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गर्भावस्था एक महिला के जीवन में बदलाव, शक्ति और नई शुरुआत का खूबसूरत सफर है। इस दौरान मां की सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी है क्योंकि मां स्वस्थ रहेगी तो बच्चा भी स्वस्थ रहेगा। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय गर्भवती महिलाओं को योग करने की सलाह देता है। योग न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। प्रेग्नेंसी के दौरान योग करने से कई समस्याएं कम हो जाती हैं। आमतौर पर महिलाओं को पीठ दर्द, सिरदर्द, मतली और सांस लेने में तकलीफ होती है। नियमित योग इन परेशानियों को काफी हद तक कम कर देता है।
योग आसनों से शरीर में लचीलापन आता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और प्रसव के समय जरूरी ताकत और सहनशक्ति मिलती है। योग नींद की गुणवत्ता भी सुधारता है। गर्भावस्था में कई महिलाएं नींद की समस्या से जूझती हैं। योग से गहरी और आरामदायक नींद आती है। साथ ही यह स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम करने में बहुत मदद करता है। प्रेग्नेंसी के दौरान तनाव का होना आम है, लेकिन योग से मन शांत रहता है और मां बच्चे से गहरा भावनात्मक जुड़ाव महसूस करती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग मां का पालन-पोषण करता है ताकि वह आने वाले बच्चे का अच्छे से पालन-पोषण कर सके। यह मां को शांत, संतुलित और ऊर्जावान बनाए रखता है। गर्भावस्था के हर पड़ाव पर योग मां को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करता है।
मदर्स डे (10 मई) के अवसर पर आयुष मंत्रालय ने खास अपील की है कि हर गर्भवती मां योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करे। मंत्रालय का कहना है कि “मां का पहला तोहफा सेहत है”। वह योग अपनाकर खुद को स्वस्थ रख सकती है और बच्चे को भी स्वस्थ जीवन दे सकती है।
योग के आसान और सुरक्षित आसन गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए हैं। इन्हें डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह से करना चाहिए। सही तरीके से किए गए योग से न सिर्फ प्रसव आसान होता है बल्कि प्रसव के बाद रिकवरी भी तेज होती है।
दर्शन एवं योग अध्ययनशाला में विदाई समारोह सम्पन्न
रायपुर
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के दर्शन एवं योग अध्ययनशाला में विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री अंजय शुक्ला (उपाध्यक्ष, औषधि पादप बोर्ड, छत्तीसगढ़; प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, भाजपा; प्रदेश संयोजक, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा योग एवं औषधि मानव जीवन में अत्यंत उपयोगी हैं तथा दोनों का परस्पर गहरा संबंध है। उन्होंने इस विषय पर अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष जे. एल. गहरे ने की। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अध्ययनशाला से जुड़े रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर डॉ. महेंद्र कुमार प्रेमी, श्रीमती कमला पटेल एवं चितरंजन कुमार साहू सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। वरिष्ठ विद्यार्थी राजेश मढरिया (भूतपूर्व अध्यक्ष, साइंस कॉलेज) ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
विदाई समारोह में कक्षा एम.ए. चतुर्थ सेमेस्टर, पी. डिप्लोमा योग एवं सर्टिफिकेट कोर्स के विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारी कक्षा एम.