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देश में इस समय 50 से ज्यादा Vande Bharat ट्रेनें चल रही हैं, और अब जल्दी ही इसका स्लीपर वर्जन भी लोगों को मिलने वाला है। इसके अलावा भारत की पहली बुलेट ट्रेन पर भी तेजी से काम चल रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेल मंत्री Ashwini Vaishnav ने बताया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को अगले महीने यानी सितंबर में लॉन्च किया जा सकता है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यह ट्रेन बहुत जल्द शुरू की जाएगी। रेल मंत्री ने हाल ही में राज्यसभा में जानकारी दी थी कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पहला मॉडल तैयार हो गया है।
लंबी यात्रा में आरामदायक
यह ट्रेन नई तकनीक से बनी है और इसे बहुत आरामदायक बनाया गया है, ताकि लोग लंबी दूरी की यात्रा में थकान महसूस न करें। यह ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से भी बेहतर और तेज मानी जा रही है। इसका सफर समय पर और बिना रुकावट के होगा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो रातभर का या लंबा सफर करते हैं। इसमें आरामदायक सीटें और आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिससे यात्री को अच्छा अनुभव मिलेगा।
]]>नागपुर से पुणे 3 घंटे
वंदे भारत से नागपुर-पुणे यात्रा का समय घटकर महज तीन घंटे हो जाएगा। अभी, नागपुर-पुणे मार्ग पर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेस चलती है, दोनों सप्ताह में तीन बार चलती हैं। हमसफर एक्सप्रेस सप्ताह में एक बार चलती है। इसके अतिरिक्त, आजाद हिंद एक्सप्रेस और हटिया-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस वैकल्पिक यात्रा विकल्प प्रदान करती हैं। हालांकि, बिजी सीजन के दौरान, इन सेवाओं को अक्सर यात्रियों की उच्च मांग को समायोजित करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
नागपुर-मुंबई रूट पर सीमित ट्रेनें
इसी तरह, नागपुर-मुंबई मार्ग के पास सीमित विकल्प हैं, केवल विदर्भ एक्सप्रेस (गोंदिया-मुंबई मार्ग पर चलने वाली) और सेवाग्राम एक्सप्रेस (नागपुर-मुंबई मार्ग पर चलने वाली) के कारण यात्रियों के लिए प्रतीक्षा समय बढ़ जाता है। डीआरएम विनायक गर्ग ने रेलवे नेटवर्क में नागपुर के रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिदिन 125 से अधिक ट्रेनों के संचालन के साथ, नागपुर एक महत्वपूर्ण जंक्शन के रूप में कार्य करता है।
वंदे भारत स्लीपर की मांग
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत से यात्रियों की सुविधा और कनेक्टिविटी में काफी वृद्धि होगी। वंदे भारत नई सेवा के जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। इन हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेनों को तेज और अधिक आरामदायक यात्रा विकल्पों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में, नागपुर-पुणे और नागपुर-मुंबई मार्गों पर यात्री यातायात मौजूदा ट्रेनों की क्षमता से अधिक बढ़ गया है, जिससे कई यात्रियों को सड़क परिवहन पर निर्भर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
लंबी दूरी की यात्रा होगी शानदार
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें कम यात्रा समय, उन्नत सुरक्षा उपायों और बढ़ी हुई दक्षता के साथ एक बेहतर विकल्प प्रदान करेंगी। अत्याधुनिक तकनीक के लिए प्रसिद्ध वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों के आराम और विश्वसनीयता को प्राथमिकता देती हैं। स्लीपर वेरिएंट की शुरुआत लंबी दूरी की यात्रा के अनुभव को और बेहतर करेगी। इन ट्रेनों का शुभारंभ महाराष्ट्र के रेलवे बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यात्रियों को यात्रा का एक तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक साधन प्रदान करता है।
बिजनेस यात्राओं ने बढ़ाया रूट पर ट्रैफिक
नागपुर-पुणे और नागपुर-मुंबई रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की एक वजह बिजनेस से जुड़ी यात्राएं हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाल ही में दावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में जाने से इस इलाके में बिजनेस गतिविधियों को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे भी इन रूट्स पर यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
नागपुर सिकंदराबाद वंदे भारत के डिब्बे होंगे कम
नागपुर-इंदौर और नागपुर-बिलासपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेनें पूरी तरह भरी रहती हैं। लेकिन नागपुर-सिकंदराबाद वंदे भारत ट्रेन में केवल 40%-45% सीटें ही भर पाती हैं। इसके 20 डिब्बे हैं। कम यात्रियों की वजह से रेलवे बोर्ड जल्द ही इसके डिब्बों की संख्या घटाकर आठ करने पर विचार कर रहा है।
वेटिंग लिस्ट होगी खत्म!
