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अगर सबकुछ ठीक रहा है तो जल्द ही वीर सावरकर का पैतृक गांव जल्द की पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र में शामिल हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्कीम के तहत देश के 103 स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसमें वीर सावरकर के गांव के सबसे नजदीक पड़ने वाले देवलाली रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इसका विकास सेंट्रल रेलवे की तरफ से किया गया है। सेंट्रल रेलवे ने इस स्टेशन के पहले और अब की तस्वीरें भी साझा की हैं। इस रेलवे स्टेशन से सावरकर का भगूर गांव सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इस स्टेशन के पुनर्निर्माण के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि आने वाले दिनों में वीर सावरकर का गांव पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर आ सकता है। महाराष्ट्र में कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों वीर सावरकर के पक्ष में खड़े होते रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्धा में वीर सावरकर से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे थे तब उन्होंने वहां एक पुस्तिका का विमाेचन किया था।
बीजेपी के लिए सबसे बड़े नायक
बीजेपी स्वातंत्र्य वीर सावरकर को सबसे बड़ा नायक मानती है। इतना ही नहीं वह भाजपा के लिए हिंदू केंद्रित राजनीति के भी प्रतीक हैं। बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) वीर सावरकर को भारत का पहला आजादी पुरुष भी कहती आई है। देवलाली स्टेशन महाराष्ट्र के नासिक जिले में आता है। ऐसे माना जा रहा है कि वीर सावरकर के गांव भगूर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए ही सबसे नजदीक के स्टेशन का कायाकल्प किया गया है ताकि वीर सावरकर के गांव तक लोग आसानी से पहुंच सकें। महाराष्ट्र में बीजेप के सहयोगी शिंदे की सेना वीर सावरकर के मुद्दे पर साथ है। इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के भी विरोध कर पाने की गुंजाइश नहीं है। अगर वीर सावरकर का गांव पर्यटक के मैप पर चमकता है तो इससे बीजेपी को फायदा होगा। बीजेपी कई बार वीर सावरकर के मुद्दे पर कड़ा और आक्रामक स्टैंड भी ले चुकी है।
अब आगे क्या है तैयारी?
सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों की मानें तो इस स्टेशन पर कुछ और रेलगाड़ियों के ठहराव की योजना पर विचार कर रहा है। जिससे नाशिक आने वाले पर्यटक और अन्य लोग नाशिक से एक स्टेशन पहले देवलाली रेलवे स्टेशन पर ही उतरकर वीर सावरकर का गांव भी देख पाएं। इसके लिए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को रेलवे स्टेशन से भगूर तक आने-जाने की व्यवस्था को बेहतर करने की सलाह भी दी है। केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार होने के कारण बीजेपी को लगता है कि अगले कुछ सालों में भगूर गांव को पर्यटन में आगे किया जा सकता है। भगूर गांव नासिक से 22 किलोमीटर की दूरी पर है।