मध्यप्रदेश

यूनियन कार्बाइड का 10 टन कचरा 75 घंटे में जलकर भस्म हुआ, अब शुरू होगा दूसरा ट्रायल

इंदौर
 मध्यप्रदेश के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक अपशिष्ट निपटान संयंत्र में भोपाल के यूनियन कार्बाइड कारखाने के 337 टन कचरे में से 10 टन अपशिष्ट को परीक्षण के तौर पर भस्म किए जाने की करीब 75 घंटे चली प्रक्रिया सोमवार को खत्म हो गई और इस दौरान पार्टिकुलेट मैटर (पीएम), कार्बन और अलग-अलग गैसों का उत्सर्जन मानक सीमा के भीतर रहा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कारखाने के कचरे के निपटान के पहले दौर के परीक्षण को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर एक निजी कंपनी के संचालित अपशिष्ट निपटान संयंत्र में अंजाम दिया गया।

इस कचरे के निपटान की प्रक्रिया शुरू होने के बीच पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।

इंदौर संभाग के आयुक्त दीपक सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमने पीथमपुर के अपशिष्ट निपटान संयंत्र के भस्मक में यूनियन कार्बाइड कारखाने के 10 टन कचरे को परीक्षण के तौर पर जलाने की प्रक्रिया शुक्रवार (28 फरवरी) को शुरू की थी जो सोमवार को खत्म हो गई।’’

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दल ने परीक्षण की पूरी निगरानी की और इस दौरान पीथमपुर और इससे करीब 30 किलोमीटर दूर इंदौर की वायु गुणवत्ता ‘‘सामान्य’’ बनी रही।

सिंह ने बताया कि पीथमपुर के अपशिष्ट निपटान संयंत्र में दूसरे दौर के परीक्षण की तैयारी की जा रही है और इस चरण में भी यूनियन कार्बाइड कारखाने के 10 टन कचरे को भस्म किया जाएगा।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक कचरे के निपटान के दौरान पिछले 24 घंटे में इस संयंत्र से पार्टिकुलेट मैटर (पीएम), सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, हाइड्रोजन क्लोराइड, हाइड्रोजन फ्लोराइड और टोटल ऑर्गेनिक कार्बन का उत्सर्जन मानक सीमा के भीतर पाया गया।

विज्ञप्ति के मुताबिक पहले दौर के परीक्षण के दौरान हुए इन उत्सर्जनों का विश्लेषण किया जा रहा है और दूसरे दौर का परीक्षण चार मार्च (मंगलवार) से शुरू किया जाना प्रस्तावित है।

रिपोर्ट आते ही शुरु होगा दूसरे चरण का ट्रायल
वहीं आज यानी 4 मार्च से दूसरे चरण का ट्रायल शुरू होगा। श्रीनिवास द्विवेदी ने बताया कि, पहले चरण में कचरे को 135 किलोग्राम प्रति घंटे की दर से जलाया गया था। अब दूसरे चरण में कचरे की जलाने की दर को बढ़ाकर 180 किलोग्राम प्रति घंटे किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि, पहले चरण की रिपोर्ट आज ही आ जाएगी, जिसके बाद ये फैसला लिया जाएगा कि, कचरे को आज कब जलाया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर ही दूसरे चरण के कचरे को जलाने की तैयारी शुरू की होगी।

स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर से हो रहा निष्पादन

वहीं मामले में धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि "पीथमपुर में हाईकोर्ट के दिशा निर्देश पर ही कचरा जलाया जा रहा है. इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया है. उसी के अनुसार कचरे का निष्पादन होना है. उन्होंने बताया कचरे को अनलोड किए जाने और अलग-अलग पैकेट में तैयार करने के बाद अब वास्तविक रूप से कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू हो रही है.

