मध्यप्रदेश

उज्जैन के बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में 1.21 करोड़ के नोटों से की गई सजावट

 उज्जैन

हर साल महाशिवरात्रि के बाद आयोजित होने वाले मेले में इस बार श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर का भव्य श्रृंगार किया गया। इस वर्ष भक्तों ने अपनी आस्था का अनोखा परिचय देते हुए 1 करोड़ 21 लाख रुपए के नोटों से मंदिर को सजाया। मंदिर के चारों ओर नोटों की माला, मुकुट और लड़ियां बनाई गईं, जिससे पूरा परिसर अद्भुत प्रकाशमान हो गया। मंदिर की इस अनूठी परंपरा ने क्षेत्र में विशेष पहचान बनाई और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आने लगे। यह आयोजन भक्तों की आस्था, प्रेम और समर्पण का प्रतीक बन गया है।

परंपरा की शुरुआत

    बता दें कि, इस भव्य श्रृंगार की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी, जब मंदिर को पहली बार 7 लाख रुपए के नोटों से सजाया गया था। इसके बाद हर साल भक्तों का योगदान बढ़ता गया। 2022 में यह राशि 11 लाख, 2023 में 21 लाख और 2024 में 51 लाख तक पहुंच गई। इस वर्ष भक्तों के उत्साह को देखते हुए यह रकम 1.21 करोड़ तक पहुंच गई, जिसे अब तक का सबसे बड़ा योगदान माना जा रहा है।

फूलों की जगह नोटों से श्रृंगार

पहले मंदिर को फूलों से सजाया जाता था, लेकिन श्री बुद्धेश्वर महादेव मित्र मंडली समिति के सदस्यों ने चार साल पहले एक नई परंपरा की नींव रखी। उनका मानना था कि फूल जल्द ही मुरझा जाते हैं, जबकि नोटों से किया गया श्रृंगार अधिक आकर्षक और भव्य दिखता है। इसके बाद से ही भक्तों के सहयोग से मंदिर को नोटों से सजाने की परंपरा शुरू हुई, जो अब भव्य रूप ले चुकी है।

इस वर्ष मंदिर के श्रृंरगार में श्री बुद्धेश्वर महादेव मित्र मंडली समिति के 22 से अधिक सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सदस्यों ने ही मंदिर की सजावट के लिए करोड़ों रुपए के नोटों का दान दिया। इस आयोजन ने भक्तों के बीच एक नई ऊर्जा का संचार किया और पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा जोरों पर रही।

भक्तों के लिए आस्था का संगम

यह मंदिर उज्जैन से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां हर साल महाशिवरात्रि के बाद विशेष मेला आयोजित किया जाता है। इस वर्ष यह मेला 28 फरवरी से 10 मार्च तक चलेगा। मेले के दौरान भक्तों का भारी जमावड़ा देखने को मिला रहा है। विशेष रूप से 3 मार्च से 5 मार्च तक, जब भगवान शिव का 1.21 करोड़ के नोटों से श्रृंगार किया गया तो मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भरा रहा।

इस आयोजन को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों ने इसे न केवल भक्ति का प्रतीक माना है, बल्कि इसे एक अनूठी परंपरा के रूप में भी देख रहे हैं। इस तरह की सजावट से न केवल मंदिर की सुंदरता बढ़ रही है, बल्कि इससे श्रद्धालुओं की आस्था को भी एक नया आयाम देखने को मिल रहा है।

Tags

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com