Violent – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 13 Apr 2026 06:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 नोएडा में कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस और अन्य वाहनों में तोड़फोड़ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=211907 Mon, 13 Apr 2026 06:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=211907 नोएडा

नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन तेज हो गया है. सैकड़ों मजदूर सड़कों पर उतर आए हैं और गाडि़यों में तोड़फोड़ शुरू कर दी है. बड़ी संख्या में आज सुबह से एक बार फिर मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस मजदूरों को शांत करवाने में जुटी हुई है, लेकिन मजदूर उग्र होते नजर आ रहे हैं. नोएडा के फेज-2 इलाके में प्रदर्शनकारी मजदूर ज्‍यादा ही उग्र हो गए और उन्‍होंने एक पुलिस जीप में तोड़फोड़ की है. ऐसे में पुलिस ने हल्‍का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारी मजदूरों को तितर-बितर किया। 

नोएडा में मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के कई वीडियो सामने आ रहे हैं. नोएडा फेस-2 के एक वीडियो में उग्र मजदूर पुलिस वेन में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं. मजदूरों ने पुलिस पुलिस वेन को पलट दिया और उसमें आग लगा दी. मजदूर जमकर पथराव करते हुए भी नजर आ रहे हैं. बता दें कि वेतन बढ़ाए जाने की मांग को लेकर नोएडा में मजदूर पिछले कुछ दिनों से उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसे लेकर योगी प्रशासन भी अब अलर्ट हो गया है 

वाहनों में तोड़फोड़-आगजनी
प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। भीड़ हिंसक हो उठी। कंपनी के आसपास कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। तोड़फोड़ की गई। यहां तक कि पुलिस पर भी पथराव होने लगा। पुलिस की गाड़ियों को में तोड़फोड़ की गई। एक जिप्सी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करके पलट दिया गया। हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की।

कहां और कैसे भड़का प्रदर्शन

यह पूरा मामला नोएडा के फेज-2 इलाके का है, जहां मदरसन समेत करीब छह कंपनियों के कर्मचारी पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए। शुरू में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन मांगों पर सुनवाई न होने से भीड़ उग्र हो गई और स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी।

आगजनी, पथराव और तोड़फोड़
जैसे-जैसे प्रदर्शन उग्र होता गया, वैसे-वैसे हालात बेकाबू होने लगे और हिंसक घटनाएं तेजी से सामने आने लगीं। गुस्साए कर्मचारियों ने सड़कों पर खड़ी गाड़ियों और बसों को निशाना बनाते हुए उनमें आग लगा दी, वहीं कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई और एक वाहन को पलट दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर जमकर पथराव भी किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।

दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम
फेज-2 के अलावा सेक्टर 15 और 62 में भी श्रमिकों ने हंगामा किया। जिसकी वजह से दिल्ली मेरठ-एक्सप्रेसवे समेत नोएडा में कई जगह भीषण जाम लग गया और लोगों को आवाजाही में काफी समस्या हुई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर तो घंटों लोग फंसे रहे।

गाजियाबाद पुलिस ने भीषण जाम को देखते हुए एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया कि सेक्टर 62 नोएडा NH 9 पर दिल्ली जाने वाली साइड रोड पर इंडस्ट्रियल कर्मचारियों के द्वारा प्रदर्शन कर जाम किया गया है, यातायात का दबाव उत्पन्न हो गया है। पुलिस बल मौके पर मौजूद है। यातायात पुलिस गाजियाबाद द्वारा ABES तथा विजयनगर बाईपास से आवश्यक डायवर्जन किया जा रहा है। असुविधा से बचने के लिए कृपया वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें।

एक दिन पहले ही डीएम ने जारी की थी अपील
एक दिन पहले ही डीएम मेधा रूपम ने एक संदेश जारी करते हुए श्रमिकों से अपील करते हुए कहा था कि जिले में सौहार्द व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में करें सहयोग। अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा था कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान,बोनस,साप्ताहिक अवकाश एवं कार्यस्थल सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा रहा है और इसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

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नेपाल की राह पर फ्रांस: सड़कों पर प्रदर्शन, 80,000 पुलिसकर्मी तैनात https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=184417 Wed, 10 Sep 2025 11:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=184417 पेरिस 

नेपाल में इन दिनों भयानक बवाल देखने को मिल रहा है. जनता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर हंगामा किया, जिस कारण सरकार गिर गई. केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा है. नेपाल में हुए प्रदर्शन के बाद एक और देश में बवाल मचा हुआ है. इस देश का नाम फ्रांस है. फ्रांस इन दिनों सड़कों पर अराजकता और संसद में अस्थिरता दोनों से जूझ रहा है. बुधवार सुबह राजधानी पेरिस और कई बड़े शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण टकराव हुआ. ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ नाम से शुरू हुए इस अभियान ने पूरे देश में परिवहन व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है. पेरिस में अकेले 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया.

फ्रांस में चल रहा प्रदर्शन.

नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह कचरे के डिब्बे और बैरिकेड्स लगाकर सड़कें जाम कर दीं. बोरदॉ और मार्सिले जैसे शहरों में भीड़ ने चौराहों को घेर लिया. पुलिस पर फ्लेयर्स और बोतलें फेंकी गईं, जबकि राजधानी के रेलवे हब गारे दू नॉर स्टेनश पर भी प्रदर्शनकारियों ने धावा बोला. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए अधिकतर लोग सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, अधिकारियों का अनुमान है कि जैसे-जैसे दिन बढ़ेगा, भीड़ और भड़क सकती है. यह हिंसक आंदोलन ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने महज 24 घंटे पहले ही देश के नए प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू की नियुक्ति की है.

80000 पुलिसकर्मी तैनात

लेकोर्नू ने संसद में भरोसा खो चुके पूर्व पीएम फ्रांस्वा बायरो की जगह ली है. बायरो को सोमवार रात अपने ही आत्म-विश्वास मत में हारने के बाद इस्तीफा देना पड़ा था. बायरो ने देश का कर्ज कम करने के लिए करीब £35 अरब (लगभग 3.7 लाख करोड़ रुपये) की कटौती योजना पेश की थी, लेकिन यह सख्त कदम जनता को रास नहीं आया और उनकी सरकार गिर गई. अब पूरे फ्रांस में हालात बिगड़ते जा रहे हैं. सरकार ने 80,000 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए हैं ताकि इस आंदोलन को काबू में किया जा सके.

लूटपाट की तैयारी!

प्रदर्शनकारी न सिर्फ रेल और सड़क यातायात रोक रहे हैं बल्कि तेल डिपो, सुपरमार्केट और पेट्रोल पंपों को भी निशाना बना रहे हैं. सोशल मीडिया पर कुछ समूहों ने तो लोगों से दुकानों में लूटपाट की अपील तक कर डाली है. यह नया आंदोलन फ्रांस के कुख्यात ‘यलो वेस्ट्स’ आंदोलन की याद दिला रहा है, जिसने कुछ साल पहले मैक्रों को अपनी नीतियों में बदलाव करने पर मजबूर कर दिया था.

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