ए. द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित एवं आकर्षक ढंग से की गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं तथा अपने अनुभव साझा किए। अंत में कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को जिला स्तर पर सामूहिक योग दिवस का कार्यक्रम पीएमश्री नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में ‘योग संगम’ के थीम पर आयोजित किया जाएगा। सामूहिक योग कार्यक्रम के सुव्यवस्थित संचालन के लिए कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिले के सभी विकासखण्ड के नगरीय निकायां, ग्राम पंचायतों में ‘हरित योग’ के संदेश को प्रोत्साहित करने विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस आयोजन में गणमान्य नगरिकों, दिव्यांगजन, उभयलिंगी व्यक्ति, वंचित समूह, विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूह, समस्त आयु वर्ग के महिला, पुरूष, एनजीओ, विभिन्न संस्थाओं एवं छात्र-छात्राओं को सम्मिलित किया जाएगा। कलेक्टर ने उक्त सम्पूर्ण कार्यक्रम हेतु जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने कार्यक्रम स्थल में मुख्य नगरपालिका अधिकारी कांकेर को स्थल की साफ-सफाई एवं नगर में प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करने, छात्र-छात्राओं, एनसीसी, एनएसएस, रेडक्रॉस आदि की उपस्थिति मंच व्यवस्था की तैयारी हेतु जिला शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, सर्वशिक्षा अभियान को दायित्व सौंपा है। इसी प्रकार जिला खाद्य अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा उद्यानिकी विभाग, जिला आयुर्वेद विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण एवं जनसम्पर्क विभाग, पुलिस वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, आयुर्वेद विभाग को भी आदेश जारी कर उत्तरदायित्व सौंपे गए हैं। साथ ही उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग द्वारा कार्यक्रम से पूर्व अथवा कार्यक्रम दिवस पर पौधरोपण, पौधा वितरण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयुष विभाग को कार्यक्रम उपरांत प्रत्येक योग करने वाले व्यक्ति का पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ल्वहंण्ंलनेण्हवअण्पद में पंजीयन कराने, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, नोडल महाविद्यालय को खेल संगठन, एनएसएस/एनसीसी की उपस्थिति एवं योगाभ्यास कराने एवं समापन पर संकल्प वाचन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों स्तर पर कार्यक्रम कराने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नोडल नियुक्त किया है। उक्त नोडल अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर के कार्यक्रम में विद्यालयों को शामिल करते हुए ‘हरित योग’ के संदेश को प्रोत्साहित करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला स्तर के समारोह के अतिरिक्त महाविद्यालय, विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्रों, वृद्धाश्रम, छात्रावास-आश्रम में आयोजन की जवाबदारी जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास की होगी। प्रत्येक हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में योग शिविर का आयोजन किया जाना अनिवार्य है। इसके प्रभारी संबंधित संस्था के प्राचार्य तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी की देखरेख में शिविर का आयोजन सम्पन्न करायेंगे। आयोजन सम्पन्न होने के बाद आयोजन स्थल, उपस्थिति की जानकारी संकलित करने की जवाबदारी जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान कांकेर की होगी। उक्त दिवस को जिले में पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक, कमाण्डेंट जिला सेनानी द्वारा जेल के कैदियों, होम गॉर्ड, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल सैनिक जवानों को भी योग कराने के निर्देश दिए गए हैं।
]]>अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2025 की तारीख करीब आने के साथ ही इसका उत्साह भी खासा बढ़ता नजर आ रहा है। दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के प्रमुख उत्सव कार्यक्रम ‘योग संगम’ को पहले ही भारत और उसके बाहर 25,000 से अधिक संगठनों से असाधारण प्रतिक्रिया मिल चुकी है। जी हां, योग के अब तक के सबसे बड़े और सबसे समावेशी उत्सव के लिए मंच तैयार कर रहा है।
हर तरफ से मिल रहा समर्थन