72 घंटे में जलेगा 10 टन कचरा

इस प्रक्रिया के दौरान लगातार 72 घंटे तक करीब 10 टन कचरा जलाया जाएगा. जिसकी लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है. कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया जिन कर्मचारियों की ड्यूटी संयंत्र के अंदर है. वह भी प्रदूषण से सुरक्षा के तमाम प्रोटोकॉल का पालन करते हुए काम कर रहे हैं. वही शहर भर में लोगों को विश्वास में लेकर उन्हें कचरे की लाइव मॉनिटरिंग की भी सुविधा दी गई है. उन्होंने बताया कचरा जलाए जाने के दौरान पूरे पीथमपुर में कहीं कोई विरोध नहीं है."

रामकी एनवायरो में जलेगा 10 टन कचरा

दरअसल यूनियन कार्बाइड कचरे को लेकर लोगों तक वास्तविक जानकारी पहुंचाने का परिणाम है. उन्होंने कहा इसके अलावा जो लोग विरोध कर रहे थे. उन्होंने भी कोर्ट के समक्ष अपना तर्क रखा, हालांकि कोर्ट ने ही अब कचरे के निष्पादन के आदेश दिए हैं, तो पूरी सुरक्षा व्यवस्था और तमाम प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कचरा जलाया जा रहा है.

900 डिग्री सेल्सियस के तापमान में जलेगा कचरा

परिसर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को अनलोड करने के बाद मिक्सिंग और जलाने की प्रक्रिया केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की देखरेख में की जा रही है. पहले कंटेनर से कचरा अलग किया गया. फिर संयंत्र के इंसीनरेटर में 900 डिग्री सेल्सियस के तापमान में कचरे को जलाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे में नेपथॉल सेमी प्रोसैस्ट पेस्टिसाइड 47 समेत यूनियन कार्बाइड से इकठ्ठा मिट्टी के भी अवेशष हैं. यूनियन कार्बाइड में प्लांट के अंदर स्थित अन्य सामग्री भी कचरे में शामिल है, जिसे इंसीनरेटर में चूना मिलकर जलाया जा रहा है.

9-9 किलो के बनाए गए पैकेट

10 टन के कचरे को 72 घंटे यानि 3 दिन में जलाया जाएगा. जिसके लिए सबसे पहले 9-9 किलो के पैकेट बनाए गए हैं. हर पैकेट में साढ़े 4 किलो कचरा और इतनी ही मात्रा में चूना है. जिससे रासायनिक प्रभाव को न्यूट्रल किया जा सके. कचरा जलाने के लिए गुरुवार रात से ही इंसीनरेटर को चालू कर दिया गया था. जिसे 900 डिग्री सेल्सियस तक गर्म रखने के लिए चालू रहना जरूरी है. शुक्रवार सुबह यह तापमान 850-900 डिग्री पहुंचा. फिर उसमें कचरे के पैकेट डालना शुरू किया गया. कचरे के जलने पर जो धुआं या गैस या तत्व निकलेगा, उस पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी नजर बनाए हुए हैं.

विज्ञप्ति में बताया गया कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाए जाने के दौरान पीथमपुर के अपशिष्ट निपटान संयंत्र के आस-पास पांच स्थानों पर परिवेशीय वायु गुणवत्ता माप रहा है जिनमें तीन गांव शामिल हैं।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने का पहला परीक्षण करीब 75 घंटे चला और इस दौरान संयंत्र के भस्मक में हर घंटे 135 किलोग्राम कचरा डाला गया।

उन्होंने बताया कि दूसरे दौर के परीक्षण के दौरान भस्मक में हर घंटे 180 किलोग्राम कचरा डाला जाएगा।

द्विवेदी ने बताया कि पहले दौर के परीक्षण को करीब 60 अधिकारी-कर्मचारियों ने अंजाम दिया जिनमें शामिल केंद्र और राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के करीब 20 लोगों ने इस प्रक्रिया की निगरानी की।

उन्होंने बताया, ‘‘परीक्षण में शामिल कर्मचारियों को हर आठ घंटे में बदल दिया गया।’’

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड