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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक और बड़ा कानूनी झटका लगा है। फेडरल कोर्ट ने उस निर्णय पर रोक लगा दी है, जिसके तहत ट्रंप प्रशासन कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के लिए जारी फंड को तुरंत रोकना चाहता था। यह फैसला उस समय आया है जब ट्रंप सरकार कई विश्वविद्यालयों पर यह आरोप लगाकर कार्रवाई कर रही है कि वे नस्लीय भेदभाव और यहूदी-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
सैन फ्रांसिस्को की जिला अदालत की जज रीटा लिन ने साफ कहा कि प्रशासन विश्वविद्यालय को न तो फंड में कटौती कर सकता है और न ही उस पर कोई त्वरित जुर्माना लागू कर सकता है। इतना ही नहीं, कोर्ट ने उन यूनियनों और संगठनों की याचिका पर भी सहमति जताई है, जो छात्रों, कर्मचारियों और फैकल्टी के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका दावा है कि ट्रंप प्रशासन विरोधी आवाज़ों को दबाने के इरादे से कार्रवाई कर रहा है, जो अमेरिकी संविधान का उल्लंघन है।
क्या था ट्रंप प्रशासन का दावा?
ट्रंप ने कई प्रतिष्ठित कॉलेजों को “उदारवादी और यहूदी-विरोधी विचारधारा से प्रभावित” बताते हुए दर्जनों विश्वविद्यालयों की जांच शुरू करवाई थी। उनका कहना है कि विविधता और समावेशन के नाम पर श्वेत और एशियाई छात्रों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो नागरिक अधिकार कानून के खिलाफ है।
1.2 अरब डॉलर का जुर्माना और फंड पर रोक
ट्रंप प्रशासन ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय पर 1.2 अरब डॉलर का भारी भरकम जुर्माना भी लगाया था और रिसर्च फंड पर रोक लगा दी थी। यही नहीं, कोलंबिया सहित कुछ निजी विश्वविद्यालयों के फेडरल फंड भी इसी तरह की कार्रवाई के तहत रोक दिए गए।
यूसी अध्यक्ष जेम्स बी. मिलिकेन ने इस जुर्माने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इतना बड़ा दंड संस्था की बुनियाद को हिला देगा और उसके संचालन को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। कोर्ट का यह फैसला फिलहाल विश्वविद्यालयों को बड़ी राहत देता है और ट्रंप प्रशासन की उस नीति पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है, जिसके तहत वह विश्वविद्यालयों पर राजनीतिक और वैचारिक दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।
]]>अमेरिकी राजनीतिज्ञ और बर्खास्त वकील रूडी गिउलिआनी की मुश्किले बढ़ती जा रही है। जहां शुक्रवार को अदालत की अवमानना का दोषी पाया गया। यह फैसला जॉर्जिया के दो पूर्व चुनाव कार्यकर्ताओं, वांड्रिया शे मॉस और उनकी मां रूबी फ्रीमैन के बारे में झूठ फैलाने के मामले में आया।
अदालत की जूरी ने गिउलिआनी को इन महिलाओं के खिलाफ 148 मिलियन डॉलर का मानहानि का फैसला सुनाया। मामले में वाशिंगटन के डीसी के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज बेरिल हॉवेल ने यह पाया कि गिउलिआनी ने अदालत के आदेशों का उल्लंघन किया, जो महिलाओं के खिलाफ झूठी बातें फैलाने से रोकते थे। जज ने गिउलिआनी को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने भविष्य में ऐसा किया, तो उन्हें जेल भी हो सकता है।
गिउलिआनी पर मानहानी का मुकदमा
मॉस और फ्रीमैन ने 2020 के चुनाव के दौरान गिउलिआनी पर चुनाव धोखाधड़ी का झूठा आरोप लगाने के लिए मानहानि का मुकदमा दायर किया था। गिउलिआनी के झूठे आरोपों के कारण इन महिलाओं को नस्लवादी धमकियों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। बता दें कि सुनवाई के शुरू होने से पहले, गिउलिआनी ने सोशल मीडिया पर जज की आलोचना की और उन्हें पक्षपाती बताया, साथ ही इस कार्यवाही को "समय की बर्बादी" भी कहा।
सीरिया में दमिश्क की मस्जिद में भगदड़ से 4 लोगों की मौत
