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आधुनिक रेलडिब्बा कारखाना (आरेडिका) में बन रही वंदे भारत ट्रेन बनकर तैयार है, अब इसका ट्रायल किया जा रहा है। इसका पहला गति परीक्षण सफल रहा है। महाप्रबंधक ने स्वयं इंजन में बैठकर परीक्षण को परखा। आरेडिका अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी होने में अभी दो सप्ताह का समय लग सकता है। होली के पहले वंदे भारत के आरेडिका से निकलने की उम्मीद है।
वंदे भारत ट्रेन के 16 डिब्बों की रैक को बनाने का काम आरेडिका को मिला था। पहले दौर में आरेडिका की अधिकारियों की टीम जानकारी जुटाने के लिए आइसीएफ चेन्नई गई थी। वहां से टीम के आने के बाद निर्माण का काम शुरू हो सका। अब वंदे भारत ट्रेन बनकर तैयार है। उसके ट्रायल की प्रक्रिया चल रही है।
एक लघु ट्रायल रन में ट्रैक्शन, गति व ओवरहेड इक्विपमेंट से लिए गए करंट जैसे प्रमुख परीक्षण मानकों का अवलोकन किया गया। ट्रायल शेड से प्रारंभिक संचालन के दौरान रैक की गति को 10 किलोमीटर प्रति घंटा की निर्धारित गति पर परीक्षण किया गया। ब्रेक प्रतिक्रिया, पैसेंजर एनाउंसमेंट एवं पब्लिक इंफार्मेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली व ट्रैक्शन के दौरान प्रणाली के व्यवहार का भी परीक्षण किया गया।
महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्र ने कहा कि यह उपलब्धि एमसीएफ व उसके उद्योग सहयोगियों के बीच सुदृढ़ समन्वय व सहयोग का प्रतीक है जो वंदे भारत परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 12 फरवरी को आयोजित ट्रायल पूर्व निरीक्षण के दौरान मेसर्स सीमेंस के जर्मन अभियंता क्रिस्टोफ गोएट्ज, सैंड्रा स्पोंसेट व सेबास्टियन शोएसर, पदमाकर डीके, सैत करकृ ने तकनीकी कार्रवाई में सक्रिय सहभागिता की थी। उन्हाेंने बताया कि यह ट्रायल एमसीएफ की अत्याधुनिक, उच्च गति वाली ट्रेनसेट के निर्माण के लिए उसकी प्रतिबद्धता, नवाचार क्षमता व उत्कृष्टता के प्रति समर्पण को स्थापित करता है।
]]>प्रधानमंत्री मोदी ने काशी से चार नई वंदे भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी
वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस का बनारस स्टेशन से किया शुभारंभ
पीएम ने दिल्ली-फिरोजपुर, लखनऊ-सहारनपुर और एर्नाकुलम-बेंगलुरू ट्रेनों को वर्चुअली झंडी दिखाकर किया रवाना
– कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी रहे उपस्थित
– केरल के राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी भी समारोह से जुड़े
– पीएम मोदी बोले- वंदे भारत ट्रेन भारत की आत्मनिर्भरता की पहचान
– देश में अब 160 से ज्यादा वंदे भारत ट्रेन दौड़ रही हैं पटरियों पर
– काशी से खजुराहो तक वंदे भारत से तीर्थयात्रा होगी सुगम
– विकसित भारत की नींव मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर से- पीएम मोदी
– आस्था और विकास का संगम है वंदे भारत नेटवर्क
बोले- यूपी के तीर्थ स्थलों ने बढ़ाया प्रदेश की अर्थव्यवस्था का ग्राफ
– पिछले साल बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे थे 11 करोड़ श्रद्धालु
– अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं 6 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु
– पर्यटन से यूपी में हजारों करोड़ का आर्थिक लाभ : प्रधानमंत्री मोदी
– काशी अब बन रही है पूर्वांचल की हेल्थ कैपिटल
– प्रधानमंत्री बोले- काशी की गति और ऊर्जा बनाए रखनी है
– वंदे भारत से बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को भी मिल रहा मंच
– पीएम मोदी ने बच्चों के कवि सम्मेलन कराने की जताई इच्छा
वाराणसी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को बनारस रेलवे स्टेशन से चार नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री ने बनारस रेलवे स्टेशन से रवाना किया, जबकि दिल्ली-फिरोजपुर, लखनऊ-सहारनपुर और एर्नाकुलम-बेंगलुरू वंदे भारत एक्सप्रेस को उन्होंने वर्चुअली झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, एर्नाकुलम से केरल के राज्यपाल राजेन्द्र अर्लेकर, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी और जॉर्ज कुरियन, फिरोजपुर से केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू तथा लखनऊ से उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक उपस्थित रहे।