शीर्ष-स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों से लेकर प्रसिद्ध गैर सरकारी संगठनों तक, और प्रमुख कॉरपोरेट्स से लेकर प्रभावशाली सरकारी विभागों तक, हर तरफ से समर्थन मिल रहा है। एकल फाउंडेशन, अंतर्राष्ट्रीय योग संघ (IYA) और अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संगठन (INO) जैसे संगठन उनमें से हैं जिन्होंने पूरे दिल से इसमें भाग लेने का संकल्प लिया है।
भारत के सबसे प्रतिष्ठित परिसरों में इस कार्यक्रम की दिखाई देती है गूंज
उल्लेखनीय शैक्षणिक संस्थानों ने योग संगम की भावना को उत्साह के साथ अपनाया है। आईआईटी कानपुर, आईआईएम मुंबई, एनआईटी कुरुक्षेत्र, आईआईएम बैंगलोर, बीआईटी मेसरा और वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने पंजीकरण कराया है, जिससे भारत के सबसे प्रतिष्ठित परिसरों में इस कार्यक्रम की गूंज दिखाई देती है।
सरकारी विभाग भी कर रहे हैं उदाहरण पेश
यहां तक कि सरकारी विभाग भी उदाहरण पेश कर रहे हैं। गोवा वन भवन के प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, अल्टिन्हो ने योग संगम के साथ हाथ मिलाया है – जो पर्यावरण जागरूकता और समग्र कल्याण के साथ योग के संरेखण पर प्रकाश डालता है।
राज्य स्तर पर संगठनात्मक पंजीकरण में अग्रणी ये राज्य
वहीं राज्य स्तर पर, राजस्थान, तेलंगाना, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब संगठनात्मक पंजीकरण में अग्रणी के रूप में उभर रहे हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों में योग के लिए गहरे समर्थन को दर्शाता है।
अब तक का सबसे प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बनाने का किया गया आह्वान
जैसे-जैसे योग संगम का पैमाना और भावना बढ़ती जा रही है, आयोजक सभी शेष शैक्षणिक, सरकारी, कॉर्पोरेट और गैर-लाभकारी संस्थानों से इस आंदोलन में शामिल होने और इसे अब तक का सबसे प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बनाने में मदद करने का आह्वान कर रहे हैं।
ऐसे में आप भी इस ऐतिहासिक उत्सव का हिस्सा बनें। इसके लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन कराएं।
IDY ने सफलतापूर्वक पूरे किए 10 वर्ष
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इसका उद्देश्य योग को एक वैश्विक आंदोलन के रूप में बढ़ावा देना है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण को बढ़ाता है। ज्ञात हो, IDY ने सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं, और इस वर्ष 2025 में, हम 11वें IDY को वास्तव में वैश्विक और समावेशी तरीके से मनाएंगे।
‘योग संगम’ में भारत भर में 1 लाख से अधिक स्थानों पर होगा समन्वित सामूहिक योग प्रदर्शन
आगामी 21 जून 2025 को आयोजित होने वाले IDY 2025 के प्रमुख कार्यक्रम ‘योग संगम’ में भारत भर में 1 लाख से अधिक स्थानों पर कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) पर आधारित एक समन्वित सामूहिक योग प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस सामूहिक उत्सव का उद्देश्य योग के कालातीत अभ्यास और आज की दुनिया में इसकी स्थायी प्रासंगिकता के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करना है।
योग के क्षेत्र की सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं में से एक कैवल्यधाम ने ‘योग अनप्लग्ड’ पहल को समर्थन देते हुए युवा केंद्रित अनेक कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें विशेष रूप से ‘Yoga for Young Minds’ नामक अभियान प्रमुख है, जिसके तहत छात्रों और युवाओं को योग प्रशिक्षण मुफ्त में ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें कॉमन योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण भी शामिल है, जिससे युवा योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकें।
योग कनेक्ट और ‘योगिनार’ के माध्यम से वैश्विक जुड़ाव
कैवल्यधाम ‘योग कनेक्ट’ के तहत एक वर्चुअल ग्लोबल समिट में भाग लेगा, जिसमें दुनियाभर के योग विशेषज्ञों और स्वास्थ्य पेशेवरों का समावेश होगा। इसके लिए, ‘योगिनार’ नामक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जहां युवाओं को विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
