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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को डब्ल्यूओडब्ल्यू लाईव अवार्डस की टीम भोपाल आकर विक्रमोत्सव 2026 को इस वर्ष मिले गोल्ड और सिल्वर अवार्ड प्रदान करेंगी। नई दिल्ली में 1 और 2 मई 2026 को आयोजित शोज ऑफ इंडिया कॉन्क्लेव 2026 में विक्रमोत्सव 2026 को कल्चरल लाइव इवेंट ऑफ द ईयर में गोल्ड अवॉर्ड तथा लाइव इवेंट में सर्वश्रेष्ठ शासकीय सहभागिता की श्रेणी में सिल्वर अवार्ड प्राप्त हुआ।
यह पुरस्कार डब्ल्यूओडब्लयू लाईव अवॉर्ड्स के अंतर्गत प्रदान किए गए, जो देश में कॉन्सर्ट, फेस्टिवल, टूर और लाइव इवेंट्स के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रचनाकारों और दूरदर्शियों को सम्मानित करते हैं। इस वर्ष 300 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई, जो इस क्षेत्र के बढ़ते विस्तार, विविधता और संभावनाओं को दर्शाती हैं। विशेषज्ञ जूरी पैनल द्वारा इन प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया गया।
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक राम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव : 2026 को मिले गोल्ड एवं सिल्वर अवॉर्ड मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह सम्मान न केवल मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि यह मध्यप्रदेश की पारंपरिक एवं आधुनिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरासत से विकास के मंत्र अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश निरंतर कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार निरंतर ऐसे आयोजनों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त और समृद्ध बनाने का कार्य कर रही है। विक्रमोत्सव हमारी परंपराओं, मूल्यों और नवाचार का जीवंत उत्सव बन गया है। यह उपलब्धि हमें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी तथा भविष्य में मध्यप्रदेश को सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
विगत वर्षों में मिल चुके है तीन सम्मान
विक्रमोत्सव दुनिया का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन है। इसमें सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ बिजनेस इवेंट भी शामिल है। इसके पहले विक्रमोत्सव : 2025 को ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड द्वारा लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया था। "वाउ" अवार्ड एशिया-2025 द्वारा एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में गोल्ड अवॉर्ड मिल चुका है। वर्ष-2024 में विक्रमोत्सव को एशिया का "बिगेस्ट रिलीजियस" अवार्ड मिला था।
विक्रमोत्सव से 17.72 करोड़ से अधिक लोग जुड़े
विक्रमोत्सव : 2026 के दौरान आयोजन के प्रसारण ने डिजिटल आउटरीच और कम्युनिटी एंगेजमेंट के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच आयोजन से संबंधित गतिविधियों ने कुल 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई। आधिकारिक सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम्स से जहाँ 47.85 लाख लोगों तक पहुँच बनी, वहीं आमजन द्वारा तैयार कंटेंट और विभिन्न हैशटैग्स के जरिए 17.24 करोड़ से अधिक की डिजिटल रीच दर्ज की गई।
139 दिवसीय आयोजन
विक्रमोत्सव : 2026 का आरंभ कर सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन होगा। दिनांक 12 फरवरी से 30 जून, 2026 की तिथियों में होने वाला यह 139 दिवसीय आयोजन भारत और देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव बना। इसका प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से सम्पन्न हुआ। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। इसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गयी। विक्रमोत्सव : 2026 के तहत 3 से 5 अप्रैल को उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए वाराणसी में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन किया गया था।
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सम्राट विक्रमादित्य शोध संस्थान के माध्यम से बी.एल.डब्ल्यू. मैदान आयोजित होने वाले इस महानाट्य में सैकड़ों कलाकार हिस्सा लेंगे। आयोजन में हाथी, घोड़े और ऊंटों के साथ प्राचीन विधाओं का जीवंत प्रदर्शन होगा। वहीं इस दौरान मध्य प्रदेश की पारंपरिक कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत के साथ पर्यटन स्थलों के आकर्षक रूप में प्रदर्शित करता एमपी टूरिज्म पवेलियन आकार्षण का केंद्र होगा।
सीएम की परिकल्पना से तैयार हुआ 'सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य'
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की परिकल्पना से तैयार पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित द्वारा रचित और राजेश कुशवाहा द्वारा निर्मित और संजीव मालवी के भाव निर्देशन में प्रस्तुत महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य भारत की सांस्कृतिक चेतना को जगाने वाला अनुभव है। इसमें 200 से ज्यादा कलाकार हाथी, घोड़े, रथ, पालकियां भव्य युद्ध लाइट शो, आतिशबाजी नृत्य और बाबा महाकाल की भस्म आरती की दिव्या झलकियां शामिल है। महान सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से राजतिलक तक की गाथा, विक्रम बेताल की कथा और सनातन धर्म के उत्थान की महा काव्य कथा इस महानाट्य में जीवंत होती है।
प्रदेश की विविधता और वैभव से परिचित कराएगा आयोजन
सचिव, मुख्यमंत्री और पर्यटन डॉ. इलैयराजा टी. ने कहा कि, विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत वाराणसी में आयोजित यह महानाट्य केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, न्यायप्रियता और गौरवशाली विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इस विशेष अवसर पर एमपी टूरिज्म पवेलियन इस दिशा में एक आकर्षक केंद्र बनेगा, जो आगंतुकों को प्रदेश की विविधता और वैभव से परिचित कराएगा।
एमपी टूरिज्म पवेलियन बनेगा आकार्षण का केंद्र
3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में एमपी टूरिज्म पवेलियन में प्रदेश की पारंपरिक कला और अद्भुत कारीगरी देखने को मिलेगी। खजूर की पत्तियों से बनी टेराकोटा कलाकृतियां भी लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी। बुंदेली, गोंड और भील पेंटिंग्स में जनजातीय संस्कृति की झलक भी दिखेगी।
एमपी के पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल्स
मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल्स भी लगेंगे। फूट कोर्ट में इंदौर के प्रसिद्ध पोहा–जलेबी, मक्के के कीस, मालवा की कचौरी, डिंडौरी के उड़ल दाल व कोदो भात और कुटकी के गुड वाली खीर–जलेबी, बघेलखंडी निमोना और पुड़ी, बेड़ई पुड़ी और हींग वाले आलू जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ बुंदेलखंडी स्ननाटा छाछ, लेमन पुदिना, आम पना, सब्जा शिकंजी, गुलाब मलाई लस्सी, मावा बाटी जैसे शीतपेयों और मिष्ठान का नागरिक आनंद ले सकेंगे।
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