मध्यप्रदेश

Saurabh Sharma Case: ED की जांच में कई अफसरों के नाम भी निकलकर आए सामने

भोपाल

मध्य प्रदेश में 55 किलो गोल्ड और 10 करोड़ कैश कांड में ED की जांच जारी है। इस बीच कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं। बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान ED को अफसरों की लिस्ट मिली थी। प्रवर्तन निदेशालय ने 50 से अधिक खाते फ्रीज कर दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, ED की जांच में कई अफसरों के नाम भी निकलकर सामने आए हैं। जांच एजेंसी ने 9 लोग, 6 कंपनी और एक ट्रस्ट को आरोपी बनाया है। इन आरोपियों में चेतन,शरद और उसकी मां को छोड़कर सभी आरोपी सौरभ के रिश्तेदार हैं।

बता दें कि परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, उसके साथी चेतन गौर और शरद जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त ने एक सप्ताह तक उनसे पूछताछ की। इसके बाद ED ने उन्हें रिमांड में लिया और सोने और कैश का राज उगलवाने की कोशिश की। कल ईडी की रिमांड खत्म हो रही है। जिसके बाद सभी को कोर्ट में पेश  किया`जाएगा।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, सौरभ शर्मा और अन्य पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में संलिप्त होने का आरोप है. जांच एजेंसियों को शक है कि ये लोग गैर कानूनी तरीके से धन इकट्ठा कर उसे अलग-अलग माध्यमों से सफेद कर रहे थे. ईडी ने लंबे समय से इस मामले पर नजर रखी थी. कई दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच के बाद एजेंसी को पुख्ता सबूत मिले, जिसके आधार पर गिरफ्तारी की गई. अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है. इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है.

ईडी ने शुरू की विस्तृत जांच
ईडी की टीम अब आरोपियों के वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है. बैंक खाते, संपत्तियों और लेनदेन का विश्लेषण किया जा रहा है. इसके अलावा, उन कंपनियों और व्यक्तियों की भी जांच हो रही है, जिनका इन तीनों के साथ कोई वित्तीय लेनदेन हुआ है.

आगे क्या होगा?
गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी रिमांड की मांग कर सकती है. अगर आगे की जांच में कोई और बड़े खुलासे होते हैं, तो और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

 

ईडी की बढ़ती सख्ती
हाल के वर्षों में ईडी भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही है. देश भर में कई नेताओं, व्यापारियों और अधिकारियों पर शिकंजा कसा गया है. भोपाल में हुई इस कार्रवाई को भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है. ईडी ने आम जनता से अपील की है कि अगर उन्हें किसी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की जानकारी हो, तो वे तुरंत इसकी सूचना दें ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके.

फिल्मी स्टाइल में हुई थी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि सौरभ शर्मा सोमवार (28 जनवरी) को कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था। लेकिन आवेदन के बाद अदालत ने जांच एजेंसी से डायरी मंगवाई थी, जिसके बाद उसे अगले दिन आने के लिए कहा। वकील के मुताबिक, सुबह 11 बजे जैसे ही सौरभ कोर्ट जा रहा था। लोकायुक्त ने उसे बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया और लोकायुक्त ऑफिस ले गयी। जहां उससे 5 घंटे तक पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर उसके साथी चेतन गौर को भी हिरासत में लिया गया।

18 दिसंबर को लोकायुक्त की रेड, IT ने बरामद किया था सोना और कैश

गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं ,19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी, जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे।

52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच

कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद IT की टीम ने कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकला। जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई।

27 दिसंबर को ED ने कई ठिकानों पर मारा छापा

27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए।

6 करोड़ से ज्यादा की FD बरामद

सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की FD मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया।

 

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