देश की प्रगति का सबसे बड़ा आधार मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत भोजपुरी में करते हुए कहा, “बाबा विश्वनाथ के ई पावन नगरी में आप सब लोगन के काशी के परिवारजन के हमार प्रणाम। देव दीपावली के बाद आज के दिन भी काशी के विकास पर्व पर आप सबके शुभकामना देत हईं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित देशों की प्रगति का सबसे बड़ा आधार मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर रहा है। भारत भी अब तेजी से उसी राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क, सड़कों और नई व्यवस्थाओं के विस्तार से देश के हर हिस्से में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है।
पावन धाम अब वंदे भारत नेटवर्क से जुड़ रहे हैं
पीएम मोदी ने बताया कि देश में अब 160 से अधिक वंदे भारत ट्रेन संचालित हो रही हैं। ये ट्रेन भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और आत्मनिर्भरता की प्रतीक हैं। “वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत ट्रेनें भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव तैयार कर रही हैं। वंदे भारत भारतीयों द्वारा भारतीयों के लिए बनाई गई ट्रेन है, जिस पर हर भारतीय को गर्व है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तीर्थ यात्राएं केवल धार्मिक नहीं, बल्कि देश की आत्मा को जोड़ने वाली परंपरा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज, अयोध्या, हरिद्वार, चित्रकूट, कुरुक्षेत्र जैसे पावन धाम अब वंदे भारत नेटवर्क से जुड़ रहे हैं, जिससे आस्था और विकास दोनों का संगम हो रहा है।
तीर्थाटन और पर्यटन से आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिला
उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्ष में उत्तर प्रदेश में तीर्थाटन और पर्यटन से आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिला है। “पिछले वर्ष 11 करोड़ श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने आए, जबकि अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद 6 करोड़ से अधिक लोग रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इससे यूपी की अर्थव्यवस्था को हजारों करोड़ का लाभ हुआ और लाखों लोगों को रोजगार मिला।”
काशी अब पूर्वांचल की हेल्थ कैपिटल
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी पूर्वांचल की हेल्थ कैपिटल बन गया है। पहले मरीजों को इलाज के लिए मुंबई जाना पड़ता था, लेकिन अब शहर में ही अत्याधुनिक अस्पताल, कैंसर सेंटर, आयुष्मान भारत और जन औषधि केंद्रों से लोगों को राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि “काशी में रहना, काशी आना और यहां जीना अब सबके लिए विशेष अनुभव बन गया है।” प्रधानमंत्री ने बताया कि शहर में सड़कों, गैस पाइपलाइन, स्टेडियम, और रोपवे जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट तेजी से पूरे हो रहे हैं।
सांसद के रूप में मुझे गर्व है कि मेरे शहर के बच्चे इतने प्रतिभाशाली
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान काशी के बच्चों की प्रतिभा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनों के उद्घाटन के दौरान विद्यार्थियों ने “विकसित भारत” पर सुंदर कविताएं और चित्र प्रस्तुत किए। “काशी के सांसद के रूप में मुझे गर्व है कि मेरे शहर के बच्चे इतने प्रतिभाशाली हैं। मैं चाहता हूं कि इन बच्चों का कवि सम्मेलन काशी में कराया जाए और कुछ बच्चों को पूरे देश में ले जाया जाए।” प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में काशी की भूमिका अग्रणी रहेगी। “हमें काशी की ऊर्जा और गति बनाए रखनी है, ताकि भव्य काशी, समृद्ध काशी का सपना साकार हो सके।”
सूत्रों के अनुसार यह घटना प्लेटफॉर्म नंबर 1 की है। वहां मौजूद यात्रियों ने पूरी घटना अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोको पायलट बिना किसी झिझक के ट्रैक पर पेशाब कर रहा है, जबकि आसपास कई यात्री मौजूद थे। रेलवे के नियमों के अनुसार, स्टेशन पर रुकने के दौरान स्टाफ के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध रहती है, लेकिन पायलट ने उसका उपयोग नहीं किया। इस घटना ने न केवल रेलवे की छवि पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्वच्छ भारत अभियान की भावना को भी ठेस पहुंचाई है।
