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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा मंजूर किया। सोमवार शाम को ही उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा राष्ट्रपति मुर्मू को भेजा था। इसी के बाद से सियासी पारा चढ़ गया था।
उनका कार्यकाल अगस्त 2027 में पूरा होना था.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे इस्तीफे में धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों को का इसका कारण बताया है. धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब उनके उत्तराधिकारी की तलाश करनी होगी. नियमानुसार इसकी कोई समय सीमा तो नहीं है, लेकिन चुनाव जल्द से जल्द कराना होगा. धनखड़ ने इस्तीफा ऐसे समय दिया है, जब बीजेपी अपने नए अध्यक्ष की तलाश कर रही है. धनखड़ के इस्तीफे से बीजेपी का काम बढ़ गया है.
धनखड़ के इस्तीफे पर बोले PM मोदी- उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना
जगदीप धनखड़ के एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की है। पीएम मोदी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्री धनखड़ को उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है ।
पीएम ने क्या लिखा
प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। उल्लेखनीय है कि धनखड़ ने सोमवार देर शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखे त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
हाल ही में हुई थी एंजियोप्लास्टी
धनखड़ (74) ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 तक था। राज्यसभा के सभापति धनखड़ का इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आया। हाल में उनकी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एंजियोप्लास्टी हुई थी और इस वर्ष मार्च में उन्हें कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ अवसरों पर उनकी हालत ठीक नहीं दिखी थी, लेकिन संसद सहित सार्वजनिक कार्यक्रमों में वह अक्सर ऊर्जावान ही दिखे। वहीं, विपक्ष उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर सवाल उठा रहा है।
कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति
गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ सोमवार को कार्यकाल के बीच में पद से इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति बन गए। इससे पहले, वीवी गिरि ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिन्होंने तीन मई 1969 को तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला था। वहीं, भैरों सिंह शेखावत ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद 21 जुलाई 2007 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया।
अब बीजेपी क्या करेगी
जगदीप धनखड़ जनता दल और कांग्रेस से होते हुए बीजेपी में शामिल हुए थे. धनखड़ के इस्तीफे के बाद बीजेपी को उनके उत्तराधिकारी की तलाश करनी होगी. उसके पास अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश के साथ ही नए उपराष्ट्रपति के तलाश का भी काम आ गया है. बीजेपी इस समय केंद्र में गठबंधन की सरकार चला रही है. उसे चंद्रबाबू नायडू के तेदेपा, नीतीश कुमार के जेडीयू और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ-साथ कई और छोटे दलों का समर्थन हासिल हैं. इसलिए बीजेपी को उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की तलाश में सहयोगी दलों के हितों का भी ध्यान रखना होगा. नए उम्मीदवार में उसे संसदीय परंपराओं की जानकारी के साथ-साथ सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की क्षमता का भी ध्यान रखना होगा. संसद के मानसून सत्र में सरकार कई विधयेक लेकर आने वाली है, वहीं वन नेशन, वन इलेक्शन, जैसा बिल भी लाया जाना है. इसे पास कराने में नए उपराष्ट्रपति की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.
बीजेपी के अध्यक्ष की तलाश
बीजेपी को ये दोनों काम ऐसे समय करने पड़ रहे हैं, जब लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है. ऐसे में बीजेपी को एक ऐसे अध्यक्ष की तलाश है, जो लगातार चौथी बार पार्टी की जीत का रास्ता बना सके. बीजेपी के नए अध्यक्ष पर उम्मीदों का बड़ा बोझ होगा. उसके सामने अमित शाह जैसे प्रदर्शन की चुनौती होगी. वहीं बीजेपी को एक ऐसे उपराष्ट्रपति पद के लिए एक ऐसे व्यक्ति की तलाश करनी होगी, जिसमें सदन के सुचारु रूप से चलाने की क्षमता हो.क्योंकि आने वाला समय बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण है. नरेंद्र मोदी सरकार कई ऐसे बिल लेकर आ रही है, जिन्हें सुचारू रूप से पास कराना चुनौती होगी.
इन सबके बाद संगठन और सरकार में भी नए बदलाव की उम्मीद की जा रही है. कैबिनेट में विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं. ऐसी भी चर्चाएं हैं कि कुछ मंत्रियों को संगठन और कुछ नेताओं को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है.इसकी संभावना काफी दिनों से जताई जा रही है.
कब और कैसे मिलेगा देश को नया उपराष्ट्रपति? जानिए
जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने सियासी भूचाल ला दिया है. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है. मानसून सत्र के पहले दिन ही धनखड़ के इस्तीफे से हलचल बढ़ गई. इस इस्तीफे के बाद अब सवाल है कि आगे क्या होगा? चलिए इसे विस्तार से समझते हैं.
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने से उनके उत्तराधिकारी की दौड़ शुरू हो गई है. अब सवाल है कि जगदीप धनखड़ का उत्तराधिकारी कौन होगा? दरअसल, भाजपा नीत एनडीए को निर्वाचक मंडल में बहुमत प्राप्त है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं. आगामी दिनों में संभावित नामों पर विचार किए जाने की संभावना है. भाजपा के पास इस पद पर चुनने के लिए नेताओं का एक बड़ा समूह है. राज्यपालों में से या संगठन के अनुभवी नेताओं अथवा केंद्रीय मंत्रियों में से किसी का चुनाव किया जा सकता है. जगदीप धनखड़ भी उपराष्ट्रपति बनने से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे.
अब कौन संभालेगा कमान?
संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत राष्ट्रपति मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया. अब राज्यसभा में सभापति की कमान कौन संभालेगा? नए उपराष्ट्रपति के चुनाव तक राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के कार्यवाहक सभापति की जिम्मेदारी संभालेंगे. अनुभवी सांसद हरिवंश नारायण सिंह सिंह वह मौजूदा सत्र को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संचालित कर सकते हैं. हालांकि, उनकी यह भूमिका अस्थायी होगी.
कितने दिन के भीतर उपराष्ट्रपति का चुनाव?
संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति पद खाली होने के 60 दिनों के भीतर नए उपराष्ट्रपति का चुनाव अनिवार्य होता है. इसका मतलब है कि 19 सितंबर 2025 तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी. माना जा रहा है कि निर्वाचन आयोग जल्द ही उपराष्ट्रपति चुनाव कार्यक्रम की अधिसूचना जारी करेगा. उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है. वर्तमान में 543 लोकसभा सांसदों और 245 राज्यसभा सांसदों (नामित सदस्यों सहित) के साथ कुल 788 मतदाता इस प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे. यह चुनाव गुप्त मतदान के माध्यम से होता है.
किस सिस्टम से चुनाव?
उपराष्ट्रपति के चुनाव में केवल राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य ही वोट करते हैं. वह भी सीक्रेट बैलट और प्रोपोर्शनल सिस्टम का इस्तेमाल करके. इसे ऐसे समझें कि उपराष्ट्रपति चुनाव में एकल हस्तांतरणीय मत (Single Transferable Vote) सिस्टम का उपयोग होता है, जो आनुपातिक प्रतिनिधित्व पर आधारित है. इस प्रणाली में सांसद उम्मीदवारों को प्राथमिकता के क्रम में रैंक करते हैं. अगगर पहले दौर में कोई उम्मीदवार पूर्ण बहुमत (50% + 1 वैध मत) हासिल नहीं करता, तो सबसे कम मत पाने वाले उम्मीदवार को हटा दिया जाता है और उनके मत दूसरी प्राथमिकता के आधार पर पुनर्वितरित किए जाते हैं. यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कोई उम्मीदवार आवश्यक बहुमत प्राप्त नहीं कर लेता. यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि चुना गया उम्मीदवार संसद के व्यापक समर्थन को प्रतिबिंबित करे.
एनडीए के पास बहुमत
नए उपराष्ट्रपति के लिए उम्मीदवारों को लेकर अटकलें शुरू हो चुकी हैं. एनडीए के पास दोनों सदनों में बहुमत है. ऐसे में अपने राजनीतिक लक्ष्यों के अनुरूप वह एक उम्मीदवार चुन सकता है. हालांकि, विपक्षी इंडिया गठबंधन भी एक मजबूत उम्मीदवार उतारकर एनडीए को चुनौती दे सकता है, जिससे यह चुनाव राजनीतिक रूप से दिलचस्प हो सकता है. माना जा रहा है कि 19 सितंबर तक देश को नया उपराष्ट्रपति मिल जाएगा.
भाजपा के पास क्या विकल्प
भाजपा के पास इस पद पर चुनने के लिए नेताओं का एक बड़ा समूह है. राज्यपालों में से या संगठन के अनुभवी नेताओं अथवा केंद्रीय मंत्रियों में से किसी का चुनाव किया जा सकता है. नखड़ भी उपराष्ट्रपति बनने से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे. जगदीप धनखड़ के पूर्ववर्ती एम वेंकैया नायडू थे. वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल में थे. पार्टी ने 2017 में उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए चुना था। नायडू भाजपा के अध्यक्ष भी रहे.
कौन है रेस में आगे?
जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश को भी संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वह 2020 से इस पद पर कार्यरत हैं और उन्हें सरकार का विश्वास प्राप्त है.
]]>उप राष्ट्रपति धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 115.96 करोड़ रुपए की लागत के 36 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसमें 60 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत के 71 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 46 करोड़ 44 लाख रुपए की लागत के 15 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
2 घंटे से ज्यादा रुकेंगे उपराष्ट्रपति धनखड़
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ व उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ का करीब 2 घंटे 20 मिनट प्रवास रहेगा। ये दोपहर 12.15 बजे भारतीय वायुसेना के विशेष हेलिकॉप्टर से नरसिंहपुर में बनाए गए हेलिपैड पर उतरेंगे। दोपहर 12.25 बजे से दोपहर 1.25 बजे तक कृषि उद्योग समागम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दोपहर 1.30 बजे भोजन करने के बाद 2.10 बजे कार्यक्रम से हेलीपेड के लिए रवाना होंगे। दोपहर 2.15 बजे से 2.25 बजे तक विदाई कार्यक्रम होगा। ये दोपहर 2.25 बजे हेलिकॉप्टर से जबलपुर के प्रस्थान करेंगे।
मंत्री भी रहेंगे मौजूद
समागम सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, स्कूल शिक्षा व परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल समेत कई अन्य विशिष्टजन भी शामिल रहेंगे।
325 बसों से आएंगे किसान
समागम में किसानों-हितग्राहियों को लाने के लिए 325 बसें अधिग्रहित की गई हैं। वहीं कई विभागों के अमले को भी हितग्राहियों को लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों ने अमले के साथ बैठक कर आयोजन स्थल का जायजा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11.15 बजे नरसिंहपुर पहुंचेंगे। दोपहर 3.15 बजे जबलपुर के लिए रवाना होंगे।
पना, छाछ, कढ़ी समेत चार तरह की सब्जी का जायका लेंगे निवेशक
निवेशकों के भोजन के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की ओर से आम का पना, मसाला छाछ प्रमुखता से परोसा जाएगा। सब्जियों में आलू गोभी, जीरा कोफ्ता, भिंडी मसाला, पनीर और कढ़ी भी होगी। शहर की दाल, चावल, बाजरा, ज्वार, गेहूं की रोटी भी परोसी जाएगी। किसानों-हितग्राहियों के लिए अलग मेन्यू बनाया गया है। इसमें उन्हें पूडी, सब्जी, अचार, मीठा, पानी आदि मिलेगा। मीडियाकर्मियों व ड्यूटीरत कर्मचारियों के लिए पैक्ड भोजन बांटा जाएगा।
दो बजे तक नहीं मिलेगा बसों को प्रवेश
नरसिंहपुर शहर से प्रतिदिन गाडरवारा, सागर, सिवनी, जबलपुर एवं छिंदवाड़ा आने-जाने वाली बसों का आज सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक शहर में प्रवेश नहीं होगा। जबलपुर, सिवनी से नरसिंहपुर आने-जाने वाली बसों का संचालन पेट्रोल पंप के पास एनएच 44 से रहेगा। छिंदवाड़ा से नरसिंहपुर आने-जाने वाली बसों का संचालन एनएच 44 सिंहपुर चौराहे फ्लाई ओव्हर के पास से रहेगा। गाडरवारा, सागर एवं राजमार्ग चौराहे से नरसिंहपुर आने-जाने वाली बसों का संचालन खैरीनाका के पास से रहेगा। सभी प्रकार के दो पहिया, चार पहिया, मालवाहक एवं व्यवसायिक वाहन सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक मुशरान पार्क से रेलवे स्टेशन तक प्रतिबंधित रहेंगे।
मंडी चौराहा पर उतारे जाएंगे हितग्राही
जबलपुर, सिवनी, मंडला व डिंडोरी, छिंदवाड़ा से आने वाले हितग्राहियों के वाहन एनएच 44 के निर्माणाधीन पुल के नीचे से रेलवे स्टेशन परशुराम तिराहा होकर मंडी चौराहा पहुंचेगें। रायसेन, सागर एवं दमोह करेली, खैरीनाका, गुलाब चौक, गांधी चौक, सुभाष चौक, आष्टांग तिराहा, सांकल तिराहा से ढाबा होते हुए मंडी चौक पहुंचेगें। हितग्राहियों को स्थानीय मंडी चौराहे पर उतारा जाएगा। जहां से 100 मीटर दूर कार्यक्रम स्थल पहुंचाने यातायात पुलिस तैनात रहेगी।
मुख्य रोड पर यह वैकल्पिक व्यवस्था
शहर में मुशरान पार्क से सुभाष चौक मेन रोड पर यातायात का अत्याधिक दबाव होने से सभी प्रकार के भारी वाहनों का नरसिंहपुर शहर में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उक्त समय में सभी प्रकार के चार पहिया, तीन पहिया एवं दो पहिया वाहन सुभाष चौक से आष्टांग चिकित्सालय, सांकल तिराहा, सुनका चौराहा, मुशरान पार्क से होकर सिंहपुर तिराहा वाले मार्ग का उपयोग कर सकते है।
प्लेटफॉर्म 2 से आ-जा सकेंगे यात्री
सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन के सामने वाली रोड पर यातायात का दबाव रहेगा। इसलिए रेलवे यात्री रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए प्लेटफॉर्म नम्बर 2 का उपयोग करें। शहर से प्लेटफार्म नम्बर दो पर जाने के लिए बरगी बिज से होकर एनएच 44 से होकर रॉसरा ग्राम से होते हुए रेलवे प्लेटफार्म नम्बर दो पहुंचनें के मार्ग का उपयोग कर सकते हैं
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छत्तीसगढ़ के गुरू घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शामिल होंगे। वे दोपहर दो बजे तक अपनी धर्मपत्नी के साथ रायपुर आएंगे। यहां से हेलीकॉप्टर के जरिए बिलासपुर के लिए रवाना होंगे।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में 15 जनवरी को बिलासपुर स्थित गुरू घासीदास विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह आयोजित होगा। जारी कार्यक्रम के अनुसार उपराष्ट्रपति धनखड़ दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए अपनी धर्मपत्नी डॉ. श्रीमती सुदेश धनखड़ के साथ बिलासपुर आएंगे। उपराष्ट्रपति भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से दोपहर 12.15 बजे दिल्ली से प्रस्थान कर दोपहर दो बजे रायपुर स्थित माना एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां हेलीकॉप्टर से बिलासपुर जाएंगे। उपराष्ट्रपति दोपहर तीन बजे से चार बजे तक गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति इसके पश्चात बिलासपुर से हेलीकॉप्टर से संध्या 4.50 बजे रायपुर माना एयरपोर्ट पहुंचेंगे और पांच बजे विशेष विमान से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
]]>जीवाजी राव ने शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जीवाजी विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है : केन्द्रीय मंत्री सिंधिया
उप राष्ट्रपति ने जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा का किया अनावरण
ग्वालियर
उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि सिंधिया परिवार का शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है। मैंने आज उन महापुरूष की मूर्ति का अनावरण किया है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत में शिक्षा सहित अनेक क्षेत्र में अपने कीर्तिमान स्थापित किए हैं। साथ ही शिक्षा को गति देने का कार्य भी किया है। शिक्षा से ही व्यक्ति के अंदर भाव आता है और मानव का निर्माण होता है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि परिवर्तनशील दुनिया है, बदलाव होते रहेंगे लेकिन शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की। तकनीक में हमारा देश काफी आगे निकल चुका है। जीवाजी विश्वविद्यालय संस्थान भी नई-नई तकनीकों को लायेगा, ऐसी उम्मीद है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। विशेष अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसराम सिलावट, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और उप राष्ट्रपति की धर्मपत्नी श्रीमती सुदेश धनखड़ उपस्थित थीं।
उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि सिंधिया परिवार का संसद में हमेशा योगदान रहा है। स्व. माधवराव सिंधिया ने अनेक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किया है। उन्हें जो भी मंत्रालय मिला है, उसमें उन्होंने अपना श्रेष्ठ कार्य किया है। उप राष्ट्रपति ने कहा जीवाजी राव ने जो शिक्षा का सपना देखा था वह आज साकार हो रहा है।
ग्वालियर के लिये आज का दिन रहेगा यादगार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के लिये आज का दिन यादगार रहेगा। आज ग्वालियर में दो बड़े कार्यों का शुभारंभ हुआ है। जियो साइंस म्यूजियम के माध्यम से पृत्वी की उत्पत्ति, उसकी रचना, भू-गर्भिक घटनाओं की जानकारी का संकलन प्राप्त होगा। साथ ही ज्ञान, विज्ञान के समावेश से युवाओं नई जानकारियां प्राप्त होंगीं। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण भी किया गया है। जीवाजी विश्वविद्यालय ने न केवल मध्यप्रदेश में बल्कि सम्पूर्ण देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति करते हुए देश के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में और सशक्त बनाने का कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा जीवाजी राव ने शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर शहर संगीत, शिक्षा और अपनी ऐतिहासिकता के लिये जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान से ही विनम्रता प्राप्त होती है और विनम्रता से ही पात्रता प्राप्त होती है। जीवाजी विश्वविद्यालय 250 एकड़ में स्थापित है, जिसे मेरी दादी माँ और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा प्रारंभ किया गया था। जीवाजी विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार ने जो बीज बोया था वह आज वट वृक्ष की तरह खड़ा हो गया है। जीवाजी विश्वविद्यालय संस्थान आधुनिकता की ओर अग्रसर है।
उप राष्ट्रपति धनखड़ ने इस मौके पर जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने प्रदर्शनी में दर्शाए गए जीवाजी विश्वविद्यालय के इतिहास व उपलब्धियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उप राष्ट्रपति धनखड़ एवं अतिथियों ने इस अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” पौधरोपण भी किया।
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प्रदेश स्थापना के उपलक्ष्य में नया रायपुर में चार से छह नवंबर तक राज्योत्सव मनाया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि उद्घाटन समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल होंगे, वहीं अलंकरण समारोह में उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शामिल होंगे. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ी सौगात मिलने की जानकारी दी.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ी सौगात मिलने की जानकारी देते हुए बताया कि बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का भवन बनकर तैयार है. योग और नेचुरोपैथी के सेंटर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली लोकार्पण करेंगे. मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को धनतेरस की शुभकामनाएं हैं. इसके साथ दीपावली, अन्नकूट और छठ महापर्व की अग्रिम बधाई दी है.
]]>उपराष्ट्रपति कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज गोरखपुर आगमन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और डॉ. सुदेश धनखड़ का स्वागत किया।”
‘युवाओं को शिक्षा, देश की रक्षा’ ध्येय से स्थापित इस स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा के तहत शिक्षा प्रदान की जाने की व्यवस्था की गई है। प्रवेश परीक्षा के जरिये कक्षा 6 और 9 में दाखिला लेने के बाद इस स्कूल में पहली जुलाई से पढ़ाई शुरू हो चुकी है।
पहले चरण में इस स्कूल में कक्षा 6 और 9 में 84-84 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। इनमें 40 छात्राएं और 128 छात्र शामिल हैं। सैनिक स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग परिसर है। स्कूल का प्रशासनिक भवन प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का दर्शन कराता है।
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने तंज किया। पी चिदंबरम के नए आपराधिक काननू पर दिए बयान पर उपराष्ट्रपति ने उनकी आलोचना की थी कि ऐ अंशकालिक लोगों के द्वारा बनाए गए हैं। इस पर सांसद कपिल सिब्बल नाराज हुए हैं। 1 जुलाई से नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं। इसको लेकर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा था कि यह अकुशल लोगों ने तैयार किया था।
पी चिदंबरम की इस टिप्पणी से गुस्साए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस टिप्पणी का अक्षम्य बताया। उन्होंने कहा था कि यह अपमानजनक, मानहानिकारक टिप्पणी को वापस लिया जाए। धनखड़ ने कहा कि यह संसद के लोगों का अपमान है, क्या हम लोग अकुशल हैं? उपराष्ट्रपति ने कहा था कि मेरे पास इतने मजबूत शब्द नहीं हैं कि मैं इस तरह की कहानी को फैलाए जाने और एक सांसद को अंशकालिक करार दिए जाने की निंदा कर सकूं। उन्होंने कहा कि मैं चिदंबरम इस मंच से अपील करता हूं कि कृपया सांसदों के बारे में इस अपमानजनक, मानहानिकारक और अत्यधिक अपमानजनक टिप्पणी को वापस लें। मुझे उम्मीद है कि वह ऐसा करेंगे। उनके इस बयान पर राज्यसभा सांसद ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि जगदीप धनखड़ ने पी चिदंबरम के इस बयान की आलोचना की कि अंशकालिक लोगों ने तीन आपराधिक कानूनों का मसौदा तैयार किया, यह 'संसद की बुद्धि का अक्षम्य अपमान' है। उन्होंने कहा कि हम सभी अंशकालिक हैं धनखड़ जी!" विपक्ष के प्रमुख स्वर और स्वतंत्र राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि "और कौन दैनिक आधार पर संसदीय प्रक्रियाओं का अपमान करता है? हम तो नहीं करते।
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