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उज्जैन में आज से शुरू होने वाले उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेले को लेकर इंदौर के डीलरों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बताया जा रहा है कि शुभारंभ के बाद वाहनों का वेरिफिकेशन और डिलीवरी की प्रक्रिया शुरू होगी। विक्रमोत्सव का शुभारंभ शाम 8:30 बजे होगा।
इंदौर के डीलरों के अनुसार, पहले दिन के लिए करीब 500 कारों की बुकिंग हो चुकी है, जिसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।
रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट से बिक्री बढ़ने की उम्मीद
ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सह सचिव विशाल पमनानी ने बताया कि, रजिस्ट्रेशन शुल्क पर 50% की सीधी छूट मिलने के कारण इस बार पिछले साल से अधिक वाहन बिकने की उम्मीद है। पिछले साल मेले में 23,000 से अधिक वाहन बिके थे, जिनमें करीब 17,000 कारें थीं। इस बार इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बुकिंग भी अच्छी हुई है।
पिछले साल 40-50 इलेक्ट्रिक वाहन (कार और बाइक) बिके थे, जबकि इस साल 100 से अधिक बिकने की संभावना है। पहले दिन मारुति की गाड़ियों की बुकिंग सबसे अधिक है।
डीलरों के मुताबिक, इस बार सबसे ज्यादा मांग SUV कारों की है। ऑडी कंपनी को 50 लाख रुपए की दो कारों की बुकिंग मिल चुकी है।
रजिस्ट्रेशन शुल्क पर छूट को ऐसे समझें
महंगी कारों पर 16% तक का रजिस्ट्रेशन टैक्स लगता है।
1 करोड़ की कार पर यह टैक्स 16 लाख रुपये होता है, लेकिन मेले में यह केवल 8 लाख रुपए होगा।
इससे वाहन मालिक को सीधा फायदा होगा।
हालांकि, EV वाहनों पर पहले से ही सिर्फ 4% टैक्स लगता है, इसलिए इस छूट का उन पर ज्यादा असर नहीं होगा।
दोपहिया वाहनों पर छूट का प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम रहेगा।
उज्जैन में मेला 2024 से शुरू हुआ
पहले यह मेला केवल ग्वालियर में आयोजित किया जाता था, लेकिन पिछले साल से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में भी इसकी शुरुआत की।
पिछले साल मेले में 23,722 वाहन बिके थे, जिनमें 16,200 कारें शामिल थीं। इस बार मेले में 397 वाहन डीलरों ने स्टॉल लगाए हैं। डीलरों को उम्मीद है कि इस बार 30,000 से ज्यादा वाहन बिकेंगे।
इंदौर के लोग भी टैक्स में छूट का लाभ उठाने के लिए उज्जैन मेले से वाहन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। मेला 25 मार्च तक चलेगा, लेकिन डीलरों ने इसे 6 अप्रैल (रामनवमी) तक बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि इस दिन बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदते हैं।
उत्सव के दौरान गाड़ी खरीद में बड़ी छूट
विक्रमोत्सव के दौरान एक महीने से ज्यादा समय तक चलने वाले व्यापार मेले में बाइक, कार और निजी इस्तेमाल के लिए ओमनी बस के रजिस्ट्रेशन पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट लोगों को गाड़ियां खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
सीएम मोहन ने दिए दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने विक्रमोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि उज्जैन के साथ अन्य स्थानों पर भी प्रदर्शनियां लगाई जाएं। भीली और गोंडी जैसी जनजातीय भाषाओं के कवियों को भी कवि सम्मेलन में शामिल किया जाए। सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित गीत, कविता और रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा। विक्रमोत्सव में एक राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन भी होगा। इसमें ड्रोन और रोबोटिक शो जैसे आकर्षक आयोजन होंगे। यह आयोजन विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए खास होगा। नई तकनीकों और खोजों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
उज्जैन व्यापार मेला व्यावासिक दृष्टिकोण से भी बेहद खास है क्योंकि इसमें गाड़ी खरीदने पर ग्राहकों को 50 प्रतिशत टैक्स की छूट दी जाएगी। जिसका बड़ा फायदा गाड़ी खरीदने वाले खरीददारों को होता है। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि है और इसी दिन से मेले की शुरूआत होने से उम्मीद है कि पहले ही दिन से मेले को अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा।
]]>उज्जैन के महान शासक सम्राट विक्रमादित्य की महिमा से दुनिया को परिचित कराने और पर्यटन, कला-संस्कृति, व्यापार-उद्योग को बढ़ावा देने के लिए यहां 24 फरवरी से 30 जून 2025 तक विक्रमोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल शुभारंभ भोपाल में करेंगे। वे 24 फरवरी से भोपाल में होने वाली दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा
विक्रमोत्सव अंतर्गत एशिया के प्रसिद्ध ग्वालियर मेले की तरह यहां विक्रम व्यापार मेला, हस्तशिल्प मेला लगाने, महानाट्य विक्रमादित्य का मंचन कराने तथा संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने आधारित गतिविधियां कराने के निर्देश दिए।
गुड़ी पड़वा (30 मार्च) से अगले गुड़ी पड़वा तक के लिए सनातनी कैलेंडर बनाने, सम्राट विक्रमादत्यि के न्याय सिद्धांत को प्रचारित करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।
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