रेलवे प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से यात्रियों में आक्रोश और हैरानी दोनों देखी जा रही है। हालांकि पंजाब केसरी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
]]>'फ्यूचर-रेडी रेलवे' थीम पर आधारित यह प्रदर्शनी 17 अक्टूबर तक भारत मंडपम में चलेगी, जिसमें 15 से भी अधिक देशों के 450 से अधिक कंपनियां आधुनिक रेल, मेट्रो उत्पाद, नवाचार एवं समाधान प्रदर्शित कर रही हैं।
7 हजार KM लंबा यात्री कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी
रेलमंत्री ने कहा कि विकसित भारत विजन के तहत वर्ष 2047 तक लगभग सात हजार किमी लंबे समर्पित यात्री कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। ये कॉरिडोर अधिकतम 350 किमी प्रतिघंटा और परिचालन गति 320 किमी प्रतिघंटा तक के लिए डिजाइन किए जाएंगे। ये पूरी तरह स्वदेशी सिग्नलिंग सिस्टम और आधुनिक आपरेशन कंट्रोल सेंटर से सुसज्जित होंगे।
जल्द ही आएगा वंदे भारत ट्रेनों का चौथा संस्करण
वैष्णव ने वंदे भारत ट्रेन को देश की बड़ी सफलता करार दिया और कहा कि यह तकनीकी मानकों पर विश्व की सर्वश्रेष्ठ ट्रेनों की बराबरी करती है। भारत में अभी वंदे भारत-3 ट्रेनें चल रही हैं, जो अपने पिछले संस्करणों से काफी उन्नत है। यह जीरो से सौ किमी प्रतिघंटा की रफ्तार सिर्फ 52 सेकंड में पकड़ लेती है, जो जापान और यूरोप की कई ट्रेनों से अधिक है।
उन्होंने कहा कि अगले 18 महीनों में वंदे भारत-4 लाने का लक्ष्य है, जो प्रदर्शन और यात्री सुविधा के हर पहलू में वैश्विक मानक स्थापित करेगी। नए संस्करण में बेहतर टॉयलेट्स, आरामदायक सीटें और उच्च गुणवत्ता वाले कोच होंगे, ताकि यह ट्रेन दुनिया की सर्वश्रेष्ठ यात्री ट्रेन के रूप में पहचानी जाए।
अमृत भारत ट्रेनों पर क्या बोलें अश्विनी वैष्णव?
इसी तरह अभी अमृत भारत-2 का परिचालन हो रहा, जबकि संस्करण-3 पुश-पुल तकनीक पर आधारित है, जो लंबी दूरी की यात्रा के लिए उपयुक्त होगी। उन्होंने कहा कि अमृत भारत-4 में अगली पीढ़ी के ट्रेनसेट और लोकोमोटिव शामिल होंगे, जिनका डिजाइन और निर्माण अगले 36 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।
वैष्णव ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 35,000 किमी नई लाइनें बिछाई गईं और 46,000 किमी रेलमार्गों का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। देश में अभी 156 वंदे भारत, 30 अमृत भारत और चार नमो भारत चल रही हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रिकार्ड सात हजार से अधिक कोच, लगभग 42,000 वैगन और 1,681 लोकोमोटिव का निर्माण किया गया। देश का पहला 9,000 हार्सपावर का इलेक्टि्रक लोकोमोटिव शुरू किया गया। इसी तरह 12 हजार एचपी इंजन पहले से ही चल रहे हैं।
भारतीय रेल अमेरिका को पीछे छोड़कर अब दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी माल ढुलाई नेटवर्क बन चुकी है। बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। नवाचार पर विशेष ध्यान है। इसके लिए चालू वर्ष में एक लाख 16 हजार करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली 'कवच' भी शामिल है।
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ट्रेन नंबर 22490 वंदे भारत एक्सप्रेस बुधवार सुबह छह बजकर 35 मिनट पर मेरठ से रवाना हुई, जबकि ट्रेन नंबर 22489 वाराणसी से सुबह नौ बजकर दस मिनट पर मेरठ के लिए चली। बता दें कि पहले यह ट्रेन मेरठ से लखनऊ के लिए चलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर वाराणसी तक बढ़ा दिया गया है।
ट्रेन को लेकर लोगों में जबरदस्त क्रेज
मंगलवार की शाम तक 27 अगस्त के लिए मेरठ से अयोध्या के लिए 69 और बनारस के लिए 18 लोगों ने चेयरकार श्रेणी में सीटें रिजर्व कराईं। इसके अलावा मेरठ से बनारस के एग्जिक्यूटिव श्रेणी में तीन रिजर्वेशन हुए हैं। बता दें कि लखनऊ तक चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस को अयोध्या और वाराणसी से जोड़ने के लिए दैनिक जागरण ने काफी प्रयास किए थे और समय-समय पर इस मांग को प्रमुखता से उठाया था।
इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने इस मुहिम को आगे बढ़ाया और एक महीने पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन को अयोध्या और वाराणसी तक विस्तारित करने पर हरी झंडी दे दी थी।
29 अगस्त को सबसे ज्यादा बुकिंग
मंगलवार की शाम तक पहले दिन ट्रेन में चेयरकार श्रेणी में कुल 478 सीटों में 281 सीटें बुक हुई हैं। एग्जिक्यूटिव श्रेणी में कुल 52 सीटों में 27 बुक हैं। 29 अगस्त के लिए ट्रेन में सबसे ज्यादा बुकिंग है, जहां चेयरकार में 291 सीटें बुक हैं। इसी दिन ट्रेन का एग्जिक्यूटिव कोच पूरी तरह बुक है, जिसमे एक वेटिंग चल रही है। भारतीय रेलवे ने ट्रेन का संशोधित टाइम टेबल भी जारी कर दिया है, जहां ट्रेन का मेरठ से चलने और लखनऊ पहुंचने के समय में कोई परिवर्तन नहीं है। लेकिन 27 अगस्त से ट्रेन लखनऊ से वर्तमान समय 2:45 की जगह 1:50 बजे मेरठ के लिए प्रस्थान करेगी।
एमपी में चल रहीं वंदेभारत एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश की पहली वंदेभारत भोपाल निजामुद्दीन और बाद में चलनेवाली इंदौर नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस तथा रानी कमलापति रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की ऑक्यूपेंसी बेहतर होती जा रही है। रेलवे बोर्ड द्वारा वंदे भारत के संबंध में जोन और मंडलों से बुलाई गई रिपोर्ट के अनुसार भोपाल निजामुद्दीन वंदेभारत एक्सप्रेस में तो सीटों की जबर्दस्त कमी पड़ रही है। इसकी ऑक्यूपेंसी और पैसेंजर डिमांड को देखते हुए भोपाल रेल मंडल ने बड़ा फैसला लिया है। मंडल ने भोपाल निजामुद्दीन वंदेभारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए अब रेलवे बोर्ड की मंजूरी मांगी गई है।
एमपी की राजधानी भोपाल को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़नेवाली रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। ट्रेन नंबर 20171 रानी कमलापति-निजामुद्दीन की ऑक्यूपेंसी जहां 94 प्रतिशत है वहीं ट्रेन नंबर 20172 निजामुद्दीन-रानी कमलापति वंदेभारत 112 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी से चल रही है।
ट्रेन में तेजी से बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाए जा रहे हैं। इससे रेल यात्रियों को खासी राहत मिल सकेगी। भोपाल रेल मंडल ने रेलवे बोर्ड को वंदे भारत ट्रेन में 4 कोच बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। मंडल अधिकारियों के अनुसार बोर्ड से इसकी जल्द मंजूरी मिल सकती है।
रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस अभी 16 कोच की ट्रेन है। इसमें 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच और 14 एसी चेयर कार कोच हैं। इस प्रकार कुल 1128 सीटें हैं। 4 कोच बढ़ाने पर रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत में 432 सीटें बढ़ जाएंगी।
20 कोच से रोज 1560 यात्री कर सकेंगे सफर
भोपाल रेल मंडल के अधिकारी बताते हैं कि रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोच की करने से इसमें रोज 1560 यात्री सफर कर सकेंगे। नया प्रस्ताव मंजूर होने पर ट्रेन में 2 एसी चेयर कार और 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच बढ़ जाएंगे। इस प्रकार रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल 4 एग्जीक्यूटिव क्लास और 16 चेयर कार कोच हो जाएंगे।
भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया बताते हैं कि रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोच की करने का फैसला लिया गया है। रेलवे बोर्ड से जल्द ही इसकी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
]]>ऐसे में साफ है कि तीन जुलाई से आरंभ होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी इस बार वंदे भारत रेल का सफर कर इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ कटड़ा से श्रीनगर जाने के इच्छुक लोगों को भी वंदे भारत का इंतजार करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