योग परंपरा और विज्ञान का मेल
1924 में स्वामी कुवलयानंद द्वारा स्थापित कैवल्यधाम, पतंजलि योग सूत्रों के शुद्ध सिद्धांतों का अनुसरण करता है। इसका उद्देश्य योग की परंपरा को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना है, जिससे यह ज्ञान आज की युवा पीढ़ी तक सुलभ रूप में पहुँच सके।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के 10 विशेष आयोजनों की घोषणा
आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 को विशेष बनाने के लिए 10 प्रमुख कार्यक्रमों की घोषणा की है, जिनमें ‘योग संगम’, ‘योग बंधन’, ‘हरित योग’ और ‘योग महाकुंभ’ जैसे आयोजन शामिल हैं।
आयोजित होंगे कई प्रमुख आयोजन
योग संगम: देशभर में एक साथ 1 लाख स्थानों पर सामूहिक योग प्रदर्शन।
योग बंधन: अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को बढ़ावा देने वाले एक्सचेंज प्रोग्राम।
हरित योग: योग के साथ पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण।
योग कनेक्ट: वैश्विक विशेषज्ञों के साथ वर्चुअल समिट।
योग अनप्लग्ड: युवाओं को प्रेरित करने वाली कार्यक्रम श्रृंखला।
योग की दिशा में एक जनआंदोलन
आयुष मंत्रालय ने सभी व्यक्तियों, संस्थानों और समुदायों से 21 जून, 2025 को इस महायोग दिवस में शामिल होकर योग के वैश्विक संदेश को फैलाने का आह्वान किया है।
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आयुष मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 2025 के संस्करण (आईडीवाई 2025) के लिए प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री योग पुरस्कारों के लिए नामांकन शुरू करने की घोषणा की है। पुरस्कार उन लोगों और संगठनों दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग के प्रचार-प्रसार और विकास में महत्वपूर्ण और निरंतर योगदान दिया है।
आयुष मंत्रालय आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी सहित चिकित्सा और कल्याण की पारंपरिक प्रणालियों को विकसित करने और बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।
आयुष के अनुसार ये पुरस्कार राष्ट्रीय व्यक्ति, राष्ट्रीय संगठन, अंतर्राष्ट्रीय व्यक्ति और अंतर्राष्ट्रीय संगठन श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे, जिसके तहत प्रत्येक विजेता को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और 25 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा। प्रधानमंत्री योग पुरस्कारों का उद्देश्य समाज पर योग के गहन प्रभाव को सम्मानित करने के लिए स्थापित, इस क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान का जश्न मनाने, रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन और जीवनशैली से संबंधित विकारों के प्रबंधन में योग की भूमिका को सुदृढ़ करना है।
पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु 40 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और योग के प्रचार में कम से कम 20 वर्षों का समर्पित अनुभव होना चाहिए। आवेदन और नामांकन MyGov प्लेटफॉर्म (https://innovateindia.mygov.in/pm-yoga-awards-2025/) के माध्यम से 31 मार्च, 2025 तक या उससे पहले जमा किए जा सकते हैं।
आपको बता दें, यह लिंक आयुष मंत्रालय की वेबसाइट और इसके स्वायत्त निकायों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध होगा। संस्थाएं सीधे आवेदन कर सकती हैं या किसी प्रमुख योग संगठन द्वारा नामांकित हो सकती हैं। प्रत्येक आवेदक/नामांकित व्यक्ति प्रति वर्ष केवल एक श्रेणी (राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय) के लिए आवेदन कर सकता है।
आयुष मंत्रालय द्वारा गठित स्क्रीनिंग कमेटी सभी आवेदनों की समीक्षा करेगी और मूल्यांकन करने वाले निर्णायक मंडल को प्रत्येक पुरस्कार श्रेणी में अधिकतम 50 नामों की सिफारिश करेगी। निर्णायक मंडल में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी और यह निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था होगी।
