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}, 2);
केंद्र ने विकीपीडिया को पत्र लिखकर उसके द्वारा प्रदान की गई जानकारी में पूर्वाग्रह और अशुद्धियों का उल्लेख किया है तथा पूछा है कि उसे सूचना प्रदान करने वाले एक माध्यम के बजाय प्रकाशक क्यों नहीं माना जाना चाहिए। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पत्र में कहा गया है, ऐसा विचार है कि एक छोटा समूह इसके पृष्ठों पर संपादकीय नियंत्रण रखता है।
विकीपीडिया खुद को एक मुफ्त ऑनलाइन विश्वकोश के रूप में विज्ञापित करता है जहाँ हस्तियों, मुद्दों या विभिन्न विषयों पर स्वयंसेवक पेज बना या संपादित कर सकते हैं।
जानकारी का यह लोकप्रिय ऑनलाइन स्रोत कथित तौर पर गलत एवं मानहानि युक्त सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर भारत में कानूनी मामलों में उलझा हुआ है।
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