कटड़ा से श्रीनगर जाने के लिए 18 जून तक दोनों वंदे भारत में प्रतिक्षा सूची में टिकट उपलब्ध है। ऐसा अनुमान है कि वार्षिक अमरनाथ यात्रा अवधि तक वंदे भारत में दोनों तरफ से इसी तरह की भीड़ देखने को मिलेगी।
बता दें कि कटड़ा और श्रीनगर के बीच चलने वाली दो वंदे भारत को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी। रेलवे से संबंधित अधिकारियों का कहना है कि श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत का जबरदस्त क्रेज है।
कटरा से श्रीनगर को जोड़ती है वंदे भारत
पीएम मोदी ने 6 जून को कटरा से श्रीनगर को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat express) का उद्घाटन किया था. जो अब जम्मू कश्मीर के पर्यटन उद्योग के लिए नई उम्मीद जगाई है. कटरा से कश्मीर तक का सफर लोगों के लिए रोमांच और उत्साह का केंद्र बन चुका है. यह ट्रेन दुनिया के सबसे ऊंचे पुल ‘चिनाब ब्रिज’ (Chenab Rail Bridge) से होकर गुजरती है. जो यात्रियों को सपने जैसा अनुभव देता है.
43 हजार करोड़ का है ये रेल प्रोजेक्ट
कटरा को कश्मीर से जोड़ने वाले इस रेल प्रोजेक्ट को बनाने में 43 हजार करोड़ रुपये का खर्च आया है. यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग के किसी चमत्कार से कम नहीं है. ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच से निकलती वंदे भारत ट्रेन यात्रियों को स्वर्ग का अनुभव दे रही है.
हर दिन लंबी होती जा रही है वेटिंग लिस्ट
कटरा-श्रीनगर रेलवे रुट के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने दो वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई थी. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कटरा से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन की यात्रियों में जबरदस्त डिमांड है. भीड़ के हिसाब से दो ट्रेनें कम पड़ जा रही है.
हर मौसम में कश्मीर जा सकेंगे पर्यटक
कटरा से श्रीनगर के बीच की दूरी करीब 190 किलोमीटर है. जिसे वंदे भारत तीन घंटे से भी कम समय में तय करती है. जिससे यात्रा का समय आधा रह जाता है. कठोर सर्दियों में जहां रोड कनेक्टिविटी ठप हो जाती है. वहीं वंदे भारत सालों भर चलेगी. जिससे कश्मीर और शेष भारत के बीच कनेक्टिविटी लगातार बनी रहेगी.
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ट्रेन नई दिल्ली (NDLS) से सुबह 5:30 बजे छूटेगी। इसका प्रयागराज (PRYJ पहुंचने का समय दोपहर 12:00 बजे है। दोपहर 2:20 बजे यह वाराणसी (BSB) पहुंचेगी। वापसी में BSB से चलने का समय दोपहर 3:15 बजे है। प्रयागराज पहुंचने का समय शाम 5:20 बजे है। यह रात 11:50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।
कुंभ मेले के लिए यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल वंदे भारत ट्रेन 15 फरवरी 2025 से चलेगी। इसके चलने का समय और दिन ऊपर बताए गए समय के अनुसार ही रहेंगे।
लाखों लाख श्रद्धालु हर दिन कुंभ में हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। अब तक करोड़ों लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं। कुंभ एक विशाल और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है जो हर 12 साल बाद भारत के चार पवित्र स्थानों में से एक में आयोजित किया जाता है। 2025 में कुंभ मेला प्रयागराज में आयोजित हो रहा है। यह एक ऐसा अवसर होता है जब करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम पर स्नान करने के लिए जुटते हैं।
रेलवे की अन्य तैयारियां: कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए रेलवे अतिरिक्त विशेष ट्रेनों, प्लेटफॉर्म प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है. मुख्य रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, मेडिकल सुविधा और विशेष गाइडेंस केंद्र स्थापित किए गए हैं. प्रयागराज, वाराणसी और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त रेलवे कर्मियों और आरपीएफ जवानों की तैनाती की गई है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कुंभ के दौरान ट्रेन सेवाओं में किसी भी व्यवधान से बचने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी. टिकट बुकिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त कोच और विशेष ट्रेनें चलाने की योजना भी बनाई गई है.
यात्रियों से रेलवे की अपील: रेलवे ने कुंभ मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे टिकट पहले से बुक कर लें और यात्रा के दौरान रेलवे की सुरक्षा एवं स्वच्छता निर्देशों का पालन करें. साथ ही स्टेशनों पर अनावश्यक भीड़ न बढ़ाने और सुविधाओं का सुव्यवस्थित उपयोग करने की सलाह दी गई है. उत्तर रेलवे के इस विशेष वंदे भारत ट्रेन के संचालन से कुंभ यात्रियों को तेज़, सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा और भी आसान हो जाएगी.
]]>बताया जा रहा है कि अभी पश्चिम मध्य रेलवे के लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन मैनेजर आदि अधिकारी व कर्मचारियों का पेशेवर प्रशिक्षण भुसावल और उदयपुर में होता है। इसको अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए निशातपुरा में मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर की परिकल्पना की गई थी। अब उसमें वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेन प्रणाली के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल भी जोड़ दिया गया है।
तैयार होगी विशेष लैब
यहां वंदे भारत लोको सिमुलेटर लैब को तैयार किया जा रहा है। इस लैब में वंदे भारत के लोको पायलट ट्रैक पर वास्तविक ट्रेन संचालन का अनुभव कर पाएंगे। इसमें उन्हें लोको पायलट केबिन से नियंत्रित होने वाली प्रणालियों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें कब, कहां कितनी गति रखनी है, किन परिस्थितियों में ब्रेक लगाना है, सिग्नल की प्रक्रिया आदि का प्रशिक्षण भी सिमुलेटर पर ही दिया जाएगा।
इनका मिलेगा प्रशिक्षण
ट्रेनिंग सेंटर में तकनीकी, सिग्नल, दूरसंचार, इंजीनियरिंग, लेखा, कार्मिक, भंडार, रेलों की विविध प्रणाली, यातायात विभाग से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस केंद्र में देशभर से रेलवे अधिकारी.कर्मचारी प्रशिक्षण लेने आएंगे।
केंद्र में ऐसी सुविधा होगी
इस प्रशिक्षण केंद्र में 80 बिस्तरों वाला होस्टल, कैंटीन, प्रशासनिक भवन, पुस्तकालय, कंप्यूटर केंद्र, सभागार, चिकित्सा कक्ष जैसी सुविधाएं बनाई जा रही हैं। यह केंद्र अगले साल तक शुरू हो जाएगा।
निशातपुरा के पास मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण शुरू हो गया है। जल्द ही यहां रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी को प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी।
– सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम, भोपाल रेल मंडल
]]>विशाखापट्टनम से दुर्ग की ओर आ रही वंदे भारत में यात्रा कर रहे सुपेला भिलाई निवासी अप्पल नायडू ने बताया कि खरियार रोड पर जैसे ही ट्रेन पहुंचने वाली थी। उसके पहले ट्रेन पर पत्थरबाजी होने लगी। पथराव के बाद तेज आवाज आने लगी। कोच में बैठे दो यात्रियों ने उठकर देखा, तो उनके कोच के सीट नंबर 34 -35 की खिड़की पर पत्थर बरस रहे थे। उसके बाद वह अपने आप को बचाते हुए वहां से हट गए। उन्होंने इसकी शिकायत ट्रेन के टीटीई से की, जिसने स्टेशन में जानकारी दी। वंदे भारत एक्सप्रेस को इसी हालत में दुर्ग तक लाया जा रहा है।
ट्रायल के दौरान हो चुका है पथराव
आपको बताते चलें कि दुर्ग विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस के ट्रायल के दौरान महासमुंद के पास पथराव किया गया था, जिससे कोच के गिलास टूट गए थे। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।