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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में 30 मार्च से 3 महीने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान होगा शुरू

भोपाल
मध्य प्रदेश में 30 मार्च से 3 महीने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य जल को संरक्षित रखना और उसका संवर्धन करना मुख्य है. इसी अभियान के तहत सरकार जल स्रोतों की डिजिटल मैपिंग भी करने जा रही है ताकि सरकार के पास डिजिटल डाटाबेस उपलब्ध हो सके. उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 30 मार्च से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं. इस जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर कैबिनेट में भी मंजूरी हो चुकी है. यह अभियान पिछले साल भी चलाया गया था.

डिजिटल डाटाबेस किया जाएगा तैयार
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए आवश्यक कदम उठाने जाना है. इसी कड़ी में सरकार डिजिटल मैपिंग भी करवा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुताबिक प्रदेश के सभी 55 जिलों की जल संरक्षण का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा.

लोगों को मिलेगा काफी लाभ
इस अभियान के जरिए जल संरचनाओं में जल भराव की स्थिति और दो भिन्न ऋतु की सेटेलाइट के माध्यम से डिजिटल मैपिंग की जाएगी ताकि प्री और पोस्ट मानसून का डाटा तैयार किया जा सके. सरकार का दावा है कि डिजिटल मैपिंग के बाद पेयजल और अन्य सिंचाई संबंधी जल की उपलब्धता को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे. इससे लोगों को काफी लाभ मिलेगा.

जल संरचनाओं का किया जाएगा वर्गीकरण
मध्य प्रदेश में चलाए जाने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत समस्त जल संरचनाओं जैसे नदी, तालाब, बावड़ी, पोखर आदि का वर्गीकरण किया जाएगा. इसके अलावा ऐतिहासिक महत्व की जल संरचना जैसे बड़े जलाशय, खेत तालाब, रिचार्ज टैंक, स्टोरेज टैंक आदि का अलग से वर्गीकरण किया जाएगा. इसका भी डाटाबेस सरकार तैयार करेगी.

जल संरचनाओं की लोकेशन भी हाईटेक होगी
सरकार डिजिटल मैपिंग के जरिए जल संरचनाओं के नाम, उनका अधिपत्य आदि की जानकारी जिओ टेगिंग के माध्यम से उनकी लोकेशन भी सुनिश्चित करेगी. सरकार के पास पूरा हाईटेक डाटा तैयार होगा इसके कई लाभ भविष्य में मिलने के दावे किए जा रहे हैं.

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