नागपुर-मुंबई और नागपुर-पुणे रूट पर वंदे भारत ट्रेनों की काफी मांग है। मुंबई और पुणे जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट होती है। त्योहारों के समय तो और भी ज्यादा भीड़ होती है। इसलिए इन रूट्स पर दो और प्रीमियम ट्रेनें चलाना यात्रियों और रेलवे दोनों के लिए फायदेमंद होगा। हालांकि, मौजूदा ट्रेनों के समय में बदलाव और परिचालन में कुछ समायोजन करना होगा। अधिकारी ने यह भी कहा कि इन लंबी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों के लिए स्लीपर कोच वाली ट्रेनें सबसे उपयुक्त रहेंगी।
वंदे भारत ट्रेन ने लोगों का सफर पहले से आरामदायक बना दिया है. अब वंदे भारत स्लीपर को चलाने की तैयारियां आखिरी चरण में है. इसके लिए राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन किया जा रहा है. रेल यात्री लंबे समय से वंदे भारत स्लीपर का इंतजार कर रहे हैं. फिलहाल देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन चल रहा है.
कोच में वजन लोड किया जा रहा ट्रायल
राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में रेलवे पटरियों पर वंदे भारत स्लीपर को फर्राटा भरते हुए देखा जा सकता है. मध्यप्रदेश के खजुराहो, यूपी के महोबा रेल खंड और राजस्थान के कोटा रेल खंड पर वंदे भारत स्लीपर का ट्रायल रन हो रहा है. ट्रायल रन के दौरान स्लीपर वंदे भारत के खाली कोचों में वजन लोड कर किया जा रहा है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन लखनऊ स्थित रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) द्वारा किया जा रहा है.
किस जगह पर ट्रायल हुआ पूरा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन पिछले सप्ताह शुरू हुआ था और इसे दो चरणों में दो स्थानों पर चलाया जाएगा. इनमें से आरडीएसओ ने सोमवार 30 दिसंबर, 2024 को उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के झांसी डिवीजन में ट्रायल रन पूरा कर लिया. वंदे भारत स्लीपर का विभिन्न मोडों – लोडेड (फुलाया/डिफ्लेट किया हुआ) और खाली (फुलाया/डिफ्लेट किया हुआ) में 180 किमी प्रति घंटे (परीक्षण गति) तक दोलन परीक्षण वंदे स्लीपर जेएचएस डिवीजन में कार्य पूरा हो चुका है.
जल्द वंदे भारत स्लीपर में कर सकेंगे सफर
अब ट्रायल रन का दूसरा चरण पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के कोटा डिवीजन में हुआ है. कोटा डिवीजन में किए जाने वाले वंदे स्लीपर ट्रायल के दूसरे चरण में शामिल हैं. विभिन्न मोड में 180 किमी प्रति घंटे (टेस्ट स्पीड) तक ऑसिलेशन ट्रायल, विभिन्न ब्रेकिंग मोड में ब्रेक परफॉर्मेंस ट्रायल और विभिन्न ऑपरेटिंग + ब्रेकिंग मोड में कपलर फोर्स ट्रायल किया गया है. ट्रायल रन पूरा होने के बाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात देश वासियों को मिलेगी. 26 जनवरी से पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल सकती है.
