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उत्तराखंड में इस साल अक्टूबर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि यूसीसी लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी संकेत दिए थे कि प्रदेश में जल्द ही यूसीसी लागू किया जा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राज्य सरकार द्वारा पारित विधेयक को इस साल मार्च में ही मंजूरी दे चुकी हैं।
यूसीसी के तहत अब राज्य में विवाह, तलाक, उत्तराधिकारी और लिव इन रिलेशनशिप को नियंत्रित किया जाएगा। यूसीसी के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी निजी कानूनों को समाप्त कर दिया जाएगा।
इस संबंध में पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में कहा था, "यह कानून समानता, एकरूपता और समान अधिकार का है। इसे लेकर कई तरह की शंकाएं थीं, लेकिन विधानसभा में दो दिन की चर्चा से सब कुछ स्पष्ट हो गया। यह कानून किसी के खिलाफ नहीं है। यह उन महिलाओं के लिए है, जिन्हें सामाजिक कारणों से परेशानी का सामना करना पड़ता है।" उन्होंने आगे कहा था, “इससे उनका (महिलाओं का) आत्मविश्वास मजबूत होगा। यह कानून महिलाओं के समग्र विकास के लिए है।"
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