]]>उन्होंने आईओए द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि ओसीए अध्यक्ष राजा रणधीर सिंह ने उन्हें इस निर्णय के बारे में सूचित किया है। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि ओसीए कार्यकारी बोर्ड ने योग को वह मान्यता देने के भारत के अनुरोध पर सहज रूप से सहमति व्यक्त की है जिसका वह हकदार है। प्रस्ताव अब खेल समिति के माध्यम से पुष्टि के लिए महासभा में जाएगा।
आईओए अध्यक्ष ने कहा कि प्रतिस्पर्धी खेल समुदाय के लिए योग को अपनाना एक स्वाभाविक कदम है, खासकर तब जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि और पहल के कारण दुनिया ने इसे अपनाया है। उन्होंने कहा, इसकी सार्वभौमिक अपील है और दुनिया भर के लोगों ने योग को अपनाया है और इसके लाभ उठाए हैं।
उन्होंने ओसीए बैठक से पहले युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, जब हम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सामूहिक प्रयास करते हैं, तो हम बिना किसी बाधा के सफलता प्राप्त कर सकते हैं। मुझे खुशी है कि योग को खेल के सबसे बड़े उत्सवों में शामिल करने के भारत के प्रयास को प्रतिध्वनि मिल रही है।
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10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश-दुनिया में योग को लेकर उत्साह बना हुआ है. इस बीच श्रीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष योग कार्यक्रम में शिरकत की. उन्होंने कहा कि बीते दस सालों में योग के विस्तार से सभी पुरानी धारणाएं बदली हैं. योग अब सीमित दायरे से बाहर निकल रहा है.
पीएम मोदी ने योग दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे कश्मीर आने का सौभाग्य मिला है. हमें योग से जो शक्ति मिलती है, मैं श्रीनगर में उसे महसूस कर रहा हूं. मैं देश के सभी लोगों और दुनिया के कोने-कोने में योग करने वालों को कश्मीर की धरती से योग दिवस की बधाई देता हूं. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 10 वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर चुका है.
उन्होंने कहा कि मैं अब दुनिया में जहां भी जाता हूं, वैश्विक नेता अब योग की बातें करते हैं. जिसे भी मौका मिलता है, वह योग की चर्चा शुरू कर देता है. दुनियाभर से लोग ऑथेंटिक योग सीखने भारत आते हैं. आज पूरी दुनिया में योग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. लोगों में योग के प्रति आकर्षण बढ़ा है. योग अब लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कहा कि जम्मू कश्मीर योग-साधना की भूमि है. इससे उत्पादकता और सहनशक्ति बढ़ती है. योग से नए अवसर पैदा हुए हैं. योग केवल विद्या नहीं बल्कि विज्ञान है. योग से एकाग्रता बढ़ती है. योग पर अब रिसर्च हो रही है. योग टूरिज्म का नया ट्रेंड बन गया है.
उन्होंने कहा कि इस साल भारत में फ्रांस की 101 साल की महिला योगा शिक्षिका को पद्मश्री से सम्मानित किया गया. वह कभी भारत नहीं आई लेकिन उन्होंने पूरा जीवन योग को लेकर जागरूकता फैलाने में लगा दिया. आज देश-दुनिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज और संस्थानों में योग पर रिसर्च हो रही है. योग पर रिसर्च पेपर पब्लिश हो रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनियाभर के लोग भारत सिर्फ इसलिए आते हैं क्योंकि उन्हें ऑथेंटिक योग सीखना है. जर्मनी में इस समय डेढ़ करोड़ योग ट्रेनर हैं. आज दुनिया एक नई योग इकोनॉमी को आगे बढ़ती देख रही है. ऋषिकेश से लेकर केरल तक योग टूरिज्म का नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है. आज एयरपोर्ट से लेकर होटलों तक योग के लिए विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं. बाजारों में योग से जुड़े परिधा और उपकरण बडे़ पैमाने पर मिल रहे हैं. लोग अपनी फिटनेस के लिए पर्सनल योग ट्रेनर तक रख रहे हैं. कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए योग और माइंडफुलनेस प्रोग्राम शुरू कर रही हैं. इससे रोजगार के नए मौके मिल रहे हैं.