दमिश्क में ऐतिहासिक उमय्यद मस्जिद में शुक्रवार को भगदड़ मचने से चार लोगों की मौत हो गई और 16 घायल हो गए। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में बच्चों को फ्रैक्चर, गंभीर चोटें और बेहोशी जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा। दमिश्क के गवर्नर माहेर मारवान ने बताया कि अधिकारी घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीरिया के नए शासकों ने 8 दिसंबर को दमिश्क पर कब्जा कर लिया। इसी के राष्ट्रपति बशर अल-असद का 13 साल से अधिक का शासन समाप्त हो गया। एक लंबे चले गृह युद्ध के बाद उन्हें भागने के लिए मजबूर होना पड़ा और उनके परिवार के दशकों लंबे शासन का अंत हो गया।
वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने ली तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने शुक्रवार को तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली। हालांकि, उनके प्रतिद्वंद्वी के हालिया चुनाव जीतने के विश्वसनीय सबूत हैं। मादुरो ने सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से नियंत्रित नेशनल असेंबली के समक्ष पद की शपथ ली। एक दिन पहले राजनीतिक विपक्ष की सबसे प्रमुख नेता ने बताया था कि उन्हें राज्य सुरक्षा बलों ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। सरकार ने तुरंत आरोप का खंडन किया, लेकिन इस दावे ने फिर से वेनेजुएला के लंबे समय से चल रहे राजनीतिक संकट की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। यह संकट तब और गहरा गया, जब सत्तारूढ़ पार्टी के प्रति निष्ठावान चुनाव अधिकारियों ने 28 जुलाई को मतदान समाप्त होने के कुछ घंटों बाद मादुरो को विजेता घोषित कर दिया था, लेकिन पिछले राष्ट्रपति चुनावों की तरह उन्हें कितना मत मिला उसकी संख्या नहीं बताई। इस बीच विपक्ष ने दावा किया कि उसने 80 प्रतिशत से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से मतों की गणना एकत्र किए और पता चला कि गोंजालेज को मादुरो से दोगुने वोट मिले हैं। फिलहाल, वेनेजुएला और विदेशों में मादुरो के बढ़ते दमनकारी शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं।
चीन में स्कूली छात्र की मौत से गुस्साए लोग पुलिस से भिड़े
चीन में जहां सरकार की सख्ती के चलते विरोध-प्रदर्शनों को होने ही नहीं दिया जाता, वहीं उत्तर-पश्चिमी शानक्सी प्रांत में एक स्कूल के बाहर प्रदर्शनकारियों व पुलिस में भिड़ंत हो गई। प्रदर्शनकारी छात्र डांग (17) की मौत से गुस्साए थे। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आने से पूरा मामला उजागर हुआ। पुलिस ने जैसे ही प्रदर्शनकारियों को रोका, लोगों का एक समूह पुलिस से भिड़ गया। पुलिस का दावा था कि छात्र की मौत इमारत से गिरने के चलते हुए जबकि परिजनों ने कहा, पुलिस फुटेज व साक्ष्य छिपा रही है।
राष्ट्रपति जो बाइडन बुधवार को ओवल ऑफिस से देंगे विदाई भाषण
राष्ट्रपति जो बाइडन बुधवार को ओवल ऑफिस से अपना विदाई भाषण देंगे, जो उनके शपथ ग्रहण से पांच दिन पहले होगा। यह भाषण 8 बजे पूर्वी समय पर होगा और यह बिडेन का अमेरिकियों और दुनिया से बात करने का आखिरी बड़ा मौका होगा, जब वह 20 जनवरी को पद छोड़ने से पहले राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
बाइडन के प्रसे सचिव ने दी जानकारी
बाइडन के प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने शुक्रवार को कहा कि बाइडन अपने 50 साल के सार्वजनिक सेवा करियर पर विचार करेंगे और इसके साथ ही भविष्य के बारे में कुछ विचार साझा करेंगे। उनका भाषण देश के सामने अमेरिका के नेतृत्व की दिशा और वैश्विक मुद्दों पर आधारित होगा।
उत्तरी बेनिन में उग्रवादियों के हमले से बेनिन सेना को भारी नुकसान
उत्तरी बेनिन में उग्रवादियों के हमले से बेनिन की सेना को भारी नुकसान होने की खबर सामने आ रही है। मामले में अधिकारियों ने बताया कि इस हफ्ते बेनिन के उत्तर में एक सैन्य चौकी पर हुए हमले में उग्रवादियों ने सशस्त्र बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाया। इस हमले से पश्चिम अफ्रीका के तटीय देशों में जिहादी गतिविधियों के फैलने की चिंता बढ़ गई है।