वंदे भारत की 180KM स्पीड, रेलमंत्री वैष्णव ने वीडियो किया ट्वीट
देश की पहली AC स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल हो गया है। कोटा रेल मंडल में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ ट्रेन का ट्रायल किया गया। लखनऊ की रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ट्रेन का ट्रायल कर रही है। मूवमेंट इंस्पेक्टर सुशील जेठवानी और लोको निरीक्षक आरएन मीना ने RDSO लखनऊ टीम के साथ को-ऑर्डिनेट किया। नागदा, सवाई माधोपुर से कोटा के बीच ट्रायल किया गया।
ट्रायल का वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने X हैंडल पर पोस्ट किया। वीडियो में देख सकते हैं कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 की स्पीड से दौड़ रही है और वीडियो में ट्रेन के एक कोच में रखा पानी का गिलास भी नजर आएगा, जिसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वंदे भारत ट्रेन की इतनी ज्यादा स्पीड होने पर भी गिलास डगमगाया नहीं। इससे पानी छलका तक नहीं। ट्रेन का ट्रायल अलग-अलग इलाकों में जनवरी के पूरे महीने तक चलता रहेगा। ट्रायल पूरा होने के बाद रिपोर्ट रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी।
एक रूट पर अलग-अलग स्पीड से लिया गया ट्रायल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान को इस साल वंदे भारत AC स्लीपर ट्रेन मिलेगी, जो मारवाड़ से रवाना होकर दिल्ली-मुंबई रूट पर दौड़ेगी। इसका किराया चेयर कार और एग्जीक्यूटिव कैटेगरी जितना ही होगा। वहीं ट्रेन के फीचर्स ऐसे होंगे कि यात्रियों को जरा-सी परेशानी न होगी। ट्रेन के नए AC स्लीपर मॉडल के लिए जोधपुर में सेंट्रलाइज मेंटेनेंस डिपो बनेगा, जिसे बनाने पर करीब 166 करोड़ खर्च होंगे। सिर्फ यही ट्रेन नहीं, बल्कि पूरे देश में जो भी वंदे भारत ट्रेन दौड़ेंगी, उनका मेंटेनेंस यहीं होगा।
सीनियर DCM सौरभ जैन ने बताया कि वंदे भारत को कोटा के नागदा रेल खंड में रोहल खुर्द और चौमहला के बीच दौड़ाया गया और इसमें यात्रियों के बराबर वजन रखकर ही ट्रायल किया गया था। 31 दिसंबर को पहले 130, फिर 140 और फिर 150 की स्पीड से ट्रायल हुआ। 1 जनवरी 2025 को 160 और रोहल खुर्द विक्रमगढ़ के बीच 177 किलोमीटर की स्पीड से ट्रायल किया गया। इसके बाद रोहल खुर्द से कोटा के बीच 40 किलोमीटर की दूरी ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तय की।
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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का डिजाइन और इसका इंटीरियर काफी आकर्षक और इसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस ट्रेन में स्क्च चार्जिंग प्रावधान के साथ एकीकृत रीडिंग लाइट, सार्वजनिक घोषणा और विजुअल इन्फॉर्मेशन प्रणाली, इनसाइड डिस्प्ले पैनल और सिक्योरिटी कैमरे व मॉड्यूलर पैंट्री की सुविधा है। इसके साथ ही दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, फर्स्ट एसी डिब्बे में यात्रियों के लिए गर्म पानी के शॉवर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल जल्द शुरू होने वाला है और उसके पश्चात इस ट्रेन को देश के विभिन्न रेल मार्गों पर संचालित किया जाएगा। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को लंबे रेल रूट्स पर संचालित किया जाएगा और इस ट्रेन से भारत में लंबी दूरी की रेल यात्रा में क्रांति आने की उम्मीद है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आराम, सुरक्षा और दक्षता के मामले में नए मानक स्थापित करेगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज बेंगलूरु में उत्पादन इकाई का दौरा किया और वहां वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के उत्पादन का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी उनके साथ मौजूद रहे। रेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर के उत्पादन में कार्यरत कर्मचारियों से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन भी किया।
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