मध्यप्रदेश

स्वच्छ सुजल गांव-स्वच्छता और जल प्रबंधन की दिशा में सशक्त कदम

भोपाल

जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत देशभर में गांवों को 'स्वच्छ सुजल गांव' बनाने की दिशा में एक सशक्त जन-आंदोलन चल रहा है। यह पहल न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने पर केंद्रित है, बल्कि इसे एक स्थायी व्यवहार परिवर्तन के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य भी है।

मध्यप्रदेश में 'स्वच्छ सुजल गांव' अभियान को नई गति

मध्यप्रदेश सरकार इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सतत प्रयासरत है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि राज्य में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण को सफल बनाने के लिए पंचायतों और ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर गांव तक स्वच्छ जल पहुंचाने और ओडीएफ प्लस स्थिति को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। 'स्वच्छ सुजल गांव' अभियान केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरणीय संतुलन का आधार बन रहा है।

प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस पहल को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। हर घर जल प्रमाणन प्राप्त गांवों और ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीतियां अपनाई जा रही हैं, जिससे राज्य के हर गांव को 'स्वच्छ सुजल गांव' का दर्जा मिल सके।

'स्वच्छ सुजल गांव'-एक आदर्श मॉडल

'स्वच्छ सुजल गांव' वह होता है जहां सभी ग्रामीण परिवारों और सार्वजनिक संस्थानों जैसे विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन और शौचालय को सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई हो और ग्राम सभा द्वारा 'हर घर जल' प्रमाणन प्राप्त हो। गांव ने खुले में शौच से मुक्त की स्थिति को न केवल प्राप्त किया हो, बल्कि इसे सतत रूप से बनाए रखा हो। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था हो, जिससे जल स्रोतों की गुणवत्ता बनी रहे और पर्यावरणीय संतुलन कायम रहे। गांव में स्वच्छता और जल संरक्षण को लेकर सामूहिक संकल्प लिया गया हो और इसे ग्राम सभा में पारित किया गया हो। गांव का परिदृश्य स्वच्छ, सुव्यवस्थित और अनुकरणीय हो, जिससे अन्य क्षेत्रों के लिए यह प्रेरणा स्रोत बने।

गांवों की सतत प्रगति में सामुदायिक भागीदारी

'स्वच्छ सुजल गांव' की संकल्पना को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए स्थानीय समुदाय, पंचायतों और जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन-भागीदारी से संचालित एक व्यापक आंदोलन बन चुका है, जिसमें ग्रामीण जनता जल और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इसमें सक्रिय योगदान दे रही है। गांवों में जल और स्वच्छता सेवाओं की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए नियमित ग्राम सभा आयोजित की जा रही हैं, जहां स्थानीय समुदाय अपनी प्राथमिकताओं को तय कर, जल स्रोतों के संरक्षण और बेहतर स्वच्छता उपायों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हो रहा है। यह सामुदायिक नेतृत्व का एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

डिजिटल क्रांति से 'स्वच्छ सुजल गांव' को मिल रहा बल

इस अभियान की प्रभावशीलता को और अधिक सशक्त बनाने के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। विभिन्न गांवों की सफल कहानियां, उत्कृष्ट मॉडल और नवाचारों को प्रचारित किया जा रहा है, इससे अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरणा मिले और वे इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों।

'स्वच्छ सुजल गांव'-ग्रामीण भारत के लिए एक स्थायी समाधान

यह अभियान ग्रामीण भारत के जल और स्वच्छता से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। मध्यप्रदेश में यह अभियान स्वस्थ, स्वच्छ और जल-समृद्ध गांवों की संकल्पना को साकार करने में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com