिन इसका कोई भी आदेश ऑनलाइन अपलोड नहीं है। शासन के निर्देशानुसार आरसीएमएस पोर्टल में रजिस्टर केस का निराकरण शत-प्रतिशत किये जाने के निर्देश हैं।
जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
कलेक्टर ने तहसीलदार को कारण नोटिस जारी किया। साथ ही कहा कि आपके द्वारा न्यायालयीन प्रकरणों में अपेक्षित प्रगति न होने के कारण प्रदेश स्तर पर जिले की प्रगति प्रभावित हुई है। जो कि आपके पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता को दर्शाता है। आपका उक्त कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत है। नोटिस जारी करने के साथ उनसे पूछा गया है कि आपको पद से क्यों नहीं हटाया जाए इसका 7 दिन के अंदर जवाब दें।
नायब तहसीलदार को भी मिला नोटिस
इसी तरह कलेक्टर ने चंदिया तहसील के अंदर आने वाले वृत्त कौडिया और लोढ़ा औचक निरीक्षण किया। जहां राजस्व के कई मामलों में लापरवाही सामने आई है। इसके साथ ही राजस्व के मामले में कोई प्रगति नहीं दिखने पर नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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राज्य के भू-स्वामियों को पटवारी रिकार्ड में त्रुटियों में सुधार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की पहल पर राजस्व विभाग ने भू-स्वामियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अब पटवारी रिकार्ड में दर्ज त्रुटियों का निराकरण करने के लिए तहसीलदारों को अधिकृत किया है। पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को भू-स्वामियों के पटवारी रिकार्ड के त्रुटियों को निराकृत करने के लिए प्राधिकृत किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप राजस्व रिकार्ड में त्रुटि सुधार के अभ्यावेदन पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी और इसके लिए तहसीलदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ राज पत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार विशेष सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 (क्र. 20 सन् 1959) की धारा 24 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार द्वारा उक्त संहिता की धारा 115 के अधीन तहसीलदार को भूमि स्वामी उसके पिता, पति के नाम, उपनाम, जाति, पते में लिपिकीय त्रुटि सुधार करने अधिकृत किया गया है। इसी प्रकार राजस्व रिकार्ड में कैफियत कॉलम में की गई त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि में सुधार करना, त्रुटिवश जोड़े गये खसरों को पृथक करना, भूमि के सिंचित, असिंचित होने संबंधी प्रविष्टि में सुधार करना, भूमि के एक फसली तथा बहु फसली की प्रविष्टि में त्रुटि सुधार करने के लिए तहसीलदार को अधिकृत किया गया है।
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