योग से समाज में आ रहा बदलाव
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में योग करने वालों की तादात बढ़ रही है. विश्व के कई देशों में योग दिनचर्या का हिस्सा बन रहा है. सऊदी में तो योग एजुकेशन सिस्टम में ही शामिल है. योग पर आज रिसर्च हो रही है. नेता भी अब योग की बातें करते हैं. योग से समाज में बदलाव आ रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के सभी वरिष्ठ नेताओं को जब भी मौका मिलता है वह योग की चर्चा जरूर कर अपनी जिज्ञासा को समाप्त करते हैं. मंगोलिया में भी मंगोलिया योग फाउंडेशन के तहत कई स्कूल चलाए जा रहे हैं. दुनिया के अन्य देशों में भी योग का चलन तेजी से बढ़ा है. जर्मनी में आज करीब 1 करोड़ लोग योग प्रेक्टिशनर बन चुके हैं. इसी साल भारत में फ्रांस की 101 साल की महिला योग टीचर को पद्मश्री अवॉर्ड दिया गया था, जबकि वह कभी भारत नहीं आईं लेकिन उन्होंने योग प्रचार के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. आज विश्व के बड़े-बड़े इंस्टीट्यूशन्स और यूनिवर्सिटीज में योग को महत्व दिया जा रहा है.
2015 में हुई अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत
बता दें कि योग दिवस (Yoga Day) की शुरुआत पहली बार साल 2015 में हुई थी. भारत ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे 177 देशों का समर्थन मिला, जिसके बाद 11 दिसंबर 2014 को यूएन ने इसे मंजूरी दे दी. स्वस्थ्य रहने के लिए योग से बेहतर कुछ भी नहीं, भारत के इस मंत्र को आज पूरी दुनिया मान रही है. यही वजह है कि दुनियाभर में योग दिवस मनाया जा रहा है.
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देशभर में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। हर साल 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में भी तैयारियां की जा रही हैं। योग दिवस के अवसर पर प्रदेश के खरगोन जिले के सभी विद्यालयों और शिक्षण संस्थाओं में सामूहिक योग दिवस का आयोजन शुक्रवार सुबह 6 बजे से शुरू होकर 07:50 बजे तक किया जाएगा।
खरगोन के जिला शिक्षा अधिकारी एसके कानुड़े ने बताया कि शहर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन कृषि उपज मंडी में किया जाएगा। इस आयोजन में करीब 1500 से अधिक विद्यार्थी अपनी सहभागिता करेंगे। इस दौरान योग दिवस के अवसर पर लोकसभा क्षेत्र से नव निर्वाचित सांसद, विधायक और कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिकों के साथ आमजन भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे ।
कैसे हुई योग दिवस को मनाने की शुरुआत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस को मनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को जाता है. 27 सितंबर 2014 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त महासभा में दुनिया के तमाम देशों से योग दिवस को मनाने का आह्वान किया. पीएम मोदी के इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकार कर लिया और तीन माह के अंदर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन का ऐलान कर दिया. इसके बाद पहली बार 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया.
योग दिवस की थीम
हर साल योग दिवस के लिए एक अलग थीम निर्धारित की जाती है. साल 2024 की थीम है- 'स्वयं और समाज के लिए योग' (Yoga for Self and Society). बता दें कि इस साल भारत समेत दुनियाभर में दसवें योग दिवस का आयोजन किया जाएगा. इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को योग के जरिए स्वस्थ और निरोगी जीवन के प्रति जागरुक करना है.
21 जून की तारीख ही क्यों?
योग दिवस मनाने के लिए 21 जून की तारीख को ही क्यों चुना गया, ये सवाल तमाम लोगों के मन में होगा. योग दिवस की तारीख को तय करने के पीछे खास वजह है. दरअसल 21 जून को साल का सबसे लंबा दिन माना जाता है. इसे ग्रीष्म संक्रांति भी कहते हैं. इसके बाद सूर्य धीरे-धीरे दक्षिणायन होने लगता है. इस दिन को योग और अध्यात्म के लिए बेहद खास माना जाता है. यही वजह है कि 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया गया.
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